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Articles, Poems, Posters of the students, All Activities, Programmes, Events etc held during the year 2019-2020 compiled in the e-flipbook. Created using AnyFlip Website.

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Published by NILESH PAI, 2023-03-24 00:17:06

Don Bosco HSS Panjim Goa Annual Magazine 2019-2020

Articles, Poems, Posters of the students, All Activities, Programmes, Events etc held during the year 2019-2020 compiled in the e-flipbook. Created using AnyFlip Website.

Keywords: #DBHSSPANJIMGOA_2019-20

HINDI SECTION डॉन बॉ को ! यह थान तो मेरे लए अ व मरणीय है। मेरे प त का दसवी तक का अ यापन इसी कल ू म हआ ु । यह ं के छा ावास म वे बढ़ पले । हमारा ववाह भी इसी प व मं दर म हआ ु । और तो मेरे तीन बेट का अ यापन भी इसी डॉन बॉ को म हआ ु । इस मा य मक व यालय म काम करने सेपहलेम पॉ यलर ु इंग लश कल ू म पढ़ाती थी । एक इन संगो ठ के दौरान मेर मलाक़ात ु अ य कल ू के श क – श काओ ं सेहई ु । एक दन म ट चर अजं ेला लोबो से मल जो डॉन बॉ को म ह द पढ़ाती थी । बात ह बात म उसने मझसु ेआ ह कया क म भी डॉन बॉ को म ह द पढ़ाने आ जाऊँ य क उस वष वहाँ ह द श क / श का क जगह खाल थी । मन े उसक बात मान ल और फादर बॉनी को दरखाव त देद । फादर ने मेरा इंटर य ू लया और मझ ु ेयहाँ कल ू म पढ़ाने का मौका मला । श ु – श ु म थोड़ी द कत अव य हई ु कारण सभी ब चे भ न – भ न े म सेथे । मन े सबको बड़ े यार से अपनाया उ ह सहारा भी और बड़ी न ता सेउनसेकहा “ आप लोग कोई भी हो ले कन इस क ा म आप सब लोग मेरे व याथ और म आपक श का , मेरे लए सभी ब चे समान है” । सभी ब च को बार क सेपरखा और जाना । कई ब च को ह द समझने म तकल फ होती तो सधे – सादे , आसन श द म उनको क वता और पाठ प ट करती थी । वा य क रचना के लए याकरण बहत ु ह ज र है यह बात मन े ब च को बताई और उसी के आधार पर वा य रचना , याकरण के पहलओ ु ं पर चचा करती । म अपना पा य म समय सेपहलेह परा ू करके उसका प रशोधन छा सेकरवा लेती थी । जन ू सेअ तबर ू तक नबंध , कहानी और पांच पांच प लेखन छा सेकरवा लेती ता क उ ह यह सब लखने क आदत पड़।े फर द पावल क छ य ु के माच तक म फर से रचना के वषय पर चचा करती थी । वा षक पर ा के बहत ु पहलेह पा य म परा करक ू े पनराव त करती ता क छा अ छ ु ृ तरह तयै ार हो जाएँ । इस तरह म पर ू को शश करती क मेरेछा ह द म पीछेन रह । हआ ु भी ऐसा ह । छा भी मन लगाकर ह द पढ़त े और अपनी सार पर ाओ ं म अ छ तरह उ तीण होत े। ऐसेछा आए और गए और अपनी को शश , लगन क और ह द म उनक बढ़ती ची क छाप मेरे दल दमाग पर छोड़ गए । फादर बॉनी के बाद धानाचाय के प म फादर लकस ू आए । फादर लकस ू को ह द क अ छ जानकार थी । वे अ सर मझसु े ह द म ह वाता लाप करत े। फादर लकस ू डॉन बॉ को को मा य मक से उ च मा य मक कल ू बनाना चाहत ेथे । उनक यह अ भलाषा १९९४ को साकार हई ु जब उ ह श ा वभाग सेइस काय के लए अनम त ु मल और दै नक अखबार म श क के लए इि तहार छपा। इस इि तहार म ह द श का के बार म भी था । बस या उसी दन मन े अपनी दरखा त पेश कर द और इस कार मा य मक से उ च मा य मक म मेर पदो न त हई ु । उ चमा य मक म पढ़ाने का मेरा सपना भी साकार हआ। ु ह द के छा – छा ाएँ वा ण य, व ान और कला इन सभी े णय म सेथे । बहत ु ह यारे व याथ थे । मेरा पढ़ना भी उ ह खब ु भाता था । ये व याथ याराहवीं और बारहवीं तक ह रहत े । इस कार तवष व याथ आत े और चलेजात े। फर जसै ा क नयम हैअ ावन या साठ साल क उ म काम से नवत ृ होना ह पड़ता है। अ ावन वष क उ म म नवत ृ हई ु । डॉन बॉ को कल ू का वातावरण, यहाँ के सभी फादस , दस , श क गण और व याथ गण सब सेमानो यि तगत सा नाता बन गया है िजसे भलाए ु भी भलाया ु नह ं जा सकता । डॉन बॉ को मेरा दसरा ू घर है। यहाँ सब एक दसर ू े से यार सेबात ेकरत ेहै, स मान सेपेश आत ेहै। फादर सा वयो जी क तो पछो ू ह मत ! वे भी मझसु ेस मान से पेश आत े है , मझ ु े देखकर बहत ु खश ु होत े है । उ ह ं के अनरोध ु पर मन े कलम उठाई और लख डाला यह मामल ू सा लेख । बहत ु बहत ु श या ु फादर सा वयो जी को क उ ह ने मझ ु े इस लायक समझा क म भी अपने वचार ह द म कट कर सकँू। डॉन बॉ को उ चमा य मक और कॉलेज भी दन दन तर क करता रहे। इसी तरह यवा ु पीढ़ को श त करता रहे । यहाँ के श क गण , ाचाय और सभी छोटे बड़ े, कायक ता ओ ं को मेर ढेर सार शभकामनाएँ ु और सवश ि तमान पता परमे वर का आशीवा द आप सब पर रहे। ।।डॉन बॉ को द घा य ुहो।। जेनी फेना डीस नव त श का ( ह द वभाग ) ृ अ यापन अनभव ु उ च मा य मक क खबसरत याद ू ू 99


