वष:ष 01; अकॊ : 04; अक्टू फय, 2020
सजॊ म अग्रवारा रक्ष्मबेद ऩब्लरके शॊस नीरू गुप्ता
ससॊ ्थाऩक एवॊ सॊऩादक प्रकाशक सह सऩॊ ादक
•• डिस्क्रेभय ••
✓ मह ई - ऩत्रिका ऩूर्तष ् नन: शुल्क है।
✓ ई - ऩत्रिका भंे प्रकाशशत यचनाओॊ के न्मानमक भाभरों के शरए उनका यचनाकाय ही
ऩूर्तष ् ब्जम्भेदाय होगा। यचनाकायों के वचै ारयक दृब्टटकोर् से सऩॊ ादकीम भिॊ री एवॊ
प्रकाशक की सन्भनत - सम्भनत अननवामष नहीॊ है।
✓ हभ ककसी बी याजनीनतक दर, सघॊ , गुट, धभ,ष जानत मा सभुदाम का सभथनष नहीॊ कयते ।
✓ हभायी ई - ऩत्रिका भंे प्रेषषत यचना का उद्देश्म ऩूर्तष ् भनोयॊजन है। ककसी का नुकसान
कयना उद्दशे ्म नहीॊ औय हभाया ककसी बी अननै तक गनतषवधध से सफॊ ॊध नहीॊ है।
ससॊ ्थाऩक एवॊ सऩॊ ादक: सजॊ म अग्रवारा सह सऩॊ ादक: नीरू गुप्ता
बूशभका
ऩब्श्चभ फगॊ ार के जरऩाईगुडी ब्जरे के "रक्ष्मबेद ग्रुऩ ऑप पम्स"ष अऩनी षवषवध
शाखाओॊ के भाध्मभ से षवश्व भंे अऩनी ऩहचान फनाने का अथक प्रमास कय यहा है। हभाया
"रक्ष्मबेद ऩब्लरके शसॊ " हहदॊ ी साहहत्म से जुडे प्रनतब्टित औय नवोहदत यचनाकायों को बी एक
प्रेटपॉभष देने की कोशशश कय यहा है। इसके शरए नन:शुल्क "रक्ष्मबेद हहदॊ ी ई - ऩत्रिका" का
प्रकाशन जायी है। इसके अरावा "रक्ष्मबेद 24x7 TV" चैनर के भाध्मभ से साहहब्त्मक प्रनतबाओॊ
को आऩ सबी के साभने यखने भें हभ प्रमासयत हैं। साथ ही "रक्ष्मबेद ऩब्लरके शसॊ " द्वाया
सशुल्क हहदॊ ी एकर व साझा काव्म/ कहानी/ रघकु था सगॊ ्रह आहद ई - फकु के भाध्मभ से
प्रकाशशत ककमा जाता है।
आऩको मह सधू चत कयते हुए हभंे अत्मतॊ हषष की अनुबनू त हो यही है कक रक्ष्मबेद
ऩब्लरके शसॊ द्वाया प्रकाशशत "रक्ष्मबेद हहदॊ ी ई - ऩत्रिका" के चतथु ष (अक्टू फय) अॊक भें देशबय
के 153 यचनाकायों की एक काव्म - यचना उनके सधचि ऩरयचम के साथ शाशभर हैं। इन
यचनाकायों का हाहदषक आबाय। हभ आऩ सबी के उज्जज्जवर बषवटम की काभना कयते हैं।
महद इस ई - फकु साझा काव्म सगॊ ्रह भें ककसी बी तयह की िहु ट यह गई हो तो इसके
शरए हभ ऺभाप्राथी हंै। आऩ सबी का सहमोग बषवटम भंे बी फना यहंे, ऐसी ही आकाऺॊ ा है। तो
आइए हभ सबी शभरकय एक स्वस्थ सभाज के ननभारष ् भंे अऩनी बशू भका अवश्म ननबाए।
धन्मवाद।
सजॊ म अग्रवारा
ससॊ ्थाऩक
रक्ष्मबेद ग्रऩु ऑप पम्सष
ऩटृ ि सखॊ ्मा: 03 वष:ष 01 अकॊ : 04 अक्टू फय, 2020
ससॊ ्थाऩक एवॊ सऩॊ ादक: सजॊ म अग्रवारा सह सऩॊ ादक: नीरू गुप्ता
अनुक्रभणर्का ऩटृ ि – सखॊ ्मा
सऩॊ ादकीम 15
17
गुभ है ककसी के प्माय भें 18
19
--- नीरभ शसहॊ , आसनसोर, ऩब्श्चभ फॊगार 20
21
अच्छा रगता है 22
23
--- नीतू झा, गाब्जमाफाद, उत्तय प्रदेश 24
इस प्माय को क्मा नाभ द?ु 25
26
--- शभै ी ओझा "रफ्ज", भहे साना, गजु यात 27
28
भाॉ 29
30
--- नीयज यभशे "नीय", उदमऩुय, याजस्थान 31
ऩवतष याज हहभारम
अक्टू फय, 2020
--- िॉ● हदरीऩ कु भाय झा, हाफडा, ऩब्श्चभ फगॊ ार
वीय जवान
--- अनुऩभा प्रधान, शशरागॊ , भेघारम
भन
--- सॊगीता समू पष ्रकाश भयु सेननमा, बोऩार, भध्मप्रदेश
भये ा याज्जम आसाभ
--- शभा जनै शसघॊ र, जोयहाट, आसाभ
इन्साननमत फनाऐ यखना
--- भोहनरार शसहॊ , देवघय, झायखिॊ
भाॉ का रार दीवाना था
--- िॉ● कु भदु फारा, हैदयाफाद, तरे ॊगाना
रयश्ते का फीज
--- सोनर ओभय, कानऩयु , उत्तय प्रदेश
किऩुतरी
--- फत्रफता कॊ सर, हदल्री
फटे ी से फहू फनने की सपय
--- षऩकॊ ी भहेता शाह 'हदशा', अभदावाद, गजु यात
समू ष ऩुिी तवी
--- फरकाय शसहॊ "सदॊ ेश", साम्फा, जम्भू - कश्भीय
काश नायी ऩत्थय की होती
--- िॉ● याजभती ऩोखयना सयु ाना, बीरवाडा, याजस्थान
ऩटृ ि सॊख्मा: 05 वष:ष 01 अकॊ : 04
ससॊ ्थाऩक एवॊ सऩॊ ादक: सजॊ म अग्रवारा सह सऩॊ ादक: नीरू गपु ्ता
अनकु ्रभणर्का ऩटृ ि – सॊख्मा
जोश बयी भुस्कान 32
33
--- साऺी मादव, यामागडा, ओडडशा 34
... के शरए 35
36
--- ऩनु ीत गोमर, ऩहटमारा, ऩजॊ ाफ 37
भये ा ाभ 38
39
--- षप्रमकॊ ा षप्रमदशशनष ी, पयीदाफाद, हरयमार्ा 40
फाऩू तेये देश भें 41
42
--- श्माभ सुन्दय श्रीवास्तव 'कोभर', रहाय, शबण्ि, भध्म प्रदेश 43
नमी सदी की खनक फाशरकाएॊ 44
45
--- िॉ● भॊजु गपु ्ता, वाशी, नवी भुम्फई, भहायाटर 46
सॊघषष – ए – जीवन
अक्टू फय, 2020
--- षप्रमा शसहॊ , काफीआगॊ राॊग, असभ
वह घय स्वगष होता है जहाॉ होती हैं फहे टमाॊ
--- याखी ऩटेर, यामऩुय, छत्तीसगढ़
भुक्ता
--- वषाष श्रीवास्तव, नछन्दवाडा, भध्म प्रदेश
जीवन ही एक सघॊ षष होता है
--- जगदीश प्रसाद भहावय, जमऩयु , याजस्थान
जीवन
--- िॉ● भहावीय प्रसाद जोशी, बीरवाडा, याजस्थान
खशु ी
--- गरयभा शभश्रा, ग्रेटय नोएिा, उत्तय प्रदेश
बायत की नज़य भंे चीन
--- नतू न गग,ष हदल्री
भाॊ
--- सबु ्टभता गपु ्ता, शसरीगडु ी, ऩब्श्चभ फगॊ ार
भाॉ अम्फे आने वारी है
--- गोऩार कृ टर् ऩटेर, यामऩयु , छत्तीसगढ़
सनै नक, पौज़ी, जवान
--- िॉ● शयद नायामर् खये, भॊिरा, भध्म प्रदेश
ऩटृ ि सखॊ ्मा: 06 वष:ष 01 अकॊ : 04
ससॊ ्थाऩक एवॊ सऩॊ ादक: सजॊ म अग्रवारा सह सऩॊ ादक: नीरू गपु ्ता
अनकु ्रभणर्का ऩटृ ि – सॊख्मा
आम्रऩारी हूॊ 47
--- यब्श्भ शभश्रा "यब्श्भ", बोऩार, भध्मप्रदेश 48
49
हदवारी 50
51
--- रूर्ा यब्श्भ "दीप्त", याॉची, झायखिॊ 52
गलु ्रक वारी चाम 53
54
--- षवद्मा दास, घाहिमाॉ टी ई, नागयाकाटा, जरऩाईगुडी, ऩब्श्चभ फगॊ ार 55
ऩढ़ेगा इॊडिमा तो फढ़ेगा इॊडिमा 56
57
--- याजीव यॊजन, गमा, त्रफहाय 58
अहसास 59
60
--- िॉ• ऋचा जामसवार, नीभच, भध्मप्रदेश 61
इनकी ऽाभोशी
--- सफनभ बजु रे , अप्ऩय चेंगभायी नेऩारी राईन, जरऩाईगडु ी, ऩब्श्चभ फॊगार
भानवता हुई शभसष ाय
--- आबा शभश्रा, प्रताऩगढ़, उत्तय प्रदेश
ब्जॊदगी
--- सुननता कु भायी प्रसाद, चम्ऩगडु ी, नागयाकाटा, जरऩाईगडु ी, ऩब्श्चभ फॊगार
भाॉ तो भाॉ
--- सौयब ऩाॊिमे , ओभनगय, सुल्तानऩुय, उत्तय प्रदेश
तये े खत औय चाॊद
--- िॉ● षवशार शसहॊ 'वात्सल्म', याजीव कारोनी, ङीग, बयतऩुय, याजस्थान
यॊग पु रवायी के
--- रशरता ऩाण्िमे , हदल्री
नन्हा फारक
--- सरयता गोमर, भयु ैना, भध्म प्रदेश
कृ टर् - याधा (सामरी)
--- वीर्ा चौधयी, शसरीगडु ी, ऩब्श्चभ फॊगार
िा् कराभ
--- हयंेद्र शसन्हा, चिॊ ीगढ़, ऩजॊ ाफ
भातबृ ूशभ
--- िॉ● गुर्फारा आभेटा, उदमऩयु , याजस्थान
ऩटृ ि सखॊ ्मा: 07 वष:ष 01 अकॊ : 04 अक्टू फय, 2020
ससॊ ्थाऩक एवॊ सऩॊ ादक: सजॊ म अग्रवारा सह सऩॊ ादक: नीरू गुप्ता
अनुक्रभणर्का ऩटृ ि – सखॊ ्मा
यो यही राचाय फहे टमाॉ आज 62
63
--- सरयता श्रीवास्तव, फनऩष ुय, आसनसोर, ऩब्श्चभ फॊगार 64
मे नन्हे नन्हे से ऩग जफ तमु ्हाये फडे हो जाएगॊ े 65
66
--- अजॊ ना मादव, गाब्जमाफाद, उत्तय प्रदेश 67
चाम ऩत्ती औय भजदयू 68
69
--- अचनष ा षवश्वकभाष, न्मु िु वासष डिवीसन चाम फगान, ऩब्श्चभ फॊगार 70
करभ 71
72
--- सशु ीर कु भाय शसहॊ , कोरकाता, ऩब्श्चभ फगॊ ार 73
फहेशरमा 74
75
--- िॉ• सी• ऩी• श्रीवास्तव "आहदत्म अशबनव", बयवायी, कौशाम्फी, उत्तय प्रदेश 76
हाॉ, फस इसी का नाभ हैं, ब्जदॊगी
--- ऩावतष ी कानू, हेशभल्टनगजॊ , अशरऩुयद्वाय, ऩब्श्चभ फगॊ ार
गोऩी का षवयह
--- यॊजना शभश्रा, कानऩयु , उत्तय प्रदेश
अफरा नहीॊ सफरा
--- सोनभ कु भायी, भधऩु ुय, झायखिॊ
भैं चाहता हूॉ तुभ ऩानी ऩय ऩानी शरखो
--- कॊ चन ज्जवारा कॊु दन, यामऩुय, छत्तीसगढ़
हभंे जीवन भंे क्मा तराशना है ?
