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विनिर्दिष्ट अनुतोष अधिनियम

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Published by gharchaabhyas, 2021-11-12 04:52:40

विनिर्दिष्ट अनुतोष अधिनियम

विनिर्दिष्ट अनुतोष अधिनियम

5. नकु सानी के लिए क्रे ता द्वारा भूलि के क्रय के लिए ववननर्दिष्ट अनपु ािन हेतु वाद।

............... न्यायालय
वाद स.ं .................... सन ् २०२१

अबक बनाम ........ वादी
कखग ......... प्रतिवादी

ऊपर नालित ककया गया वादी ननम्नलिखित रूप िें अनतसादर पवू कि ननवदे न करता है -

1. यह कि प्रतिवादी ने ............................ रुपये िे ललए उपयकयु ्ि िारीख से छः महीने िे अन्दर वादी से
वादपत्र िे वाद में ब्यौरवार जिला ......................... िे गावाँ .......................... में जथिि खािा स.ं
........................... िी .......................... बीघा भलू मधारी भलू म िा क्रय िरने िे ललए एि ललखखि िरार
िे िररये िारीख ...................... िो सवं वदा किया जिसमंे से वादी ने उपयकयु ्ि िरार िी
िारीख..........................पर ............... रुपये िा सदं ाय किया I

2. यह कि प्रतिवादी अनबय जन्धि समय िे िे अन्दर उपयकयु ्ि भलू म िा क्रय िरने िे ललए नहीं आगे बढा और
अतं िम महीने में िारीख ........................................ िो प्रतिवादी ने उसिे पक्ष में वादी द्वारा ववक्रय
ववलखे िो तनष्पाददि िरने ििा िद्नसु ार भलू म िो अिं ररि िराने िे ललए ................ रुपये (...............)
िी बिाया धन सदहि ............... में उपरजिथरार िे िायालु य में हाजिर होने िे ललए एि रजिथरीिृ ि
नोदिस ददया। वादी उपयकयु ्ि िारीख पर उपरजिथरार िे िायालु य मंे हाजिर हयआ और सपं रू ्ु ददन वहाँा रहा

लेकिन प्रतिवादी उपयकयु ्ि ववक्रय ववलेख िो तनष्पाददि िरवाने िे ललए उपयकयु ्ि ववक्रय ववलेख िो
तनष्पाददि िरवाने िे ललए उपयकयु ्ि धन िो वापस नहीं किया।
3. यह कि वादी उपयकयु ्ि छः महीने िी एि िालावधध िे अन्दर एि उधिि ववक्रय ववलखे िो तनष्पाददि िरने
िे ललए ियै ार है और इच्छािर रहा है और ववशषे िौर पर उपयकयु ्ि तनयि िारीख पर लेकिन प्रतिवादी
सवं वदा िा अपने भाग िा अनपय ालन िरने िे ललए और तनयि िारीख पर बिाया क्रय धन िा सदं ाय िरने
िे ललए वापस मडय ा / या प्रतिवादी ने िारीख .......................... िो सवं वदा िे अपने भाग िा पालन िरने
या उपयकयु ्ि बिाया व्यवथिावपि क्रय मलू ्य िा सदं ाय िरने से इंिार िर ददया। वादी िा प्रतिवादी िे
िधिि इिं ार से ............. रुपये िा निय सान हयआ।
4. यह कि वाद हेििय िारीख .................... िो उत्पन्न हयआ उस तनयि ददन िी उत्पन्न हयआ िो िधिि
ववलेख िे तनष्पादन िे ललए छः महीने िी ववलशष्ि िालावधध िी अतं िम िारीख िी, और न्यायालय िो
वाद िा ववतनश्िय िरने िी अधधिाररिा िी।
5. यह कि वाद िा मलू ्यािं न अधधिाररिा िे प्रयोिनािु बिाया क्रय धनरालश ............... रुपये ििा
न्यायालय फीस िे प्रयोिनािु ................ रुपये पर किया िािा है और न्यायालय िा दावािृ ि अनिय ोषों
िे अनसय ार सदं ाय किया िािा है।

दावािृ ि अनिय ोष :

वादी तनम्नललखखि अनिय ोषों िा दावा िरिा है;

(1) ववक्रय मलू ्य िी ............... रुपये िो बिाया रिम िा सदं ाय िरने हेिय प्रतिवादी िो एि आज्ञापि व्यादेश
िारी िरने िे ललए या विै जल्पि िौर पर;

(2) उसिो उसिे भगय िान िी िारीख से ब्याि सदहि प्रतिवादी से रुपये और वादी िी िारीख से भगय िान एि
ब्याि सदहि निय सानी िे रुप मंे .............. रुपये और वादी िी िारीख से भगय िान िि ब्याि सदहि
निय सानी िे रुप मंे .............. रुपये िा भगय िान िा;

वादी
िररये अधधवक्िा

सत्यापन

मंै ऊपर नालमि वादी, एिद् द्वारा सत्यावपि िरिा हूाँ, कि वादपत्र िे परै ा ............. ...... ......
........... .... .. लगायि .................................. िी अन्िवथु िय मेरी व्यजक्िगि िानिारी मंे सत्य
है और ................................... परै ा िे वे सभी ििा उसिा.......... उस ववधधि सलाह पर आधाररि
है। जिसे मंै सत्य होने िा ववश्वास िरिा हूाँ।

मंै इस ददनांि ....... िो सत्यावपि किया गया।

वादी

भमू ि क्रय करने के ववननर्दिष्ट अनुपािन के लिए वाद

............... न्यायालय
वाद स.ं .................... सन ् २०२१

अबक बनाम ........ वादी
कखग ......... प्रतिवादी

ऊपर नालित ककया गया वादी ननम्नलिखित रूप िंे अनतसादर पवू कि ननवदे न करता है -

1. िारीख ............................. िो वादी एवम ् प्रतिवादी पारथपररि िौर पर यह िरार किये कि वादी िो
प्रतिवादी िो ववक्रय िरना िादहए और प्रतिवादी िो ............................. रुपये मंे ........................... िे
गाँवा में िालीस बीघे भलू म वादी से क्रय िरना िादहए।

2. िारीख............................................ िो सम्पवि िब परू ्ु थवामी होने वाला ििा उन सबी ववल्लगयों से
थवितं ्र होने वाला वही जिसिो प्रतिवादी िे समक्ष हाजिर िरने िे ललए प्रथििय किया गया, िरार पायी गयी
रिम िे प्रतिवादी द्वारा सदं ाय पर उसिे अिं रर् िा एि पयापु ्ि ललखि प्रतिवादी िो पशे किया या पयापु ्ि
ललखि द्वारा प्रतिवादी िो अिं ररि िरने िे ललए ियै ार िा और इच्छा िर रहा िा और अभी भी ियै ार है
एवम ् इच्छा िर रहा है ििा प्रथिाव किया।

3. वादी उपयकयु ्ि भलू म हेिय प्रथिाववि क्रय िे प्रतिफल में धन सदहि 10 बिे पवू ाहु जिला
...................................... िी उपरजिथरी िो पशे िरने िे ललए िारीख ..........................................
िो प्रतिवादी द्वारा प्राप्ि िी गयी एि रजिथरीिृ ि नोदिस ददनाकं िि ........................................... ददया

ििा उपयकयु ्ि सम्यि मलू ्य िे भगय िान पर वादी द्वारा यिा तनष्पाददि िी गयी सम्यि रूप से ववक्रय
ववलखे िो रजिथरीिृ ि िरवाया। लोिन उपयकयु ्ि ददन िो 4 बिे पवू ाुह िि उपरजिथरार िे िायाुलय में
हाजिर नहीं हयआ यद्यवप वादी उसिी हाजिरी ििा उपयकयु ्ि उपरजिथरार िी उपजथिति िे िथ्य िी सिू ना
देने िे पश्िाि ् 10 बिे पवू ाुह्न से 4 बिे अपराह िि वहां हाजिर रहा।
4. वाद हेििू ददनािं ..................20. . . . . . . . . . . . . . . . . . िो िब उत्पन्न हयआ िब प्रतिवादी नोदिस
ददये िाने िे पश्िाि भी उप तनबधं ि िे समक्ष उपजथिि नहीं हयआ ििा िरार किये गये खरीद मलू ्य िा
भगय िान िरना िा न्यायालय िो वाद ग्रहर् िरने िी अधधिाररिा है।
5. वाद िा मलू ्यांिन उपयकयु ्ि भलू म िी प्रथिाववि एवम ्िरार पायी गयी ववक्रय मलू ्य ....................... रुपये
पर किया िािा है और न्यायालय फीस िे प्रयोिनािु ....................रुपये या न्यायालय फीस िा उस पर
सदं ाय किया िािा है।