माँ का साया िजंदगी क कड़ी धप म ू छाया मझ पर क ु खड़ी रहती है सदा माँ मेरे लए । माँ के आचँ ल म आकार हर दख भल जाँऊ ु ू हाथ रखे जो सर पे चनै से म सो जाँऊ ।। वो जाने मझ ु े यादा , वो चाहे मझ ु े सबसे यादा मेर हर खशी क ु े लए सदा खड़ी रहती है मेरे लए । हर चोट का माँ है एकलौता मरहम गोद म उसके सर रखके मट जाए सारे गम ।। िजंदगी क हर घड़ी म साथ उसका है ज र माँ के साथ बना हर खशी ह ु ै अधर । ू इस द नया क ु े काँट को फल बनाए हए ू ु खड़ी रहती है सदा माँ मेरे लए ।। वाय डा फेना डीस XII वा ण य ग ु भावी नमा ण के सहयोगी ह ग ु न ैतक म य क ू े त न ठा जगात े है ग । ु समाज के लए वरदान ह ग ु करत े है उ चत माग का अनसरण । ु सखात े ह हमे नयम का प रपालन ान के त जगात े ह आकषण । श टाचार के काश से आलो कत सदाचार के आभषण स ू े अलंकत । ृ उ न त के शखर पर पहुँचने के लए े रत करत े है ग । ु व भ न ान –शाखाओ ं , कलाओ ं के े म हमे ग तशील बनात े ह ग ।। ु यार , नेह और ी त के अलंकार है ग ु ई वर , भ ु, जगद श परमे वर और परमा मा। सभी नाम म समाज ह ग ु ध य ह वे , िज ह कहत े ह हम ग ।। ु म बाह शखे XI व ान HINDI SECTION मेर पहचान अजनबी सी हूँ इस जीवन म बेखबर सी हूँ इस द नया स ु े आईने के सामने खड़ी गीन रह हूँ घ ड़या िजंदगी क थम जाए ये पल यह क जाए ये जीवन यह आखँ से बरसती है बा रश जाने अनजाने आधर रह गई वाईश ु माँ बाप क बन गई म जान पर य न बन पायी इनके ह ठ क म कान ु हर बार को शश क कछ नया पाना ु पर इस नयेपन म भला दया पराना सपना ु ु आज कहती हूँ आपसे अधर ह ु ै िजंदगी जाने कब से अब दया चाहगी म ु आपसे म तो पराई हई सबस ु े आसमान म उड रहे थे पंछ काश इनक जगह म होती हरपल यह सोचती काश म भी खल क ु े जी पाती डपं ल शाह XI वा ण य 100