--- यषवकान्त सनाढ्म, बीरवाडा, याजस्थान
याजनीनत का पयेफी भुखौटा
--- षप्रमा ऩािॊ मे , सुल्तानऩयु , उत्तय प्रदेश
शतयॊजी चार
--- याधा गोमर, षवकासऩयु ी, हदल्री
रुऩ ककशोयी
--- याजायाभ स्वर्कष ाय, फतनष फाजाय, फीकानेय, याजस्थान
क़ितयत औय इॊसान
--- भौ● मूस़ु ि यजा, सुबाष षवहाय, हदल्री
भाॉ
--- अशभत कु भाय याम, कृ तऩयु ा, कभयऩुय, फक्सय, त्रफहाय
ऩटृ ि सखॊ ्मा: 08 वष:ष 01 अकॊ : 04 अक्टू फय, 2020
ससॊ ्थाऩक एवॊ सऩॊ ादक: सजॊ म अग्रवारा सह सऩॊ ादक: नीरू गपु ्ता
अनकु ्रभणर्का ऩटृ ि – सखॊ ्मा
वो रम्हे 77
78
--- त्रफना जे सचदेव, भोयफी, गुजयात 79
तुभ थ,े तभु हो, औय यहोगे 80
81
--- आहदवासी सुयेश भीर्ा, फासॊ वाडा, याजस्थान 82
कशभकश 83
84
---- गीता ऩरयहाय, अमोध्मा, उत्तय प्रदेश 85
रेखन 86
87
--- यॊजना फरयमाय, भोयाफादी, याॉची, झायखिॊ 88
ब्जन्दगी 89
90
--- िॉ• यानी गुप्ता, सयू त, गजु यात 91
नायी सम्भान
अक्टू फय, 2020
--- सुधीय श्रीवास्तव, गोण्िा, उत्तय प्रदेश
फडे घय की औयतंे
--- षप्रमा गौड, याभगढ़, सोनबद्र, उत्तय प्रदेश
गुरू की भहहभा अऩयॊऩाय
--- सशु ीर सरयत, आगया, उत्तय प्रदेश
दो ऩर साथ
--- ऩजू ा यॉम, जरऩाईगडु ी, ऩब्श्चभ फगॊ ार
नीदॊ नहीॊ आती है
--- फोधी याभ साहू, जाजॊ गीय, छत्तीसगढ़
तभु रडकी हो
--- कल्ऩना त्रिवेदी, शकु ्रागॊज, उन्नाव, उत्तय प्रदेश
अफ नही आते कहीॊ छत ऩय ऩरयदॊ े
--- भुके श शसघॊ ाननमा, चाम्ऩा, छत्तीसगढ़
ककन्नय की ऩीङा
--- सीभा रोहहमा, झुझॊ ुनू, याजस्थान
स्िी जानत की आह
--- अशबषेक ऩाण्िमे , हावडा, ऩब्श्चभ फॊगार
षप्रम
--- सीभा शभश्रा, सागय, भध्म प्रदेश
ऩटृ ि सखॊ ्मा: 09 वष:ष 01 अकॊ : 04
ससॊ ्थाऩक एवॊ सऩॊ ादक: सजॊ म अग्रवारा सह सऩॊ ादक: नीरू गपु ्ता
अनुक्रभणर्का ऩटृ ि – सॊख्मा
ऩरक 92
93
--- योब्जना छेिी, शसरीगडु ी, ऩब्श्चभ फगॊ ार 94
आत्भननबयष बायत : एक सवार 95
96
--- षववेक शसन्हा, सफैजोय, जभुई, त्रफहाय 97
वेदना 98
99
--- प्रीनत श्रीवास्तव, फायाफकॊ ी, उत्तय प्रदेश 100
सहेशरमाॉ 101
102
--- सन्ध्मा ऩाॊिमे , हयदा, भध्म प्रदेश 103
नवोहदत कषव 104
105
--- गौयव नागया, जगाधयी, मभनु ा नगय, हरयमार्ा 106
इस जीवन के यॊग हजाय
अक्टू फय, 2020
--- िॉ• दीषऩका याव, फाॊसवाडा, याजस्थान
असरी कभाई
--- अजीत कु भाय, गुयारू, गमा, त्रफहाय
जफ तक
--- सऩना, औयैमा, उत्तय प्रदेश
गयीफी
--- देफीदीन चऩ्वशॉ ी, ऩुटऩयागढ़, अनऩू ऩयु , भध्म प्रदेश
अगय तभु चाहते
--- नीरभ वन्दना, बोऩार, भध्म प्रदेश
फदरते सपय
--- दगु ादष त ऩाण्िमे , वायार्सी, उत्तय प्रदेश
न्माम एक झिू ी उम्भीद
--- ननशा िाकु य, रूकशान, नगयाकाटा, जरऩाईगुडी, ऩब्श्चभ फॊगार
याजा जी भुस्काए थे
--- शशवचयर् चौहान, कानऩुय, उत्तय प्रदेश
शलद
--- अननता जैन "वीकंे ि शामय", जोधऩुय, याजस्थान
सरयता
--- सखु देव शसहॊ याहिमा, यामगढ़, छत्तीसगढ़
ऩटृ ि सखॊ ्मा: 10 वष:ष 01 अकॊ : 04
ससॊ ्थाऩक एवॊ सऩॊ ादक: सजॊ म अग्रवारा सह सऩॊ ादक: नीरू गपु ्ता
अनुक्रभणर्का ऩटृ ि – सॊख्मा
भाॉ 107
--- अशभत कु भाय त्रफजनौय, स्मोहाया, त्रफजनौय, उत्तय प्रदेश
भाॊ 108
--- जसप्रीत कौय 'प्रीत', ऩहटमारा, ऩॊजाफ 109
याधा का नाभ होगा
--- भहेन्द्र शसहॊ 'याज', भैढीॊ, चन्दौरी, उत्तय प्रदेश 110
आज की नायी
--- अनाशभका शसहॊ "कयभ", उत्तभ नगय, हदल्री 111
इॊसान फना हैवान
--- हरय आनदॊ , कोटा, याजस्थान
सौदा 112
--- िॉ● ननशा ऩायीक, जमऩुय, याजस्थान 113
कै से होगा भनु ापा
--- सत्मभ नघशभये "बुऩने ्द्र", जाराऩािा फस्ती, फानयहाट, जरऩाईगुिी, ऩब्श्चभ फॊगार
अहसास 114
--- यीभा शसहॊ , अमोध्मा नगय, बोऩार, भध्म प्रदेश 115
नायी की भहहभा
--- िॉ● त्रिरोकी शसहॊ , हहन्दऩू यु , कयछना, प्रमागयाज, उत्तय प्रदेश 117
रूिी कषवता
--- भभता कु भायी, आसनसोर, ऩब्श्चभ फॊगार 118
प्मायी त्रफहटमा
--- भहेश सायिा, उदमऩयु , याजस्थान 119
भै गॊगा भाॊ हूॊ 120
--- षप्रमॊका ऩाॊिमे त्रिऩािी, प्रमागयाज, उत्तय प्रदेश
फयु ाई हटाओ
--- भईनुदीन कोहयी "नाचीज फीकानये ी", भोहल्रा कोहरयमान, फीकानेय, याजस्थान 121
मादंे तेयी
--- आकृ नत, शसयसा, प्रमागयाज, उत्तय प्रदेश 122
स्कू र काहे !
--- त्रफक्रभ साव, कोरकाता, ऩब्श्चभ फॊगार
ऩटृ ि सॊख्मा: 11 वष:ष 01 अकॊ : 04 अक्टू फय, 2020
ससॊ ्थाऩक एवॊ सऩॊ ादक: सजॊ म अग्रवारा सह सऩॊ ादक: नीरू गपु ्ता
अनुक्रभणर्का ऩटृ ि – सॊख्मा
अऩीर एक वीय सनै नक की 123
124
--- अन्जनी अग्रवार 'ओजस्वी', कानऩुय नगय, उत्तयप्रदेश 125
पू र औय काटॊ े ... 126
127
--- याजीव बायती, गौतभ फुद्ध नगय,नोमिा, उत्तय प्रदेश 128
कषव की कषवता 129
130
--- श्वेता कु भायी, धनफाद, झायखिॊ 131
वक्त का खरे 132
133
--- छोटे रार प्रसाद, वधभष ान, ऩब्श्चभ फगॊ ार 134
कु छ एसा कयना 135
136
--- बावना िाकय, फेंगुररू ु, कनाटष क 137
रौट चरो अफ गावॉ
--- नयेंद्र शसहॊ , भोहनऩयु , अतयी, गमा, त्रफहाय
कषवता क्मा है ..