दावाकृ त अनतु ोष :

इस वाद िे रूप में दावािृ ि अनिय ोष तनम्नललखखि रूप मंे है :

a) प्रतिवादी िो भलू म िा मलू ्य वादी िो रुपये िा भगय िान िरने िे ललए िे आज्ञापि व्यादेश िारी िरिे
तनदेलशि किया िाय; और उप रजिथरार िे िायालु य से ववक्रय ववलखे िो रजिथरीिृ ि िरवाया िाय।

b) एि उधिि दर पर ववक्रय मलू ्य िी रिम पर ब्याि वादी िो अधधतनर्ीि किया िाय।
c) वाद िा खिु वादी िो ददया िाय।

वादी
िररये अधधवक्िा

सत्यापन
मैं ऊपर नालमि वादी, एिद् द्वारा सत्यावपि िरिा हूँा, कि वादपत्र िे परै ा ............. ...... ......
........... .... .. लगायि .................................. िी अन्िवथु िय मेरी व्यजक्िगि िानिारी में सत्य
है और ................................... परै ा िे वे सभी ििा उसिा.......... उस ववधधि सलाह पर आधाररि
है। जिसे मंै सत्य होने िा ववश्वास िरिा हूँा।
मंै इस ददनािं ....... िो सत्यावपि किया गया।

वादी

भलू ि क्रय हेतु ननर्दिष्ट अनपु ािन का वाद

(Suit for Specific Performance of Purchasing Land)

न्यायालय ............
वाद नंबर ............ सन् .. ..........

अ०ब०स० ............ बनाम वादी
स०द० फ० ............ प्रतिवादी

श्रीमान िी,
उपरोक्ि नामांकिि वादी तनम्न प्रिार सववनय तनवदे न िरिा है :

1. यह कि ददनािं ............ ददन ............. िो वादी और प्रतिवादी िे मध्य एि पिं ीिृ ि अनबय न्ध हयआ िा
जिसिे मलू दथिावेि इस वाद पत्र िे साि सलं ग्न हैं जिस पर पररलशष्ि सखं ्या ............ अकं िि है (अिवा
ददनािं ............ ददन ............ िो वादी और प्रतिवादी आपस में इस बाि पर पिं ीिृ ि अनबय न्ध िे अधीन

सहमि हयए िे कि वादी प्रतिवादी िो अपनी 40 बीघा भलू म जथिि ग्राम ............ अिं न रु० ............. मंे
ववक्रय िरेगा और प्रतिवादी उसे वादी से क्रय िरेगा।
2. यह कि ददनािं ............ ददन ............ िो वादी द्वारा बाविह होने परू ्ु माललि व िाबबि अपनी सम्पवि
िे वाथिे और बाविह होने पाि साफ सभी प्रिार िे भार से प्रतिवादी िे दहि में सम्पवि िे अिं रर् हेिय
पयाुप्ि दथिावेि ललख ददया (अिवा सदैव ियै ार और इच्छय ि िा और अभी भी इच्छय ि और ियै ार है और
प्रतिवादी िे नाम मंे अिं ररि िरने िा पयाुप्ि दथिावेि िे द्वारा प्रथिाव रखा िा) और िय शदय ा मलू ्य
प्रतिवादी िे द्वारा अदा किया िाना िा।
3. यह कि ददनािं ............ िो वादी द्वारा पिं ीिृ ि नोदिस प्रतिवादी िो ददया गया िो कि उसिे द्वारा
ददनािं ............. िो प्राप्ि किया गया जिसमंे उसे उक्ि भलम से सम्बजन्धि उपतनबधं ि िे िायाुलय में
वादी द्वारा तनष्पाददि दथिावेि िो पिं ीिृ ि िराने हेिय ददनांि ............ िो 4 बिे िि उपजथिि होने
और िय शदय ा धनरालश अदा िरने हेिय अनरय ोध किया गया िा परन्िय प्रतिवाद उपतनबन्धि िे िायाुलय मंे
उक्ि तिधि में अपराहन 4 बिे िि उपजथिि नहीं हयआ। यद्यवप वादा द्वारा वथिय जथिरर िी सिू ना देिर
उपतनबन्धि िे िायालु य मंे वहााँ उपजथिि रहा िा।
4. यह कि वाद िा हेििय (cause of action) िब उत्पन्न हयआ िब ददनांि ............ प्रतिवादी उक्ि उप
तनबन्धि िे सम्मखय उपजथिि नहीं हयआ िबकि उसे नोदिस प्राप्ि हो ियिा और उसिे द्वारा िय शदा धन
रालश िा भगिान नहीं किया गया। इस मान्य न्यायालय िा िी सनय वाई िरने िा क्षते ्राधधिार प्राप्ि है।
5. यह कि न्यायालय िे क्षते ्राधधिार व न्याय शल्ि िे उद्देश्य हेि वाद िा मलू ्यािन रु० ............ किया गया
है िो कि उक्ि भलम िा प्रथिाववि ववक्रय मल्य है और उसी िे अनसय ार न्याय शलय ्ि िा भगय िान किया
गया है।

प्रार्नि ा:

इस वाद पत्र िे द्वारा तनम्नाकं िि अनिय ोषों िी मागाँ िी िािी है :-

i) आदेशात्मि तनषधे ाज्ञा तनगिु िरिे हयए प्रतिवादी िो अिं न रु० ............. िा भगय िान वादी िो भलू म
िे मलू ्य िे रूप में भगय िान िरने हेिय और उपतनबन्धि िायाुलय द्वारा ववक्रय पत्र पिं ीिृ ि िराने िे
वाथिे तनदेलशि किया िाये।

ii) ववक्रय मलू ्य पर उधिि दर पर ब्याि िा भगय िान वादी िो िरने हेिय तनदेलशि किया िाय।े
iii) वादी िो वाद िा हिाु खिाु भी ददलाया िाय।े

वादी..........
द्वारा अधिवक्ता ......

सत्यापन

मंै कि ............ वादी यह सत्यावपि िरिा हूाँ कि वाद पत्र िे परै ा 1 से 3 िि व 4 िा ििन मरे ी व्यजक्िगि िानिारी मंे
सत्य हैं और परै ा 5 िा ििन िाननू ी सलाह पर आधाररि है िो मेरे ववश्वास मंे सत्य हैं।

सत्यावपि - थिान ............ ददनािं ............ ददन ............ (वादी)

िकान िालिक के ववरुद्ि ककरायेदार द्वारा ववशषे क्षनतपूनति का वाद

(Suit for Special Damage by Tenant Against Landlord)

न्यायालय ............

वाद नंबर ............ सन् .. ..........

अ०ब०स० ............ बनाम वादी
स०द० फ० ............ प्रतिवादी

श्रीमान िी,
उपरोक्ि नामांकिि वादी तनम्न प्रिार सववनय तनवदे न िरिा है :

1. यह कि प्रतिवादी द्वारा पिं ीिृ ि किराये नामे िे िहि वादी िो मिान नबं र ............ जथिि ....... थरीि
वाथिे ............ वषु िे ललए किराये पर ददया गया िा और उससे यह अनबय न्ध किया गया िा कि वह (वादी)
और उसिा िोई िाननू ी वाररस उपरोक्ि अवधध िे ललए शाजन्िपरू ्ु ढंग से उस पर िब्िा रख सििा है और
व्यापार िर सििा है।

2. यह कि इस वाद िी पोषर्ीयिा िे वाथिे वादी द्वारा उन िमाम शिों िा परू ्िु या पालन किया गया िो कि
उसिे द्वारा िी िानी िरूरी िी।

3. यह कि उक्ि अवधध मंे ददनािं ............ ददन ............ िो प्रतिवादी ............. द्वारा िो कि उक्ि मिान
िा िाननू ी थवामी िा, िे द्वारा वादी िो अवधै रूप से बदे खल िर ददया गया और उससे मिान िा िब्िा
ले ललया गया।

4. यह कि वादी िो उस थिान पर अपना ............ िा व्यवसाय िरने से ििा उससे ............ रु० मालसि
आय से वधं िि िर ददया गया है।

5. यह कि वादी िो इससे प्रतिवादी द्वारा गलि व्यवहार िरने िे िारर् भारी क्षति अिं न रु० ............ िी
हयई है।