HINDI SECTION नद ष आज एक बेट ने ज म लया । अपने आखँ म उसने, इस अनठ द नया क सौ यता को क ु ु ैद कया इसम ------- या गलती थी उसक ? अपनी ता और सरलता से पर द नया को अपनी हथेल पर रख ू ु दया । पर इस मायाजाल के राज से अजं ान बनी थी , इसम ------ या गलती थी उसक ? बस वतं ता से जीने क इ छा थी उसके चंचल मन म न पसै से मोह , न घणा साधारण ृ भावनाएं थी उसक इसम ----- या गलती थी उसक ? अब , या ज रत थी उन द रदं को उस नज रए से उसे देखने क जब चीर रहे मन को उसके इसम ----- या गलती थी उसक ? ऐसी ह नभय ा और आ सफा का लयाँ बेगनाह होकर भी अमर हई ु ु या उन र ा णय ने एक बार भी नह ं सोचा ु क जीने क भी इ छा थी उनक ? साशा मडकईकर XI व ान क तृ क त ह ृ ै क त ृ ई वर क बनाई हई ु संदर आक त ु ृ रंग बदलती रहती है ये कभी पील , कभी नील , नारंगी या गलाबी ु हरयाल है इसक जमीन और सतरंगा इं धन य ह ु ै आसमान पर स दय का भंडार है क त ृ मौसम क बहार है क त ृ पर लगता है इसको लग गई है कसी क नजर हर तरफ बरस रहा है बरबाद का कहर ! जागो इंसान जागो सँभाल लो इसको व त पर नह ं तो ख म हो जाएगी ये देखने को भी नह ं मलेगी नजर भर । ेया तलेगाँव XI व ान 101


HINDI SECTION फल ू छोटे छोटे पौधे पर खले है कतने ह रंग – बरंगे फल ू न ह न ह यारे यारे खच सबका मन अपने ओर यह फल । ू इस धरती को यह संदर बनात ु े जो भी इ ह देखे , इ ह ं के हो जात े चार ओर खशब ह ु ू ै फैलात े सब का मन है यह लभात ु े । बाग क है शान ये फल ू घर आगँ न को वग बनात े है फल ू ततल भवरे है आत े तब खशी स ु े अपना मध हु ै इ ह देत े फल । ू फल क तरह बन जाओ ू चार ओर ख शयां फ ु ैलाओं दसर क ु े लए जीना सीखो इस धरती को वग बनाओ ं । वेता काणकोणकर XI व ान कदरत ह भगवान ु कभी धप ु – चाँदनी कभी बादल हवा कभी बरखा ग ल तान होती ह ु ै । हैरतगज न काशी कण कण म भर कदरत व व क ु े ाण होती है । कदरत मौजद तो हमारा वजद ु ू ू पाबं दय से सजी लय ताल , तन होती है । नामम कन अलफाज ु े ऐ बयां कदरत बड़ी बलवान और महान होती ह ु ै । िजन बलं दय प ु े नाज तझु ,े बगाड़ना सवारना कदरत क ु े हाथ व ान के लए चनौ तयाँ स ु े भरा इि तहान होती है। ठती हमसे कदरती आपदाए बन ु मतलबी प रि थ त से जब परेशान होती है । रहमत वफा दो ती ममता समेटे कसी न कसी रंग म बंदगी क भाषा खब जानती हमजबा होती ह ु ु ै । तब चाहेगी एक बार , सौ बार चाहेगी तझ ु े योछावर कर रहमत े मेहरबान होती है । ढढत ु े िजसे मं दर, मि जद, ग वार ु गरजाघर म कदरत उस दाता का वरदान होती ह ु ै । मन क आखँ खोलोगे तो जान पाओगे तमु ंथ का मलू , स यम ् शवम ्संदरम ु ्भगवान होती है। इबादत े कदरत ह मो का वार ह ु ै यह परमोधाम, परमोधम, परम ान होती है । सया सि वक ू XI व ान 102