--- अभतृ ा ऩािॊ ,े ननै ीतार, उत्तयाखिॊ
धभहष ीन रोकतिॊ
--- स्वाभी प्रभे अरुर्ोदम, यॊगकिे या िोंगयगावॊ , याजनाॊदगाॊव, छत्तीसगढ़
ब्ज़न्दगी
--- िॉ● सषु भा शसहॊ , आगया, उत्तय प्रदेश
हे भाॉ
--- श्माभ गपु ्ता, वाशाफाडी फाजाय राइन, फागयाकोट, जरऩाईगुडी, ऩब्श्चभ फॊगार
दादी नानी
--- कल्ऩना गपु ्ता "यतन", जम्भू एिॊ कश्भीय
कफ तक फरात्काय होते यहेंगे
--- यीता जमहहन्द, हदल्री
कोशशश कयो कक ब्जन्दगी हभायी अऩनी सहेरी फन जामे
--- सुयेश कु भाय कऩूय "श्री हॊस", स्टेडिमभ योि, फयेरी, उत्तय प्रदेश
कषवता
--- ननशा गुप्ता, शसरीगुडी, ऩब्श्चभ फगॊ ार
सघॊ षष
--- भधु प्रसाद, शसरीगुडी, ऩब्श्चभ फगॊ ार
ऩटृ ि सखॊ ्मा: 12 वष:ष 01 अकॊ : 04 अक्टू फय, 2020
ससॊ ्थाऩक एवॊ सऩॊ ादक: सजॊ म अग्रवारा सह सऩॊ ादक: नीरू गपु ्ता
अनुक्रभणर्का ऩटृ ि – सखॊ ्मा
यैना भंे चादॉ 138
139
--- नीतू चौहान, वायार्सी, उत्तय प्रदेश 140
दहरीज 141
142
--- प्रभे फजाज, जगाधयी, मभुनानगय, हरयमार्ा 143
'कषवता' क्मा हंै? 144
145
--- काजर गपु ्ता, शसरीगुडी, ऩब्श्चभ फगॊ ार 146
रडककमाॉ 147
148
--- षप्रमकॊ ा कटाये 'षप्रयाज', ग्वाशरमय, भध्म प्रदेश 149
भये े ऩास षप्रमे तफ आना 150
151
--- प्रनतबा शसहॊ , कोरकाता, ऩब्श्चभ फॊगार 152
मे दो हाथ
--- वनतकष ा अग्रवार, वायार्सी, उत्तय प्रदेश
ब्जमो - जीने दो
--- िॉ● याजेन्द्र शभरन, शभरन भजॊ यी, आजादनगय, खदॊ ायी, आगया, उत्तय प्रदेश
जम जम सीतायाभ
--- सीभा गगष भजॊ यी, भेयि, उत्तय प्रदेश
सॊवेदना
--- षवनीता शसहॊ चौहान, इॊदौय, भध्मप्रदेश
देश गीत गा यहा हूॉ ......
--- सयु ेन सागय, सागॊ ानये , बीरवाडा, याजस्थान
मह वक्त
--- भनीषा शसहॊ , यानीिगॊ ा, शसरीगडु ी, ऩब्श्चभ फॊगार
आधनु नक भच्छय
--- अचनष ा होता, सम्फरऩुय, ओडडशा
वो गशरमाये
--- भाधयु ी ऩाण्िमे , शसरीगुडी, ऩब्श्चभ फॊगार
सपरता
--- अभतृ ा कु भायी, आसनसोर, ऩब्श्चभ फगॊ ार
आहदवासी कौन
--- अनतभष ा धचक फडाईक, हल्दीफाडी, त्रफन्नागडु ी, जरऩाईगडु ी, ऩब्श्चभ फॊगार
ऩटृ ि सॊख्मा: 13 वष:ष 01 अकॊ : 04 अक्टू फय, 2020
ससॊ ्थाऩक एवॊ सऩॊ ादक: सजॊ म अग्रवारा सह सऩॊ ादक: नीरू गपु ्ता
अनुक्रभणर्का ऩटृ ि – सॊख्मा
ाज़र 153
154
--- रार चन्द जहै दमा "जैहद", फीकानेय, याजस्थान 155
--- ऻान प्रकाश ऩाण्िमे ,सोदऩुय, कोरकाता, ऩब्श्चभ फगॊ ार 156
--- षवनम चौये, फम्हन गावॉ खदु ष, होशॊगाफाद, भध्मप्रदेश 157
--- सयु ेन्द्र 'सागय', हासॊ ी, हहसाय, हरयमार्ा 158
--- मोधगता चौयशसमा, भॊिरा, भध्म प्रदेश 159
--- याभनाथ फेऽफय, कोरकाता, ऩब्श्चभ फगॊ ार 160
--- षवजम "तन्हा", ऩवु ामा,ॉ शाहजहाॉऩयु , उत्तय प्रदेश 161
--- ऩूनभ चौहान, भुयादाफाद, उत्तय प्रदेश 162
--- अजॊ री श्रीवास्तव, उझानी, फदामॉ,ू उत्तय प्रदेश
163
सॊघषष अबी तक जायी है
164
--- ब्जऻासा श्रीवास्तव, बोऩार, भध्म प्रदेश
डिप्रोभेट ........... 165
--- िॉ● अचनष ा खण्िरे वार, बीरवाडा, याजस्थान 166
ख्मार ......
167
--- शशफानी प्रसाद, नागयाकाटा, जरऩाईगडु ी, ऩब्श्चभ फगॊ ार
अनकही व्मथा 168
--- भीनाऺी सकु ु भायन, नोएिा, उत्तय प्रदेश 169
हहन्दी की दशा हदशा / ददु षशा /
170
--- ऩथृ ्वीयाज कु म्हाय, बीरवाडा, याजस्थान
स्िी अक्टू फय, 2020
--- कभरा शसहॊ 'भहहभा', खोयीफाडी, दाब्जशष रगॊ , ऩब्श्चभ फगॊ ार
नेता जी !
--- नननतन त्रिगुर्ामत 'वयी', शाहजहाॊऩुय, उत्तय प्रदेश
वयदान है जीवन
--- नीरू गपु ्ता, शसरीगुडी, ऩब्श्चभ फगॊ ार
N आई एर मू
--- सॊजम अग्रवारा, जरऩाईगडु ी, ऩब्श्चभ फॊगार
ऩटृ ि सखॊ ्मा: 14 वष:ष 01 अकॊ : 04
ससॊ ्थाऩक एवॊ सऩॊ ादक: सजॊ म अग्रवारा सह सऩॊ ादक: नीरू गुप्ता
सॊऩादकीम
साहहत्म सभाज का दऩरष ् होता है। सभाज भंे घट यही घटनाओॊ का प्रबाव यचनाकाय ऩय
अवश्म ऩडता है, इससे प्रेरयत होकय ही रेखनी जन्भ रेती है। यचनाकाय अऩने जीवन के
षवषवध अनुबवों को शलदों भंे षऩयोकय, सभाज को नई हदशा देने की कोशशश कयता है। ऐसे ही
कई यचनाकायों की यचनाओॊ को इस ऩत्रिका भंे स्थान हदमा गमा है।
ऩब्श्चभ फॊगार के जरऩाईगडु ी ब्जरे के रक्ष्मबेद ऩब्लरके शॊस से प्रकाशशत होने वारी
सवपष ्रथभ हहन्दी ई - ऩत्रिका डिब्जटर पॉभेट भें एक फाय कपय आऩ सबी के साभने है। आऩको
मह सधू चत कयते हुए हभंे अत्मॊत हषष की अनुबनू त हो यही है कक इस हहन्दी ई - ऩत्रिका के
अक्टू फय अकॊ भें देशबय के 153 यचनाकायों की काव्म यचनाएॊ शाशभर हैं। इन यचनाकायों का
हाहदषक आबाय। हभ आऩ सबी के उज्जज्जवर बषवटम की काभना कयते हंै।
महद इस हहन्दी ई - ऩत्रिका भें ककसी बी तयह की िुहट यह गई हो तो इसके शरए हभ
ऺभाप्राथी हैं। आऩ सबी का सहमोग बषवटम भें बी फना यहें, ऐसी ही आकाॊऺा है। आशा है
आऩ सबी इस हहन्दी ई - ऩत्रिका को एक नए भकु ाभ तक ऩहुॊचाने भें हभायी भदद अवश्म
कयंेगे। तो आइए हभ सबी शभरकय एक स्वस्थ सभाज के ननभारष ् भें अऩनी बशू भका अवश्म
ननबाए।
धन्मवाद।
सजॊ म अग्रवारा
ससॊ ्थाऩक एवॊ सऩॊ ादक
नीरू गपु ्ता
सह सऩॊ ादक
ऩटृ ि सॊख्मा: 15 वष:ष 01 अकॊ : 04 अक्टू फय, 2020
ससॊ ्थाऩक एवॊ सऩॊ ादक: सजॊ म अग्रवारा सह सऩॊ ादक: नीरू गपु ्ता
ससॊ ्थाऩक एवॊ सऩॊ ादक: सजॊ म अग्रवारा सह सऩॊ ादक: नीरू गुप्ता
नीरभ शसहॊ , आसनसोर, ऩब्श्चभ फॊगार
गभु है ककसी के प्माय भें
थोडा शान्त सा है मे हॊसता बी है योता बी है
फहते नहदमा के जर जैसा जागे अॊणखमों से सोता बी है
थोडा खोमा - खोमा सा है कह ना ऩाए मे हदर की फातें
गभु सभु ऩयु वाई के जैसा हदर ही हदर भंे घटु ता बी है
रगता है कोई योग रगा है कु छ बरू ा है शामद इसका
मा खदु से ही कोई जॊग रड यहा मा कु छ अधयू ा यह गमा
ना जाने मे ककस दनु नमा भें कु छ फेहद ऩास आकय बी
यहता है त्रफल्कु र तन्हा - तन्हा भटु ्डी से इसके कपसर गमा
फातंे कयता है ककसी से ऩय हदर सभझ नहीॊ ऩाता कु छ बी
हदर ढूॊढे ककसी औय को ही मा जानकय बी अनजान फना
सोचता ककसी औय को ऩय
खमारों भें नछऩा कोई औय ही हय ऩर खदु को कोई नमा
बरु ावा मे देता यहता
कु छ औय नहीॊ मे तो अफ
गुभ है ककसी के प्माय भें
हाॊ ... गभु है ककसी के प्माय भंे
ऩटृ ि सॊख्मा: 17 वष:ष 01 अकॊ : 04 अक्टू फय, 2020
ससॊ ्थाऩक एवॊ सऩॊ ादक: सजॊ म अग्रवारा सह सऩॊ ादक: नीरू गपु ्ता
नीतू झा, गाब्जमाफाद, उत्तय प्रदेश
अच्छा रगता है
अच्छा रगता है ! इन पीके उदास अधयों ऩय तफस्सभु फनकय छा गए।
जफ जुडता है तेये नाभ अच्छा रगता है !
के साथ भेया नाभ, आज के इस भतरफी
जसै े ककसी सफु ह के साथ जुडी हो कोई हसीन जभाने भंे तये ा शशद्दत से
शाभ। प्माय ननबाना,
अच्छा रगता है ! त्रफना ककसी चाहत के भये ी ऩयछाई फन जाना।
जफ भझु े देखते ही फयफस अच्छा रगता है !
तये े चहे ये ऩय भसु ्कु याहट जफ तभु कहते हो कक
आ जाती है, भोहलफत शसपष ऩाने का नाभ नही,ॊ
वो तये ा भझु े देय तक मे तो रूह भंे फसता है।
अऩरक ननहायना भोहलफत नशा नही,ॊ
जसै े खाभोशशमों भें बी फहुत कु छ कह जाती है। इफादत है भेये शरए
तुभसे शभरने के फाद ब्जॊदगी ब्जॊदगी सी रगने इसभंे तो भेया खदु ा यहता है।
रगी है, भबु ्श्कर है तेये प्माय को
भये ी हय कभी जैसे शलदों भंे षऩयोना,
ऩयू ी सी होने रगी है। अऩनी बावनाओॊ को कषवताओॊ भें फताना।
णखजाॉ सी भेयी ब्जॊदगी भंे फस जफ जफ तमु ्हाया ख्मार आता है ........
तुभ दस्तक – ए - फहाय रके य आ गए, तये े सजदे भंे शसय झकु जाता ह,ै
तये े सजदे भें शसय झकु जाता है ......
