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Published by Asmi Singh, 2020-09-21 04:23:21

हम पंछी उन्मुक्त गगन के

Hindi

हम पछं ी उन्मकु ्त
गगन के

प्र 1. पजं रे में पक्षी
मनभाता राग क्यों
नहीं गा पाता ?

2

उत्तर -1 संसार में सभी प्रा णयों को
स्वततं ्रता प्रय है और स्वततं ्र होकर
प्रत्येक काय्थर करने मंे जो आनदं है वह
परतंत्रता मंे असभं व है। अतः प्रफु िल्लत
होकर, प्रसन्न चत्त होकर पंछी पजं रे मंे
नहीं गा सकता । य द हमारी स्वततं ्रता
हमसे छीन ली जाए तो हम कायथर् को मन
लगाकर स्वच्छं द होकर नहीं कर सकें गे

प्र 2. हर तरह की
सखु सु वधाएं
पाकर भी पक्ष का
पक्षी पजं रे मंे क्यों
बदं नहीं रहना
चाहती हैं ?



ऊत्तर 2. हर तरह की सखु सवु धाएं पाकर भी
पक्षी पजं रे में बंद इस लए नहीं रहना चाहते
क्यों क उन्हें स्वततं ्रता पसंद हंै, वह बधं न मंे
नहीं रहना चाहत।े वह खुल कर आकाश में
उड़ना चाहते हंै।

5

प्रश्न 3. क वता
का मूल भाव
क्या है ?

उत्तर 3. क वता का मलू भाव है क
स्वततं ्रता महत्वपूणर्थ है अथार्तथ ्स्वतंत्रता
सव्थर प्रय है । हमें कसी की स्वततं ्रता को
बा धत नहीं करना चा हए । अतः हमंे
दसू रों के साथ वह व्यवहार नहीं करना
चा हए जो स्वयं के लए प्रय न हो ।

7

प्र 4. इस क वता के
माध्यम से पछं ी क्या
सदं ेश देना चाहते हंै?

8

उत्तर - इस क वता के
माध्यम से पंछी यह
सदं ेश देना चाहते हंै क
स्वतं त्रता सब को प्रय
होती है और स्वतं त्र रह
कर ही हम अपने सभी
इच्छाओं को पूरा कर
सकते हंै।

प्र 5. पक्षी उन्मकु ्त
रहकर अपनी कौन -
कौन सी इच्छाएँ परू ी
करना चाहते थे?

उत्तर 5. पपक्षी उन्मुक्त रहकर बहता
हुआ शीतल जल पीना, कड़वे नबौरी के
फल खाना, पेड़ की सबसे ऊं ची टहनी
पर झलु ना, खलु े आसमान मंे उड़ना
तथा क्ष तज के अतं तक उड़ने की
इच्छाएँ परू ी करना चाहते थे ।

प्र 6.भाव स्पष्ट कीिजए –
“या तो क्ष तज मलन बन
जाता/या तनती साँसों की डोरी
।”

12

उत्तर:- प्रस्तुत पंिक्त का भाव यह है क पक्षी
क्ष तज के अतं तक जाने की चाह रखते हंै,

जो क ममु कन नहीं है परन्तु फर भी

क्ष तज को पाने के लए पक्षी कसी भी

िस्थ त का सामना करने के लए तैयार है

यहाँ तक क वे इसके लए अपने प्राणों को भी

न्योछावर कर सकते हंै। 13

प्र 7. पजं रे के पंछी को
वकृ ्ष की टहनी पर
झलू ने का स्वप्न क्यों
आता है?

प्र 8. पलु कत पंख
टू ट जाएंगे । पिं क्त
का आशय
समझाइए-

15

उत्तर. प्रस्तुत पिं क्त का आशय है-
पक्षी नवेदन करते हुए कहता है क
पक्षी के पंख उसकी ऊजा्रथ अ भलाषा
एवं आशा के प्रतीक हैं । अतः उन्हंे
कै द करके उनकी अ भलाषा और
उनके स्वप्न का अंत मत करो ।

शब्द / अथरथ्
उन्मकु ्त

पजं रबद्ध

आकु ल

क्ष तज
कनक
पुल कत

मलू ्यपरक प्रश्न

कई लोग पक्षी पालते हैं
(क) प क्षयों को पालना उ चत है अथवा
नहीं? अपने वचार ल खए।
(ख) क्या आपने या आपकी जानकारी मंे
कसी ने कभी कोई पक्षी पाला है? उ1स9 की
देखरेख कस प्रकार की जाती होगी,

धन्यवाद


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