म हला सशि तकरण व व भर म म हलाओ ं को सश त बनाने क एक मो हम है िजससे क म हलाएं वंय अपने नणय ले सके और हमारे इस समाज और अपने प रवार के कई नजी दायर को तोड़कर अपने जीवन म आगेबढ़ सकत े है । आज के आध नक ु समय म म हला सशि तकरण एक वशषे चचा का वषय है । हमार आ द – ंथ म नार के मह व को मानत े हए ु यहाँ तक बताया गया ह क “ य न नाय त ु प य त ू े रम त ेत देवता : ” अथा त जहाँ नार क पजा ू होती है, वहाँ देवता नवास करत े है। रा के वकास म म हलाओ ं का मह व और आ धकार के बारेम समाज म जाग कता लाने के लए मात ृ दवस , अ तराि य म हला दवस आ द जसै े कई सारे काय म सरकार वारा चलाए जा रहेहै। आज के यग ु म म हलाएं सभी े म पायी जाती है। देशभर क म हलाएं देश को सभी े म आगे लेकर जा रह है । भारत म , म हलाओ ं को सश त बनाने के लए सबसे पहले समाज म उनके अ धकार और म य ू को मारने वाल उन सभी रा सी सोच को मारना ज र है, जसै े– दहेज था, अ श ा , यौन हसं ा , असमानता , ण ू ह या , म हलाओ ं के त घरेल ू हसं ा , व ैयाव त ृ , मानव त कर और ऐसेह दसर ु े वषय । नार चेतना प है । वह प रवार संचालन का उ तर दा य व संभालत ेहए ु भी समाज नमा ण म मह वपण ू योगदान दे सकती है । समाज क उ न त के लए आज क चेतना नार को वकास के लए व छ और उपय त ु पया वरण उपल ध करना पर ू मन य ु जाती का कत य है। समाज म नार और प ष ु दोन को एक बराबर का दजा मलना चा हए । िजस दन म हला और प ष ु के बीच का भेद –भाव ख म हो जाएगा उस दन हमारेसमाज म एक नए यग ु का आरंभ हो जाएगा । प ष ु के समान सभी े म म हलाओ ं को अ धकार देने के लए कानन ू बनाए गए , ले कन दभा य ु क बात है क म हलाओ ं को अ धकार देने के नाम पर रा य म हला नती को बने पं ह वष से यादा समय बीत गए पर आज भी म हला सशि तकरण नह ं हआ ु । भारत म भी ऐसी म हलाओ ं क कमी नह ं है िज ह ने समाज म बदलाव और म हला स मान के लए अपने अदं र के डर को भगा दया । ऐसी ह एक मसाल बनी सहारनपर ु क अ तया सावर । अ तया पहल ऐसी मि लम ु म हला है िज ह ने तीन तलाक के खलाफ आवाज बलंद ु क । हमारे देश म ऐसेकई उदाहरण हैजो म हला सशि तकरण का पया य बन रह है। इ क सवी सद नार जीवन म सख ु स भावनाओ ं क सद है । आज क नार अब जागत ृ और स य हो चक ु है । यग टा ु ु वामी ने बहत ु अ छ बात कह ं है“ नार जब अपने ऊपर थोपी हई ु बे ड़य एवं क ड़य को तोड़ने लगेगी तो व व क कोई शि त उसेनह ं रोक पाएँगी ।” आ था कोमरपंत XI व ान म हला सशि तकरण HINDI SECTION 103