ऩटृ ि सखॊ ्मा: 08 वष:ष 01 अकॊ : 04 अक्टू फय, 2020
ससॊ ्थाऩक एवॊ सऩॊ ादक: सजॊ म अग्रवारा सह सऩॊ ादक: नीरू गपु ्ता
शभै ी ओझा "रफ्ज", भहे साना, गजु यात
इस प्माय को क्मा नाभ द?ु
फहुत हदनों फाद प्माय उभट आमा ह,ै जनाफ साहेफ,हदर का हार कै से फताम,े
इस प्माय को क्मा नाभ दे हभ ? इस प्माय को क्मा नाभ दे हभ?
न कु छ आऩने फोरा न हभने फोरा,
ऩय आॊखे सफ कु छ फोर गई, न जाने क्मों हभ आऩके नाभ से सवय जाते ह,ै
इस प्माय को क्मा नाभ दे हभ? फाते तो फहुत कयते आऩकी,
जफ आऩ ऩास होते हो
तफ न जाने क्मों हभ आऩ ऩें ऩय न जाने क्मों आऩको देखते ही
बिक से जाते है, हभाये रफ्ज कु छ रुक से जाते ह,ै
ऩय अके रे हभ होते है तो हदर बी हभाये हाथ भंै नहीॊ यहा
मादंे आऩकी न जाने क्मों
हभें क्मु रुरा देती है, आज कर ननदॊ े उिी हुई ह,ै
इस प्माय को क्मा नाभ दे हभ ? फेचने ी हदर हदभाग भैं छाई हुई ह,ै
शसकामते का शशकवा कै से कये
जया हभायी गरती तो फतावो,
क्मु हभको प्माय की गरी भंे खिा कय हदमा है.
जनाफ साहेफ आऩकी ए नादानीमत को क्मा भाने हभ,
इस प्माय को क्मा नाभ दे हभ?
ऩटृ ि सॊख्मा: 19 वष:ष 01 अकॊ : 04 अक्टू फय, 2020
ससॊ ्थाऩक एवॊ सऩॊ ादक: सजॊ म अग्रवारा सह सऩॊ ादक: नीरू गुप्ता
नीयज यभशे "नीय", उदमऩयु , याजस्थान
भाॉ
सकर जीव के स्वमॊ सजृ न की अनकही ऩरयबाषा हो तुभ
हय आत्भा की ननज अशबराषा, त्रफन शलदों की बाषा हो तभु
वऺृ जरे जो स्वमॊ धऩू भें "भधयु छाॉव" देने की खानतय
शीतर आॉचर पै रामे , फनी अशभट प्रत्माशा हो तभु
स्वमॊ जरकय रौ फनती दीऩक की, हयती जग का अॊधधमाया
यक्त जराकय भेये जीवन की शभहहय रूऩी प्रकाशा हो तुभ
नदी नीय से प्मासी यहकय, प्मास फझु ामे सागय की
ननज जीवन को अऩरष ् कयके , भेये जीवन की षवऩाशा हो तुभ
हय रयश्ते का आधाय है जननी, सचभचु इक अवताय है जननी
कु दयत की अनभोर, अद्षवतीम, अतरु नीम भीभासॊ ा हो तुभ
भंे बी वो खुशनसीफ हूॉ ब्जसको नेह का ससॊ ाय शभरा
भाॉ का आॉचर, षऩता का सफॊ र औय जीवन का आधाय शभरा
आजीवन, आजन्भ, आकॊ ि कोहट कोहट ऋर्ी हूॉ भंे भाॉ ….
कोखों की ऩीय का ... वऺों के ऺीय का ... नमनों के नीय का ...
यातों की रोयी का ... बीगे बीगे गद्दों का .. … औय गोदी के झरू े का ..
फे हहसाफ कटट भने े हयदभ हदए, औय फदरे भें सदा साये सखु रे शरए
न हो सकॉू गा कबी भें “श्रवर्” आऩका, भगय आऩ यहोगी सदा "देवकी"
भंे यहा सदा तप्त शटु क “भरुस्थर”, आऩ यही सदा फायहभासी “श्रावर्”
एक इल्तजा, एक प्राथनष ा ऋर्ी यहूॉ इन भधयु ऋर्ों का
भधयु छाॉव तरे .. भझु े ऺभा शभरे .. भेया सॊसाय परे ...
भधयु छाॉव तरे .. भाॉ के ऩावॉ तरे .. भेया जीवन चरे .. चरता ही यहे .....
ऩटृ ि सॊख्मा: 20 वष:ष 01 अकॊ : 04 अक्टू फय, 2020
ससॊ ्थाऩक एवॊ सऩॊ ादक: सजॊ म अग्रवारा सह सऩॊ ादक: नीरू गुप्ता
िॉ● हदरीऩ कु भाय झा, हाफडा, ऩब्श्चभ फॊगार
ऩवतष याज हहभारम
बायत का ऩहयेदाय, मदु ्ध से कु छ हाशसर नहीॊ होता
बायत का बार, अभन चनै भंे ही षवकास का कभर है णखरता।
बायत का सयताज
ऩवतष याज हहभारम है। बायत का ऩहयेदाय
ऩवतष याज सॊदेश देता है -
बायत का ऩहयेदाय चीननमों ! बायत की सीभा ऩाय नहीॊ कयना,
हहभारम सॊदेशा देता है - बायत की सीभा ऩाय कयोगे तो होगा भयना,
चीननमों ! अऩनी सीभा भंे सदा यहना बायत के सनै नक नहीॊ छोडेंग,े
साम्राज्जमवादी नीनत को छोडो, चीनी सनै नकों की यीढ़ की हड्डिमों को तोडेंग,े
साम्मवादी नीनत से भहु भत भोडो। हाथ से गदषन भयोडगे ंे।
बायत की रक्ष्भर्येखा को ऩाय नहीॊ कयना, ऩवतष याज हहभारम देता है सॊदेशा -
बायत के सनै नकों से कबी नहीॊ रडना। बायत के वीय जवानों!
कबी न ियना, कबी न झकु ना
बायत का ऩहयेदाय अचर अभय सदा यहना।
ऩवतष याज सदॊ ेश देता है -
चीननमों! ऩॊचशीर की नीनत को अऩनाओ,
सीभा ऩय अभन - चनै फनाओ।
ऩटृ ि सॊख्मा: 21 वष:ष 01 अकॊ : 04 अक्टू फय, 2020
ससॊ ्थाऩक एवॊ सऩॊ ादक: सजॊ म अग्रवारा सह सऩॊ ादक: नीरू गुप्ता
अनऩु भा प्रधान, शशराॊग, भेघारम
वीय जवान
वो सयहद ऩय है तो घय ऩय चनै ही चनै ह,ै
सीभा ऩय उनके ऩहयेदायी, ऩयू ा आवाभ जीता होकय फेचनै है।
ब्जस हदन ऩहनी वदी उन्होंने हदमा मे ज़ुफान ह,ै
देश की यऺा के खानतय कयना हय फशरदान है।
ऐसे वीय जवानों से
सराभत अऩना जहाॊ है ...
बायत भाता है सफ - कु छ यखना इनका भान ह,ै
इनकी भान के खानतय घय - ऩरयवाय बी कु फाषन है।
सनै नकों की ब्जॊदगी जीना कहा इतना आसान ह,ै
मे तो सय ऩय क़िन फाॊधंे कयता अऩना काभ है।
ऐसे वीय जवानों से सराभत अऩना जहाॊ है।
दशु ्भन के चगॊ ुर भें पॊ से तो हय प्रहाय के शरए तैमाय ह,ै
सभझौता कये इससे फहे तय भयने को तैमाय है।
ऩीि हदखाकय भदै ान छोडे नही इन्हे गवाया ह,ै
इससे फहे तय खनू की होरी खेरते शहीद होना गवाया है।
ऐसे वीय जवानों से सराभत अऩना जहाॊ है।
बाग्मशारी कहते खदु को गय कयते देश के शरए प्रार् नमौछावय,
भयते - भयते बी कह जात,े भाॉ कपय आऊॉ गा इसी बशू भ ऩय तेया ही सऩु िु फनकय।
हय जन्भ देशबक्त फनकय इस धयती ऩय आना ह,ै
शयीय के एक - एक खून का कतया देश के हहत भंे फहाना है।
ऐसे वीय जवानों से सराभत अऩना जहाॊ ह,ै
ऐसे वीय जवानों से सराभत अऩना जहाॊ है ...
ऩटृ ि सखॊ ्मा: 22 वष:ष 01 अकॊ : 04 अक्टू फय, 2020
ससॊ ्थाऩक एवॊ सऩॊ ादक: सजॊ म अग्रवारा सह सऩॊ ादक: नीरू गपु ्ता
सॊगीता समू पष ्रकाश भयु सेननमा, बोऩार, भध्मप्रदेश
भन
सकर भानव अॊतस । सय, सरयता िू फता - उतयता ।
षवधभान होता भन । कबी भन उभगॊ ,
भन अनत रघु नन्हा । उत्साह सॊग ।
चॊचर फारक सभ ।
भानव भन भखु भौन । सकु भष कय सगु ॊधमकु ्त ।
सभु न णखरा हषाषता ।
ऩयन्तु भन ननयॊतय ।
द्रतु गनत वाचार । भन को सभझाना ।
भन उऩजता बाव । सकु भष कयो सदा ।
षवचाय शीघ्र अनत शीघ्र । दटु कभष ऩरयत्माग कय ।
उछरता - कू दता । भन को सॊदु य बावो से ।
सजा श्रगॊृ ाय कय ।
कबी - कबी भन रोब, उय को सषु वचाय से ।
अहॊकाय, क्रोध वशीबतू हो । शोबामभान कयना ।
िहु ट ऩरू ्ष कभष कय स्व ।
सतॊ ाषऩत हो ओयो को ।
ऩीडडत कय वेदना ।
ऩटृ ि सखॊ ्मा: 23 वष:ष 01 अकॊ : 04 अक्टू फय, 2020
ससॊ ्थाऩक एवॊ सऩॊ ादक: सजॊ म अग्रवारा सह सऩॊ ादक: नीरू गपु ्ता
शभा जैन शसघॊ र, जोयहाट, आसाभ
भेया याज्जम आसाभ
भेया याज्जम मे प्माया, बातॊ - बाॊत के व्मॊजन स्वाहदटट,
रगता है न्माया - न्माया, बानॊ त - बाॊनत के रोग,
चायों तयप हरयमारी रहरहाती, रगता है भानो एक,
शभनी बायत है ओय !
ऩऺी कयते हंै करयव,
प्रकृ नत की शोबा है न्मायी, त्रफहू है उत्सव ननयारा,
ओय कहीॊ नहीॊ भनामा जाता,
अनऩु भ छटा ननयारी ! यॊग - त्रफयॊगी ,सजी - धजी टोरी,
चायों ओय है चाम फागान, त्रफहू गान है गाती !
रगते जसै े हैं हये कारीन,
फाधॊ कतायंे तोडे ऩब्त्तमा,ॊ काजीयॊगा है याटरीम उद्मान,
सफु ह की शरु ुआत कयते फगानी ! बायत की साख फढ़ाता,
एक सीॊग गैंिें को देख,
ब्रह्भऩिु नदी है षवशार, ऩमटष क खशु हो जाता !
भानों गॊगा का हो तीय,
गवु ाहाटी भें भाॊ काभाख्मा, "अनके ता भें एकता शरए,
भधयु - भधयु फोशरमों का सगॊ भ,
नीराॊचर के शीश!
