भारत में अमेरिकी वीजा आवेदकों को बहुत लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा वेटिंग बी1 (बिजनेस) और बी2 (परट्य क) वीजा लेने वालों के लिए है। पिछले साल अक्टूबर में इन वीजा के लिए पहली बार आवेदन करने वालों का वेटिंग पीरियड तीन साल तक था। आसानी से मिलेगा US वीजा, विदेश विभाग ने चुपके से किए ये इंतजाम l न्यू इंडिया अब्रॉड नेटवर्क अमेरिकी वीजा हासिल करने के इच्छुक भारतीयों के लिए अच्छी खबर है। भारत में लंबा बैकलॉग खत्म करने के लिए अमेरिकी विदेश विभाग ने राष्ट्रपति आयोग की सिफारिशों को चुपके से लागू कर दिया है। इन सिफारिशों में भारत में वीजा आवेदनों की प्रोसेसिंग में अन्य देशों के राजनयिक मिशनों की मदद लेने और वर्चुअल इंटरव्यू करने जैसे कई उपाय शामिल हैं। भारत में अमेरिकी वीजा आवेदकों को बहुत लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। इस समस्या के समाधान के लिए कई बार सरकारी स्तर पर भी मांग उठ चुकी है। सबसे ज्यादा वेटिंग बी1 (बिजनेस) और बी2 (पर्यटक) वीजा लेने वालों के लिए है। पिछले साल अक्टूबर में इन वीजा के लिए पहली बार आवेदन करने वालों का वेटिंग पीरियड तीन साल तक था। इसे देखते हुए एशियन अमेरिकन, नेटिव हवाइयन और पैसिफिक आइलैंडर्स पर राष्ट्रपति के सलाहकार आयोग ने दिसंबर में कई सुझाव दिए थे। इन सुझावों में कहा गया था कि जिन दूतावास में 400 दिन से ज्यादा का बैकलॉग है वहां अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती की जाए। विदेश विभाग नए पूरका ्ण लिक अधिकारियों, काउंसलर या अस्थायी कर्मचारियों व ठेकेदारों को नियुक्त करे। रिटायर्ड काउंसलर अधिकारियों की सेवाएं फिर से लेने पर विचार किया जाए। जितना संभव हो, आभासी साक्षात्कार लिए जाएं। दुनिया के अन्य दूतावासों में तैनात कर्मचारियों को एशियाई देशों में वीजा बैकलॉग निपटाने के काम में लगाया जाए। सुझावों में कहा गया था कि राष्ट्रपति जो बाइडेन को भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश जैसे देशों में वीजा आवेदनों का बैकलॉग घटाकर 2 से 4 सप्ताह करने के लिए विदेश विभाग को मेमो जारी करने पर विचार करना चाहिए। इसके बाद जनवरी में विदेश विभाग ने कई कदम उठाए। पहले से अमेरिकी वीजा रखने वाले आवेदकों को साक्षात्कार में छूट, दूसरी जगह से प्रोसेसिंग, पहली बार के आवेदकों के लिए विशेष साक्षात्कार दिवस का आयोजन और कॉन्सुलर कर्मचारियों की संख्या में बढ़ोतरी जैसे उपाय करने शुरू क र दिए हैं। कोरोनो संबंधी यात्रा प्रतिबंध हटाए जाने के बाद भारत जैसे कुछ देशों से अमेरिकी वीजा आवेदनों में बेहद तेजी आई है। भारत में अमेरिकी दूतावास इस साल जनवरी में एक लाख से अधिक आवेदनों पर कार्रवाई कर चुका है। ये किसी एक जनवरी में सबसे ज्यादा और जुलाई 2019 के बाद किसी भी महीने में सबसे अधिक संख्या है। अगली पीढ़ी के भारतीय अमेरिकियों की आवाज का एक मंच वर्ष 1, अंक 17, वाशिंगटन, सोमवार, 13 फरवरी 2023 *New India Abroad is a Registered trademark and not affiliated with the newspaper named India Abroad marketed in the US from 1972 to 2021. राजा-रो खन्ना ने कांग्स में रे बढ़ाया रुतबा l सुनीता सोहराबजी भारतीय मूल के अमेरिकी सांसद रो खन्ना और राजा कृष्णमूर्ति को प्रतिनिधि सभा की दो अहम समितियों में नेतृत्वकारी भूमिकाओं के लिए चुने जाने पर समुदाय के सदस्यों ने बधाई दी है। कहा कि यह दिखाता है कि अमेरिकी कांग्रेस में भारतीयों की रुतबा किस तरह बढ़ा है और आगे भी बढ़ रहा है। कैलीफोर्निया से डेमोक्रेट सांसद रो खन्ना को जहां भारत और भारतीय अमेरिकियों पर कांग्रेसनल कॉकस में सह अध्यक्ष बनाया गया है, वहीं इलिनॉय से सांसद राजा कृष्णमूर्ति को अमेरिका- चीन के बीच सामरिक प्रतिद्वंदिता पर नवगठित स्थायी समिति का रैंकिंग मेंबर बनाया गया है। यह कांग्रेसनल कॉकस अमेरिका में किसी देश पर बना सबसे बड़ा कॉकस है। भारतीय अमेरिकियों की इन महत्वपूर्णसमितियों में नियुक्तियों पर इंडियास्पोरा के संस्थापक एमआर रंगास्वामी ने कहा कि इस मुकाम तक पहुंचने के लिए समुदाय के सदस्यों ने कड़ी मेहनत की है और अब इस मेहनत का फल मिल रहा है। यह सबूत है कि कांग्रेस में भारतीय अमेरिकियों का दबदबा किस तरह बढ़ रहा है। न्यू इंडिया अब्रॉड से बातचीत में रंगास्वामी ने कहा कि रो खन्ना और राजा दोनों ने दिखा दिया है कि वे डेमोक्रेटिक पार्टी के विभिन्न उप समूहों के अंदर सफलतापूर्वक काम कर सकते हैं और रिपब्लिकन तक भी पहुंच सकते हैं। रंगास्वामी ने उम्मीद जताई कि राजा सिलिकन वैली की समस्याओं, पेटेंट प्रोटेक्शन, सॉफ्टवेयर प्राइवेसी और कंपनियों की निष्पक्ष प्रतिद्वंदिता जैसे मसलों के अलावा चीन से संबंधों पर भी अच्छा काम करेंगे। AAPI विक्ट्री फंड के संस्थापक अध्यक्ष शेखर नरसिंम्हन ने न्यू इंडिया अब्रॉड से बातचीत में कहा कि मुझे खुशी है कि रो खन्ना को इतनी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली है। मुझे भरोसा है कि वह कॉकस में अहम भूमिका निभाएंगे। उम्मीद है कि कांग्रेसनल कॉकस भारत-अमेरिका के संबंधों को मजबूत करने में अब और भी ज्यादा सक्रियता से काम करेगा। राजा चीन मामलों के एक्सपर्ट हैं। उन्हें तकनीक की गहरी समझ है। अंदर देखिए अल्पसंख्यकों के लिए सर्वाधिक सहिष्णु देश है भारत, CPA की रिपोर्ट ...Page 04 रूस-यूक्रेन युद्ध रुकवा सकते हैं पीएम मोदी? जानें क्या बोला अमेरिका ...Page 10 सिंगापुर में तमिल समदा ु य ने दो साल बाद उल्लास से मनाया थाईपुसम उत्सव ...Page 18 रो खन्ना और राजा कृष्णमूर्ति वीजा समस्याओं पर आयोग ने राष्ट्रपति बाइडेन को कई सुझाव दिए थे। (फोटो सोशल मीडिया)
Indian Star LLC Published Weekly Copyright © 2022 Indian Star LLC Editor in Chief Dr. Sridhar Krishnaswami [email protected] Chief Executive Officer Rajeev Bhambri [email protected] Editor (Hindi) Dr. Rameshwar Dayal [email protected] Registered Address Indian Star LLC, 6215 Rockhurst Rd, Bethesda, MD 20817 USA A publication of Website www.NewIndiaAbroad.Com Disclaimers: 1. New India Abroad is a Registered trademark and not affiliated with the newspaper named India Abroad marketed in the US from 1972 to 2021. 2. Indian Star LLC assumes no liability for claims / assumptions made in advertisements and advertorials. Views expressed by the writers are their own. Email [email protected] Ph. 7323476511 2 न् यू इंडिया अब्रॉड सोमवार, 13 फरवरी, 2023 भारतीयों ने किस तरह जमाई धाक, बताया परोपकारी रंगास्वामी ने आव्रजन नीति पर बाइडेन की ये अपील कांग्स ने रे मान ली तो प्रवासियों की आ जाएगी मौज l संवाददाता अमेरिका तक पहुंचने में परेशानियों का सामना करने वाले प्रवासियों के लिए राष्ट्रपति जो बाइडेन ने खुद आवाज उठाई है। अपने दूसरे स्टेट ऑफ द यूनियन संबोधन में राष्ट्रपति बाइडेन ने संसद से आव्रजन नीतियों में समग्र सुधार की मांग की है। अगर ये प्रस्ताव पारित हुआ तो अमेरिका में न सिर्फ गैरकानूनी तरीके से आने वाले प्रवासियों को बल्कि एच1बी वीजा जैसे कानूनी रास्ते अपनाने वालों के लिए भी नागरिकता का नया रास्ता खुल सकता है। हालांकि ऐसा करना आसान नहीं है क्योंकि प्रतिनिधि सभा में रिपब्लिकन का वर्चस्व है। बाइडेन ने भी खुद इसे स्वीकार किया है। 118वीं कांग्रेस की संयुक्त सत्र से पहले अपने संबोधन में राष्ट्रपति बाइडेन ने कहा कि आप मेरे व्यापक आव्रजन सुधार नीतियों को पारित करें। अगर ऐसा नहीं कर पाते तो कम से कम सीमा की सुरक्षा के लिए उपकरण और अधिकारी प्रदान करने की मेरी योजना को तो पारित कर दिया जाए। डेमोक्रेटिक सांसदों की तालियों की गड़गड़ाहट के बीच राष्ट्रपति ने कहा कि जनता के इस सदन में हमारा कर्तव्य है कि हम सभी लोगों के अधिकारों और स्वतंत्रता की रक्षा करें। नागरिकता का ख्वाब देखने वालों (ड्रीमर्स) के सपने साकार करें चाहे वो अस्थायी रूप से रह रहे हों, खेतों में काम कर रहे हों या आवश्यक सेवाएं प्रदान करने में जुटे हों। बता दें कि ड्रीमर्स उन अनिर्दिष्ट आप्रवासी बच्चों को कहा जाता है जो अपने माता-पिता के साथ अमेरिका आते हैं। हर किसी को अमेरिका की नागरिकता मिलने की चाहत रहती है। चाहे अवैध रूप से देश में आने वाले प्रवासी हों या फिर एच-1 बी वीजा जैसे कानूनी तरीके अपनाकर आए हों और ग्रीन कार्ड के लिए वर्षों इंतजार कर रहे हों। द स्टेट ऑफ द यूनियन स्पीच में बाइडेन ने यूक्रेनरूस विवाद, नाटो, रोजगार, कोविड-19, अर्थव्यवस्था, इंफ्रास्ट्रक्चर, नस्लीय पोलिसिंग आदि तमाम मुद्दों पर देश की जनता को संबोधित किया। बाइडेन ने कहा कि उन्होंने नाटो को एकजुट किया और रूस के खिलाफ एक वैश्विक गठबंधन बनाया। यूक्रेन की प्रशंसा करते हुए कहा कि उसने रूस का सामना करने के लिए जो हिम्मत दिखाई है वो असाधारण है। l न्यू इंडिया अब्रॉड नेटवर्क उद्यमी और वेंचर कैपिटलिस्ट एमआर रंगास्वामी ने दावा किया है कि अमेरिका में भारतीय-अमेरिकियों के प्रभाव में नाटकीय वृद्धि हुई है। इंडियास्पोरा के संस्थापक रंगास्वामी ने कहा कि भारतीय-अमेरिकी समुदाय राजनीति, सरकार, उद्यमशीलता और चिकित्सा के साथ-साथ शिक्षा सहित सभी क्षेत्रों में विकसित हुआ है। हालांकि परोपकारी कार्यों में समुदाय को अधिक सक्रिय होने की जरूरत पर है। बता दें कि इंडियास्पोरा एक एक गैर-लाभकारी संगठन है जिसका उद्देश्य भारतीय डायस्पोरा की सफलता को दुनिया भर में सार्थक प्रभाव में बदलना है। रंगास्वामी ने कहा कि हाल ही में एक यहूदी-अमेरिकी लेखक का एक लेख आया था जिसमें उसने कहा था कि अब समय आ गया है कि भारतीयों को यहूदियों की जगह ले लेनी चाहिए। यह दिखाता है कि भारतीय समुदाय की अहमियत कितनी बढ़ चुकी है। हालांकि इसके साथ ही रंगा ने कहा कि समुदाय को अभी परोपकार, सेवा और जन-कल्याण के मोर्चे पर बहुत कुछ करने की जरूरत है। रंगास्वामी ने कहा कि हमारा भारतीय समाज बेहद लो प्रोफाइल रहा है लेकिन अब हाई प्रोफाइल होने की दरकार है क्योंकि सभी अमेरिकियों को यह जानना जरूरी है कि हम दयालु हैं और मदद करते हैं। उन्होंने कहा कि एक दशक पहले तक हमारा अमेरिका की राजनीति पर उतना असर नहीं था लेकिन बीते एक दशक में हम इस महाबली देश की एक फीसदी राजनीतिक ताकत बन गए हैं। इस बात पर ध्यान दिया जाना चाहिए और यह इंडियास्पोरा के लिए महत्वाकांक्षा का विषय भी है। उन्होंने कहा कि प्रतिनिधि सभा में इस समय पांच भारतीय-अमेरिकी मौजूद हैं। अमी बेरा, रो खन्ना, राजा कृष्णमूर्ति, प्रमिला जयपाल और श्री थानेदार। उनसे ऊपर हमारे समुदाय की ही उपराष्ट्रपति कमला हैरिस हैं। हमने राजनीतिक प्रभुत्व कायम किया है। व्यापार के मोर्चे पर भी रंगास्वामी ने Google और Microsoft के सीईओ समेत शीर्ष भारतीय अमेरिकी सीईओ की लंबी सूची का उल्लेख करते हुआ समुदाय की अहमियत बताई। रंगास्वामी ने कहा कि हाल ही में एक यहूदी- अमेरिकी लेखक का एक लेख आया था जिसमें उसने कहा था कि अब समय आ गया है कि भारतीयों को यहूदियों की जगह ले लेनी चाहिए। राष्ट्रपति बाइडेन ने दूसरे स्टेट ऑफ द यनियू न संबोधन में कहा कि जनता के इस सदन में हमारा कर्तव्य है कि हम सभी लोगों के अधिकारों और स्वतंत्रता की रक्षा करें। नागरिकता का ख्वाब देखने वालों (ड्रीमर्स) के सपने साकार करें चाहे वो अस्थायी रूप से रह रहे हों। (फोटो साभार @POTUS) एमआर रंगास्वामी