नाम म या रखा हैऐसा हम कई बार कहत ेहै । ले कन नाम और सहनाम से आदमी के जगह क पहचान होती है। कई बार सहनाम सेहम आदमी के ज म थान का पता चलता है । गोवा म ह दे खये पेडणेकर, चोपडके र, काणकोणकर , वे लगं कर आ द सहनाम जगह से नगडीत है। देशभर म दे खए उ तर सेलेकर द ण तक कई सहनाम ऐसेहैक आदमी कस रा य से आया होगा इसका पता चलता ह । पाट ल, लोखंड,े जाधव आ द नाम महारा म पाये जात े है । मजा , रैना जसै े नाम ज म और ु क मीर सेहोत ेहै। ऐसेबहत ु ह सारेसहनाम है। वसै ेतो नाम और सहनाम बहत ु कछ ु दशा ता है । ब जीवी ु समझात ेहै, नाम म या रखा है एक आदमी क असल पहचान उसके काम से होती है। अगर आपका काम अ छा होगा , अलग ढंग का होगा , सह होगा तो द नया ु म आपका नाम गंज ु जाएगा ..... नाम सहनाम कैसा भी हो इससे आदमी क सह पहचान नह ं दखती । पर अभी भी इस संसार म आपको ऐसे यि त मल गे जो आपको आपके नाम के हसाब सेआपसेबता व कर गे, या आपको उस के आधार पर आदर द गे । आप सोच रहेह गेऐसा कैसेहो सकता है, यह हमेशा याद र खए क नाम के भी दो कार होत ेहै, एक तो नाम सहनाम वाला नाम और दसरा ू हैनाम वह जो आप अपनी मेहनत से कमात ेहै। कई ऐसे लोग हैजो बरा ु काम करके अपना और अपने प रवार का सर झका ु देत ेहै..... पर आपको ऐसा नह ं करना है। आपका अ र प नाम , सहनाम तो सफ आपक अपने माँ पताजी ने द हई ु भेट होती है। पर आपको कडी सेकडी मेहनत करनी पड़गे ी और कभी भी कसी भी पर ा का सामना करने क मता आप म रखनी होगी। आपको कभी भी हार मानकर पीछे नह ं हटाना है , ये सदा मरण म रखना क इस िजंदगी के र त पर हजार मि कल ु आएगी पर आपको उनका सामना करत ेरहना है। येमत कहो खदा ु सेमेर मि कल ु बड़ी है। उन मि कल ु सेकह दो मेरा खदा ु बड़ा है।। आपको सफ अपने काम और इस खदा ु पर व वास होना चा हए । आ खर म यह कहना चाहूँगी ' कम करो ऐसेभाई तम ु पड़ ेना फर पछताना ' नाम सहनाम कोई भी हो कम सेह आपक पहचान परूे संसार म हो जाएगी और आपका एक अ छा काय दसर ु े लोग के लए ेरणा कहलायेगी !!! व ैणवी यशवंत गाँवकर XI व ान नाम म या रखा है? HINDI SECTION 104


व वधता म एकता यह हमारे भारत देश क खा सयत ह । यहाँ बहत ु सारे जाती – धम के लोग रहत ेह । उनक अलग अलग परंपरायेतथा धा मक वचार धाराएँ है, हर एक धम के कई ंथ तथा महाप ष ु िजसे हम भगवान का प मानत ेह उनक उ पि त हई ु ह । जसै ेईसाईओ ं का येस ु त , मसलमान ु का अ लाह वसै ेह हदं ूधम म भी बहत ु सारेई वर के अवतार हए ु ह ऐसा माना जाता है । उसी म से एक है दशावतार । दशावतार ! भगवान व ण ुने अ छे लोग क र ा करने तथा बराई ु का नाश करके प वी ृ के र ण करने के लए हर उग म नया प धरण कया उसे ह दशावतार कहत े ह । हर एक अवतार क अलग वशषे ता ह । भगवान व ण ुने सबसे पहले म य अवतार धारण कया था । उसके बाद उ ह ने कमा वतार ु यानी एक कछए ु का प धारण कया िजसक वजह सेसम मंथन ु या अमतमंथन ृ म भगवान और रा स के य ु म भगवान क जीत हई ु थी । उनका तीसरा ह वराह अवतार । इस अवतार के बाद उ होने नर सहं अवतार धारण कया था इस अवतार का यह व ैश ट है क इसम भगवान आधा मन य ु और आधे जानवर थे । उनके भ त हाद को याय दलाने के लए भगवान व ण ुने यह नर सहं का अवतार लया था । वामन अवतार पाँचवा और परशराम ु अवतार उनका छटा अवतार ह । भ ु ी राम व ण ुका ह सातवा अवतार है । राम जी के बाद कसान का मह व दशा ने के लए भगवान व ण ुने बलराम के अवतार मेज म लया था । अ ं तम अवतार या न क क अवतार जो अब तक भगवान व ण ुने धारण नह ं कया है ले कन ऐसा माना जाता है क भ व य म ये अवतार बराई ु का नाश करने और अ छाई क र ा करने के लए धारण कर गे। हमारे भारत के सां क तक ृ और शा ीय न य ृ और ना य म इन दस अवतार के आधार पर न य ृ – ना टकाएँ अलग अलग रा य म तत ु क जाती ह । दशवातार क कहा नयाँ अ भनय के मा यम से े क तक पहुँचाई जाती ह । उन दस प का न य ृ ना टकाओ ं म नतक वारा क जानेवाल वेषभषा ू या व , आभषण ू और अ भनय के मधाम सेयेकथाएँ न य ृ श ैलय म पेश क जाती ह । जसै ेह कथा आगेबढ़ती हैर सक के सामने एक दलच प अदाकार के प म तत ु होती ह । हमारे न य ृ कार अलग अलग ह जसै े उ तर देश का कथक न य ृ ,त मल नाड ु का भरतना यम , केरल क कथकल , ओ रसा का ओ डसी न य ृ , म णपर ु का म णपर ु , आ ं देश का कचीपड़ी ु ु । न य ृ के कार तो बहत ु ह , उनक त त ु भी अलग वेषभषा ू और हावभाव सेक जाती ह ले कन न मत ी इ ह ं पौरा णक कथाओ ं सेहई ु ह । इसी तरह हमार भारतीय सं क त ृ म दशावतार न ह केवल भि तमय प म ह , बि क एक तरह का कला कार भी हैजो ना य , न य ृ और अ भनय वारा तत ु होता ह । त वी देसाई XI व ान शा ीय न य : दशावतार ृ HINDI SECTION 105