ऐसा है ऩवू ोत्तय का,
आसाभ याज्जम भये ा" !
ऩटृ ि सॊख्मा: 24 वष:ष 01 अकॊ : 04 अक्टू फय, 2020
ससॊ ्थाऩक एवॊ सऩॊ ादक: सजॊ म अग्रवारा सह सऩॊ ादक: नीरू गुप्ता
भोहनरार शसहॊ , देवघय, झायखॊि
इन्साननमत फनाऐ यखना
दनु नमा जर यही ह,ै सये आभ भयते हैं आदभी,
जानत उन्भाद भंे । योज भयते हैं आदभी ।
जहय पै रा हदमा, सत्तय सार से फाटॉ यहे जो,
साम्राज्जमवाद ने ।। जानत ऩथॊ के नाये से ।।
खदु शसहॊ ासन ऩय फिै े थे
धू धू कय जर यहा, जानत ऩॊथ के नायों से ।
साये सॊसाय भंे । जन जन के ददॎ से ऩशतु य से आदभी ।।
कोई तो आगे फढ , आजकर की रयवाज की है कै सी चरन ।
भानवता ससॊ ाय भंे ।। जन ददॎ, कसक ,टीस स,े वाककप नही,ॊ
पै रा यही है आग, याजनीनत का िे के दाय फने फिै ा है ।।
याजनीनत िे के दाय फन । ताज के नभु ाइॊदे फेखफय सोते ह,ंै
नादानों की झिॊू भ,ें जनता योती है ।
ऩकती है योहटमाॉ ।। हुकू भत वोट फकैं के शरए फिै े हैं ।।
ऐसा चरन ज्जमादा हदन नहीॊ चरता ।
मॊू ही तो योज सजती ह,ै जनता जग जाऐगा तो वो वक्त नहीॊ यहता ।।
याजनीनत की गोहटमाॉ । इन्सान फनो इन्साननमत को जगाकय चरो,
कबी भमु ्फई कबी म●ू ऩी● गयीफी अभीयी के पकॎ को शभटाते चरो ।।
कबी जरती भाॉ की फटे ी ।
भानव के अश्क भें दानव फन गमा ।
देखो इन्साननमत कहाॉ चरा गमा ।।
ऩटृ ि सॊख्मा: 25 वष:ष 01 अकॊ : 04 अक्टू फय, 2020
ससॊ ्थाऩक एवॊ सऩॊ ादक: सजॊ म अग्रवारा सह सऩॊ ादक: नीरू गुप्ता
िॉ● कु भदु फारा, हैदयाफाद, तेरॊगाना
भाॉ का रार दीवाना था
शहीद बगतशसहॊ नाभ था उसका आजादी का दीवाना था
नमा ऩहन के फासतॊ ी वह चोरा घय से ननकरा भस्ताना था
सखु देव, बगतशसहॊ औ याजगरु ू, इन तीनों की ही नतकडी थी
जाशरमाॉ वारे फाग की खफय ऩय दहरा वीयाॊ भदानष ा था
उम्र थी तेइस सार ककॊ तु दीऩ आजादी का उसने जरामा था
नतशभय की देश से हटाने चदरयमा बोरा वह ऩयवाना था
उसे तो था फदरा रेना, औ शभटाना दशु ्भन को शभशन उसका
सॊगी - साथी इॊकराफी, त्रफब्स्भर के शये ों से उसका मायाना था
देनी थी शीश की कु फाषनी, बायत भाॉ का दरु ाया रार था
भाॉगी नहीॊ भापी उसने शरए सय ऩे क़िन फडा समाना था
जॊजीयों भंे जकडी भाॉ के आॉसू हदर को फहुत दहराते थे
भकु ्त हो आजादी की दलु ्हन उसकी ब्ज़द भें छु ऩा नज़याना था
नई ऩीढ़ी के नौजवानों भें कहाॉ हदरेयी इतनी शभरती है
शये का हदर था उसभें औय वह यखता पौरादी सीना था
नहरे ऩे दहरा कय उसने अॊग्रेजों की नाक भें दभ कय िारा
हीये की बायत की अॊगिू ी भंे स्वयाज्जम का जडा नगीना था
आजाद यहेगा जफ तक बायत स्वर्ाऺष यों भंे वह नाभ होगा
बायत भाॉ का था वह रार कु फाषनी तो ईश्वय का फहाना था
ऩटृ ि सॊख्मा: 26 वष:ष 01 अकॊ : 04 अक्टू फय, 2020
ससॊ ्थाऩक एवॊ सऩॊ ादक: सजॊ म अग्रवारा सह सऩॊ ादक: नीरू गपु ्ता
सोनर ओभय, कानऩयु , उत्तय प्रदेश
रयश्ते का फीज
एक फाय मों
फीज था भनंै े फोमा
एक रयश्ते का
प्रभे की खाद िारी
सभऩरष ् से सीचॊ ा।।
कोऩर पू टी
हदर भे षवश्वास की
रौ जर उिी
फॊधे सात पे ये भें
शभरा साथ का पर।।
फॊधन की जडे
होती गई अटू ट
सघन वऺृ की
िारी ऩे पर - पू र
उऩजे बयऩयू ।।
जीवन बय
परते - पू रते मॉू
ही शभरकय
गाते - गनु गुनाते
फीत गमा जीवन।।
ऩटृ ि सखॊ ्मा: 27 वष:ष 01 अकॊ : 04 अक्टू फय, 2020
ससॊ ्थाऩक एवॊ सऩॊ ादक: सजॊ म अग्रवारा सह सऩॊ ादक: नीरू गपु ्ता
फत्रफता कॊ सर, हदल्री
किऩुतरी
भैं स्िी हूॊ, भंै किऩतु री ना ऩहनें भन से ना सवॊ ाये तन
भाॊ, फहन, फटे ी, ऩत्नी भै स्िी, भै ही किऩतु री
ककतने ककयदाय ननबाती हूॊ जफ रूि जाती भाॊ रक्ष्भी
जीवन के यॊग भॊचके धागों ऩय तफ ऩडते ननवारे जुटाने
नाचती किऩतु री सी ऩरयवाय के यॊगों भंे सफ का ऩारन कयना
कबी अच्छा, तो कबी भसु ीफत भंे शबु , अशबु का बाय उसी के हाथ
नाचती ढार फन कय भै स्िी, भंै ही किऩतु री
ऩत्नी फन सवे ा कयती जुडी हूॊ हय ककयदाय से
ऩनत ही भान ऩयभशे ्वय कबी भझु े ऩयखा जाता
भन सभषऩतष तन सभषऩतष कबी धागे भें फाॊधी जाती
यहती अटू ट षवश्वास फन कबी खीॊचा कबी छोडा
जो भन से उतये ऩनत के कबी स्नेह कबी अऩभाननत
कय दे उस का ऩरयत्माग इस ऩरु ुष प्रधान सभाज भें
हाॊ भैं स्िी ,भंै किऩतु री प्रबु यचना नायी की कय िारी
देना ऩडता प्रभार् अऩना उसकी वदे ना को जान रो
भाॊ फन कय,वॊश को फढ़ाना तभु नचाते हो सकर जगत किऩतु री सा .........
फटे ा हो ब्जम्भदे ायी ननबानी है इस बदे बाव को हय दो
भंै स्िी भैं ही किऩतु री जो फनु कय बेज हदमे तुभने
धागों का मही खेर खेरती
ऩनत त्रफन नायी जीवन भंै स्िी, भैं किऩतु री ........... ।
कहराता सवथष ा अथहष ीन
वष:ष 01 अकॊ : 04 अक्टू फय, 2020
ऩटृ ि सॊख्मा: 28
ससॊ ्थाऩक एवॊ सऩॊ ादक: सजॊ म अग्रवारा सह सऩॊ ादक: नीरू गुप्ता
षऩकॊ ी भहेता शाह 'हदशा', अभदावाद, गुजयात
फेटी से फहू फनने की सपय
आकय खिी भैं ब्जदगीके उस शादी हुई सासने रयवाज थोऩे
ऩथ ऩय, कहा अफ घयकी आफरू
जहा ऩय कोई साथ नही भये े सम्हारना ब्जम्भदे ायी तेयी
सामाबी रगतने रगा हे ऩयामा
आज भये ी ईस हारात ऩय ....
फेटी फनकय ऩदै ा हुइ भैं ऩनतदेवने ऩहेरे हदन कहा हभसे
भाने एकही फात शशखाइ भेये सऩने अफ ऩयू े कयने हे तझू े
उम्भीद फहोत हे तूजसे सम्हार अऩने तयीके से
जाना हे ऩयामा घय तूजे
ऩाऩाने शशस्तके ननमभ फतामे सभाजने कै से ननमभ फनामे !
फेटी फनकय शशश झकु ाकय हो गई एक हदनभें फटे ी से फहू फचे ायी
अऩनी आयजओू कों काफू कयना ऩाॉवभें ऩहेना दी सभाजने भेये
शशखामा ऩामरकी जगह रयवाजोकी फिे ी
आजबी हारत मही हे सभाजभंे
नायी की ......