न् यू इंडिया अब्रॉड सोमवार, 13 फरवरी, 2023 3 छंटनीकाल में मिले H1B में राहत, राष्ट्रपति से लगाई गुहार l न्यू इंडिया अब्रॉड नेटवर्क अमेरिका के टेक सेक्टर में बड़े पैमाने पर छंटनी के कारण भारी संख्या में भारतीय पेशेवर बेरोजगार हो गए हैं। उनके ऊपर अब अमेरिका से निकाले जाने की तलवार भी लटक रही है। इसी मुसीबत को देखते हुए दो भारतीय अमेरिकी संगठनों ने एक ऑनलाइन याचिका शुरू की है। इसमें अमेरिकी राष्ट्रपति से कर्मचारी वीजा यानी H-1B में छूट की अवधि दो महीने की बजाय एक साल करने का आग्रह किया गया है। जिन दो भारतीय अमेरिकी संगठनों ने यह अपील की है उनमें फाउंडेशन फॉर इंडिया और इंडियन डायस्पोरा स्टडीज और ग्लोबल इंडियन टेक्नोलॉजी प्रोफेशनल्स एसोसिएशन शामिल हैं। संगठनों ने राष्ट्रपति जो बाइडेन के अलावा अमेरिका के होमलैंड सुरक्षा विभाग (DHS) के सचिव और अमेरिकी नागरिकता व आव्रजन सेवा (USCIS) के निदेशक से भी ऑनलाइन याचिका में गुहार लगाई है। 00दरअसल H-1B वीजा धारक को नौकरी जाने पर केवल 60 दिन की अवधि के लिए अमेरिका में रहने का मौका मिलता है। इस बीच वे नई नौकरी खोज सकते हैं। यदि नई नौकरी पाने में असमर्थ होते हैं तो उन्हें देश छोड़ना होता है। H-1B वीजा एक गैर-आप्रवासी वीजा है। टेक कंपनियां भारत और चीन से हर साल हजारों कर्मचारियों को इसी वीजा के तहत अपने यहां बुलाती हैं। LayoffTracker.com के मुताबिक जनवरी 2023 तक कम से कम 91,000 कर्मियों की छंटनी का जा चुकी है। आने वाले महीनों में यह संख्या बढ़ सकती है। याचिका में कहा गया है कि हम मानवीय आधार पर परिवारों को बचाने के लिए सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का अनुरोध करते हैं। हमारा मानना है कि वीजा अवधि में विस्तार प्रतिभाशाली कर्मियों के पलायन को रोकेगा और सुनिश्चित करेगा कि अमेरिका प्रौद्योगिकी और नवाचार में विश्व में अग्रणी बना रहे। हम निर्वाचित पदाधिकारियों से भी अनुरोध करते हैं कि वे इस विस्तार का समर्थन करें और यदि आवश्यक हो तो प्रतिनिधि सभा में विधेयक पेश करें। अब तक 2,200 से अधिक लोग इस याचिका पर हस्ताक्षर कर चुके हैं। याचिका में कहा गया है कि 70 प्रतिशत स्टार्टअप के संस्थापक अप्रवासी हैं। सार्वजनिक कंपनियों के लगभग 50+ सीईओ भारतीय मूल के हैं। ऐसे में अमेरिका से प्रतिभा का पलायन देश के दीर्घकालिक हितों के लिए हानिकारक है। खासकर तब जबकि आधुनिक युग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में बड़ी-बड़ी कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा लगी हुई है। इस बीच प्रवासी भारतीयों के एक फेसबुक समूह ने भी एक याचिका शुरू की है जिसमें भारत सरकार से अमेरिका में नौकरी से निकाले गए भारतीय तकनीकी कर्मचारियों को नियुक्त करने का आग्रह किया गया है। इस याचिका में भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री अश्विनी वैष्णव को संबोधित पत्र में कहा गया है कि मौजूदा छंटनी की स्थिति को देखते हुए हम आपसे अनुरोध कर रहे हैं कि आप अपने मंत्रालयों में डिजिटलीकरण और सूचना प्रौद्योगिकी पहल के अंतर्गत भारतीय आईटी कर्मचारियों को सलाहकार के रूप में रखने पर विचार करें। फाउंडेशन फॉर इंडिया और इंडियन डायस्पोरा स्टडीज और ग्लोबल इंडियन टेक्नोलॉजी प्रोफेशनल्स एसोसिएशन ने ऑनलाइन पिटीशन में H-1B में छूट की अवधि दो महीने की बजाय एक साल करने का आग्रह किया है। ये देश 7 दिन में दे रहे US वीजा, अब भारतीय भी कर सकेंगे आवेदन l संवाददाता भारत से अमेरिका जाने का वीजा बनवाना आजकल किसी पहाड़ तोड़ने के जैसा हो गया है। खासकर बिजनेस और पर्यटन के लिए जाने वालों के लिए। वीजा अपॉइंटमेंट के लिए महीनों की वेटिंग है। लेकिन निराश न हों, एक रास्ता है जिससे आपको कुछ ही हफ्तों के अंदर अमेरिका का वीजा मिल सकता है। ये रास्ता है किसी तीसरे देश में जाकर यूएस वीजा के लिए आवेदन करना। हाल ही में भारत स्थित अमेरिकी दूतावास ने ये रास्ता सुझाया है। कोविड प्रतिबंध हटने के बाद भारत से अमेरिकी वीजा के लिए आवेदन करने वालों की संख्या काफी तेजी से बढ़ी है। अगर आप बिजनेस के काम से अमेरिका जाने की सोच रहे हैं तो आपको बी-1 वीजा के लिए आवेदन करना होगा। अगर घूमने के लिए जा रहे हैं तो बी-2 वीजा के लिए अर्जी देनी होगी। भारत में विभिन्न महानगरों में ऐसे वीजा के लिए वेटिंग टाइम अलग-अलग है। कोलकाता में 589 दिन, मुंबई में 638 दिन, चेन् में 625 नै दिन, नई दिल्ली में 596 दिन की वेटिंग है। रिपोर्ट के अनुसार इस समस्या को देखते हुए अमेरिकी दूतावास ने एक समाधान सुझाया है। बताया है कि कई देशों में अमेरिकी वीजा के लिए वेटिंग पीरियड बहुत ही कम है। भारतीय वहां जाकर सीधे बी1, बी2 वीजा के लिए आवेदन कर सकते हैं। दूतावास ने थाईलैंड का उदाहरण देते हुए समझाया कि मान लीजिए कि कोई भारतीय थाइलैंड में है या वहां घूमने गया है तो वहां वह अमेरिकी दूतावास में जाकर वीजा अपॉइंटमेंट ले सकता है। बैंकॉक में बी1, बी2 वीजा इंटरव्यू का वेटिंग टाइम केवल 14 दिन है। ऐसे में उसे लंबा इंतजार नहीं करना होगा। वो देश जहां से भारतीय कुछ ही दिनों में अमेरिका वीजा ले सकते हैं- भारत में बी1 और बी2 वीजा के लिए लंबी वेटिंग को देखते हुए अमेरिकी दूतावास ने एक समाधान सुझाया है। बताया है कि कई देशों में अमेरिकी वीजा के लिए वेटिंग पीरियड बहुत ही कम है। भारतीय वहां जाकर सीधे बी1, बी2 वीजा के लिए आवेदन कर सकते हैं। Photo by mana5280 / Unsplash Photo by Spencer Davis / Unsplash वीजा जरूरी है कुवैत: 1 दिन सिंगापुर: 7 दिन फ्रैंकफर्ट, जर्मनी: 17 दिन दोहा, कतर: 30 दिन रियाद, सऊदी अरब: 53 दिन मेलबर्न, ऑस्ट्रेलिया: 58 दिन लंदन, यूके: 78 दिन बर्लिन, जर्मनी: 81 दिन ई-वीजा/प्रवेश परमिट कुआलालंपुर, मलेशिया: 23 दिन आगमन पर वीजा हांगकांग: 2 दिन नोम पेन्ह, कंबोडिया: 7 दिन बैंकॉक और चियांग माई, थाईलैंड: 14 दिन
Stay Ahead With Us! Email [email protected] Website www.NewIndiaAbroad.Com 4 न् यू इंडिया अब्रॉड सोमवार, 13 फरवरी, 2023 अल्पसंख्यकों के लिए सर्धिवा क सहिष् देश है णु भारत, CPA की रिपोर्ट 2022 में 7.5 लाख भारतीयों ने पढ़ाई के िलए विदेश जाने की जानकारी दी है। यह संख्या वर 2021, 2020, ्ष 2019, 2018 और 2017 में क्रमश: 4.4 लाख, 2.59 लाख, 5.86 लाख 5.17 लाख और 4,54 लाख थी। l न्यू इंडिया अब्रॉड नेटवर्क वैश्विक अल्पसंख्यकों पर अपने प्रारभिं क मूल्यांकन में सेंटर फॉर पॉलिसी एनालिसिस (CPA) ने भारत को धार्मिक अल्पसंख्यकों के साथ व्यवहार के मामले में पहले नंबर पर रखा है। जहां तक धार्मिक अल्पसंख्यकों के प्रति समावेशिता की बात है तो CPA ने भारत को शीर्ष माना है। वैश्विक अल्पसंख्यकों की इस रिपोर्ट में दुनिया के 110 देशों का आकलन किया गया और पाया कि भारत में धार्मिक अल्पसंख्यकों की स्वीकृति का स्तर सर्वोच्च है। भारत के बाद दक्षिण कोरिया और फिर जापान, पनामा तथा अमेरिका का नंबर है। मालदीव, अफगानिस्तान और सोमालिया सूची में सबसे नीचे हैं। ब्रिटेन और संयुक्त अरब अमीरात का क्रमशः 54वां और 61वां स्थान है। शोध के अनुसार भारत की अल्पसंख्यक नीति विविधता को बढ़ाने वाले दृष्टिकोण पर आधारित है। भारत के संविधान में संस्कृति और शिक्षा में धार्मिक अल्पसंख्यकों की बेहतरी के लिए विशिष्ट प्रावधान हैं। रिपोर्ट कहती है कि किसी अन्य संविधान में भाषाई और धार्मिक अल्पसंख्यकों को बढ़ावा देने के लिए कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं है। भारत का संविधान इस बात को स्पष्ट रूप से रेखांकित करता है कि भारत में किसी भी धार्मिक संप्रदाय पर कोई प्रतिबंध नहीं है जबकि कई अन्य देशों में ऐसा नहीं है। रिपोर्ट के अनुसार इसकी समावेशिता और कई धर्मों और उनके संप्रदायों के खिलाफ भेदभाव की कमी के कारण संयुक्त राष्ट्र भारत की अल्पसंख्यक नीति को अन्य देशों के लिए एक मॉडल के रूप में उपयोग कर सकता है। बावजूद इसके भारत की अल्पसंख्यक नीति अपेक्षित परिणाम नहीं दे पाती क्योंकि ऐसे भी कई दृष्टांत हैं जो बहुसंख्यक और अल्पसंख्यक समुदाय में टकराव का पता देते हैं। खासतौर से कई मामलों पर मुस्लिम समुदाय के साथ। इन्हीं वास्तविक हालात के मद्देनजर रिपोर्ट में यह बात व्यापक रूप से कही गई है कि भारत की अल्पसंख्यक नीति की समय-समय पर समीक्षा और पड़ताल जरूरी है। रिपोर्ट सलाह देती है कि अगर भारत चाहता है कि उसका आंगन संघर्षमुक्त रहे तो उसे अल्पसंख्यकों के प्रति अपने दृष्टिकोण को तर्कसंगत बनाना होगा। CPA द्वारा तैयार की गई वैश्विक अल्पसंख्यक रिपोर्ट का उद्देश्य यही है कि विश्व समुदाय को यह बताया-समझाया जा सके कि तमाम देशों में अल्पसंख्यकों के साथ उनकी आस्था के आधार पर भेदभाव होता है। 