THE CREATIVE STROKES ATHARVA GAUNEKAR XI SCIENCE JEWEL BORGES XII SCIENCE KHUSHI DHURI XII SCIENCE KRIYA D'SOUZA XI SCIENCE KHUSHI DHURI XII SCIENCE SHIMEI NATHAN 12 ARTS KRIYA D'SOUZA XI SCIENCE ATHARVA GAUNEKAR XI SCIENCE MUSKAN 11 COMMERCE 106


THE CREATIVE STROKES SANKALP PATIL XI SCIENCE RAINA SANIA MENDONCA XI SCIENCE Freedom is not about the size of your cage, Or the power of your wings, Freedom is letting go all that holds you down and the courage to spread your wings. ABIGAIL CAIADO XI ARTS KHUSHI DHURI XII SCIENCE ESHA SHAIKH XII ARTS AMBER FREITAS XI ARTS ESHA SHAIKH XII ARTS MUSKAN JAISWAL XII ARTS SHIMEI NATHAN XII ARTS DIGITAL PAINTING SAVIO ALMEIDA XII ARTS ABIGAIL CAIADO XI ARTS 107


THE CREATIVE STROKES ATHARVA GAUNEKAR XI SCIENCE MUSKAN 11 COMMERCE KHUSHI DHURI XII SCIENCE KRIYA D'SOUZA XI SCIENCE RUCHA GODASE XI SCIENCE DIMPLE SHAH XI COMMERCE MANISHA SAWANT XI COMMERCE ASMITA KAUNTE XI SCIENCE MOUSAMI BIWAS 11 SCIENCE 108


MARK CORDEIRO XI COMMERCE JESIAH MATOS XI ARTS JESSICA EMMY TEMUDO XII ARTS NERITA MENEZES XII ARTS ANNCIA CARDOZO XII ARTS GABRIELLA NAOMI DE SOUZA XII ARTS LENS... THROUGH THE 109


XI COMMERCE A XI COMMERCE B XI ARTS 110


XII ARTS XI SCIENCE B XI SCIENCE A 111


XII COMMERCE A XII COMMERCE B XII SCIENCE A 112


OUR DEDICATED STAFF... XII SCIENCE B "Leading a child to learning's treasures Gives a teacher untold pleasures!" - Author unknown 113


For all that has been For all that wil be DON BOSCO HIGHER SECONDARY SCHOOL PANJIM CELEBRATING SILVER MEMORIES, CHASING GOLDEN DREAMS


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