ऩटृ ि सखॊ ्मा: 29 वष:ष 01 अकॊ : 04 अक्टू फय, 2020
ससॊ ्थाऩक एवॊ सऩॊ ादक: सजॊ म अग्रवारा सह सऩॊ ादक: नीरू गुप्ता
फरकाय शसहॊ "सॊदेश", साम्फा, जम्भू - कश्भीय
सूमष ऩिु ी तवी
भझु भें ना जाने अफ शहयों भंे भनै े दस्तक दी
ककतनी फॊदू ंे सभाई है गन्दगी के सरै ाफ उभड यहे थे
उतय कय ऩवतष ों की चोटी से रेकय गन्दगी के तभाभ नारे
वगे अऩना भझु भंे ही धगय यहे थे
तीव्र गनत से रे आई हूॉ भये े खूफसयू त तन ऩय
शोय शयाफे का नाद हुआ मे ही जख्भ कय यहे थे
भहटमारे जर का साथ हुआ भझु े ही ऩजु ने वारे
शीत रहयों जसै ा भेया भन भझु भंे ही प्रदषू र् बय यहे थे
गाता था जैसे कोई तयॊग राकय ऩजु ा का कु िा ा़
टेडा - भढ़े ा फर खाता भये ा ऩथ भझु भंे उडरे यहे थे
चर यही थी झभू कय भैं कपय बी वोर यही थी
जॊगर ऩवतष सफ ऩीछे छू टे स्वच्छता का देकय आशीवाद
ब्जन ऩय भंै इतयाती थी
स्वच्छता भये े अॊग अॊग भंे आगे फढ जाऊॊ गी
इनके प्माय सफे स जाती थी सपाई यखना बयऩयू
तबी समू ष ऩिु ी कहराऊॊ गी |
ऩटृ ि सखॊ ्मा: 30 वष:ष 01 अकॊ : 04 अक्टू फय, 2020
ससॊ ्थाऩक एवॊ सऩॊ ादक: सजॊ म अग्रवारा सह सऩॊ ादक: नीरू गपु ्ता
िॉ● याजभती ऩोखयना सयु ाना, बीरवाडा, याजस्थान
काश नायी ऩत्थय की होती
क्मा होता काश नायी ऩत्थय की होती,
भभता का सागय नही होता ककतनी किोयता होती,
कोई तोड नहीॊ ऩाता उसके भन भॊहदय के दयवाजे,
वीर्ा के ताय से वो कबी उदासीन नहीॊ होती।
भन ऩावन ह्रदम भंे फसता जहाॉ अथाह प्माय का सागय,
ऩत्थय सा हदर होने ऩय क्मा वो हॊसते हॊसते ददष सहती।
नाजुकता, कोभरता से सदा भन यहता यीता,
काश नायी दनु नमाॉ भे हदर से ऩत्थय ही होती।
देवी फन कय ऩबू ्जत कयता है ब्जस नायी को ,
वो किोयभना फन ऩाषऩमों का ककमा सहॊ ाय कयती।
नहीॊ राती भन भंे ऐसे दयु ाचारयमों के शरमे उदायता,
फन जाती वह शसहॊ नी दरयदो को भाय धगयाती।
जभाने ने उसे ककतना ददष हदमा है ऩग ऩग ऩय ऩय,
चते न भन को कय अवचेतन ब्ज़स्भ को यौंद हदमा हय ऩर,
कफ तक भकू फन अऩने अधधकायों के शरए रडती यहंेगी,
भानशसक षवकृ नतमों से हो धचब्न्तत हय ऩर भयती।
ऩत्थय हदर होने ऩय फन जाता उसका भन भॊहदय,
ना होती कोई चुनौनतमाॊ स्वछन्द षवचयर् वो कयती,
हवस की शशकाय फनने ऩय ऑखों से अश्क नहीॊ फहाती,
वह अरौककक शब्क्त फन दरयदॊ ो का जीना हयाभ कय देती।
तफ कोई कै से उसकी अब्ग्न ऩयीऺा रे चरयि का प्रभार् भागॊ ता ,
ना कबी वो भनटु म के अत्माचायों को सहती,
नीयवता, ननबीकता, ननजीवता का होता सभावेश,
औय भुक्त गगन के भानकों की अरग ही कोई कहानी होती। ।
ऩटृ ि सॊख्मा: 31 वष:ष 01 अकॊ : 04 अक्टू फय, 2020
ससॊ ्थाऩक एवॊ सऩॊ ादक: सजॊ म अग्रवारा सह सऩॊ ादक: नीरू गपु ्ता
साऺी मादव, यामागडा, ओडडशा
जोश बयी भसु ्कान
हय सफु ह एक जोश बयी भसु ्कान के साथ उि जाती ह,ूॊ
अऩनी भॊब्जर तम कयती हू,ॊ
एक भजफतू इयादे के साथ अऩना सपय शरु ू कयती ह,ूॊ
हा भबॊ ्जर तो अबी तक नहीॊ शभरी
क्मकु ी भैं शामद वहाॊ तक जाने भंे ही हाय जाती ह,ूॊ
रके कन इयादे हय योज भजफतू होते ह,ैं
फडी रगन, भहे नत के साथ उन्हंे ऩाने की कोशशश कयती ह,ूॊ
रेककन अगय कु छ थोडा सा अरग हो गए,
रेककन अगय कु छ थोडा सा गरत हो जाए,
थोडी सी ऩयेशान हो जाती ह,ूॊ
थोडी हैयान हो जाती ह,ूॊ
थोडी टू ट जाती हूॊ, थोडी त्रफखय जाती हू,ॊ
रके कन खदु को फेहतय फनाने की कोशशश भंे
खुद को सभटे रेती हूॊ औय कपय आगे फढ़ जाती ह,ूॊ
हय सफु ह एक जोश बयी भसु ्कान के साथ उि जाती हूॊ।
ऩटृ ि सॊख्मा: 32 वष:ष 01 अकॊ : 04 अक्टू फय, 2020
ससॊ ्थाऩक एवॊ सऩॊ ादक: सजॊ म अग्रवारा सह सऩॊ ादक: नीरू गपु ्ता
ऩनु ीत गोमर, ऩहटमारा, ऩजॊ ाफ
... के शरए
काश कोई योक रे अगय
चादॊ को एक यात के शरए,
हदर फहुत तयस यहा है
उनसे एक भरु ा़ात के शरए,
ज्जमादा तो नहीॊ भगय फस
रम्फी एक फात के शरए
कु छ सनु ना कु छ कहना हदर भंे फाकी यह गमा
धडकने भचर यही है एक जज़्फात के शरए,
ऩता नहीॊ क्मा है हो यहा उदासी मा खुशी का आरभ छा यहा है
प्माय बया है आहों भें बी
मादों की उस फायात के शरए
काश वो रम्हंे रौट आए
जफ हभ दोनों ही तयसा
कयते थे ऩनु ीत
एक दसु ये के साथ के शरए।
ऩटृ ि सॊख्मा: 33 वष:ष 01 अकॊ : 04 अक्टू फय, 2020
ससॊ ्थाऩक एवॊ सऩॊ ादक: सजॊ म अग्रवारा सह सऩॊ ादक: नीरू गुप्ता
भेया ाभ षप्रमकॊ ा षप्रमदशशनष ी, पयीदाफाद, हरयमार्ा
कु छ खारीऩन जो भहससू मॉू हय फात भें भये ी खफय रेना
हो यहा है कपय क्मों नज़यअॊदाज की
तुम्हाया हदमा ाभ रयस नौफत आना
यहा है
चऩु के से जो भये े योने की तेये भये े रयश्ते का मे अॊजाभ
आदत हो गई है सम्बरने बी नही हदमा
तुम्हाया भझु े सभझने की यही भैं अॊजान
गॊजु ाइश खत्भ हो गई है
कपय बी इॊतजाय की हद भैं
कहते हो भैं मही तो हूॉ तुम्हाये ऩाय करूॉ गी
ऩास तमु ्हाये शरए हय भोड ऩय
कपय कहाॉ गए साये एहसास रूकॉू गी
कबी तो तभु भेये शरए रूकोगे
भेयी ाभगीन आॉखों को ऩढ़ोगंे
ऩटृ ि सॊख्मा: 34 वष:ष 01 अकॊ : 04 अक्टू फय, 2020
ससॊ ्थाऩक एवॊ सऩॊ ादक: सजॊ म अग्रवारा सह सऩॊ ादक: नीरू गुप्ता
श्माभ सनु ्दय श्रीवास्तव 'कोभर', रहाय, शबण्ि, भध्म प्रदेश
फाऩू तये े देश भें
मह कै सा अॊधये भचा है, फाऩू तये े देश भंे।
रगता अफ तो जहय घरु ा ह,ै इस ऩयू े ऩरयवेश भंे।
भाॉ - फहनंे राचाय फेहटमाॉ चीख ऩकु ाय यहीॊ हंै -
इस सभाज भंे छु ऩे बडे डम,े हंै भानव के वशे भंे।
हहसॊ ा, रटू , िकै ती, चोयी, हडऩ नीत व्माऩाय है।
नजय उिा कय कहीॊ देख रो, हदखता भ्रटटाचाय है।
नहीॊ सयु क्षऺत फहू - फहे टमा,ॉ राज - आफरू खतये भंे -
ननधनष हुआ ककसान, मवु ा बी, फे - हहल्रे रुजगाय है।
प्रगनत हुई है भाना भनैं ,े ढोरक तफरे भौन ऩड।े
काॊगों, फजैं ों, ड्रभ फजते ह,ंै रोग झभू ते खडे - खड।े
वीर्ा, इकताया, सायॊगी, फशॊ ी सहभी -
सहभी सी -
फणै ्ि खडे हंै सीना तान,े ऐॊिे औय तने अकड।े
ऩटृ ि सखॊ ्मा: 35 वष:ष 01 अकॊ : 04 अक्टू फय, 2020
ससॊ ्थाऩक एवॊ सऩॊ ादक: सजॊ म अग्रवारा सह सऩॊ ादक: नीरू गपु ्ता
िॉ● भजॊ ु गुप्ता, वाशी, नवी भमु ्फई, भहायाटर
नमी सदी की खनक फाशरकाएॊ
धॊधु राने न दे फाशरकाओॊ का सवये ा ,
उम्भीदों की उडानों से बया है चहे या ,
छोटे हैं ऩय सऩने इनके खूफ फडे - फडे ,
दे फडें इन्हंे आकाय आगे हैं मे फढ़ंे ।
नमी तकनीककमों भें झरू यहा है ससॊ ाय ,
कन्मा भ्ररू ् कत्र से जीना न कयो दशु ्वाय ,
दे के इनको अऩनी धयती - आसभान ,
नन्हंे कदभों को बयने दें भन की उडान ।
सनातन ससॊ ्कृ नत के सॊस्कायों के सॊग ,
अऩनी धडकनों से धडकनों भें बये यॊग ,
फटे ी ऩढ़ाओ - फेटी फचाओ से णखरे घय ,
फन के प्रनतबाओॊ की शभसार करूॊ गी दॊग ।
नमी सदी के मे हंै चाॉद , ताये ज़भीॊ ऩय ,
मही हैं सीता , गागी , इॊहदया जहान ऩय ,
फनके धचयाग चभकाएॉगी धचयाग देश का ,
रें सॊकल्ऩ गबष न धगया 'भॊज'ु गबनष ार का ।
ऩटृ ि सखॊ ्मा: 36 वष:ष 01 अकॊ : 04 अक्टू फय, 2020
ससॊ ्थाऩक एवॊ सऩॊ ादक: सजॊ म अग्रवारा सह सऩॊ ादक: नीरू गपु ्ता
षप्रमा शसहॊ , काफीआॊगराॊग, असभ
सॊघषष – ए – जीवन
ककस ककस से रिू ॊ भ,ंै
अऩनों से मा ऩयामों स।े
जीवन भें सघॊ षष फहुत है,
ऽदु के शरए इस दनु नमा स।े