5 साल में ऊंची पढ़ाई के लिए 30 लाख से भी ज्यादा छात्र गए विदेश l संवाददाता भारत के केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री सुभाष सरकार ने लोकसभा में जानकारी दी है कि वर्ष 2017- 2022 के दौरान 30 लाख से भी ज्यादा भारतीय छात्र हायर एजुकेशन के लिए विदेश गए। उन्होंने जद (यू) सांसद राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह और अन्य का लिखित जवाब दिया। उन्होंने बताया कि गृह मंत्रालय का आप्रवासन ब्यूरो, भारतीयों के प्रस्थानआगमन डेटा को बनाए रखता है। लेकिन उच्च शिक्षा के उद्देश्य से विदेश जाने वाले भारतीयों की कैटिगरी को दर्ज करने का कोई सूचकांक नहीं है। उच्च शिक्षा के लिए विदेश जाने वाले भारतीयों का पता या तो मौखिक जानकारी से चलता है या इमिग्रेशन क्लियरेंस के समय जब गंतव्य देश वीजा से संबंधित जानकारी देता है। मंत्री सुभाष सरकार ने कहा कि वर्ष 2022 में 7.5 लाख भारतीयों ने पढ़ाई करने के उद्देश्य से विदेश जाने की जानकारी दी है। यह संख्या पिछले सालों 2021, 2020, 2019, 2018 और 2017 में क्रमश: 4.4 लाख, 2.59 लाख, 5.86 लाख 5.17 लाख और 4,54 लाख थी। एक सवाल के जवाब में उन्होंने यह भी जानकारी दी कि भारत में इंटरनैशनल यूनिवर्सिटी स्थापित करने का कोई प्रस्ताव नहीं है। लेकिन विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने भारत में विदेशी उच्च शिक्षा संस्थानों के साथ कैंपस स्थापित करने का मसौदा तैयार कर लिया है। भारत में विदेशी उच्च शिक्षा संस्थानों के कैंपस की स्थापना और संचालन के लिए सार्वजनिक डोमेन पर 18 जनवरी तक सभी स्टेकहोल्डर्स से प्रतिक्रिया, सुझाव, टिप्पणी मांगा गया था। इसकी अंतिम तिथि बढ़ाकर 20 फरवरी कर दी गई है। वर्ष 2022 की विदेश मंत्रालय की एक रिपोर्ट के अनुसार 13,24,954 इंटरनैशनल स्टूडेंट्स 79 देशों में पढ़ रहे हैं। ये दुनिया के सबसे बड़ेविदेशी डायस्पोरा में योगदान दे रहे हैं। उधर, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल दूसरे देशों में स्टडी करने के लिए भारतीय छात्रों के विदेश जाने पर सहमत नहीं हैं। उन्होंने इस पर दुख जताया है। उनका कहना है कि हमारे युवा विदेश जाएं, उसके बजाय दुनिया भर के छात्रों को आकर्षित करने की क्षमता भारत में विकसित करनी चाहिए। हायर एजुकेशन के लिए विदेशों में भारतीय छात्र (सांकेतिक चित्र : साभार सोशल मीडिया) वैश्विक अल्पसंख्यकों की इस रिपोर्ट में दुनिया के 110 देशों का आकलन किया गया और पाया कि भारत में धार्मिक अल्पसंख्यकों की स्वीकृति का स्तर सर्वोच्च है। भारत के बाद दक्षिण कोरिया और फिर जापान, पनामा तथा अमेरिका का नंबर है। शोध के अनुसार भारत की अल्पसंख्यक नीति विविधता को बढ़ाने वाले दृष्टिकोण पर आधारित है। Photo by Artem Beliaikin / Unsplash
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Email [email protected] Website www.NewIndiaAbroad.Com Stay Ahead With Us! subscribe Now 6 न् यू इंडिया अब्रॉड सोमवार, 13 फरवरी, 2023 सांसद एमी बेरा को नया दायित्व, विदेश मामलों पर समिति में भी देंगे सेवाएं l न्यू इंडिया अब्रॉड नेटवर्क भारतीय अमेरिकी सांसद एमी बेरा को विदेश मामलों से जुड़ी महत्वपूर्णससं दीय समिति में रैंकिंग सदस्य नामित किया गया है। बेरा अब भारतीय प्रशांत के लिए कांग्रेस की विदेश मामलों की उपसमिति में अहम भूमिका निभाएंगे। इस महीने की शुरुआत में उन्हें खुफिया मामलों पर स्थायी समिति का भी सदस्य बनाया गया था। बेरा ने एक बयान में कहा कि मुझे गर्व है कि सदन में मेरा नेतृत्व नियमित हो रहा है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सरुक्षा, आर्थिक हितों और मूल्यों का कायम रखने के लिए हिंद-प्रशांत दुनिया का सबसे महत्वपूर क््ण षेत्र है। वह हिंद-प्रशांत क्षेत्र को स्वतंत्र, खुला और समृद्ध बनाने की दिशा में महत्वपूर भू ्ण मिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि मैं सहयोगी देशों के साथ काम करने के लिए प्रतिबद्ध रहूंगा। चीन के आक्रामक रवैये, उसकी कार्रवाई और अन्य चुनौतियों के समय मैं सहयोगी देशों के साथ खड़ा रहूंगा। 117वीं कांग्रेस में बेरा ने एशिया, प्रशांत, मध्य एशिया और परमाणु अप्रसार पर उपसमिति की अध्यक्षता की थी। उन्होंने भारतप्रशांत में अमेरिकी सहयोगियों और भागीदारों के साथ संबंधों को मजबूत करने के प्रयासों की अगुवाई भी की थी। बेरा ने जापान, दक्षिण कोरिया, भारत और वियतनाम का दौरा करके वहां की सरकारों और सामाजिक नेताओं से मजबूत संबंध बनाने के लिए भी काम किया। दिसंबर 2022 में राष्ट्रपति जो बाइडेन ने हिंद-प्रशांत में अमेरिकी सरुक्षा और नेतृत्व को मजबूत करने के उद्शदे्य से बेरा की पहल पर चार कानूनी प्रावधानों पर हस्ताक्षर किए थे। सांसद बेरा 2013 में कांग्रेस सांसद बने थे। उसके बाद से वह विदेशी मामलों की कमिटी में सेवाएं दे रहे हैं। वह अमेरिकी कांग्रेस में सबसे वरिष्ठ भारतीय हैं। अमरीश बाबूलाल ‘एमी’ बेरा एक डॉक्टर हैं। वह पत्नी जेने के साथ कैलिफोर्निया के एल्क ग्रोव में 20 साल से रह रहे हैं। उनकी एक बेटी है जिसका नाम सैंड्रा है। एमी बेरा के पिता बाबूलाल बेरा 1956 में भारत से अमेरिका आ गए थे। एमी का जन्म लॉस एंजिल्स में हुआ और पालनपोषण ऑरेंज काउंटी के शहर ला पाल्मा में हुआ। उनके माता-पिता राजकोट, गुजरात से हैं। l संवाददाता अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के स्टेट ऑफ द यूनियन भाषण की तारीफ हो रही है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस भाषण को लिखने वाला कौन है? इसका जवाब जानकर हर भारतीय गौरवान्वित महससू करेगा। यह भाषण को शब्दों का रूप दिया है भारतीय मूल के विनय रेड्डी ने। विनय वाइट हाउस में स्पीच राइटिंग डायरेक्टर हैं। यह जिम्मेदारी संभालने वाले वह पहले एशियाई अमेरिकी हैं। राष्ट्रपति जो बाइडेन के स्टेट ऑफ द यूनियन की तैयारी हफ्तों पहले शुरू हो गई थी। विनय रेड्डी ने पहले कुछ ड्राफ्ट तैयार किए। फिर राष्ट्रपति के इनर सर्कल ने भाषण को अंतिम रूप देने में उनकी मदद की। एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक 44 वर्षीय विनय रेड्डी को भाषण लेखक के तौर पर तभी नियुक्त कर लिया गया था, जब बाइडेन उप राष्ट्रपति थे। वर्ष 2020 में बाइडेन के कैंपेन के समय दोबारा जॉइन करने से पहले वह नैशनल बास्केटबॉल असोसिएशन के कमिश्नर एडम सिल्वर के यहां काम कर रहे थे। इसके बाद उन्होंने बाइडेन के भाषणों को शब्दों में पिरोने का काम शुरू किया। उनके कई भाषण सुर्खियों में छा गए। राष्ट्रपति बराक ओबामा के वरिष्ठ भाषण लेखक सारदा पेरी सहित विनय के कई पूर्वसहयोगी भी उनके मुरीद हैं। बाइडेन के वाइस प्रेसिडेंट रहने के दौरान उनके मुख्य भाषण लेखकों में से एक डायलन लोवे ने मीडिया से कहा कि रेड्डी एक असाधारण प्रतिभा हैं। उन्होंने हममें से किसी से भी अधिक समय तक भाषण लिखने का काम किया है। वाइट हाउस के संचार निदेशक केट बेडिंगफील्ड ने तब रेड्डी के साथ काम किया था, जब बाइडेन वाइस प्रेसिडेंट थे। उन्होंने बताया कि रेड्डी जटिल से जटिल पॉलिसी कॉन्सेप्ट को समझ लेते हैं और उसे सुंदर और सहज भाषा में ढालकर लिखते हैं जिसे समझना आसान होता है। रेड्डी के पूर्वसहयोगियों के अनुसार जो बात उन्हें अलग करती है, वह है रडार के नीचे रहने की उनकी क्षमता। विनय रेड्डी के पिता नारायण रेड्डी हैदराबाद से एमबीबीएस करने के बाद 1970 में अमेरिका आ गए थे। विनय मियामी यूनिवर्सिटी के बाद ओहियो स्टेट यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ लॉ में पढ़ाई की। वह 2013 से 2017 तक उपराष्ट्रपति रहे बाइडेन के भाषण लेखक रहे। विनय का जन्म और पालन-पोषण ओहियो में हुआ। उनका परिवार तेलंगाना के करीमनगर के पोथिरेड्डीपेटा का रहने वाला है। इस भारतवंशी ने बाइडेन के भाषण को शब्दों में पिरोया, हो रही तारीफ विनय रेड्डी वाइट हाउस में स्पीच राइटिंग डायरेक्टर हैं। यह जिम्मेदारी संभालने वाले वह पहले एशियाई अमेरिकी हैं। वाइट हाउस के संचार निदेशक केट बेडिंगफील्ड ने कहा कि रेड्डी जटिल से जटिल पॉलिसी कॉन्सेप्ट को समझ लेते हैं और उसे सुंदर और सहज भाषा में ढालकर लिख देते हैं। सबसे वरिष्ठ भारतवंशी सांसद एमी बेरा ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा, आर्थिक हित और मूल्यों के लिए हिंद-प्रशांत दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण क्त्र षे है। वह हिंद-प्रशांत क्त्र को स षे ्वतंत्र, खुला और समृद्ध बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। विनय रेड्डी और राष्ट्रपति बाइडेन भारतीय अमेरिका मल ू के सांसद एमी बेरा (साभार सोशल मीडिया)
न् यू इंडिया अब्रॉड सोमवार, 13 फरवरी, 2023 7 नताशा है दनियु ा की सबसे मेधावी छात्रा, लगातार दूसरी बार जीता खिताब l न्यू इंडिया अब्रॉड नेटवर्क भारतीय मूल की स्टूडेंट नताशा पेरियानयागम को दुनिया की सबसे मेधावी छात्रा घोषित किया गया है। यह लगातार दूसरी बार है जब नताशा ने अमेरिका के जॉन्स हॉपकिंस सेंटर फॉर टैलेंटेड यूथ (CTY) की दुनिया की सबसे प्रतिभाशाली विद्यार्थियों की सूची में जगह बनाई है। इस बार उन्होंने यह मुकाम 76 देशों के 15,000 से अधिक विद्यार्थियों को मात देकर हासिल किया है। 13 साल की नताशा न्यूजर्सी में फ्लोरसें एम गौडिनीर मिडिल स्कूल की छात्रा हैं। उनके माता-पिता मूल रूप से भारत के चेन्नई के रहने वाले हैं। नताशा के पिता ने बताया कि उनकी बेटी को खाली समय में डूडलिंग करना और जेआरआर टोल्किन के उपन्यास पढ़ना पसंद है। CTY दुनिया में सबसे मेधावी विद्यार्थियों की पहचान करने के लिए ग्ड स रे ्तर से ऊपर की परीक्षा आयोजित करता है। वर्ष 2021 में नताशा जब 5वीं ग्ड में थीं, तब भी उन रे ्होंने CTY की परीक्षा दी थी। मौखिक एवं मात्रात्मक योग्यता की परीक्षा में नताशा ने ग्ड आठ में 90 रे पर्सेंटाइल स्कोर किया था। विश्वविद्यालय ने मीडिया को बताया कि इस साल नताशा को एसएटी, एसीटी, स्कूल और कॉलेज एबिलिटी टेस्ट और सीटीवाई टैलेंट सर्च के तहत ली गई इसी तरह की अन्य मूल्यांकन परीक्षाओं में असाधारण प्रदर्शन करने पर यह सम्मान दिया गया है। साल 2021-22 की सीटीवाई प्रतिभा खोज परीक्षा में 76 देशों के 15,300 विद्यार्थी शामिल हुए थे। इनमें से 27 प्रतिशत से भी कम सीटीवाई सरेेमनी के लिए अर्हता हासिल कर पाए। नताशा ने इस परीक्षा में सभी आवेदकों से अधिक ग्ड हासिल रे किया।