6. यह कि वादी द्वारा प्रतिवादी से अिं न रु० ......... िी ववशषे क्षति िी माँगा पिं ीिृ ि नोदिस ददनािं .........
द्वारा िी गई िो कि उसे ददनांि ......... िो प्राप्ि हो गया है और उसिे द्वारा पिं ीिृ ि पत्र द्वारा इन्िारी
िा उिर ददया गया है िो वादी िो ददनांि ...... िो प्राप्ि हयआ है।

7. यह कि वाद िा हेििय (cause of action) इस न्यायालय िे िायकु ्षते ्र में ददनािं ............ िो िब उत्पन्न
हयआ िबकि प्रतिवादी िो वादी िा नोदिस प्राप्ि हयआ और अजन्िम रूप स ददनािं ............ िो िब प्रतिवादी
द्वारा ववशषे क्षतिपतू िु से इन्िार िर ददया गया।

8. यह कि न्यायालय िे क्षते ्राधधिार व न्याय शलय ्ि िे ललए वाद िा मलू ्यािं न अिं न रु० ............ किया गया
और उसी पर न्याय शलय ्ि िा भगय िान किया गया है ।

प्रार्नि ा

वादी द्वारा अिं न रु० ............ िी मागाँ प्रतिवादी से ववशषे क्षति पतू िु िी परू ्ु िराई िानी ििा वाद िा खिाु ददलाया
िाना प्रािनु ीय है।

र्दनाकंा .......... वादी............
द्वारा अधिवक्ता............

सत्यापन

मै कि ............ वादी यह सत्यावपि िरिा हूाँ कि वाद पत्र िी परै ा 1 ििा 6 और 7 आलं शि तनिी िानिारी मंे सत्य हंै
और परै ा 7 (आलं शि) और धारा 8 िा ििन िाननू ी सलाह पर आधाररि हैं िो मरे े ववश्वास में सत्य हैं।

सत्यापन-थिान.... ददनांि..........दिन..........वािी

शनाख्त अधिवक्ता..........

वार्दयों के पक्ष िें उसके वास्तववक भौनतक ररक्त कब्जे के अांतरण के ववननर्दिष्ट अनपु ािन
के लिए उसके अनतररक्त प्रनतकर के लिए तर्ा घोषणा हेतु वाद

............... न्यायालय
वाद स.ं .................... सन ् २०२१

अबक बनाम ........ वादी
कखग ......... प्रतिवादी

वार्दयों के पक्ष िें उसके वास्तववक भौनतक ररक्त कब्जे के अतंा रण के ववननर्दिष्ट अनपु ािन के लिए उसके
अनतररक्त प्रनतकर के लिए तर्ा घोषणा हेतु वाद -

अतिसादर पवू िु प्रदलशिु िरिा है -

1. यह कि प्रतिवादी स.ं 1 ................................ िे रूप मंे ज्ञाि आवालसि एवम ्वाखर्जययि िम्पलके ्स िा
वविास िरने एवम ् तनमारु ् िरने वाली .............................. इसिा रजिथरीिृ ि िायालु य रखने वाली
एि िम्पनी है।

2. इस वाद में प्रश्नगि सम्पवि ............................... लगभग मापमान रखने वाली ................................
में जथिि दिय ान िा वविास /तनमारु ् प्रतिवादी स.ं 1 द्वारा किया गया है और िधिि दिय ान प्रमखय सडि िे

सामने है और वह इसिे साि उपाबद्ध किये गये थिल योिना में ............................. में प्रदलशिु िी
िािी है।
3. (िथ्यों िा ििन िरें)
4. यह कि वाद हेििय िारीख ................................िो प्रतिवादी स.ं 1 िे ववरुद्ध पदै ा हयआ। वाद हेििय दोनों
प्रतिवाददयों िे ववरुद्ध वाददयों िो पदै ा हयआ। वाद हेििय ददन प्रतिददन पदै ा होना िल रहा है और प्रतिवाददयों
िे ववरुद्ध वाद िी िारीख पर भी पदै ा होिा
5. यह कि इस वाद में प्रश्नगि दिय ान इस आदरर्ीय न्यायालय िी अधधिाररिा िी थिानीय पररसीमाओं िे
अन्दर........................... मंे जथिि है और प्रतिवादी स.ं 1 िा इस माननीय न्यायालय िी अधधिाररिा
िे अन्दर ................................ में भी है। इस माननीय न्यायालय िे पास प्रथििय वाद िा वविारर् िरने
ििा ववतनश्िय िरने िी अधधिाररिा है।
6. यह कि न्यायालय फीस एवम ् अधधिाररिा िे प्रयोिनािु उसिे वाथिववि ररक्ि भौतिि िब्िे िो
सजम्मललि िर प्रश्नगि दिय ान िे ललए सवं वदा िे ववतनददुष्ि अनपय ालन िे अनिय ोष...................... िा
मलू ्यांिन................................रुपये पर किया िािा है जिस पर मलू ्यानसय ार ................................
रुपये िो न्यायालय फीस लगायी िािी है।

प्रार्नि ा

अिएव वादी अतिसादर पवू िु एवम ् ववनम्रिापवू िु तनम्नललखखि रूप मंे इस न्यायालय िे समक्ष प्रािनु ा
िरिा है

(i) यह माननीय न्यायालय इस वाद पत्र िे परै ा ............................................. मंे ब्यौरेवार
उजल्लखखि सवं वदा िा ववतनददुष्ि िौर पर अनपय ालन िरने िे ललए दोनों प्रतिवाददयों िो तनदेश
देने वाली डिक्री / आदेश पाररि िरने ििा सभी िायों, बािों एवम ववलेखों िो िरने ििा तनष्पाददि

िरने िी िृ पा िरंे िो वादीगर् िो ववक्रय किया िाने िे ललए िरार पायी गयी दिय ान िे सपं रू ्ु
ररक्ि भौतिि िब्िे मंे वाददयों िो रखने िे ललए आवश्यि है। उदाहरर्ािु
.................................................................................................................................
.................................................................................................................................
.................................................................................................................................
.................................................................................................................................
.................................................................................................................................
और वाददयों िो िधिि दिय ान िा ररक्ि भौतिि िब्िा पररदान िरने ििा वाददयों िे पक्ष मंे
िधिि दिय ान िी बाबि ववक्रय ववलखे िो तनष्पाददि िरवाने िे ललए। ऐसे ववक्रय
ववलखे /हथिांिरर्पत्र िे तनष्पादन एवम ् रजिथरीिरर् में प्रतिवादी स.ं 1 मंे सजम्मललि होने िे
ललए प्रतिवादी स.ं 2 िो तनदेश देना कि हि िो प्रतिवादी स.ं 2 मंे रहिा है वाददयों िो िला िाय।
और वाददयों िे पक्ष मंे िधिि दिय ान िा ववक्रय एवम ् पररदान सभी पररप्रेक्ष्यों िो परू ा िरने िे
ललए आवश्यि है।
(ii) यह माननीय न्यायालय न्याय दहि में घोषर्ा िी डिक्री पाररि िरने िी िृ पा िरंे कि प्रतिवादी स.ं
2 िे पक्ष में प्रश्नगि दिय ान ................................................. पश्िािविी ववक्रय एवम ् िब्िे
िा अिं रर् वाददयों पर बबल्िय ल आबद्धिारी नहीं है और िहाँा िि वाददयों िा सम्बन्ध है,
अवधै ातनि और आगे यह घोषर्ा िरना कि रसीदों, पत्रों, दथिाविे ों, ववलेखों, ववक्रय ववलखे ों
इत्यादद मंे से िोई नहीं िो िय छ भी प्रश्नगि दिय ान ............................................िी बाबि
प्रतिवादी स.ं 2 िे पक्ष में िारीख ......................................................... िो तनष्पाददि
किय/े रजिथरीिृ ि गये ववक्रय ववलेख िो सजम्मललि िर िारी किया िाय / ललखा िाय / तनष्पाददि
िी िाय, वाददयों पर बबल्िय ल आबद्धिारी नहीं है और िहाँा िि वाददयों िा सम्बन्ध है, िारीख
.............................................. तनष्पाददि किये गये। रजिथरीिृ ि किये गये सभी िधिि
रसीदे, पत्रों, दथिाविे ों, ववलखे ों, ववक्रय-ववलेखों। (ववक्रय ववलेख िो सजम्मललि िर) अवधै ातनि
हं।ै