उन तूपानों से क्मा ियना,
जो फचामे दककमानसू ी षवचायों से।
अनधगने िोकय खाना ऩडता ह,ै
सीहढ़माॊ दय - कदय चढ़ने से।
फझु जाते हैं सभु न भन के
ननयाशाओॊ के दीऩ जराने स।े
सॊघषष ही ब्ज़न्दगी की कहानी फनगे ा
फस ऩसीने के स्माही औय हहम्भत की करभ से।
जीवन एक सकॊ ीर्ष सॊघषभष म है ऩथ,
फन अजनुष कभष कयने की अस्ि - शस्ि से।
ऩयाजम से अफ हाय नहीॊ सकत,े
भतृ ्मरु ोक हो चाहे भहाबायत की कु रुऺेि से।
अबी का छोडो औय आगे की देखो,
रक्ष्म बी हाशसर होता फस सॊघषों की ऩॊजू ी से।
ब्ज़ॊदगी ने सॊघषष से शभरामा,
सॊघषष ने जीवन की हकीकत से।
ऩटृ ि सखॊ ्मा: 37 वष:ष 01 अकॊ : 04 अक्टू फय, 2020
ससॊ ्थाऩक एवॊ सऩॊ ादक: सजॊ म अग्रवारा सह सऩॊ ादक: नीरू गपु ्ता
याखी ऩटेर, यामऩयु , छत्तीसगढ़
वह घय स्वगष होता है जहाॉ होती हंै फेहटमाॊ
हय चनु ौती कये हॊस के स्वीकाय वो होती है फेहटमा,ॊ
भाॉ - फाऩ के हय सासॊ का अहसास कये वो होती है फेहटमा,ॉ
गावॊ की ऩगिडॊ िमों की िगय घय की तयप भडु ी यहती ह,ैं
फहे टमाॊ कहीॊ बी यहे भाॉ फाऩ से जडु ी यहती हंै।
फेहटमाॊ घय की "ऩयी" है कोमर सी उसकी फोरी,
फेहटमाॉ है ब्जस घय भंे आॊगन भंे यहे यॊगोरी।
होकय बी धन ऩयामा सच्चा धन अऩना,
ऩयामा यहकय बी कय देती है ऩयू ा भाॉ - फाऩ का सऩना।
गय फटे ा साथ देगा भाॉ - फाऩ को तो सभाधान हैं फहे टमा,ॊ
दोनों हंै प्माये भाॉ - फाऩ के शरए फेटे औय फेहटमाॊ।
भाना घय का दीऩक है फटे ा, दो - दो घय को योशन कयती है फहे टमा।ॊ
उसका घय स्वगष है ब्जसके घय होती है फेहटमा,ॉ
हटका ब्जनसे ऩरयवाय वह फनु नमाद हैं फहे टमा,ॉ
एक "झरक" ऩाने के शरए, भन्नत औय परयमाद है फेहटमा,ॉ
तबी तो "जीवन" की ससॊ ाय होती है फेहटमा,ॉ
ननजीव धया ऩय प्मायी सी झॊकाय होती है फेहटमाॊ।।
ऩटृ ि सॊख्मा: 38 वष:ष 01 अकॊ : 04 अक्टू फय, 2020
ससॊ ्थाऩक एवॊ सऩॊ ादक: सजॊ म अग्रवारा सह सऩॊ ादक: नीरू गुप्ता
वषाष श्रीवास्तव, नछन्दवाडा, भध्म प्रदेश
भकु ्ता
तशू रका से खेरती उॊ गशरमों से उसकी फातों भें
उऩजी आडी - नतयछी रकीयों यभती थी भेयी सफु ह।
कपय एक अनहोनी हो गमी
सॊग भकु ्त होती
भकु ्ता। वो लमाह दी गमी।
तफ से शभरती हूॉ उससे
भगु ्ध हो अऩनी धचिकारयता भें
ऩॊछी फनती धचिों के भाध्मभ स।े
पयाय होती वो इन्हीॊ धचिों भें फनाती ह,ंै
भकु ्ता।
कु छ षऩजॊ य,
आमी थी शभरने भझु से कु छ ऩॊछी,
कु छ फयस ऩवू ,ष कु छ त्रफना ऩय वारे बी,
नाभ से उऩजे अथष से शबन्न
णखरणखराते उसके अधयों ऩय भकु ्त नहीॊ हंै, भकु ्ता।
हटक जाती थी भेयी ननगाह।
अल्हड नदी सयीखी
ऩटृ ि सॊख्मा: 39 वष:ष 01 अकॊ : 04 अक्टू फय, 2020
ससॊ ्थाऩक एवॊ सऩॊ ादक: सजॊ म अग्रवारा सह सऩॊ ादक: नीरू गपु ्ता
जगदीश प्रसाद भहावय, जमऩयु , याजस्थान
जीवन ही एक सघॊ षष होता है
जीवन भंे आगे फढ़ना कहराता सॊघषष है
वसै े तो जीवन ही एक होता सॊघषष है
जीवन भें आई उरझनों को सरु झाना ही सघॊ षष है
भागष भंे आए योडे को झकु कय हटाना ही सघॊ षष है
होती है कई तयह सभामी कु रयनतमाॊ सभाज भें
धीये धीये कु रयनतमों से सभाज को अरग कयना ही सॊघषष है
वसै े तो ........
सच्चाई का साथ देने भें आमंगे ी कई सभस्माएॊ
सच्चाई को ऩकडें यहना ही जीवन का सघॊ षष है
अक्सय होता यहता अऩने अधधकायों का हनन
अऩने अधधकायों के शरए रड जाना ही सॊघषष है
वसै े तो .....
भबॊ ्जर ऩय आगे फढ़ना बी कहराता सघॊ षष है
भबॊ ्जर बी उसको शभरती जो कयता सघॊ षष है
कु छ नहीॊ कयने से तो जग भें शभरती नहीॊ खुशशमाॊ
जीवन भंे खशु शमों के शरए कु छ कयना बी सॊघषष है
वसै े तो .......
ऩटृ ि सखॊ ्मा: 40 वष:ष 01 अकॊ : 04 अक्टू फय, 2020
ससॊ ्थाऩक एवॊ सऩॊ ादक: सजॊ म अग्रवारा सह सऩॊ ादक: नीरू गपु ्ता
िॉ● भहावीय प्रसाद जोशी, बीरवाडा, याजस्थान
जीवन
चोय चोयी कयते हंै सम्ऩदा, धचरधचराती धऩू झरु साती तो,
सदाशमता एक सयु क्षऺत धन है। छाहॉ का प्रतीक ननज बवन है।
भतृ ्मु नहीॊ चयु ा ऩाती ब्ज़न्दगी, फहुत रागत आती है इसभ,ंे
महद जीवन भें जीने का पन है।। वऺृ की छाॉह का होता भन है।।
कटु फोर फढ़ाते हैं कटु ता, खारी हाथ आना औय जाना,
भदृ ु फोर भन का गरु सन है। ब्ज़न्दगी का मही तो चरन है।
फसॊत नहीॊ होता षवदा महाॉ स,े सीख रो प्रभे के ढाई अऺय,
जीवन होता सवु ाशसत चभन है।। अभयत्व का मह सही परन है।।
दरू यमाॉ प्रभे घटा नहीॊ ऩाती, जनहहतकायी कभष कताष का,
धया ऩय छामा हुआ गगन है। भौत के उऩयातॊ बी जीवन है।
भेघ फयसाते हैं फयसात को, ताउम्र ब्जससे वह फॊध नहीॊ ऩामा
कयाते नब - धया का शभरन है।। उसी से फॊध जाने का फॊधन है।।
ऩटृ ि सॊख्मा: 41 वष:ष 01 अकॊ : 04 अक्टू फय, 2020
ससॊ ्थाऩक एवॊ सऩॊ ादक: सजॊ म अग्रवारा सह सऩॊ ादक: नीरू गपु ्ता
गरयभा शभश्रा, ग्रेटय नोएिा, उत्तय प्रदेश
खशु ी
ऽुशी एक साज ह,ै
दनु नमा के हय एक को उसकी आस है।
गभ का आना खुशी के साथ,
तबी तो सभझ आता है खशु ी का याग।
न जाने ककतने रूऩो भंे आती है खुशी,
ऩय आणखय भंे होती है मे हदर की खशु ी का ही ऩरयर्ाभ।
हदर भें जीने की नई उभॊग जगाती ह,ै
हदर की खशु ी की ऩहचान हो ती है भसु ्कान।
णखरी भसु ्कान ही,
हय तकरीप की दवा है।
खुशी के दीऩक भ,ंे
भसु ्कान तेर के सभान है।
हय ककसी को खुशी की चाह है
खुशी हय गभ की दवा है
खुशी उसको ही यास आती है
ब्जसने गभ का अॊधये ा सहा ह,ै
खुशी औय गभ से ही सजती है दनु नमा
जहाॉ गभ अनबु व फनकय यह जाता है
वही भीिी खशु ी का एहसास शभरता है।
खशु ी एक साज ह,ै
हय एक को उसकी आस है।
ऩटृ ि सखॊ ्मा: 42 वष:ष 01 अकॊ : 04 अक्टू फय, 2020
ससॊ ्थाऩक एवॊ सऩॊ ादक: सजॊ म अग्रवारा सह सऩॊ ादक: नीरू गपु ्ता
नतू न गग,ष हदल्री
बायत की नज़य भंे चीन
बायत की क्मा फात कहें, बायत की नज़य भंे चीन है एक,
है फात उसकी सफसे ननयारी, दोस्त कभ! व्माऩारयक साथी ज्जमादा,
न ककसी से फयै , न ककसी से दयू ी, ब्जसने साथ ननबामा कभ,
फस भानवता का ऩाि ऩढ़ाने यहता सफसे आगे। ऩय धोखा हदमा ज्जमादा।
रेककन इसका मह भतरफ नही,ॊ अऩना बायत वो देश है,
कक जो चाहे आॊख उिा र,े ब्जसको रगंे सफ अऩने स,े
अगय िारता कोई बी फयु ी नज़य, कपय चाहे वह चीन हो मा हो,
तो देना जानता भॊहु तोड जवाफ बायत। औय कोई बी ऩडौसी देश।
चीन को सभझा उसने हभेशा अऩना हहतषै ी, बायत की नज़य भें चीन,
एक फाय नहीॊ कई फाय चीन फन गमा षवयोधी, है एक ऩडौसी देश,
फाय - फाय सभझा - सभझाकय, हाथ शभराकय, तू - तू - भंै - भैं कयते - कयत,े
फात कबी फनती-फात कबी त्रफगडती। यहंेगे हभशे ा ऩडौसी देश।
ऩटृ ि सॊख्मा: 43 वष:ष 01 अकॊ : 04 अक्टू फय, 2020
ससॊ ्थाऩक एवॊ सऩॊ ादक: सजॊ म अग्रवारा सह सऩॊ ादक: नीरू गुप्ता
सबु ्टभता गुप्ता, शसरीगडु ी, ऩब्श्चभ फगॊ ार
भाॊ
ककसी के शरए अल्राह ह,ै ककसी के शरए याभ .....
ऩय भये े खानतय तो, भये ी भाॊ ही है चायों धाभ ......
जफ आॊख खरु ी तो, भये ी भाॊ की गोद ही थी भेयी ऩहरी ऩहचान ......
उनका आॊचर भये े सकु ु न का सहाया ह,ै
उनका आशीवाषद भझु े जन्नत से प्माया है ....
उनके चहे ये ऩय खुशी देख,
चहे या भये ा णखर जाता है .....
जफ बी भंै ककसी उरझन भें ऩडती ह,ुॊ
वह भये े हय उरझन को सरु झाती हैं ......