0 मेघना नेपरविले मे बिजनेस चलाती हैं और सक्रिय कम्युनिटी लीडर हैं। पिछले साल दिग्गज नेताओं को हराकर वह व्हीटलैंड टाउनशिप की ट्रस्टी बनी थीं। अब वह नेपरविले सिटी काउंसिल के चुनाव में किस्मत आजमाने के लिए मैदान में उतर आई हैं। अगर वह जीतीं तो इस पद पर बैठने वाली पहली भारतीय अमेरिकी होंगी। अमेरिका के जॉन्स हॉपकिंस सेंटर फॉर टैलेंटेड यूथ (CTY) द्वारा दुनिया की सबसे प्रतिभाशाली विद्यार्थियों की खोज परीक्षा में 76 देशों के 15,300 विद्यार्थी शामिल हुए थे। इनमें से 27 प्रतिशत से भी कम सीटीवाई सेरेमनी के लिए अर्हता हासिल कर पाए। नताशा ने इस परीक्षा में सबसे अधिक ग्रेड हासिल किया। l मनोज शर्मा नेपरविले सिटी काउंसिल के चुनाव में भारतीय मूल की मेघना बंसल भी अपनी किस्मत आजमाने के लिए मैदान में उतर आई हैं। उन्होंने अपने अभियान की शुरुआत कर दी है। अगर वह जीतीं तो इस पद पर बैठने वाली पहली भारतीय अमेरिकी होंगी। मेघना नेपरविले मे बिजनेस चलाती हैं और सक्रिय कम्युनिटी लीडर हैं। पिछले साल दिग्गज नेताओं को हराकर वह व्हीटलैंड टाउनशिप की ट्रस्टी बनी थीं। मेघना कई समितियों में भी सेवाएं दे रही हैं। निवासियों के लिए सड़क, पुल निर्माण जैसी सविु धाओं के विकास में उन्होंने निर्णायक भूमिका निभाई है। पिछले साल टाउनशिप मुख्यालय में पहली दिवाली, भारत दिवस और कई अन्य कार्यक्रमों के आयोजनों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। मेघना ने कहा कि नेपरविल मेरा घर है। मैं 18 साल पहले यहां आई थी। अपना व्यवसाय खड़ा किया। दो बच्चों की मां के रूप में सरुक्षा और पारिवारिक मूल्यों को निभाते हुए अपनी जिम्मेदारी निभाई। मेघना ने कहा कि लोगों की सरुक्षा मेरी सर्वोच्च प्राथमिकता है। मैं यहां के लोगों पर कर के बोझ को कम करने के लिए और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने का प्रयास करूंगी। मेघना ने अपने चुनाव अभियान की शुरुआत पूर्व एनपीडी कैप्टन डेव हिल्डरब्रांड के साथ की। इलिनॉइस के पूर्व लेफ्टिनेंट गवर्नर एवलिन सेंगुइनेटी ने मेघना को समुदाय के प्रति प्रतिबद्धता के लिए धन्यवाद दिया। नेपरविले काउंसिलमैन पॉल लियोंग ने मेघना जैसी उम्मीदवार की जीत को कई मायनों में बेहतर बताया। नेपरविले के मेयर स्टीव चिरिको ने मेघना के लिए समर्थन पत्र भेजा। भारतीय समुदाय की नेता और मीडिया हस्ती वंदना झिंगन ने मेघना और बंसल परिवार के योगदान और नेपरविले को वैश्विक मानचित्र पर लाने के उनके प्रयासों की प्रशंसा की। पूर्व काउंसिलमैन और सेफ सबर्ब्स के अध्यक्ष केविन कोयने ने कानून प्रवर्तन और सरुक्षा नीतियों के प्रति मेघना की प्रतिबद्धता की प्रशंसा की। नेपरविले एम्बेसी सूट में आयोजित कार्यक्रम में कई निर्वाचित अधिकारी, सामुदायिक नेता और समर्थकों सहित 200 से अधिक लोग उपस्थित थे। मेघना पिछले 6 वर्षों से वाइट ईगल होमओनर असोसिएशन में एक निर्वाचित बोर्ड सदस्य हैं। वहां वह सरुक्षा, रखरखाव और सविु धाओं से संबंधित महत्वपूर्ण निरयों का ्ण हिस्सा रही हैं। वह इंडियन कम्युनिटी आउटरीच की महिला अध्यक्ष भी हैं। नेपरविले सिटी काउंसिल में इतिहास रचने चलीं मेघना, शुरू किया चुनाव अभियान
8 न् यू इंडिया अब्रॉड सोमवार, 13 फरवरी, 2023 भारतीय मूल के अरविंद बने पर्ड्यू ्ड्यू यूनिनिवर्सिट र्सिटी ममें इंजीनिनियरििंग कॉलेज के नए डीन l न्यू इंडिया अब्रॉड नेटवर्क पर्ड्यू यूनिवर्सिटी में लंबे समय से प्रशासक और संकाय सदस्य अरविंद रामन को कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग का नया जॉन ए एडवरस्ड न डीन नियुक्त किया गया है। यूनिवर्सिटी ने नियुक्ति की घोषणा करते हुए बताया कि रामन की सेवाएं 1 अप्ल रै से शुरू होंगी। वह मार्क लुंडस्ट्रॉम का स्थान लेंगे जो 1 जुलाई 2022 से कॉलेज के अंतरिम डीन के रूप में कार्यरत थे। यूनिवर्सिटी के अनुसार अरविंद रामन दिसंबर 2019 से इंजीनियरिंग यूनिवर्सिटी के कार्यकारी एसोसिएट डीन हैं। इस दौरान उन्होंने विविध संकायों में मेधावी प्रतिभाओं को स्थान दिया। संकाय और कर्मचारी कार्यक्रमों की सफलता में वृद्धि की दिशा में प्रयास किया और पर्ड्यू इंजीनियरिंग की प्रतिष्ठा में उन्नयन के साथ ही अकादमिक कार्यक्रमों व संकाय के विकास की समग्र गुणवत्ता में सहयोग किया। इससे पहले रामन को 2008-12 तक पर्ड्यू यूनिवर्सिटी फैकल्टी स्कॉलर और 2012 में अमेरिकन सोसाइटी ऑफ मैकेनिकल इंजीनियर्स का फेलो नामित किया गया था। उन्हें मैटेरियल्स इंजीनियरिंग में प्रोफेसरशिप नियुक्ति भी मिली। वह शाह फैमिली ग्लोबल इनोवेशन लैब के सह- संस्थापक रहे हैं। लैब ने सतत विकास के लिए शीर्ष गैर सरकारी संगठनों के साथ 30 से अधिक संकाय-आधारित प्रौद्योगिकी विकास और स्केल-अप परियोजनाओं में सहयोग किया है। उन्होंने USAID की आर्थिक सहायता से चलने वाले LASER (लॉन्ग टर्म असिस्टसें एंड सर्विसेज फॉर रिसर्च) के निदेशक के रूप में भी अपनी सेवाएं दी हैं। वह PULSE (पार्टनर्स फॉर यूनिवर्सिटी ले़ड सॉल्यूशंस इंजिन) कंसोर्टियम को भी अपना कौशल-अनुभव प्रदान कर चुके हैं। रामन ने आईआईटी दिल्ली से बी.टेक किया था। उसके बाद मैकेनिकल इंडीनियरिंग में अपनी डॉक्टरेट की डिग्री कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी, बर्कले से हासिल की और पर्ड्यू से इसी विषय में मास्टर्सकिया। यनिू वर्सिटी के अनुसार अरविंद रामन दिसंबर 2019 से इंजीनियरिंग यनिू वर्सिटी के कार्यकारी एसोसिएट डीन हैं। इससे पहले रामन को 2008-12 तक पर्ड्यू यनिू वर्सिटी फैकल्टी स्कॉलर और 2012 में अमेरिकन सोसाइटी ऑफ मैकेनिकल इंजीनियर्स का फेलो नामित किया गया था। अप्सरा अय्यर एक 29 वर्षीय हार्वर्ड लॉ स्कूल का छात्रा हैं। वह साल 2018 से आर्ट क्राइम एंड रेपटरिएशन की जांच कर रही हैं। अय्यर इस पद पर प्रिसिला कोरोनाडो की जगह लेंगी। द लॉ रिव् की स यू ्थापना 1887 में सर्वोच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति रहे लुइस डी ब्रैंडिस द्वारा की गई थी। कभी बराक ओबामा थे इस प्रकाशन के अध्यक्ष, अब हैं भारतीय मल ू की छात्र l संवाददाता अमेरिका के हार्वर्ड लॉ स्कूल में प्रकाशित होने वाली हार्वर्ड लॉ रिव्यू ने भारतीय मूल की अप्सरा अय्यर को अपना 137वां अध्यक्ष चुना है। इस प्रतिष्ठित प्रकाशन के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है जब किसी भारतीय अमेरिकी महिला को अध्यक्ष पद के लिए चुना गया है। इसके पहले अश्वेत अध्यक्ष पूर्वराष्ट्रपति बराक ओबामा थे। अप्सरा अय्यर एक 29 वर्षीय हार्वर्ड लॉ स्कूल की छात्रा हैं। वह साल 2018 से आर्ट क्राइम एंड रेपटरिएशन की जांच कर रही हैं। अय्यर इस पद पर प्रिसिला कोरोनाडो की जगह लेंगी। अय्यर ने अपनी नियुक्ति की घोषणा करते हुए एक बयान में कहा कि मैं प्रिसिला के कुशल प्रबंधन, करुणा और जीवंत, समावेशी समुदायों के निर्माण की क्षमता से प्रित हूं। रे उन्होंने आगे कहा कि मैं बहुत आभारी हूं कि हमें ‘वॉल्यूम 137’ उनकी विरासत में मिली है और मैं इस महत्वपूर काम को अगले ्ण साल जारी रखने के लिए सम्मानित महससू कर रही हूं। बता दें कि अय्यर ने येल से साल 2016 में अर्थशास्त्र और गणित और स्पेनिश में बीए की। अय्यर की पुरातत्व में रुचि थी इसलिए उन्होंने ऑक्सफोर्ड में क्लेरेंडन स्कॉलर के रूप में एमफिल की और साल 2018 में मैनहट्टन डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी की एंटीक्विटीज ट्रैफिकिंग यूनिट (ATU) में शामिल हो गईं। ATU में अय्यर ने आर्ट क्राइम की जांच की। अंतरराष्ट्रीय और संघीय कानून-प्रवर्तन अधिकारियों के साथ मिलकर 15 अलगअलग देशों में चोरी की गई 1,100 से अधिक कलाकृतियों को वापस भेजने का काम किया। अय्यर ने 2020 के अंत में हार्वर्ड लॉ स्कूल में दाखिला लिया जहां वह इंटरनेशनल ह्मन यू राइट्स क्लिनिक की छात्रा हैं और साउथ एशियन लॉ स्टूडेंट्स एसोसिएशन की सदस्य हैं। मालूम हो कि द लॉ रिव्यू की स्थापना 1887 में सर्वोच्च न्यायालय के न्यायमूर्तिरहे लुइस डी ब्रैंडिस द्वारा की गई थी। यह पूरी तरह से छात्र- संपादित पत्रिका है। यह दुनिया की किसी भी लॉ पत्रिका की तुलना में सबसे ज्यादा प्रसारित की जाती है। हार्वर्ड लॉ रिव्यू के लिए पहले अश्वेत अध्यक्ष पूर्वराष्ट्रपति बराक ओबामा थे।
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गुब्बारे और पतंगबाजी... चीन की चाल और दनियु ा का हाल अमेरिका के आसमान में उड़ते गुब्बारे ने पिछले दिनों दुनियाभर की मीडिया में सर्खि ु यां बटोरीं। मगर यह उस तरह का गुब्बारा नहीं था जो एक उत्साही बच्चा हवा में उड़ाता है। यह कोई पतंग भी नहीं थी जो आसमान पर आवारगी के गोते लगा रही थी। यह एक किस्म का ‘जाससूी’ गुब्बारा था जिसके प्रयोग बीते कुछ समय से चीन कर रहा है ताकि यह जान सके कि उसके ‘दोस्त’ और ‘दुश्मन’ आखिर कर क्या रहे हैं। ‘रंगे हाथ’ पकड़े जाने पर जैसे किया जाता है, चीन ने वैसा ही किया और ड्गन इ रै समें माहिर भी है। उसने मासमिू यत दिखाते हुए दुनिया पर ही तोहमत लगा दी और ऐसे जताया मानो ‘निर्दोष’ गुब्बारा राह भटक गया था। इस पतंगबाजी के शुरुआती प्रयास में ड्रैगन ने यह जतलाने की कोशिश की कि जिस गुब्बारे के बारे में हंगामा बरपा है, वह तो महज मौसम का मिजाज जानने के लिए उड़ान पर था। उसी समय लैटिन अमेरिका के ऊपर एक अन्य गुब्बारे के उड़ान भरने की रिपोर्टसामने आई, जो स्पष्ट रूप से वायुमंडल का अध्ययन कर रहा था। फिर कहा गया कि गुब्बारा एक ‘हवाई पोत’ था, या जो कुछ भी उसका मतलब था। खैर हड़बड़ाई अंतरराष्ट्रीय बिरादरी को शांत करने के लिए मीडिया में खबरें चलीं कि विभाग के प्रभारी व्यक्ति को ‘ठिकाने’ लगा दिया गया है। यह संदेश देने की कोशिश हुई कि जमीनी नियंत्रित एक गुब्बारा भटकने की हिमाकत कैसे कर सकता है। लेकिन तब तक चीन के राष्ट्रपति को इस बात का अहसास हो चला था कि मासमिू यत का लबादा ओढ़कर वह जो कोलाहल कर रहे हैं, उस पर कोई भरोसा नहीं कर रहा। हालांकि पिछले कुछ वर्षों से बीजिंग यह जताने की जद्दोजहद में है कि वह अंतरराष्ट्रीय कानूनों और रीति-रिवाजों की परवाह करता है। अगर वह गुब्बारा वाकई मौसम का मिजाज जानने के लिए हवा में गोते लगा रहा था तो उसे इसके बारे में अमेरिका को अलर्ट कर देना चाहिए था। लेकिन उसने वाशिंगटन का तब तक इंतजार किया जब तक कि उसने यह मुद्दा खुद नहीं उठाया क्योंकि तब तब वह ‘मौसमी गुब्बारा’ मोंटाना को पार कर चुका था और माना जाता है कि वहां पर परमाणु हथियारों वाले कई ठिकाने हैं। लेकिन जब अमेरिका ने इस गुब्बारे को मार गिराया तो चीन की प्रतिक्रिया उतने हंगामे वाली नहीं थी, जिसमें कि वह माहिर है। अब अमेरिकी खुफिया एजेंसियां दुनिया को बता रही हैं कि जाससूी गुब्बारे पीपल्स लिबरेशन आर्मी की सरपरस्ती में आए थे और हो सकता है कि उतने समय में भारत और जापान सहित 40 से अधिक देशों की जाससूी कर ली गई हो। अब अगर वाशिंगटन को सब कुछ पता था तो उसने भी इसे स्पष्ट कारणों से गुप्त रखा। कुछ राष्ट्रीय सरुक्षा मुद्दों पर सार्वजनिक रूप से चर्चा नहीं की जाती इसलिए यह कहना भोलापन होगा कि भारतीय खुफिया तंत्र को इस प्रकार की खुफिया जानकारी एकत्र करने की जानकारी नहीं थी। एफबीआई को लग रहा है कि ‘जाससूी-यान’ विरोधियों के संचार नेटवर्क को निशाना बनाकर काम करने के लिए भेज गया था। इस बारे में अधिक जानकारी तब हासिल होगी जब समुद्र की गहराइयों से गुब्बारे का मलबा निकाल लिया जाएगा। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि लक्षित क्षेत्र क्या थे लेकिन गुप्त निगरानी के लिए उच्च तकनीक के साथ ही ‘हत्यारे’ और ‘शिकारी-हत्यारे’ उपग्रह ही काम में नहीं लिए जाते, गुब्बारे और पतंगें भी काम आती हैं। बुद्धिमत्ता के इस खेल में कुछ भी ‘आदिम’ नहीं है। 10 न् यू इंडिया अब्रॉड सोमवार, 13 फरवरी, 2023 रूस-यूक्रेन युद्ध रुकवा सकते हैं पीएम मोदी? l न्यू इंडिया अब्रॉड नेटवर्क रूस और यूक्न के यु रे द्ध ने पूरी दुनिया को हलकान कर रखा है। देशों की अर्थव्यवस्थाओं से लेकर सियासत तक पूरा सिस्टम डांवाडोल हो गया है। अमेरिका को उम्मीद है कि ये युद्ध अब भी रोका जा सकता है और इस काम को अंजाम तक पहुंचाने में भारत के प्रधानमंत्री नरद्रें मोदी अहम भूमिका निभा सकते हैं। ये बाद वाइट हाइस के राष्ट्रीय सरुक्षा परिषद के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने खुद कही है। प्रवक्ता जॉन किर्बी से पूछा गया था कि क्या पीएम मोदी के लिए यूक्रेन और रूस के बीच युद्ध को रोकने या राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को समझाने में बहुत देर हो चुकी है? इसके जवाब में किर्बी ने कहा कि मुझे लगता है कि युद्ध को रोकने के लिए पुतिन के पास अभी भी समय है। मैं पीएम मोदी से कहना चाहूंगा कि इस जंग को रोकने के लिए वे जो भी प्रयास करेंगे, उस फैसले में अमेरिका उनके साथ होगा और उस प्रयास का हम स्वागत करेंगे। अमेरिका ऐसी हर कोशिश का स्वागत करेगा जिससे यूक्रेन में शत्ता खत रु ्म हो सके। दैनिक प्रेस वार्ता के दौरान किर्बी ने कहा कि यूक्रेन में लोगों के साथ जो कुछ हो रहा है, उसके लिए व्लादिमीर पुतिन जिम्मेदार हैं। वह चाहें तो इसे अभी रोक सकते हैं। लेकिन वह अपनी क्रूज मिसाइलों को ऊर्जा और बिजली के बुनियादी ढांचे पर दाग रहे हैं। वह यूक्रेन के इन्फ्रास्ट्रक्चर को नष्ट कर रहे हैं जिससे यूक्रेनी लोगों की मुसीबत बढ़ रही है। किर्बी ने कहा कि हमें लगता है कि ये युद्ध खत्म हो जाना चाहिए। याद दिला दें कि भारतीय प्रधानमंत्री मोदी रूसयूक्रेन युद्ध को बातचीत के जरिए रुकवाने की कई बार वकालत कर चुके हैं। पिछले साल शंघाई सहयोग संगठन के शिखर सम्मेलन से इतर पीएम मोदी जब पुतिन से मिले थे तो उन्होंने कहा था कि ‘आज का युग युद्ध का नहीं है। मैंने इसके बारे में आपसे फोन पर कई बार बात की है। अब हमें विचार करना होगा कि कि शांति स्थापित करके प्रगति का मार्ग कैसे प्रशस्त कर सकते हैं। G20 के विदेश मंत्रियों की बैठक से पहले पुतिन से क्यों मिले डोभाल? l त्रिभुवन शर्मा मास्को में भारत के राष्ट्रीय सरुक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने रूस के राष्ट्रपति पुतिन से गुरुवार को मुलाकात की। व्यापार और दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने के इरादे से ये भारतीय प्रतिनिधिमंडल अजीत डोभाल की अगुआई में गया है। इसी दौरान उनकी पुतिन से द्विपक्षीय और क्त्षेरीय मुद्दों पर व्यापक चर्चा हुई। मास्को में मौजूद भारतीय दूतावास ने ट्वीट करते हुए बताया कि यह चर्चा द्विपक्षीय और क्त्षेरीय मुद्दों पर केंद्रित थी। डोभाल और पुतिन के बीच व्यापक चर्चा हुई जिसके बाद भारतरूस रणनीतिक साझेदारी को लागू करने की दिशा में काम जारी रखने पर सहमति बनी है। दो दिवसीय दौरे पर रूस पहुंचे डोभाल ने बुधवार को अफगानिस्तान पर सरुक्षा परिषद/एनएसए के सचिवों की पांचवीं बैठक में भाग लिया था। बैठक में डोभाल ने कहा कि किसी भी देश को आतंकवाद फैलाने के लिए अफगान क्षेत्र का उपयोग करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जरूरत के समय भारत अफगानिस्तान के लोगों को कभी नहीं छोड़ेगा। बैठक में रूस और भारत के अलावा ईरान, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, चीन, ताजिकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान और उज्बेकिस्तान के प्रतिनिधियों ने भाग लिया था। डोभाल की मास्को यात्रा नई दिल्ली में जी-20 के विदेश मंत्रियों की बैठक से कुछ सप्ताह पहले हो रही है। रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव 1 और 2 मार्च को बैठक में भाग लेने भारत आ सकते हैं। नई दिल्ली में रूसी राजदूत डेनिस अलीपोव ने सोमवार को कहा था कि रूस भारत के साथ अपने संबंधों में और विविधता लाना चाहता है। मॉस्को के यूक्रेन पर आक्रमण के बावजूद भारत और रूस के बीच संबंध मजबूत बने रहे हैं। कई पश्चिमी देशों में बढ़ती बेचैनी के बावजूद भारत का रूसी कच् तेल का आयात चे पिछले कुछ महीनों में काफी बढ़ गया है। भारत ने अभी तक यूक्रेन पर रूसी आक्रमण की खुलकर निंदा नहीं की है। वह इस संकट को कूटनीति और बातचीत के माध्यम से हल करने पर जोर देता रहा है। संपादकीय भारतीय प्रधानमंत्री मोदी रूस- यक्रे ू न युद्ध को बातचीत के जरिए रुकवाने की कई बार वकालत कर चुके हैं और इसके लिए वह लगातार प्रयास भी कर रहे हैं। विश्व में उनकी इस पहल का सकारात्मक असर पड़ रहा है। मास्को में मौजूद भारतीय दूतावास ने बताया कि डोभाल और पुतिन के बीच व्यापक चर्चा हुई जिसके बाद भारत-रूस रणनीतिक साझेदारी को लागू करने की दिशा में काम जारी रखने पर सहमति बनी है। डोभाल दो दिवसीय दौरे पर रूस गए हैं। अब अमेरिकी खुफिया एजेंसियां दुनिया को बता रही हैं कि जासूसी गुब्बारे पीपल्स लिबरेशन आर्मी की सरपरस्ती में आए थे और हो सकता है कि उतने समय में भारत और जापान सहित 40 से अधिक देशों की जासूसी कर ली गई हो। Photo by analuisa gamboa / Unsplash मोदी और पुतिन (फाइल फोटो @PMOindia)
न् यू इंडिया अब्रॉड सोमवार, 13 फरवरी, 2023 11 HERE'S YOUR CHANCE TO BE A DJ DIASPORA J OURNO With Indians in all corners of the world, there's never a dull moment! New India Abroad gives you the unique opportunity to capture such moments and be a journalistfor your community. All you have to do is: Cover community news Send us your report Wait for it to be published Inform us about diaspora events in your area. You can cover both immediate and future events Send us a report with all the details and other material like images, audio/video clips, and interviews Our team will edit and publish yourstory in our paper & website with due credit given to you NOW ANYBODY CAN BE A DJ! New India Abroad prides itself in being a platform for the Indian Diaspora - Be itin the Americas, Europe, Asia Pacific, Middle East or Africa. Send yourstories to [email protected]
12 न् यू इंडिया अब्रॉड सोमवार, 13 फरवरी, 2023 भारत आने वाले सभी यात्री कर सकेंगे UPI से पेमेंट l मनोज शर्मा रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने विदेशियों के लिए यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) की सविु धा का विस्तार किया है। आरबीआई ने कहा है कि अब जी-20 देशों से चुनिंदा हवाई अड्डों पर आने वाले यात्री UPI के जरिए पेमेंट कर सकेंगे। केंद्रीय बैंक ने यह भी कहा कि आने वाले समय में सभी देशों के यात्रियों को इस तरह की सविु धा मिलेगी। यूपीआई एक पेमेंट प्लेटफॉर्म है जिससे हम पेटीएम, फोन पे और गूगल पे जैसे मोबाइल ऐप के माध्यम से कहीं से भी कभी भी अपने बैंक खाते से दूसरे बैंक खाते में पैसा भेज सकते हैं, मंगवा सकते हैं और दुकानों पर पेमेंट कर सकते हैं। इससे पहले अमेरिका समेत दस देशों के अप्रवासियों को यूपीआई का प्रयोग करने की इजाजत दी जा चुकी है। अब इसका दायरा बढ़ाया जा रहा है। भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) ने इस साल की शुरुआत में दस देशों के अप्रवासियों को एनआरई (नॉन रसे ीडेंट एक्सटर्नल) या एनआरओ (नॉन रसे ीडेंट ऑर्डिनरी) खातों से लिंक करके यूपीआई का इस्तेमाल करने की सविु धा प्रदान दी थी। इन देशों में सिंगापुर, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, हांगकांग, ओमान, कतर, अमेरिका, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और ब्रिटेन शामिल हैं। केंद्रीय बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने बुधवार को मौद्रिक नीति समीक्षा की जानकारी देते हुए बताया कि भारत में यूपीआई रिटेल डिजिटल पेमेंट के लिये काफी लोकप्रिय बन चुका है। इसे देखते हुए अब भारत आने वाले सभी यात्रियों को देश में रहने के दौरान कारोबारियों (पी2एम) को भुगतान के लिये इसके उपयोग की अनुमति देने का प्रस्ताव है। इस सविु धा की शुरुआत चुनिंदा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर आने वाले जी-20 देशों के यात्रियों से की जा रही है। दास ने कहा कि हाल ही में उन अनिवासी भारतीयों को यूपीआई सविु धा दी गई थी जिनके पास अपने एनआरई/एनआरओ खातों से जुड़े अंतरराष्ट्रीय मोबाइल नंबर हैं। अब भारत आने वाले सभी यात्रियों को देश में रहते हुए अपने मर्चेंट पेमेंट (पी2एम) के लिए यूपीआई का उपयोग करने की अनुमति देने का प्रस्ताव है। गौरतलब है कि भारत ने 1 दिसंबर 2022 को जी-20 की अध्यक्षता संभाली है। जी-20 दुनिया के विकसित और विकासशील देशों का सबसे महत्वपूर मंच है। इ ्ण समें भारत सहित दुिनया के िवभिन्न देश और यूरोपीय संघ शामिल हैं। (साभार सोशल मीडिया) एक और फार्मा कंपनी घेरे में, इस बार आई ड्रॉप का मामला l संवाददाता अमेरिका से आ रहीं लगातार शिकायतों के बाद कल देर रात आंखों की दवा बनाने वाली भारतीय कंपनी पर छापा मारा गया। कंपनी पर अमेरिकी अथॉरिटी ने आरोप लगाए हैं इस दवा से अमेरिका