(iii) वादीगर् यह भी प्रािनु ा िरिे हंै कि िैसे - ऊपर प्रािनु ा खण्ि (i) प्रािनु ा िी गयी भौतिि िब्िे
िो सजम्मललि िर सवं वदा िे ववतनददुष्ि अनपय ालन िी डिक्री िी मिं ूरी िे अलावा, यह माननीय
न्यायालय प्रतिवादी स.ं 1 िे ववरुद्ध वाददयों िे पक्ष में ऊपर परै ा ............................. में यिा
ब्यौरवार ............................................... रुपये (मात्र......................................) िा
अतिररक्ि प्रतििर अधधतनर्ीि िरने िी इस मामले िे न्याय िा समाधान िरने िे दहि में िृ पा
िरंे।

(iv) वादीगर् यह भी प्रािनु ा िरिे है कि परै ा स.ं ......................................................... ऊपर परै ा
सं .............................................................. मंे यिा ब्यौरवार प्रतिमाह .................
............................................ रुपये (मात्र ................ रुपय)े िी दर पर अतिररक्ि प्रतििर
वाद िे लजम्बि रहने िी िालावधध िे ललए प्रतिवादी स.ं 1 िे ववरुद्ध वाददयों िे पक्ष मंे भी
अधधतनर्ीि िर ददया िाय।

(v) वादीगर् यह भी प्रािनु ा िरिे हैं कि मान लंे भौतिि िब्िा िो सजम्मललि िर ववतनददुष्ि
अनपय ालन िे प्रमखय अनिय ोष िे ललए उनिा प्रमखय दावा अथवीिृ ि िर ददया िािा है िो उस दशा
मंे यह माननीय न्यायालय भौतिि िब्िे िो सजम्मललि िर ववतनददुष्ि अनपय ालन िे उनिे प्रमखय
अनिय ोष िी अथवीिृ ति िे आदेश िे ववरुद्ध सपं रू ्ु ववधधि उपिारों िा लाभ लेने िे ललए वाददयों
िो अधधिार िो एि ही समय पर आरक्षक्षि िर, वाद िे लजम्बि रहने िी िालावधध िे ललए
............................................ प्रतिवषु िी दर पर उस पर ब्याि िी रिम िे साि में
................ रुपये (मात्र ................ रुपय)े वाददयों िे पक्ष मंे ििा प्रतिवादी स.ं 1 िे ववरुद्ध उनिे
विै जल्पि दावे िी डिक्री िरने िी न्यायदहि मंे िृ पा िरें।

(vi) यह माननीय न्यायालय वाददयों िे बाद खिु िा सदं ाय िरने िा दोनों प्रतिवाददयों िो आदेश देने
िी न्यायदहि मंे िृ पा िरें।

(vii) िोई अन्य अनिय ोष िो इस मामले िे िथ्यों एवम ्पररजथितियों मंे उधिि एवम ्ठीि समझी िाय;
न्यायदहि मंे इस माननीय न्यायालय द्वारा प्रतिवाददयों िे ववरुद्ध वाददयों िे पक्ष में भी िृ पया
अधधतनर्ीि िी िाय।

थिान : (वादी स.ं 1)
िारीख :
(वादी स.ं 2)
िररये अधधवक्िा

सत्यापन

में इस िारीख ................................................. िो सत्यावपि किया गया कि परै ा स.ं
.................................... लगायि ................ परै ा स.ं ..................................... मरे ी िानिारी मंे सत्य एवम ् सही है
और वादपत्र िे परै ा स.ं ........................................ लगायि ............................................. और अन्य सभी ववधधि
अन्िवथु िएय ं प्राप्ि िी गया सिू ना ििा सत्य एवम सही होने मेरे द्वारा ववश्वास िी गयी सिू ना पर सत्य एवम ्सही है
और अतं िम परै ा स.ं ............................................ इस आदरर्ीय न्यायालय िे समक्ष ववनम्र प्रािनु ा िो अन्िववषु ्ि
िरिा है।

वादी

ववक्रय करने के करार के ववननर्दिष्ट अनुपािन के लिए वाद।

............... न्यायालय
वाद स.ं .................... सन ् २०२१

अबक बनाम ........ वादी
कखग ......... प्रतिवादी

ऊपर नालित ककया गया वादी ननम्नलिखित रूप िंे अनत सादर पवू कि ननवेदन करता है -

1. िारीख ................... िो इसिे साि उपाबद्ध िी गयी अनसय िू ी मंे ब्यौरे वार जिला ............................
िे िहसील .............................. िी गााँव .................. ................. मंे जथिि ...................................
बीघे भलू मधरी भलू म िा ववक्रय िरने िे एि िरार िे िररये कखग प्रतिवादी जिला िलक्िर से इिािि लने े
िे पश्िाि ् उपयकयु ्ि िरार िी िारीख से छः महीने िे अन्दर ................... रुपये (..........................
रुपय)े िे ललए वादी िो उपयकयु ्ि भलू म िा ववक्रय िरने िे ललए िरार किया क्योंकि प्रतिवादी अनसय धू िि
िाति िा है।

2. उपयकयु ्ि िरार िो जिला ........................... िे उपरजिथरार िे पवू ु रजिथरीिृ ि िराया गया और
............... ............. रुपये िा सदं ाय बिौर अधग्रम धन िे रूप में किया गया और भलू म िा िब्िावादी िो
ददया गया।

3. वादी िलक्िर से अनजय ्ञा प्राप्ि िरने िे ललए ििा यिापरोक्ि प्रतिफल िे ललए ववक्रय ववलेख िा तनष्पादन
िरने िे ललए प्रतिवादी से अनरय ोध िर रहा है।

4. िब उपयकयु ्ि छ: महीने िी िालावधध लगभग समाप्ि होने वाली िी िब वादी ने जिला िलक्िर िी अपके ्षक्षि
अनजय ्ञा प्राप्ि िरने िे पश्िाि ् ववक्रय ववलखे िा तनष्पादन िरने हेिय िारीख .......................... प्रतिवादी
द्वारा प्राप्ि िी गयी एि रजिथरीिृ ि नोदिस ददनांकिि.......................... िे माध्यम से प्रतिवादी िो
सिू ना दी लेकिन प्रतिवादी ने वही नहीं किया।

5. वाद हेििय उपयकयु ्ि िरार िी िारीख से छः महीने िी समाजप्ि िे पश्िाि ्िारीख ........................ िो इस
न्यायालय िी अधधिाररिा िे अन्दर पदै ा हयआ िब प्रतिवादी ने वादी स नोदिस प्राप्ि किया और ित्पश्िाि
वादी ने न िो प्रतिवादी िी नोदिस िा िवाब ददया और न ही उसिे तनबन्धनों िा अनपय ालन किया।

6. वाद िा मलू ्यािं न ............................ रुपये पर किया िािा है और न्यायालय फीस ' प्रयोिनािु ......
..................... रुपये एि व्यादेश िी माागँ िरने िे मामले में मलू ्यांिन िी रिम िा पाचंा वा भाग है और
उस पर न्यायालय फीस िा सदं ाय किया िािा है।

7. सवय वधा िा सिं लन वादी िे पक्ष मंे है और यह समीिीन है कि एि आज्ञापि व्यादेश या िरार पायी गयी
ववक्रय ववलखे िो तनष्पाददि िरने हेिय प्रतिवादी िो िारी किया िा सिे गा।

दावाकृ त अनतु ोष :
इस वाद िे रूप मंे दावािृ ि अनिय ोष है : प्रतिवादी िो वादी िे पक्ष में यिा िरार पायी गयी ववक्रय ववलेख िा

तनष्पादन िरने हेि एि आज्ञापि व्यादेश िारी िरिे तनदेलशि किया िाय।

वादी
िररये अधधवक्िा

सत्यापन

मंै ऊपर नालमि वादी, एिद् द्वारा सत्यावपि िरिा हूाँ, कि वादपत्र िे परै ा ............. ...... ......
........... .... .. लगायि .................................. िी अन्िवथु िय मेरी व्यजक्िगि िानिारी मंे सत्य
है और ................................... परै ा िे वे सभी ििा उसिा.......... उस ववधधि सलाह पर आधाररि
है। जिसे मंै सत्य होने िा ववश्वास िरिा हूाँ।

मैं इस ददनांि ....... िो सत्यावपि किया गया।

वादी

6. ववक्रय ककया जाने के लिए करार पायी िाि का ववक्रय करने के लिए ववननर्दिष्ट अनपु ािन के लिए वाद।

