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नारायण नागबली पूजा दो अलग-अलग कारणों से किए जाने वाले दो अलग-अलग अनुष्ठान हैं। गरुड़ पुराण के अनुसार, नारायण बली पूजा मुख्यतः पूर्वजों की असंतुष्ट आत्माओं को मुक्त करने के लिए की जाती है, और नागबली पूजा को साँप को मारने के पाप को खत्म करने के लिए किया जाता है। ये दोनों अनुष्ठान केवल त्र्यंबकेश्वर मंदिर में ही की जाते है क्योंकि त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग अधिक पवित्र स्थान है, जहा शिवलिंग के रूप में तीन चेहरे भगवान ब्रह्मा, भगवान विष्णु और भगवान महेश का प्रतिनिधित्व करते है।

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Published by TrimbakPurohitSangh, 2021-07-09 08:08:11

नारायण नागबली पूजा त्रिम्बकेश्वर

नारायण नागबली पूजा दो अलग-अलग कारणों से किए जाने वाले दो अलग-अलग अनुष्ठान हैं। गरुड़ पुराण के अनुसार, नारायण बली पूजा मुख्यतः पूर्वजों की असंतुष्ट आत्माओं को मुक्त करने के लिए की जाती है, और नागबली पूजा को साँप को मारने के पाप को खत्म करने के लिए किया जाता है। ये दोनों अनुष्ठान केवल त्र्यंबकेश्वर मंदिर में ही की जाते है क्योंकि त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग अधिक पवित्र स्थान है, जहा शिवलिंग के रूप में तीन चेहरे भगवान ब्रह्मा, भगवान विष्णु और भगवान महेश का प्रतिनिधित्व करते है।

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व यं रा े जा गृ या म पु रो ह ताः

नारायण नागबली पूजा बके र

नारायण नागबली पजू ा दो अलग-अलग कारण से कए जाने वाले दो अलग-अलग अनु ान ह।

ग ड़ पुराण के अनुसार, नारायण बली पजू ा मु यतः पवू ज क असंतु आ मा को मु करने

के लए क जाती ह,ै और नागबली पूजा को साँप को मारने के पाप को ख म करने के लए कया
जाता है। ये दोन अनु ान के वल यबं के र मं दर म ही क जाते है य क यबं के र यो त लग

अ धक प व ान ह,ै जहा शव लग के प म तीन चेहरे भगवान ा, भगवान व णु और
भगवान महशे का त न ध व करते है।

नारायण बली पुजा

य द कोई का पी ड़त मृ यु होता है, तो उस क

आ मा भूत जीवन म वशे करती है। यह नारायण ब ल पजू ा

अनु ान असंतु आ माओ के मो के लए क जाती ह,ै जससे

जीवन का ज म-मृ यु च क ग त होती है, और हमारे मृत,

असतं ु पवू ज के आ माओ को मो मलता ह।ै यह अनु ान

करते समय मतृ का "नाम" और "गो " का उ ार करना

व जत है, इससे पवू ज के आ माओ को पतृ वहीन जीवन के प

म भतू से मो क ा त होती है। यह पजू ा करने स,े सबं ं धत

को पुवजो के आ शवाद से पा रवा रक खशु ी, व ीय वृ ,

शाद और आ द कार के सखु ( वा य, श ा, मन क शां त

और लबं े जीवन) क ा त होती है।

नागबली पजु ा

नागबली अनु ान ाथ मकतः सापं को मारने के पाप से

मु पाने के लए क जाती ह।ै य द कोई भी सांप

को मारने के पाप का भागीदार ह,ै तो उसे ब त सम याओ

का सामना करना पड़ता है, जैसे क संत त ा त, वा

सबं ं धत सम याए,ं आ द। कहा जाता है क , कु ल चौरासी

लाख जीवन और उसके चार मह वपूण अंग ाणी जीवन

म होते ह,ै सापं / को ा जीवन भी उनमेसे ही एक ह।ै

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व यं रा े जा गृ या म पु रो ह ताः

CONT..

नारायण नागबली पजू ा वणन

नारायण नागबली अनु ान के लए सव थम मशः "देहशु वधी" और " ाय वधी" शरीर को
प व बनाने के लए क जाते ह।ै "देहशु वधी" करने वाले "कु शावत कुं ड" या "कु शावत तीथ" नामक
प व तालाब म नान करके नए व धान करते ह, और अनु ान करने वाले नागबली पूजा फल के

ा त के लए भगवान ी शवा क पजू ा करते ह। नारायण बली अनु ान पतृ ाप और पाप से
छु टकारा पाने के लए कया जाता है।

नारायण नागबली पूजा पूजा के लाभ

ह धम के अनसु ार, अ य सेव क तलु ना म पतृसवे ा को अ धक मह वपूण ान ह।ै य द
कसी को अपने पतृ आ मा के मु के लए इस नारायण बली पजू ा करता ह,ै तो
उ ह अपने पवू ज का आ शवाद ा त होता ह।ै नारायण बली पजू ा करने के सभी लाभ
नीचे दए गए ह।

अ े वा य क ा त ।
पतृ दोष / शाप से छु टकारा।

पतृ दोष के हा नकारक भाव को ख म होना।

वसाय और घरेलू इ ाओ क पू त।
सतं ान ा त संबं धत सम याए र होना।
सांप के बुरे सपन से छु टकारा।
मृत पवू ज ारा बनी सम याएं र होना।
इस नागब ल अनु ान को करने वाले लोग सापं या कोबरा को मारने के पाप से मु हो
जाते ह।

नारायण नागबली पजू ा अनु ान करने के लए लगने वाला नधी

कु ल नधी मु यतः नारायण नागबली पूजा करने के लए लगने वाले अवधी (जसै े २
दन वधी, ३ दन वधी) और पजू ा म आव यक साम ी, होम साम ी और आ द पूजा
कार (ऑनलाइन / ऑफलाइन) पर नभर है।

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