में कई लोगों की रोशनी तक चली गई है और एक शख्स की मौत भी हुई है। इससे पहले पिछले साल गाम्बिया और उज्बेकिस्तान में बच्चों की मौत को लेकर एक अन्य भारत फार्मा कंपनी पर आरोप लगे थे। भारत की सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन और तमिलानाडुराज्य के ड्रग कंट्रोलर चेन्नई स्थित ग्लोबल फार्मा हेल्थकेयर कंपनी के दफ्तर पहुंची। ग्लोबल फार्मा हेल्थकेयर चेन्नई से 40 किमी दक्षिण में स्थित है। ग्लोबल फार्मा हेल्थकेयर ने अपनी वेबसाइट पर एक बयान जारी किया है। इसमें लिखा है कि वह सभी डिस्ट्रीब्यूटर को सचिू त कर रही है और होल सेलर, रिटेलर और कस्टमर से अनुरोध करती है कि इस दवा को बेचना व उपयोग करना तुरंत बंद कर दें। फार्मा कंपनी ने यह भी कहा कि वह अमेरिकी अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रही है। कंपनी ने इस दवा का प्रतिकूल प्रभाव झेल रहे पीड़ितों को तुरंत चिकित्सा सहायता लेने के लिए कहा है। यूएस फड एंड ू ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने दावा किया है कि इस दवा का 55 लोगों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। इसमें कई लोगों की आंखों में सक्रं मण फैलने से लेकर किन्हीं की आंखों की रोशनी तक चली गई है। एक व्यक्ति की मौत की भी खबर है। अमेरिकी स्वास्थ्य प्राधिकरण ने दावा किया है कि ग्लोबल फार्मा हेल्थकेयर की आई ड्रॉप्स दवा प्रतिरोधी बैक्टीरिया से दूषित थीं। बता दें कि इससे पहले पिछले साल गाम्बिया और उज्बेकिस्तान में बच्चों की मौत को लेकर एक अन्य भारत फार्मा कंपनी पर आरोप लगे थे। वह कंपनी खांसी के सिरप बनाती थी। उस मामले के बाद अब आंखों की दवा बनाने वाली इस फार्मा कंपनी पर आरोप लगाए गए हैं। यूएस फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने दावा किया है कि दवा का 55 लोगों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। कई लोगों की आंखों में संक्रमण से लेकर आंखों की रोशनी तक चली गई है।
न् यू इंडिया अब्रॉड सोमवार, 13 फरवरी, 2023 13 सूटकेसों में मिले थे नोटों के बंडल, अब भारतवंशी भरेगा रिकॉर्डतोड़ जुर्माना l न्यू इंडिया अब्रॉड नेटवर्क स्कॉटलैंड में भारतीय मूल के एक बिजनेसमैन को बिना टैक्स चुकाए मोटी रकम जमा करने की बहुत भारी कीमत चुकानी पड़ी है। एजेंसियों के साथ समझौते के बाद 44 वर्षीय गुलजार सिंह 6 लाख पाउंड (लगभग 6 करोड़ रुपये) चुकाने के लिए राजी हो गया है। इससे पहले 10 लाख पाउंड पहले ही उसके बैंक खातों से बरामद किए जा चुके हैं। किसी दीवानी मामले में सैटलमेंट का यह सबसे बड़ा मामला बताया जा रहा है। यह मामला पहली बार मार्च 2021 में सामने आया था। पुलिस को खबर मिली थी कि गुलजार सिंह के कई बैंक खातों में कुछ ही हफ्तों के अंदर भारी मात्रा में रकम जमा हुई है। यह रकम एक ही पोस्ट ऑफिस के जरिए जमा की गई थी। उस समय कोरोना की वजह से लॉकडाउन चल रहा था। पुलिस की छानबीन से परतें खुलीं। मई 2021 में पुलिस ने सिंह के घर पर छापा मारा तो कई सूटकेस और बैग में नोट भरे हुए मिले। छापेमारी में कुल 692,027.86 पाउंड की रकम बरामद की गई। इसके बाद सिंह के खिलाफ बिना टैक्स चुकाए मोटी रकम जमा करने का आरोप लगाया गया। अब सिंह सिविल रिकवरी यूनिट, शाही रेवेन्यू व कस्टम विभाग के साथ सेटलमेंट के लिए तैयार हो गया है। स्कॉटलैंड के क्राउन ऑफिस व प्रॉक्यूरेटर फिस्कल सर्विस (COPFS) ने बयान में बताया कि किसी एक मामले में सीआरयू द्वारा जब्त की गई ये सबसे मोटी रकम है। सीआरयू की प्रमुख एना लुइ हाउस ने कहा कि यह केस विभागों के आपसी तालमेल का अद्भुत उदाहरण है। बता दें कि सीआरयू स्कॉटलैंड के मंत्रियों के अधीन काम करने वाले वकीलों और वित्तीय जांचकर्ताओं की स्पेशलिस्ट टीम है। एना ने बताया कि जब्त की गई इस रकम को स्कॉटिश कंसोलिडेटेड फंड में जमा कराया जाएगा जो पूरे स्कॉटलैंड में समुदायों को सरकार के कैश बैक प्रोग्राम के तहत मदद मुहैया कराती है। मार्च 2021 में पुलिस को खबर मिली थी कि गुलजार सिंह के कई बैंक खातों में कुछ ही हफ्तों के अंदर एक डाकघर से भारी मात्रा में रकम जमा हुई है। मई 2021 में पुलिस ने सिंह के घर पर छापा मारा तो कई सूटकेस और बैगों में नोट भरे हुए मिले। छापेमारी में कुल 692,027.86 पाउंड की रकम बरामद की गई। Photo by Vu Nguyen / Unsplash भारतवंशी जज ने ब्रिटेन में पुलिस अफसर को भेजा जेल, किया था ये घिनौना अपराध l संवाददाता ब्रिटेन में भारतीय मूल की एक जज ने स्कॉटलैंड यार्ड में तैनात पुलिस ऑफिसर को आजीवन कारावास की 36 सजाएं सुनाई हैं। उसके ऊपर 17 साल में एक दर्जन महिलाओं के साथ हिसं क और क्रूर यौन अपराध को अंजाम देने का आरोप है। यह खबर ब्रिटेन की मीडिया में सर्खि ु यों में है। लंदन के साउथवार्क क्राउन कोर्ट में भारतीय मूल की जज न्यायमूर्ति परमजीत कौर ‘बॉबी’ चीमा-ग्रब ने यह फैसला सुनाया। सजा के मुताबिक आरोपी डेविड कैरिक (48 वर्ष) को पैरोल के लिए विचार किए जाने से पहले कम से कम 30 साल सलाखों के पीछे रहना होगा। जज ने अपने फैसले के दौरान आरोपी मेट्रोपॉलिटन पुलिस के पूर्व अधिकारी डैविड कैरिक से कहा कि उसने नैतिक भ्रष्टाचार की हदों को पार कर दिया है। दूसरी तरफ उन्होंने पीडित महिलाओं की सराहना की और कहा कि उन्होंने आगे आकर इस मामले को उजागर करने का साहस दिखाया। न्यायमूर्ति चीमा-ग्रब ने कहा कि यह अपराध एक ऐसे व्यक्ति के चरम पतन को साबित करता है जिस पर कानून का पालन कराने की जिम्मेदारी थी। पब्लिक के बीच रहते हुए आपने अपने ऊपर महिलाओं का भरोसा जगाया और उसका गलत लाभ उठाया। आपने कई महिलाओं के साथ रेप और उन महिलाओं का भी यौन उत्पीड़न किया जिन्हें आप ठीक से जानते भी नहीं थे। उन्होंने डेविड से कहा, आपने एक अछूत की तरह व्यवहार किया। आप यह सोचकर निश्चत िं थे और इस घृणित अपराध को अंजाम दे रहे थे कि कोई भी पीड़ित शर्म और डर के कारण आपकी शिकायत नहीं कर पाएंगी। उन्होंने कहा कि पुलिस के पद पर रहते हुए 17 साल तक कानून से खिलवाड़ करना हैवानियत से भी ज्यादा क्रूर मामला है। ब्रिटेन की गृह सचिव सुएला ब्वरेरमैन ने सजा सुनाए जाने के बाद एक बयान जारी किया और कहा कि कैरिक के अपराध पुलिस बल पर एक ‘दाग’ है। भारतीय मूल के इस मंत्री ने कहा, ‘यह महत्वपूर है ्ण कि हम इस बात का खुलासा करें कि वह इतने लंबे समय तक वर्दी कैसे पहन पाए।’ उन्होंने कहा, ‘मैं उन बहादुर महिलाओं का सम्मान करती हूं जो उनके घृणित काम के लिए दोषी को पकड़वाने के लिए आगे आईं।’ सजा सुनाए जाने के दौरान, यह सामने आया कि कैरिक ने हिरासत में खुद को मारने का प्रयास किया, उसके बाद उसे को अस्पताल ले जाया गया था। सुनवाई के दौरान जज ने कहा कि ‘आत्मग्लानि और शर्म’ के कारण उसने आत्महत्या की कोशिश की थी। कैरिक को 12 महिलाओं के खिलाफ 49 अपराधों के लिए दोषी ठहराया गया। उसके खिलाफ रेप के 24 मामले हैं। इसके अलावा जोरजबर्दस्ती करना, यौन उत्पीड़न और झूठा फंसाकर कारावास में डालने का भी आरोप है। पहली बार आरोप सामने आने के बाद मेट पुलिस ने उन्हें पिछले महीने बर्खास्त कर दिया था। साउथवार्क क्राउन कोर्ट, लंदन (चित्र साभार : सोशल मीडिया) सांकेतिक तस्वीर (चित्र साभार : सोशल मीडिया) जज ने अपने फैसले के दौरान आरोपी मेट्रोपॉलिटन पुलिस के पूर्व अधिकारी डैविड कैरिक से कहा कि उसने नैतिक भ्रष्टाचार की हदों को पार कर दिया है। दूसरी तरफ उन्होंने पीडित महिलाओं की सराहना की और कहा कि उन्होंने आगे आकर इस मामले को उजागर करने का साहस दिखाया। छात्रों से कराई जा रही ‘गुलामी’, 50 मामले मिलने पर दूतावास अलर्ट l न्यू इंडिया अब्रॉड नेटवर्क ब्रिटेन में भारतीय छात्रों से दासता और गुलामी कराए जाने का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यूके अथॉरिटीज ने 50 से ज्यादा भारतीय छात्रों के आधुनिक गुलामी का शिकार होने की आशंका जताई है। इस सिलसिले में 5 लोगों पर आरोप लगा है। ये सभी भारत के केरल के रहने वाले हैं। भारतीय उच्चायोग ने लोगों से अपील की है कि अगर किसी अन्य के साथ ऐसी ही घटना हुई है तो संपर्क करें, उसे पर्याप्त मदद मुहैया कराई जाएगी। गैंगमास्टर्स एंड लेबर एब्यूज अथॉरिटी’ (GLAA) ने बताया कि उसने बीते 14 महीनों में 50 से ज्यादा ऐसे भारतीय छात्रों की पहचान की है जो आधुनिक गुलामी और श्रम शोषण के पीड़ित हो सकते हैं। यह ब्रिटेन सरकार की खुफिया जांच एजेंसी है जो श्रम-शोषण के मामलों की पड़ताल करती है। इन लगभग 50 छात्रों का संबंध नॉर्थ वेल्स के केयर होम्स से पाया गया है। एजेंसी ने बताया कि इस मामले में उसने पांच आरोपियों के खिलाफ कोर्ट का आदेश हासिल कर लिया है। इसके बाद भारतीय उच्चायोग ने ट्वीट करके चिंता जताई और संभावित पीड़ित छात्रों को मदद और परामर्श के लिए मिशन से संपर्क करने की अपील की। उच्चायोग ने कहा कि इस खबर से हम चिंतित हैं। जिन भारतीयों को इसका सामना करना पड़ रहा है, वे pol3. [email protected] पर हमसे संपर्क करें। हम मदद और सलाह देंगे। साथ ही इस पूरी प्रक्रिया को गोपनीय भी रखेंगे। जिन पांच लोगों पर नॉर्थ वेल्स केयर होम्स में काम करने वाले भारतीय छात्रों को नौकरी के नाम पर भर्ती करके शोषण कराने का संदेह है, उन्हें गुलामी और तस्करी जोखिम आदेश (STRO) सौंपा गया है। इनके नाम मैथ्यू इसाक (32), जीनू चेरियन (30), एल्डहोस चेरियन (25), एल्डहोस कुरियाचन (25) और जैकब लिजू (47 वर्षीय) हैं। ये सभी मूल रूप से केरल के हैं।