............... न्यायालय
वाद स.ं .................... सन ् २०२१

अबक बनाम ........ वादी
कखग ......... प्रतिवादी

ऊपर नालित ककया गया वादी ननम्नलिखित रूप िंे अनतसादर पवू कि ननवदे न करता है -

1. यह कि प्रतिवादी ने एि बिंै ड्राफ्ि िे िररये वादी द्वारा िधिि रिम िो प्रथििय िरने पर
........................... रुपये (............................) में िारीख ............................ िो उसिे द्वारा ललखखि
अपनी हथिलखे िा ववक्रय िरने हेिय एि ललखखि िरार िे माध्यम से िारीख ........................... िो
िरार किया।

2. यह कि वादी रजिथरीिृ ि आच्छादन िे अधीन रजिथरीिृ ि िाि द्वारा हथिलखे भेिने िे ललए अनदय ेशों
िे साि प्रतिवादी िो .......................... बिैं .......................... िो ललखा गया .......................... रुपये
िा एि बिैं ड्राफ्ि भिे ा जिसिो िारीख ........................... िो प्रतिवादी द्वारा प्राप्ि किया गया।

3. यह कि प्रतिवादी ने ददये गये विन िे अनसय ार हथिलखे िो नहीं भिे ा है बजल्ि उसिो वादी द्वारा भिे े गये
बिंै ड्राफ्ि िो वापस भिे ददया है।

4. यह कि उपयकयु ्ि हथिलखे एि िीक्ष्र् वथिय है और वादी प्रिाशन िे समक्ष इसिे ववज्ञापन पर
.......................................... रुपये पहले से ही भेि ददया है और उसिे ललए सदं ाय अधग्रम धन िे साि

.......................................... आदेशों िो प्राप्ि किया और यदद हथिलखे वादी िो नहीं पररदान किया
िािा है िो वादी िी उपयकु ्ि ववरले वथिय िी हातन िे अतिररक्ि िारबार में ........................................
रुपये िी हातन होगी।
5. यह कि वाद हेििय िारीख .......................................... िो उत्पन्न हयआ िब वादी उपयकयु ्ि उसिे बकैं
ड्राफ्ि िो प्राप्ि किया और बही िी पाण्िय ललवप प्रतिवादी द्वारा उसिो नहीं भेिा गया और इस न्यायालय
िो मामले िी ववतनजश्िि िरने िी अधधिाररिा होिी है।
6. यह कि वाद िा मलू ्यािं न हथिलखे िे मलू ्य रुपये पर किया िािा है और न्यायालय फीस िा दावािृ ि
अनिय ोष िे अनसय ार किया िािा है।

दावाकृ त अनतु ोष -
वादी तनम्नललखखि अनिय ोषों िा दावा िरिा है
(1) प्रतिवादी िो एि आज्ञापि व्यादेश प्राप्ि किया िाने िे ललए उपयकयु ्ि प्रतिफल िे ललए वादी िे अध्यधीन
रहिे हए उपयकयु ्ि ववषय पर हथिलेख प्रदान िरने िे ललए ददया िा सिे गा।
(2) उपयकयु ्ि हथिलखे िे पररदान मंे िाररि हयई असम्यि ववलम्ब िे ललए निय सानी िे रुप में . ..............
.............. रुपये िा सदं ाय।

वादी
िररये अधधवक्िा

सत्यापन

मंै ऊपर नालमि वादी, एिद् द्वारा सत्यावपि िरिा हूाँ, कि वादपत्र िे परै ा ............. ...... ......
........... .... .. लगायि .................................. िी अन्िवथु िय मेरी व्यजक्िगि िानिारी मंे सत्य
है और ................................... परै ा िे वे सभी ििा उसिा.......... उस ववधधि सलाह पर आधाररि
है। जिसे मंै सत्य होने िा ववश्वास िरिा हूाँ।

मैं इस ददनांि ....... िो सत्यावपि किया गया।

वादी

ववक्रय पत्र (बैनािे) के रद्द कराने के लिए वाद

(Suit for Cancellation of a Sale Deed)
न्यायालय ............

वाद नंबर ............ सन् .. ..........

अ०ब०स० ............ बनाम वादी
स०द० फ० ............ प्रतिवादी

श्रीमान िी,
उपरोक्ि नामाकं िि वादी तनम्न प्रिार से सववनय तनवदे न िरिा है :

1. यह कि वादी िे न्रीय सरिार िे अन्िगिु ............ में ............ पद पर िायरु ि है और उसिे वपिा ग्राम
............ मंे उसिी मािा िे साि घर पर तनवास िरिे हैं िो ववगि दो वषु से से पीडडि हो गये ि।े

2. यह कि श्री ............ िा िाफी लम्बी बीमारी िे बाद ददनािं ............ िो थवगवु ास हो गया िा। िब वादी
अपने मिृ ि वपिा िा अजन्िम सथं िार िरने गावाँ मंे पहयँािा और अन्य सथं िारों िो परू ्ु िरने िे वाथिे वहीं
रहा िो उसे किसी ववश्वसनीय स्रोि से पिा िला कि श्री. प्रतिवादी िो कि उसिे वपिा िा पक्िा लमत्र िा,
िे द्वारा उनसे जिले िी रजिथरी िायालु य हेिय िोई पत्र ले ललया गया िा और उसिे वपिा िी िाश्ििारी
िी भलू म जथिि ग्राम............. िा गलि ब्यानी और अनधय िि प्रभाव से बनै ामा िरा ललया है।

3. यह कि गलि ब्यानी और अनधय िि प्रभाव िे िारर् उपरोक्ि बनै ामा अवधै है और इस िारर् से भी कि
उपरोक्ि श्री ............ अपनी सामान्य होश हवास में लम्बी बीमारी िे िारर् नहीं िे बनै ामा अवधै है िो कि
रद्द किया िाना आवश्यि है।

4. यह कि वाद िा हेििय (cause of action) ददनािं ............ िो िब उत्पन्न हयआ िब उक्ि बनै ामा
तनष्पाददि व पिं ीिृ ि हयआ िो कि इस मान्य न्यायालय िे िायकु ्षेत्र मंे है।

5. यह कि न्यायालय िे क्षते ्राधधिार व न्याय शलय ्ि िे उद्देश्य से वाद िा मलू ्यािं न अिं न रु० ............ किया
गया और उसी पर न्याय शलय ्ि िा भगय िान किया गया है ।

प्रार्नि ा

इस वाद पत्र द्वारा इस अनिय ोष िी मााँग िी िािी है कि ववक्रय पत्र (बनै ामा) ददनाि ........... िो कि श्री ............ द्वारा
श्री............ प्रतिवादी िे हि में तनष्पाददि किया गया है। रद्द किया िाये और वाद िा हिाु खिाु भी वादी िो प्रतिवादी
से ददलाया िाये।

वादी............
द्वारा अधिवक्ता.........

सत्यापन

मैं कि ........... वादी यह सत्यावपि िरिा हूाँ कि वाद पत्र िे परै ा 1, 2 और 3 िा ििन मरा तनिी िानिारी में सत्य हंै
और परै ा 4 और 5 िा ििन िाननय ी सलाह पर आधाररि हंै िो मेरे ववश्वास में सत्य हंै।

सत्यापन - ददनांि ............ थिान ............ ददन ............ (वादी)

ववननर्दिष्ट अनतु ोष अधिननयि, 1963 की िारा 34 के अन्तगति वाद

(Suit u/sec. 34 of the Specific Relief Act, 1963)

न्यायालय ............
वाद नंबर ............ सन् .. ..........