भेये साये प्रशनो का उत्तय,
वह तुयॊत दे जाती हैं ।
ऩटृ ि सखॊ ्मा: 44 वष:ष 01 अकॊ : 04 अक्टू फय, 2020
ससॊ ्थाऩक एवॊ सऩॊ ादक: सजॊ म अग्रवारा सह सऩॊ ादक: नीरू गपु ्ता
गोऩार कृ टर् ऩटेर, यामऩयु , छत्तीसगढ़
भाॉ अम्फे आने वारी है
हो जाओ तैमाय, भनाओ उत्सव, बक्तो की बब्क्त देखकय,
भाॉ अम्फे आने वारी है। भाॊ का बी उतावरा हुआ भन।।
सजा रो ऩॊिार औय दयफाय
शये ावारी भाॉ आने वारी हैं।। ब्जसका हभको था इॊतजाय,
आणखय वो घडी आई है।
जगत की ऩारनहाय है भा,ॉ होकय शसहॊ ऩय सवाय,
साया जहाॉ है ब्जसकी शयर् भें। भाता यानी सफके घय आई है।।
भबु ्क्त का धाभ है भा,ॉ
नभन है उस भाता के चयर् भंे।। तू ही फता दे, ककन शलदों भंे,
तझु को आज भनाऊॊ भेयी भा।ॊ
क्मा ऩाऩी, क्मा घभॊिी, अश्रधु ाय बयी आॊखों स,े
भाॉ के दय ऩय सबी शीश झकु ाते हैं। ककस षवधध दशनष ऩाऊॊ तेयी भाॊ।।
शभरता है चनै तये े दय ऩे भमै ा,
झोरी बयके सबी जाते हंै।। भाता तये े दशनष से हषषतष हुई भ,ैं
ऩरु ककत हुआ ऩयू ा सॊसाय है।
नव दगु ाष के दयस की खानतय, जागयर् औय गयफे की भस्ती,
कय यहे फडे फडे आमोजन। सबी जगह खशु शमों का बॊिाय है।
ऩटृ ि सॊख्मा: 45 वष:ष 01 अकॊ : 04 अक्टू फय, 2020
ससॊ ्थाऩक एवॊ सऩॊ ादक: सजॊ म अग्रवारा सह सऩॊ ादक: नीरू गुप्ता
िॉ● शयद नायामर् खये, भॊिरा, भध्म प्रदेश
सैननक, पौज़ी, जवान
ऐे सनै नक, पौज़ी, जवान, है तये ा ननतअशबनॊदन।
अभन - चनै का तू ऩगै म्फय, तये ा है अशबवॊदन।।भात - षऩता, फहना - बाई सफ, तये े बी हैं नाते
तू ऩनत है, तो ऩिु बी चोखा, तुझको सबी सहु ाते
गभी, जाड,े फारयश भंे बी, तू सच्चा सने ानी ऩय अऩने इस भलु ़् की ऽानतय, छोडे तू सफ फधॊ न।
अऩनी भाटी की यऺा को, तये ी अभय जवानी अभन - चनै का तू ऩगै म्फय, तये ा है अशबवॊदन।।
तेयी देशबब्क्त रखकय के , भाथे तेये चॊदन।
अभन - चनै का तू ऩगै म्फय, तेया है अशबवॊदन।।तुझसा कोई औय न दजू ा, त्माग नतया मशगानी
के वर इस भाटी के नाभ,े तनू े की ब्ज़ॊदगानी
आॉधी - तपू ाॉ खाते हैं बम, हयदभ भाथ झकु ाते फोरे ननत जमहहदॊ का नाया, तये ा ऩावन तन - भन।
रयऩु तो तुझको देख शसहयता, घसु ऩिै ी थयातष े अभन-चनै का तू ऩगै म्फय, तेया है अशबवॊदन।।
सीभाओॊ के प्रहयी तू तो, वीय शशवा का नदॊ न।
अभन - चनै का तू ऩगै म्फय, तेया है अशबवदॊ न।।रोकतॊि है तुझसे यक्षऺत, सवे ा भें तू हय ऩर
शरमे सभऩरष ्, त्माग औ' ननटिा, तू गॊगा की कर -
तू सीभा ऩय िॉटा हुआ ऩय, हभ त्मौहाय भनाते कर
तू जगता, भौसभ से रडता, हभ नीॊदों भंे जाते ऩयभवीय त,ू भहाफरी बी, गाता है जन – गर् - भन ।
तये े कायर् खशु हारी ह,ै ककॊ धचत बी ना क्रॊ दन । अभन - चनै का तू ऩगै म्फय, तेया है अशबवदॊ न।।
अभन - चनै का तू ऩगै म्फय, तये ा है अशबवॊदन।।
ऩटृ ि सॊख्मा: 46 वष:ष 01 अकॊ : 04 अक्टू फय, 2020
ससॊ ्थाऩक एवॊ सऩॊ ादक: सजॊ म अग्रवारा सह सऩॊ ादक: नीरू गुप्ता
यब्श्भ शभश्रा "यब्श्भ", बोऩार, भध्मप्रदेश
आम्रऩारी हूॊ
बव्मतभ दयफाय की भंै इक सवारी हूॊ!!
धचय प्रतीक्षऺत न्माम को, भैं आम्रऩारी हूॊ!!!
ब्रम्ह की सकु ृ नत हूॊ भैं मा कोई अशबशाऩ हूॊ
तुभ ही फतरा दो भझु े भैं ऩणु ्म हूॊ मा ऩाऩ ह?ूॊ
भधु करश हूॊ कक कोई टू टी सी प्मारी हूॊ!!
धचय प्रतीक्षऺत न्माम को, भैं आम्रऩारी हूॊ!!
क्मा तमु ्हाये पै सरे भझु को कबी भॊजयू थे
फात इतनी थी कक हभ फहुत भजफयू थे
तुभ हुए सॊऩरू ्ष औय भंै खारी खारी हूॊ!!
धचय प्रतीक्षऺत न्माम को, भैं आम्रऩारी हूॊ!!
भंै उऩेक्षऺत ही यही हूॊ अऩने ही सम्भान हहत
धचय ज्जवशरत हूॊ भ,ंै अऩने उस अऩभान हहत
होरी का हाषवटम हूॊ भैं मा हदवारी हूॊ
धचय प्रतीक्षऺत न्माम को भैं आम्रऩारी हूॊ!!
भैं सदा से अऩने ही अब्स्तत्व के खानतय रडी हूॊ
भंै मगु ों से आज तक इक प्रश्न फन कयके खडी हूॊ!!
कौयवों की इस सबा भंे ऩाचॊ ारी हूॊ!!
धचय प्रतीक्षऺत न्माम को भंै आम्रऩारी हूॊ!!
ऩटृ ि सॊख्मा: 47 वष:ष 01 अकॊ : 04 अक्टू फय, 2020
ससॊ ्थाऩक एवॊ सऩॊ ादक: सजॊ म अग्रवारा सह सऩॊ ादक: नीरू गुप्ता
रूर्ा यब्श्भ "दीप्त", याॉची, झायखॊि
हदवारी
है मे त्मौहाय हदवारी, सजाओ दीऩ सफ शभरकय।
अभावश यात है कारी, कयो यौशन जगत शभरकय।
घडी सौहाद्रष की है म,े यखो ना द्वशे तुभ भन भंे।
खशु ी फाटॉ ें सबी शभरकय, यहे ना क्रशे जीवन भें।
हदवस ऩावन फहुत है म,े कयो सफ स्वच्छ घय आॉगन।
उसी तयह सबी सनु रो, यखो मे स्वच्छ अॊतभनष ।
ऩधायी भातु रक्ष्भी ह,ंै शरए हाथों भंे सभषृ द्ध।
गर्ऩनत जी ऩधाये ह,ंै सॊग अऩने शरए शसषद्ध।
खशु ी का ऩवष आमा ह,ै भनाओ जोश भंे साये।
भगय बरू ो नहीॊ उनको, जो हंै राचाय फचे ाये।
रगे सबॊ व तमु ्हें महद तो, जया सऻॊ ान अफ कय रो।
यहे घय भंे न अॉधधमाया, यौशनी तभु वहाॉ बय दो।
ऩटृ ि सॊख्मा: 48 वष:ष 01 अकॊ : 04 अक्टू फय, 2020
ससॊ ्थाऩक एवॊ सऩॊ ादक: सजॊ म अग्रवारा सह सऩॊ ादक: नीरू गपु ्ता
षवद्मा दास, घाहिमाॉ टी ई, नागयाकाटा, जरऩाईगडु ी, ऩब्श्चभ फॊगार
गुल्रक वारी चाम
गुल्रक वारी चाम का स्वाद
अॊग्रेजी कऩ आप टी बरू गए आज
अदयक, रौंग, दधू , इरामची
बीगी चाम की ऩब्त्तमों का कडक एहसास
चरो कये सफु ह की शरु ूआत
हय खास फात गुल्रक वारी चाम के साथ
वाह क्मा शबु ायॊब हदन हो गमा राजवाफ
दो घटॉू ऩीकय भदहोशी सी छामी
मे जीवन भीिी चाशनी सी प्मायी
ओस की फॉदू ंे, सयू ज की राशरभा
न बरू ंे गुल्रक वारी चाम ऩीना
गलु ्रक वारी चाम का स्वाद
अॊग्रेजी कऩ आप टी बरू गए आज।।
ऩटृ ि सखॊ ्मा: 49 वष:ष 01 अकॊ : 04 अक्टू फय, 2020
ससॊ ्थाऩक एवॊ सऩॊ ादक: सजॊ म अग्रवारा सह सऩॊ ादक: नीरू गपु ्ता
याजीव यॊजन, गमा, त्रफहाय
ऩढ़ेगा इॊडिमा तो फढ़ेगा इॊडिमा
शशऺा प्रगनत का हधथमाय, फटे ा - फटे ी एक सभान,
शशऺा से आता सॊस्काय, दो त्रफहटमा को बी भान,
शशऺा शसखराता व्मवहाय, बयने दो हौसरों की उडान,
यहो तभु ऩढ़ने को तैमाय, क्मॉकू ी? फढ़ामेगी वो देश की शान, तबी तो !
ऩढ़ंेगे फच्चे सफ ऩढ़ेगा इॊडिमा । सपरता की सीढ़ी चढ़ेगा इॊडिमा ।
ऩढ़ेगा इॊडिमा तो फढ़ेगा इॊडिमा ऩढ़ेगा इॊडिमा तो फढ़ेगा इॊडिमा
ऩढ़ेगा इॊडिमा तो फढ़ेगा इॊडिमा ऩढ़ेगा इॊडिमा तो फढ़ेगा इॊडिमा
ऩडी है कोयोना की भाय, अऩने अधधकायों का ऻान,
भानव गमा प्रकृ नत से हाय, अऩने कतवष ्मों का बान,
स्कू र, कॉरजे फदॊ फाजाय, शशऺा से अऩनी ऩहचान,
ऩय ऩढ़ना तो है न माय, तो ? शशऺा से व्मब्क्त फनता भहान,
ई - रननगंि से ऩढ़ेगा इॊडिमा । ऩढ़कय ही जाती, धभष से रडगे ा इॊडिमा।
ऩढ़ेगा इॊडिमा तो फढ़ेगा इॊडिमा ऩढ़ेगा इॊडिमा तो फढ़ेगा इॊडिमा
ऩढ़ेगा इॊडिमा तो फढ़ेगा इॊडिमा ऩढ़ेगा इॊडिमा तो फढ़ेगा इॊडिमा
ऩटृ ि सखॊ ्मा: 50 वष:ष 01 अकॊ : 04 अक्टू फय, 2020
ससॊ ्थाऩक एवॊ सऩॊ ादक: सजॊ म अग्रवारा सह सऩॊ ादक: नीरू गपु ्ता
िॉ• ऋचा जामसवार, नीभच, भध्मप्रदेश
अहसास
ब्जन्दगी के इस सपय भे
एक भोड ऐसा बी आमा
ख्वाफो के फीच भे जी यही थी
तबी एक हवा का झोंका आमा
अनजान जफ थी भै
तफ एहसास तूने कयामा
तमु ्हाये औय भये े फीच भे
तन भन स्ऩशष कफ आमा
भहससू कय ऩामी तफ भे
तो भधयु ता का बाव आमा
चऩु के - चऩु के भये े भन भे
तेये हदर भे फसने को आमा
ऩटृ ि सॊख्मा: 51 वष:ष 01 अकॊ : 04 अक्टू फय, 2020