14 न् यू इंडिया अब्रॉड सोमवार, 13 फरवरी, 2023 एकतरफा प्यार में भारतवंशी नर्स की हत्या, भारतीय ने ही मारकर गड्ढेमें दबा दिया था l न्यू इंडिया अब्रॉड नेटवर्क ऑस्ट्रेलिया के एडिलेड में नर्सिंग की छात्रा जैस्मीन कौर की हत्या के मामले का खुलासा हो गया है। भारत के ही तारिकजोत सिंह ने इस हत्या में अपना जुर्म कबूल लिया है। बताया जा रहा है कि यह हत्या एकतरफा प्म का नतीजा है। रे जैस्मीन का शव साउथ ऑस्ट्रेलिया के फ्लडिं र्स रेंज में मिला था। पुलिस ने अनुसार घटना मार्च 2021 की है। नॉर्थ प्लायम्प्टन के सदर्न क्रॉस होम्स में 5 मार्च की रात 10 बजे अपनी शिफ्ट खत्म कर जैस्मीन निकली थीं कि आरोपी तारिकजोत ने बलपूर्वक उसका अपहरण कर लिया। पुलिस का दावा है कि तारिकजोत ने हत्या करने के बाद उसके शव को एक गड्ढे में रख दिया और मिट्टी से ढक दिया था। जैस्मीन जहां पर रहती थी, उससे लगभग 400 किलोमीटर की दूरी पर उसके अवशेष पाए गए थे। पुलिस को जैस्मीन की आईडी और जूते एक सुनसान जगह से मिले। जैस्मीन एडिलेड में अपनी मौसी और मौसा के साथ रहती थी और नर्सिंग की ट्रेनिंग कर रही थी। ट्रेनिंग के दौरान वह एक वृद्ध के देखभाल की जिम्मेदारी संभाल रही थी। जैस्मीन की मां रशपाल गठवाल भारत में रहती हैं। उन्होंने स्थानीय मीडिया को बताया, ‘मुझे उस दिन का पछतावा है जब मैंने अपनी बेटी को ऑस्ट्रेलिया भेजने के लिए हां कहा था। एयरपोर्ट पर छोड़ते समय जब मैंने उसे गले लगाया था तो मुझे क्या मालूम था कि वह मेरी आखिरी मुलाकात होगी। मुझे अपनी बेटी की हर रोज याद आती है।’ तारिकजोत पहले तो ट्रायल के दौरान खुद को निर्दोष साबित करने की दलीलें देता रहा। हालांकि बाद में सुप्रीम कोर्ट ने तारिकजोत को दोषी करार दे दिया। कोर्ट के बाहर जैस्मीन की मौसी ने स्थानीय मीडिया को बताया कि जैस्मीन अब वापस नहीं आ सकती लेकिन हमें खुशी है कि उसे न्याय जरूर मिल गया है। जैस्मीन की मां रशपाल गठवाल भारत में रहती हैं। उन्होंने स्थानीय मीडिया को बताया, ‘मुझे उस दिन का पछतावा है जब मैंने अपनी बेटी को ऑस्ट्रेलिया भेजने के लिए हां कहा था। एयरपोर्ट पर छोड़ते समय जब मैंने उसे गले लगाया था तो मुझे क्या मालूम था कि वह मेरी आखिरी मुलाकात होगी। जैस्मीन कौर की फाइल फोटो (साभार : सोशल मीडिया) सिंगापुर में भारतीय ने फर्जी बिलों से लगाया 8 करोड़ का चना, अब जेल में ू कटेगी जिद ं गी l संवाददाता सिंगापुर में जहाज निर्माण करने वाली एक कंपनी में भारतीय मूल के पूर्व निदेशक को धोखाधड़ी के जुर्म में पांच साल की सजा सुनाई गई है। मीडिया रपटों के अनुसार 36 वर्षीय विग्निश विजेलाल ने एक फाइनेंस फर्म को 1.3 मिलियन सिंगापुर डॉलर (लगभग 8 करोड़ रुपये) से अधिक का चूना लगाया। अब उसे इस हरकत के लिए सजा सुनाई गई है। विजेलाल पर आरोप था कि उसने इन्वाइस बनाने वाली कंपनी कैपिटल मार्च प्लेटफॉर्म (सीएमपी) को साल 2016 में 10 फर्जी इन्वाइस बनाकर दीं। जिस वक्त विजेलाल ने यह अपराध किया, उस वक्त वह मरीन एंड कंस्ट्रक्शन (LMC) में निदेशक थे। बताया जा रहा है कि इस कंपनी में विजेलाल के पिता भी निदेशक थे। विजेलाल ने जो दस इन्वाइस बनाई थीं उसमें विजेलाल ने केपेल FELS नाम की कंपनी और LMC के बीच व्यापार से जुड़ी जानकारी डाली थी जबकि दोनों कंपनियों के बीच कभी व्यापार हुआ ही नहीं था। हालांकि अदालत में यह बात सामने आई कि केपेल का LMC की सहयोगी कंपनी लाल ऑफशोर मरीन के साथ व्यापार रहा है। ट्रायल के बाद विजेलाल को धोखाधड़ी के 10 आरोपों में डिस्ट्रिक्ट जज मार्विन बे ने दोषी ठहराया। सजा सुनाने से पहले जज ने कहा कि विजेलाल ने अपनी शमन याचिका में बताया है कि उसने कुल 400,000 SGD (लगभग ढाई करोड़ रुपये) से अधिक का पुनर्भुगतान कर दिया है। अब CMP का शुद्ध घाटा 950,000 SGD (लगभग 6 करोड़ रुपये) रह गया है। विजेलाल ने इन्वाइस बनाने वाली कंपनी कैपिटल मार्च प्लेटफॉर्म (सीएमपी) को साल 2016 में 10 फर्जी इन्वाइस बनाकर दी थीं। जिस वक्त विजेलाल ने यह अपराध किया तब वह मरीन एंड कंस्ट्रक्शन (LMC) में निदेशक थे। इस कंपनी में विजेलाल के पिता भी निदेशक रह चुके हैं। कार से टकराकर प्रीतेश की मौत, बच्चों के लिए लेने गए थे इंसुलिन व खेल कार्ड l न्यू इंडिया अब्रॉड नेटवर्क अमेरिका के पेन्सिलवेनिया स्थित डॉफिन काउंटी निवासी भारतीय मूल के 39 वर्षीय एक व्यक्ति की कार की चपेट में आने से मृत्यु हो गई। तीन बच्चों के पिता प्रीतेश पटेल बच्चों के लिए इंसलिु न और पोकेमोन कार्ड लेने गए थे, तभी वह दुर्घटना के शिकार हुए थे। प्रीतेश पटेल एक स्टोर से सामान लेने के बाद वहां मशरूम हिल रोड को पार कर रहे थे, तभी एक कार ने उन्हें टक्कर मार दी। यह दुर्घटना इस साल 27 जनवरी की है। पुलिस के मुताबिक घायल पटेल को तुरंत हर्शे मेडिकल सेंटर ले जाया गया। मशीन सपोर्ट पर कुछ दिनों तक उन्हें जीवित रखा गया, पर उन्हें बचाया नहीं जा सका। दो दिन बाद उन्होंने दम तोड़ दिया। पुलिस के मुताबिक सर्विलांस फुटेज से पता चला कि जब पटेल रोड क्रॉस कर रहे थे उस समय ट्रैफिक की हरी बत्ती जली हुई थी और वह क्रॉसवॉक में नहीं थे। पुलिस यह बताने में असमर्थ है कि जिस कार से पटेल को टक्कर लगी वह उस समय कितनी रफ्तार में थी। पुलिस का यह भी कहना है कि दुर्घटना के बाद कार चालक भागा नहीं, बल्कि वहीं रहा और उसने जांच में पुलिस की पूरी मदद की। पटेल की रिश्तेदार एलिजाबेथ पिलुकाइटिस ने बताया कि हादसे की रात वह अपने बेटों के लिए कुछ सामान लाने के लिए ई-बाइक से जा रहे थे। पिलुकाइटिस ने कहा कि प्रीतेश पटेल के सबसे छोटे बेटे को टाइप-1 डायबिटीज है, जिसके लिए वह इंसुलिन लेने गए थे। उसने अपने पिता से पोकेमोन कार्ड भी लाने के लिए कहा था। पटेल की मृत्यु के बाद उनके परिवार वालों ने उनकी किडनी को दान करने का फैसला किया है। पटेल एक दशक से भी अधिक समय से लैंकेस्टर में रह रहे थे। उन्होंने डौफिन काउंटी में एक नया काम शुरू करने का प्लान बनाया था इसलिए परिवार के साथ यहां रहने के लिए आए थे। पटेल परिवार में एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे, इसलिए उनके परिवार को अंतिम संस्कार के खर्चों को पूरा करने में मदद करने के लिए एक GoFundMe पेज स्थापित किया गया है। पटेल एक स्टोर से सामान लेने के बाद वहां मशरूम हिल रोड को पार कर रहे थे, तभी एक कार ने उन्हें टक्कर मार दी। यह घटना इस साल 27 जनवरी की है। दर्घ ुटना में मारे गए प्रीतेश पटेल की तस्वीर (फाइल फोटो)
न् यू इंडिया अब्रॉड सोमवार, 13 फरवरी, 2023 15 376 भारतीयों की याद में इस सड़क का नाम होगा कोमागाटा मारू वे l न्यू इंडिया अब्रॉड नेटवर्क ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत के एबॉट्सफोर्ड में 376 भारतीयों की याद में सड़क के एक हिस्से का नाम कोमागाटा मारू वे रखा जाएगा। ये वे भारतीय हैं जो 109 साल पहले कोमागाटा मारू नाम के जहाज से कनाडा गए थे, लेकिन भारत लौट नहीं पाए। उनके सम्मान में एक मतदान हुआ और यह निरय ्ण किया गया। स्थानीय न्यूजपेपर सूरे नाउ लीडर की रिपोर्ट के मुताबिक एबॉट्सफोर्ड सिटी काउंसिल ने पिछले हफ्ते दक्षिण फ्रेजर वे के एक हिस्से का नाम बदलकर कामागाटा मारू वे रखने के लिए मतदान कराया था। इसमें सर्वसम्मति से यह फैसला लिया गया। गौरतलब है कि 4 अप्रैल 1914 को जापानी जहाज ‘कोमागाटा मारू’ 376 भारतीय यात्रियों को लेकर हांगकांग से ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत के तट के लिए रवाना हुआ था। ये यात्री अपने ठिकाने और रोजी-रोटी की तलाश में कनाडा गए थे। ब्रिटिश कोलंबिया के तट पर जब जहाज पहुंचा, नस्लभेदी नीतियों के चलते इन लोगों को कनाडा में प्रवेश करने से रोक दिया गया था। उसके बाद सभी यात्री लौटने को मजबूर हो गए। 376 भारतीय यात्रियों में से 340 सिख, 24 मुस्लिम और 12 हिंदू थे। ये यात्री अब कलकत्ता लौटने के लिए मजबूर हो गए। कोमागाटा मारू की घटना का अध्ययन करने के लिए 2021 में बनाई गई एक समिति ने कहा कि एबॉट्सफोर्ड के सिख निवासियों ने जहाज में सवार यात्रियों के लिए एक रैली भी की थी। उनके लिए भोजन और ठहरेने की व्यवस्था की गई थी। उन्हें जरूरी सूचनाएं मिले और समाज से वे जुड़ सकें, इसका भी इंतजाम किया गया। परिषद के समक्ष प्रस्तुत की गई रिपोर्ट में कहा गया है, ‘कोमागाटा मारू जहाज के यात्रियों की दुर्दशा से एबॉट्सफोर्ड के स्थानीय लोग परिचित नहीं हैं। सामुदायिक गौरव के तौर पर उन्हें पहचान मिलनी चाहिए।’ वर्ष 1914 में भारत से कनाडा जाने वाले सिख, मुस्लिम और हिंदुओं सहित 376 भारतीय यात्रियों को गंभीर परिस्थितियों में कई महीनों तक डॉकिंग से दूर रखा गया। अंत में उन्हें भारत लौटने के लिए मजबूर किया गया। वे 23 सितंबर, 1914 को कोलकाता के पास बजबज पहुंचे। काउंसिल की रिपोर्ट के मुताबिक वैंकूवर में ज्यादातर यात्रियों को कैद कर लिया गया था और उनमें से 20 को गोली मार दी गई थी। वैंकूवर स्थित ऐतिहासिक कोमागाटा मारू मेमोरियल को वर्ष 2021 से 2023 के बीच तीन बार तोड़ा गया। तीसरी घटना इस महीने की शुरुआत में हुई थी। चार अप्ल 1914 को जापानी रै जहाज ‘कोमागाटा मारू’ 376 भारतीय यात्रियों को लेकर हांगकांग से ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत के तट के लिए रवाना हुआ। ये यात्री अपने ठिकाने और रोजी- रोटी की तलाश में कनाडा गए थे। ब्रिटिश कोलंबिया के तट पर पहुंचने के बाद उन्हें कनाडा जाने से रोक दिया गया था। कनाडा के इसी सड़क का नाम बदलकर रखा जाएगा कोमागाटा मरु वे (चित्र साभारः सोशल मीडिया) डटिे ंग ऐप का इश्क, मुलायम सिंह यादव से ब्याह रचाने पाक से आई इकरा, हुई गिरफ्तार l संवाददाता उत्तर प्रदेश के रहने वाले मुलायम सिंह यादव से शादी करने के सपने संजोकर पाकिस्तान की एक लड़की बीते दिनों अवैध रूप से भारत में घुस गई। गुरुवार को बेंगलुरु पुलिस ने उस लड़की को बेंगलुरु के आईटी सिटी से गिरफ्तार कर लिया। अपना प्यार पाने के इस अवैध प्रयास के बारे में पुलिस ने बताया कि लड़की की कोई आपराधिक पृष्ठभूमि नहीं है। लड़की के पास आधार कार्ड है और उसने भारतीय पासपोर्ट के लिए आवेदन भी किया था। बेंगलुरु पुलिस की जांच में पाया गया है कि पाकिस्तानी लड़की की उम्र 19 वर्ष है। लड़की का नाम इकरा जिवानी है जिसकी एक डेटिंग एप पर उत्तर प्रदेश के मुलायम सिंह यादव से मुलाकात हुई थी। उसके बाद वह नेपाल सीमा पार करके भारत आ गई और यादव से शादी कर ली। बाद में दोनों बेंगलुरु पहुंचे और बेंगलुरु में सरजापुर रोड के पास जुन्नासंद्रा इलाके में रहने लगे। बाद में जब लड़की ने पाकिस्तान में अपनी मां और परिवार के सदस्यों से संपर्क करने की कोशिश की तब केंद्रीय खुफिया एजेंसियों ने उसके बारे में पता लगाया। फिर बेंगलुरु पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस जांच में पता चला है कि न तो इकरा और न ही यादव की कोई आपराधिक पृष्ठभूमि है। भारत आने के पीछे उसका इरादा केवल मुलायम सिंह यादव से ब्याह रचाना था। उसने अपना नाम बदलकर रवा यादव रख लिया था। स्थानीय मीडिया की रपटों के मुताबिक अधिकारी इकरा को पाकिस्तान डिपोर्ट करने की योजना बना रहे हैं। विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (एफआरआरओ) की हिरासत में कैद लड़की ने अधिकारियों से कहा कि वह पाकिस्तान वापस नहीं जाना चाहती और भारत में अपने पति के साथ रहना चाहती है। निर्वासन प्रक्रिया में लगभग दो महीने तक लग सकते हैं। उसके बाद इकरा को पाकिस्तान सरकार के अधिकारियों को सौंप दिया जाएगा। इकरा ने अपने नए नाम रवा यादव के साथ एक आधार कार्ड भी बनवा लिया था और इसमें यादव को पति बताया गया है। उसने भारतीय पासपोर्ट के लिए भी आवेदन किया था। दोनों के खिलाफ विदेशी अधिनियम और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की संबंधित धाराओं के तहत मामले दर्ज किए गए हैं। पुलिस ने उस संपत्ति के मालिक गोविंदा रेड्डी पर भी विदेशी अधिनियम की एक संबंधित धारा के तहत मामला दर्ज किया है जहां दंपति रह रहे थे। रपटों के मुताबिक अधिकारी इकरा को पाकिस्तान डिपोर्ट करने की योजना बना रहे हैं। विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (एफआरआरओ) की हिरासत में कैद लड़की ने अधिकारियों से कहा कि वह पाकिस्तान वापस नहीं जाना चाहती और भारत में अपने पति के साथ रहना चाहती है। न तो इकरा और न ही यादव की कोई आपराधिक पृष्ठभूमि है।