अ०ब०स० ............ बनाम वादी
स०द० फ० ............ प्रतिवादी

श्रीमान िी,
उपरोक्ि नामाकं िि वादी तनम्न प्रिार सववनय तनवदे न िरिा है :

1. यह कि इस वाद पत्र से सलं ग्न पररलशष्ि मंे वखर्िु सम्पवि िा वादी थवामी व िाबबि है। जिससे प्रतिवादी
िा िोई सम्बन्ध नहीं है।

2. यह कि प्रतिवादी द्वारा ददनािं ............ िो वादी िो वादी िे थवालमत्व िो इन्िार िरिे हयएएि नोदिस
िामील िराया गया है जिसमें उसे िीस ददनों िे अन्दर (नोदिस िामील होने स)े वववाददि सम्पवि िो
प्रतिवादी िो सौंपने िो िहा गया है।

3. यह कि वादी वाद पत्र में वखर्िु सम्पवि िा थवामी व िाबबि होने िे अधधिार िे अन्िगिु उसिा तनरन्िर
उपयोग िर रहा है। वादी िो थवालमत्व व िब्िा िी घोषर्ा िे अतिररक्ि अन्य अनिय ोष िी आवश्यििा
नहीं है ।

4. यह कि वाद िा िारर् ददनािाँ ............ िो प्रतिवादी िे नोदिस में वादी िे थवालमत्व िा इन्िार िरने व
िब्िा मागाँ ने से माननीय न्यायालय िे क्षते ्राधधिार मंे उत्पन्न हयआ। मान्य न्यायालय िो वाद िे श्रवर्
िा क्षते ्राधधिार है।

5. यह कि न्यायालय िे क्षेत्राधधिार व न्याय शलय ्ि िे उद्देश्य से वाद िा मलू ्यांिन ........... रु० पर किया
िािा है और धोषर्ा िे ललए अपेक्षक्षि न्याय शलय ्ि भगय िान किया िािा है।

अि: प्रािनु ा तनम्न प्रिार है;

(ि) वाद पत्र में सलं ग्न पररलशष्ि में वखर्िु सम्पवि पर वादी िा थवालमत्व ििा िब्िा, एवं स पर िब्िा बनाये
रखने िा अधधिार घोवषि िरने िी िृ पा िरें।
(ख) वादी िो प्रतिवादी से वाद िा व्यय भी ददलाने िी िृ पा िरें।

पररलशष्ि सलं ग्न हैं।

र्दनाांक ......

वादी ..........
द्वारा अधिवक्ता .....

सत्यापन

मै की ............ वादी यह सत्यावपि िरिा हूाँ कि वाद पत्र िी धारा 1 व 2 िा ििन मेरी निारा में सत्य है ििा धारा 3
व 4 िा ििन िाननय ी सलाह पर आधाररि है िो मर ववश्वास है। िछ भी तछपाया नहीं गया है।

स्र्ान ............ र्दनांाक ......

वादी ..........

शनाख्त अधिवक्ता.........

1. ववननर्दिष्ट अनपु ािन के लिए वाद

............... न्यायालय
वाद स.ं .................... सन ् २०२१

अबक बनाम ........ वादी
कखग ......... प्रतिवादी

ऊपर नालित ककया गया वादी ननम्नलिखित रूप िें अनत सादर पवू कि ननवदे न करता है –

1. ददनाकं िि ............................. ििा प्रतिवादी द्वारा हथिाक्षररि एि िरार द्वारा उसने रुपये िी एि
धनरालश िे ललए उसमें वखर्िु ििा तनददुष्ि ितिपय अिल सम्पवि वादी िो बिे ने खरीदने (उसिो बिे ने
िे ललए सवं वदा िी)।

2. वादी ने उसिी ओर से िरार िा अनपय ालन िरने िे ललए ववलशष्ि िौर पर प्रतिवादी । िो आवदे न किया
लके िन प्रतिवादी ने वसै ा नहीं किया है।

3. वादी उसिी ओर से िरार िा ववतनददुष्ि िौर पर अनपय ालन िरने िर रहा है और अभी भी ियै ार है एवम
इच्छा िर रहा है जिसिो प्रतिवादी िो सिू ना िी।

4. वाद हेििय िारीख ............................. िो उत्पन्न हयआ िब प्रतिवादी ने सवं वदा िे अपने भाग िा
अनपय ालन िरने से इिं ार िर ददया और इस न्यायालय िे पास वाद िा वविारर् िरने िी अधधिाररिा है।

5. वाद िा मलू ्यांिन सम्पवि िे प्रथिाववि ववक्रय मलू ्य ............................ रुपये पर किया जाता है और
न्यायालय फीस िा िदनसार सदं ाय किया िािा है।

दावाकृ त अनतु ोष :

वादी यह दावा िरिा है कि न्यायालय िरार िा ववतनददुष्ि िौर पर अनपय ालन िरने िे ललए ििा िधिि
सम्पवि पर वादी िा परू ्ु िब्िा रखने िे ललए या िधिि सम्पवि एि अिं रर् एवम ्िब्िा थवीिि िरने िे ललए और
वाद िे खिु िा सदं ाय िरने िे ललए आवश्यि सभी िायों िो िरने िा प्रतिवादी िो आदेश देगा।

वादी
िररये अधधवक्िा

सत्यापन
मैं ऊपर नालमि वादी, एिद् द्वारा सत्यावपि िरिा हूँा, कि वादपत्र िे परै ा ............. ...... ......
........... .... .. लगायि .................................. िी अन्िवथु िय मरे ी व्यजक्िगि िानिारी में सत्य
है और ................................... परै ा िे वे सभी ििा उसिा.......... उस ववधधि सलाह पर आधाररि
है। जिसे मैं सत्य होने िा ववश्वास िरिा हूाँ।
मंै इस ददनांि ....... िो सत्यावपि किया गया।

वादी

2. ववननर्दिष्ट अनुपािन के लिए वाद

............... न्यायालय
वाद स.ं .................... सन ् २०२१

अबक बनाम ........ वादी
कखग ......... प्रतिवादी

ऊपर नालित ककया गया वादी ननम्नलिखित रूप िंे अनत सादरपवू कि ननवदे न करता है -
1. िारीख ........................... िो वादी एवम ् प्रतिवाददयों ने ललखखि रूप से िरार किया और मलू दथिाविे िो इसिे
साि उपाबद्ध किया गया। प्रतिवादी िरार में अिल सम्पवि िा आत्यतं िि िौर पर हिदार िा।
2. िारीख ............................ िो वादी ने प्रतिवादी िो ............................ रुपये ददया और एि पयाुप्ि ललखि द्वारा
िधिि सम्पवि िे अिं रर् िी मााँग िी।
3. िारीख ............................ िो वादी ने पनय ः ऐसे अिं रर् िी मांग िी (या प्रतिवादी ने वादी िो उसिा अिं रर् िरने
से इिं ार िर ददया)
4. प्रतिवादी ने अिं रर् िे किसी भी ललखि िा तनष्पादन नहीं किया है।
5. वादी प्रतिवादी िो िधिि सम्पवि िा क्रय धन िा सदं ाय िरने िे ललए अभी ियै ार एवम ्इच्छा िर रहा है।

6. वाद हेििय िारीख ........................... िो उत्पन्न हयआ िब प्रतिवादी वादी िो सम्पवि िा अिं रर् िरने से इिं ार िर
ददया और इस न्यायालय िे पास वाद िा वविारर् िरने िी अधधिाररिा है।
7. वाद िा मलू ्यािं न िधिि अिं रर् िी िरार पायी गयी प्रतिफल .............. रुपये पर किया िािा है।

दावाकृ त अनतु ोष :
वादी दावा िरिा है :
(1) यह कि प्रतिवादी एि पयापु ्ि ललखि द्वारा वादी िो िधिि सम्पवि िा अन्िरर् िरने िे ललए:
(2) उसिो ही थिधगि िरने िे ललए ............. रुपये प्रतििर;

वादी
िररये अधधवक्िा
सत्यापन
मंै ऊपर नालमि वादी, एिद् द्वारा सत्यावपि िरिा हूँा, कि वादपत्र िे परै ा ............. ...... ......
........... .... .. लगायि .................................. िी अन्िवथु िय मरे ी व्यजक्िगि िानिारी मंे सत्य
है और ................................... परै ा िे वे सभी ििा उसिा.......... उस ववधधि सलाह पर आधाररि
है। जिसे मंै सत्य होने िा ववश्वास िरिा हूँा। मैं इस ददनांि ....... िो सत्यावपि किया गया।

वादी

7. ववननर्दिष्ट अनपु ािन द्वारा पनु ःस्र्ापन तर्ा बकाया वपछिी िजदरू ी (या वते न) के लिए वाद

............... न्यायालय
वाद स.ं .................... सन ् २०२१

अबक बनाम ........ वादी
कखग ......... प्रतिवादी

ऊपर नालित ककया गया वादी ननम्नलिखित रूप िें अनत सादर पवू कि ननवेदन करता है –

1. िारीख ............................. वादी एवम ् प्रतिवादी िे बीि परथपर यह िरार हयआ कि वादी िो (एि
लेखािार, या फोरमनै िी सामथ्यु मंे या यिाजथिति), िे रूप में प्रतिवादी पर िामील िरना िादहए और यह
कि प्रतिवादी एि वषु िी िालावधध िे ललए ऐसे रूप मंे वादी िो तनयोजिि िरना िादहए और
............................................ रुपये उसिी सवे ा िे ललए उसिो सदं ाय िरना िादहए। (मालसि िौर पर)

2. िारीख ............................................ िो वादी ऐसी सवे ा मंे प्रतिवादी िी सवे ाओं पर प्रवशे किया और
सदा से रहा है और अभी भी िधिि वषु िे शषे रहने िे दौरान ऐसी सवे ाओं में बने रहने िो ियै ार हैं और
इच्छा िर रहा है जिसिी प्रतिवादी िो सदैव सिू ना होिी है।

3. िारीख ............................................ िो प्रतिवादी ने दोषपरू ्ु ढंग से वादी िो तनमोधिि िर ददया एवम ्
यिापरोक्ि िामील िरने िे ललए उसिो अनजय ्ञा प्रदान िरने से इिं ार िर ददया या उसिी सवे ाओं िे ललए
उसिो सदं ाय िरने से इिं ार िर ददया।

4. वाद हेििय इस न्यायालय िी अधधिाररिा िे अन्दर पदै ा हयआ िब प्रतिवादी ने उसिी अजििु वपछली
मिदरू ी एवम ् देय िा सदं ाय किये बबना िारीख ...................................... िो वादी िी तनमोधिि िर
ददया।

5. अधधिाररिा िे प्रयोिनािु वाद िा मलू ्यािं न रुपये है और न्यायालय फीस िे प्रयोिनािु अधधिाररिा िा
अनिय ोष ........................................... रुपये है और न्यायालय फीस िा दोनों अनिय ोषों पर सदं ाय किया
िािा है।

6. सवय वधा िा सिं लय न वादी िमिु ारी िे पक्ष में है और यह समीिीन है कि वादी िो प्रतिवादी िी सेवा मंे यिा
पवू ु िर ददया िाय और उसिी वपछली मिदरू रयां ििा वाद िालीन मिदरू रयां वादी िो सदं ाय किया िानेिा
आदेश किया िाय।

वादी
िररये अधधवक्िा
सत्यापन
मैं ऊपर नालमि वादी, एिद् द्वारा सत्यावपि िरिा हूँा, कि वादपत्र िे परै ा ............. ...... ......
........... .... .. लगायि .................................. िी अन्िवथु िय मरे ी व्यजक्िगि िानिारी मंे सत्य
है और ................................... परै ा िे वे सभी ििा उसिा.......... उस ववधधि सलाह पर आधाररि
है। जिसे मंै सत्य होने िा ववश्वास िरिा हूँा। मंै इस ददनािं ....... िो सत्यावपि किया गया।

वादी

ववननर्दिष्ट अनपु ािन हेतु वाद (न०ंा 2)

Suit for Specific Performance (No. 2)

(प्रारूप साखं ्या 47 पररलशष्ट क सीपीसी देिें)

न्यायालय ............

अ० ब०स० ............ बनाि वािी
स०ि० फ० ............ प्रततवािी

श्रीमान जी,
उपरोक्त नामांका कत वािी तनम्न प्रकार सववनय तनविे न करता है :

श्रीमान िी,
उपरोक्ि नामांकिि वादी तनम्न प्रिार सववनय तनवदे न िरिा है :

1. 1. यह कि ददनािं ............ िो वादी और प्रतिवादी द्वारा ............ रु० मंे वखर्िु अिल सम्पवि िे ववक्रय
िा एि अनबय न्ध ललखखि में तनष्पाददि किया गया िा। दथिाविे िी मलू प्रति इस वाद पत्र िे साि सलं ग्न
है । अनबय न्ध पिं ीिृ ि है।

2. यह कि दथिाविे मंे ददये गये वववरर्ानसय ार प्रतिवादी परू ्िु या अिल सम्पवि िा हिदार िा। अनबय न्ध में
वखर्िु समय सवं वदा िा ममु नहीं िा।

3. यह कि ददनािं ............ िो वादी द्वारा प्रतिवादी िे अिं न रु० ........... तनववददि किये गये िे और पयापु ्ि
ललखि तनष्पाददि िरिे उक्ि सम्पवि िो अिं ररि िरने िा अनरय ोध किया गया िा किन्िय प्रतिवादी द्वारा
वादी िे नाम मंे अिं रर् िरने से मना िर ददया गया)।

4. यह कि प्रतिवादी द्वारा सम्पवि िे अिं रर् िरने िा िोई दथिाविे नहीं ललखा गया । अनबय न्ध िा उलघं न
किया है

5. यह कि वादी सदैव इच्छय ि व ियै ार रहा है। अब भी इच्छय ि और ियै ार है कि वह प्रतिवादी िो क्रय मलू ्य
अदा िर दे।

6. यह कि वाद िा हेििय ददनािँा ............ िो ववक्रय अनबन्ध िो तनष्पाददि व पिं ीिृ ि होने से ििा ददनािाँ
............ िो अनबय न्ध िा अनपय ालन िरने से इन्िार िरने से माननाय न्यायालय िे क्षते ्राअधधिार में
उत्पन्न हयआ और मान्य न्यायालय िे वाद िे श्रवर् िा क्षते ्राधधिार प्राप्ि है।

7. यह कि वाद िा मलू ्यांिन न्यायालय िे िायु क्षेत्र हेि अिं न रु० ............. है और न्याय शलय ्ि िे वाथिे
अिं न रु० ............. है। िदानसय ार न्याय शलय ्ि भगय िान किया िािा है ।

8. वादी तनम्न प्रिार अनिय ोष िी प्रािनु ा िरिा है :

I. प्रतिवादी द्वारा उक्ि सम्पवि िा अिं रर् वादी िो पयापु ्ि ललखि िे आधार पर प्राििा लिे र तनष्पाददि
िराने व अन्िरर् िे साि िब्िा ददलाने िा आदेश देने िी िृ पा िरंे।

II. अिं न रु० ............. प्रतििर इसे रोिे िाने िे ऐवि मंे ददलाया िाये । ििा वाद ददलाया िाव।े

वादी ......
द्वारा अधिवक्ता.......

सत्यापन

मैं कि वादी........... यह सत्यावपि िरिा हूाँ कि वाद पत्र िे परै ा 1 ििा 5 िि िा ििन मरे ी तनिी िानिारी मंे सत्य हंै
और परै ा 6.7.8 िा ििन िाननी सलाह पर आधाररि हंै िो मरे े ववश्वास में सत्य ह।ंै

सत्यावपि - थिान ............ ददनािं ............ (वादी)

ववननर्दिष्ट सहायता अधिननयि, 1963

(Specific Relief Act)

(ववननर्दिष्ट अनपु ािन (नबंा र 1) के लिए वाद)

(Suit for Specific Performance No. 1)

(प्रारूप साखं ्या 47 पररलशष्ट A सी०पी०सी० देिंे)

न्यायालय ............

अ० ब०स० ............ बनाि वादी
स०द० फ० ............ प्रतिवादी

श्रीमान िी,
उपरोक्ि नामाकं िि वादी तनम्न प्रिार सववनय तनवेदन िरिा है :

1. यह कि एि पिं ीिृ ि अनबय न्ध ददनाँाि ............ िो प्रतिवादी द्वारा तनष्पाददि व हथिाक्षररि वादी स/े िो
एि अिल सम्पवि क्रय/ववक्रय किये िाने हेिय प्रतिफल अिं न ......... रु० में किया गया िा जिसिा सम्परू ्ु
वववरर् उसमें अकं िि है । सम्पवि िा वववरर् वाद पत्र िे अन्ि में ददया िा रहा है

2. यह है कि वादी द्वारा प्रतिवादी िो उक्ि अनबय न्ध िा ववतनददुष्ि अनपय ालन िरने हेिय आवेदन किया गया
परन्िय प्रतिवादी द्वारा ऐसा नहीं किया गया और ददनािाँ ............ िो इन्िार किया गया।

3. यह कि वादी उक्ि अनबय न्ध िा अनपय ालन िरने हेिय पहले से सदैव ियै ार व इच्छय ि रहा है और अब भी
ियै ार है और इच्छय ि है जिसिा प्रतिवादी िो पवू ु से ही परू ्ु ज्ञान है।

4. यह कि वाद िा िारर् प्रतिवादी द्वारा ददनाािँ ............ िो पिं ीिृ ि अनबय न्ध तनष्पाददि व हथिाक्षररि
िरने और ददनािँा ............ िो अनबय न्ध िा ववतनददुष्ि अनपय ालन िरने से इन्िार िरने पर माननीय
न्यायालय िे क्षते ्राधधिार मंे उत्पन्न हयआ और न्यायालय िो वाद िे श्रवर् िा क्षते ्राधधिार प्राप्ि है।

5. यह कि न्यायालय िे क्षते ्राधधिार िे ललए वाद िा मलू ्यांिन ............ रु० पर व न्याय शलय ्ि हेिय ............
रु० पर किया िािा है और िदानसय ार न्याय शलय ्ि भगय िान किया िािा है।

अि: वादी प्रािनु ा िरिा है कि प्रतिवादी िो अनबय न्ध िा ववतनददुष्ि अनपय ालन िरने हेिय ििा वाद पत्र मंे वखर्िु
सम्पवि पर वादी िो िब्िा लमल िाने/अन्िरर् व िब्िा थवीिार िरने, िे सभी आवश्यि िायु िरने हेिय आदेश
ददया िावे और वाद व्यय ददलाया िावे –

र्दनांाक ............
......... सम्पवि का वववरण

...............................

वादी.........
द्वारा अधिवक्ता ............

सत्यापन

मंे कि ............ वादी यह सत्यावपि िरिा हूँा कि इस वाद पत्र िे परै ा ............से.......... िि मेरी तनिी िानिारी मंे
सत्य हैं और परै ा ............ से ............ िि िाननू ी सलाह पर आधाररि हैं िो मरे े ववश्वास में सत्य ह।ंै

सत्यावपि - -थिान ........... ददनांि.........वािी

स्र्ायी व्यादेश के लिए वाद

............... न्यायालय
वाद स.ं .................... सन ् २०२१

अबक बनाम ........ वादी
कखग ......... प्रतिवादी

सादर प्रदलशति करता है -

1. यह कि वादी अपनी मािा, पत्नी एवम ् सिं ानों िे साि गि लगभग नौ वषों से एि किरायेदार िी हैलसयि
से भवन स.ं 1 . .............................. में तनवास िर रहा है।

2. यह कि वषु ............ ................... िि वादी भवन स.ं ............................. िे पररसर में तनलमिु किये
गये दिनसिे में तनवास िर रहा है।

3. यह कि वादी ने अपने थवयम ् िी लागि पर उस पर पक्िा िमरा एवम ् रसोई घर िा तनमारु ् िराया है।
एि िमरा ििा रसोई घर िे तनमारु ् िे ललए वादी द्वारा क्रय िी गयी सामग्री से सम्बजन्धि ितिपय
उपलब्ध रसीदे इसिे साि उपाबद्ध िी िािी है और उपाबन्ध ि-1 िे रुप में सामदू हि िौर पर धिन्हांकिि
िी िािी ह।ंै

4. यह कि वादी एि गरीब व्यजक्ि और अपनी पत्नी एवम ् माँा से पिृ ि िीन अप्राप्िवय सिं ानों िे ललए रोिी-
रोिी िमाने वाला है और अपनी िीविोपािनु िरने िे ललए िधिि भवन िे बाहर एि लघय दाबा िला रहा
है।

5. यह कि वादी निद रुप में प्रतिवादी स.ं 1 िो तनयलमि रुप से किराये िे रूप में ............................... रुपये
प्रतिमाह सदं ाय िर रहा है। कफर भी िोई रसीद िधिि किराया िा भगय िान िरने िी ददशा में नहीं िारी िी
िा रही है।

6. यह कि प्रतिवादी स.ं 1 िे पतय ्रगर् प्रतिवादी स.ं 2 एवम ् 3 या िो पररसर िो खाली िरने या गभं ीर पररर्ामों
िा सामना िरने िी वादी िो धमिी दे रहे हंै।

7. यह कि िारीख ............................... िो अपने साधियों िे साि-साि प्रतिवादी स.ं 1 गन्दी एवम ्अपमान
िनि भाषा िा प्रयोग िरिे हयए िमरे में प्रवशे किये और वादी िो मारना-पीिना शरय ू िर ददये।

8. यह कि वादी ने िारीख .............................. िो िाना - भार साधि िो मामले िी सिू ना दी और प्रिम
सिना ररपोिु दिु िरायी। इिने पर भी िोई सरं क्षर् पलय लस द्वारा वादी िो नहीं प्रदान किया गया।

9. यह कि वादी एि िाननू िा अनपय ालन िरने वाला नागररि है और अपने थवयं िे छोिे िारबार में थवयमेव
िा पनवु ास किया है अिः प्रतिवादी स.ं 2 एवम ् 3 वे असरदार या प्रभावशाली व्यजक्ि है िो अपने थवयं िे
हािों मंे िाननू लेने में ववश्वास िरिे हंै और बल प्रयोग िरने में भी ववश्वास िरिे हं।ै

10. यह प्रतिवादीगर् अपनी शजक्ि एवम ् धन िे प्रयोग िे िररये वादी एवम ् उसिे पररवार िी बलाि बदे खली
द्वारा िमरा एवम ् रसोई घर िो हडप लेने पर िलय े ह।ैं

11. यह कि प्रतिवाददयों िे िायु अवधै ातनि, मनमाना एवम अनसय मधििु ििा न्याय िे सभी लसद्धान्िों िे
ववरुद्ध है और वे ववतनददुष्ि अनिय ोष अधधतनयम िी धारा 30 िे अधीन थिायी व्यादेश िी एि डिक्री पाररि
िरिे अवरुद्ध किया िाने योग्य है िो मामले िी पररजथितियों मात्र से प्रभाविारी है।

12. यह कि प्रिम वाद हेििय िारीख .............................. िो प्रतिवाददयों िे ववरुद्ध वादी िा प्रोदभिू हयआ
िब वे अपमानिनि भाषा िा प्रयोग िरिे हयए प्रतिवाददयों िे िमरे मंे प्रवेश किये और उसिो मारना
पीिना प्रारम्भ िर ददये। वाद हेििय वादी िे पक्ष मंे िारीख .............................. िो उत्पन्न हयआ िब
अपने बल प्रयोग िे साि प्रतिवादी स.ं 2 एवम ् 3 बाहर से वादी िे तनवास थिान पर िाला लगा ददया।
प्रथििय वाद िो दाखखल िरने िा वाद हेििय अभी भी अजथित्वशील है, और प्रतिवाददयों िे इस माननीय

न्यायालय िी डिक्री द्वारा अवरुद्ध किया िाने िि वादी िे पक्ष मंे अजथित्व रखना िालू रहेगा िैसे कि
प्रािनु ा िी गयी।
13. यह कि पक्षिारगर् ददल्ली में तनवास िरिे हंै और वववादग्रथि वाद सम्पवि ददल्ली में जथिि है इसललए
इस आदरर्ीय न्यायालय िे पास वाद िो ग्रहर् िरने ििा वविारर् िरने िी अधधिाररिा है।
14. यह कि अधधिाररिा एवम ् न्यायालय फीस िे प्रयोिनािु वाद िे मलू ्य िा तनधारु र् 130 रुपये किया िािा
है जिसिे ललए थिायी व्यादेश िे अनिय ोष हेिय अपके ्षक्षि न्यायालय फीसवादपत्र पर लगायी गयी है। सदं ाय
िर दी िािी है।

प्रार्नि ा

अिएव, यह अतिसादर पवू िु प्रािनु ा िी िािी है कि यह माननीय न्यायालय, ववधध िी तनम्नललखखि
आदेलशिा िे बबना वादी द्वारा पररसर भवन स.ं . ............................... िे शाजन्िपरू ्ु िब्ि,े अधधभोग, उपभोग एवम ्
प्रयोग में उनिे अलभििाओु ं, सवे िों नािदे ारों इत्यादद प्रतिवादी स. 1 लगायि 3 िो थिायी िौर पर अवरुद्ध िरने
वाला वादी िे पक्ष मंे ििा ििा प्रतिवाददयों िे ववरुद्ध एि थिायी व्यादेश िो डिक्री िो मिं ूर िरने िी िृ पा िरंे।

ऐसे अन्य अनिय ोष जिसे यह माननीय न्यायालय मामले िी पररजथितियों में उधिि समझे, िो भी मिं ूर िरने
िी िृ पा िरें।

वादी
िररये अधधवक्िा

सत्यापन

मंै ऊपर नालमि वादी, एिद् द्वारा सत्यावपि िरिा हूाँ, कि वादपत्र िे परै ा ............. ...... ......
........... .... .. लगायि .................................. िी अन्िवथु िय मेरी व्यजक्िगि िानिारी मंे सत्य
है और ................................... परै ा िे वे सभी ििा उसिा.......... उस ववधधि सलाह पर आधाररि
है। जिसे मंै सत्य होने िा ववश्वास िरिा हूाँ।

मैं इस ददनांि ....... िो सत्यावपि किया गया।

वादी


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