l न्यू इंडिया अब्रॉड नेटवर्क अगली बार भारत यात्रा के दौरान जब आप गोवा जाएं तो वहां पर सैलानियों की तस्वीरें लेने से पहले दो बार सोच लें। अगर फिर भी उनकी फोटो कैमरे में कैद करने का दिल चाहे तो अदब के साथ पहले उनकी अनुमति ले लें। उनकी निजता का अतिक्रमण तो कतई न करें। दरअसल, गोवा के पर्यटन विभाग ने इस तरह की एक एडवायजरी पर्यटकों के लिए जारी की है। इसके पीछे कई कारण हैं। पहला तो यही कि पर्यटकों की निजता में खलल न पड़े, उनकी सरुक्षा हो सके और साथ ही वे अवांछित तत्वों की ठगी का शिकार होने से भी बचें। पर्यटन विभाग ने कई और बातों का भी खयाल रखने की हिदायत दी है। नियमों की अनदेखी और हिदायतें तोड़ने पर 50 हजार रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। एडवायजरी में कहा गया है कि पर्यटकों और अनजान लोगों की तस्वीरें या उनके साथ सल्फी े न लें। खास तौर से तब जब सैलानी सनबाथ ले रहे हों या तैराकी का आनंद उठा रहे हों, उनकी निजता का सम्मान किया जाए। यह चेतावनी भी दी गई है कि खतरनाक और जोखिम भरे ठिकानों पर फोटो और सल्फी े न ली जाए, जैसे कि दरिया से मुखातिब चट्टानों या फिर खड़ी चट्टानों पर। भारत के इस खूबसरूत तटीय राज्य में आने वाले पर्यटकों से यह भी कहा गया है कि वे ऐतिहासिक विरासत वाली जगहों को किसी भी रूप में नुकसान न पहुंचाएं। अक्सर लोग चट्टानों या दीवारों अथवा दरख्तों पर अपना नाम लिख देते हैं या कोई पहचान बना देते हैं या किसी और तरीके से विरूपित कर देते हैं। लिहाजा पर्यटन विभाग ने इसे लेकर चेतावनी जारी की है। पर्यटकों को सलाह दी गई है कि वे सरै-सपाटे के लिए अवैध प्राइवेट टैक्सी किराए पर न लें। किराया मीटर से ही दें। यह इसलिए भी कहा गया है ताकि पर्यटक टैक्सी वालों की मनमानी और लूट से बच सकें। कहा गया है कि जो होटल, विला और आवासीय ठिकाने पर्यटन विभाग से पंजीकृत हों, उन्हें ही बुक किया जाए। सलाह के मुताबिक बीच जैसी खुली जगह पर शराब पीना वर्जित है और एक दंडनीय अपराध है। अलबत्ता सैलानी जिम्मेदारी के साथ और किसी लाइससें शुदा होटल, रेस्तरां या किसी अन्य जायज ठिकाने पर अपना यह शौक पूरा कर सकते हैं। पर्यटकों को यह भी सलाह दी गई है कि वे पानी के खेल और नदी की सरै की बुकिंग के लिए अवैध दलालों या एजेंटों का सहारा न लें। खुले में खाना पकाने पर भी पाबंदी लगाई गई है। और सबसे बड़ी बात यह कि अगर किसी नियम या सलाह का अनुपालन नहीं किया गया तो 50 हजार रुपये तक का जुर्माना लग सकता है। 16 न् यू इंडिया अब्रॉड सोमवार, 13 फरवरी, 2023 गोवा में खूबसूरती देखकर दिल मचले तो भी न करें ये काम, लग सकता है 50 हजार जुर्माना गोवा के परट्य न विभाग ने एडवायजरी में कहा है कि परट्य कों और अनजान लोगों की तस्वीरें या सेल्फी न लें, खासतौर से तब जब वो सनबाथ ले रहे हों या तैराकी का आनंद उठा रहे हों। बीच जैसी खुली जगह पर शराब पीना वर्जित है और एक दंडनीय अपराध है।
न् यू इंडिया अब्रॉड सोमवार, 13 फरवरी, 2023 17 शर्मनाक: शिवाजी की इकलौती प्रतिमा गायब कर दी, भारतीयों में नाराजगी ग्वाडालूप नदी पार्क में लगी शिवाजी महाराज की यह उत्तरी अमेरिका में उनकी एकमात्र मूर्ति थी।सैन जोस को यह प्रतिमा भारत के पुणे शहर की तरफ से उपहार में दी गई थी। पुणे और सैन जोस को सिस्टर सिटीज भी कहा जाता है। l न्यू इंडिया अब्रॉड नेटवर्क आपने प्रतिमाओं के साथ छेड़छाड़, अंग भंग करने जैसी घटनाएं तो कई सुनी होंगी लेकिन अब अमेरिका में मराठा शासक छत्रपति शिवाजी महाराज की पूरी की पूरी प्रतिमा ही गायब कर दी गई है। हैरान करने वाली ये घटना कैलिफोर्निया के सैन जोस में हुई है। इसे लेकर भारतीय समुदाय में खासा रोष है। ग्वाडालूप नदी पार्क में लगी शिवाजी महाराज की यह उत्तरी अमेरिका में उनकी एकमात्र मूर्ति थी। रिक्रिएशन एंड नेबरहुड सर्विसेज के सैन जोस डिपार्टमेंट ऑफ पार्क्स ने ट्वीट करके इस घटना की जानकारी दी। ट्वीट में कहा गया कि हमें यह बताते हुए बहुत खेद है कि ग्वाडालूप रिवर पार्क में लगी श्री छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा गायब हो गई है। पार्क के अधिकारियों ने हालांकि यह नहीं बताया कि प्रतिमा कब गायब हुई। सैन जोस को यह प्रतिमा भारत के पुणे शहर की तरफ से उपहार में दी गई थी। पुणे और सैन जोस को सिस्टर सिटीज भी कहा जाता है। उद्यान, मनोरंजन और पड़ोस सेवा विभाग ने बताया कि चोरी की इस घटना की अधिकारी जांच कर रहे हैं। छत्रपति शिवाजी की प्रतिमा गायब होने का पूरे शहर को दुख है। हम इस समस्या का समाधान खोजने के लिए समुदाय के नेताओं के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। जैसे ही मूर्तिमिलेगी, हम इसकी सूचना देंगे। कई लोग शिवाजी की प्रतिमा गायब होने के पीछे हिंदू विरोधी तत्वों की भूमिका होने का शक जता रहे हैं। स्टैनफोर्ड में प्रोफेसर अनुराग मायरल ने ट्वीट में कहा कि अमेरिका खासकर कैलीफोर्निया में भारत विरोधी और हिंदू विरोधी लोगों की हरकतें लगातार बढ़ती जा रही हैं। इस्लामी संगठन इन्हें उकसा रहे हैं। हिंदू अमेरिकी इनकी कड़ी आलोचना करते है। इंडिया एनर्जी वीक में शामिल हुए दनियु ा-भर के 30 से अधिक नेता-अधिकारी, राजदूत संध भी आए ू l संवाददाता अमेरिका में भारतीय राजदूत तरणजीत सिंह संधू ने यूएस-इंडिया बिजनेस काउंसिल (USIBC) की गोलमेज बैठक में भाग लिया और देश की ऊर्जा खपत में वृद्धि के बीच दिल्ली द्वारा प्रदान किए जाने वाले अवसरों की जानकारी दी। संधू ने ट्विटर पर कहा कि बेंगलुरू में इंडिया एनर्जी वीक के दौरान ऊर्जा परिवर्तन में सहयोग पर USIBC गोलमेज सम्मेलन में संवाद करते हुए खुशी हो रही है। बेंगलुरु में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडिया एनर्जी वीक, 2023 का उद्घाटन किया था और इंडियन ऑयल की ‘अनबॉटल्ड’ पहल के तहत यूनिफॉर्मसहित कई कार्यक्रमों की शुरुआत की। यह यूनिफॉर्म रीसाइकिल पीईटी बोतलों से बनी हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने इंडियन ऑयल द्वारा विकसित सोलर कुकिंग सिस्टम के ट्विन-कुकटॉप मॉडल का अनावरण किया। प्रधानमंत्री ने इथेनॉल सम्मिश्रण रोडमैप की तर्ज पर 11 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में तेल विपणन कंपनियों की 84 खुदरा दुकानों पर E20 ईंधन की शरुआत की। प्रधानमंत्री ने ग्रीन मोबिलिटी रैली को भी हरी झंडी दिखाई जिसमें हरित ऊर्जा स्रोतों पर चलने वाले वाहन भाग लेंगे और हरित ईंधन के लिए जन जागरूकता पैदा करने में मदद करेंगे। वेदांता रिसोर्सेज के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने कहा कि उन्होंने ऊर्जा सुरक्षा, नवीकरणीय ऊर्जा और वैकल्पिक ईंधन के मामले में ऐसी उपस्थिति कभी नहीं देखी। उन्होंने कहा कि मुझे इसमें कोई संदेह नहीं है कि तेल और गैस के लिहाज से भारत सबसे आकर्षक जगह है। ऑयल इंडिया के सीएमडी रंजीत रथ ने कहा कि हरित विकास मार्च में डीकार्बोनाइजेशन की दिशा में भारत की पहल में बड़ी दिलचस्पी है। रथ ने कहा कि भारत और दुनिया भर के तेल क्षेत्र के अग्रणी लोगों ने पीएम मोदी से मुलाकात की। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय तेल एजेंसियों की ओर से दिए गए सुझावों की तारीफ की। सभी ने डीकार्बोनाइजेशन के लिए भारत के प्रयास पर ध्यान केंद्रित किया और पीएम ने इस साल के लिए हरित बजट पर प्रकाश डाला। इंडिया एनर्जी वीक (6 से 8 फरवरी) में दुनियाभर के 30 से अधिक नेता भागीदारी कर रहे हैं। 30,000 से अधिक प्रतिनिधि, 1,000 प्रदर्शक और 500 वक्ता भारत के ऊर्जा भविष्य की चुनौतियों और अवसरों पर चर्चा करने वाले हैं। इंडिया एनर्जी वीक (6 से 8 फरवरी) में दुनियाभर के 30 से अधिक नेता भागीदारी कर रहे हैं। 30,000 से अधिक प्रतिनिधि, 1,000 प्रदर्शक और 500 वक्ता भारत के ऊर्जा भविष्य की चुनौतियों और अवसरों पर चर्चा करने वाले हैं।
18 न् यू इंडिया अब्रॉड सोमवार, 13 फरवरी, 2023 सिसिंगापुर ममें तमिल स ें तमिल सममुदाय ने दो साल बाद ुदाय ने दो साल बाद उल्ला ्लास से ममनाया थाईपुस नाया थाईपुसमम उत्स्सव यूटा सीनेट और हाउस ने सिख समुदाय के सम्मान में पारित किया यह प्रस्ताव सीनेटरों ने प्रस्ताव पारित करने से पहले सिख सदस्यों के सम्मान में खड़े होकर तालियां बजाईं। यटूा से पहले न् जयू र्सी और पेन्सिलवेनिया सहित 15 अन्य राज्यों ने सिख समुदाय को उनकी सेवा के लिए मान्यता दी है। l संवाददाता पश्चिमी अमेरिका स्थित यूटा राज्य की विधानसभा ने ‘दुनिया भर में उत्पीड़न और भेदभाव’ का सामना करने के बावजूद मानवता की सेवा और योगदान को देखते हुए सिख समुदाय के सम्मान में सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित किया है। Kutv ने बताया कि यह प्रस्ताव प्रतिनिधि एंजेला रोमेरो और सीनेटर लूज एस्किमिला ने पेश किया गया था जिसे पिछले सप्ताह पारित किया गया। यूटा सीनेट ने ट्वीट किया कि सिख समुदाय के इतिहास और महत्वपूर योगदान को ्ण रेखांकित करने वाला एक प्रस्ताव HJR (हाउस जॉइंट रेजोल्यूशन) 4 सीनेट ने सर्वसम्मति से पारित किया है। सीनेट ने कहा कि हम यूटा के सिख समुदाय के साथ ही भारत और दुनिया के अन्य हिस्सों से जुड़ेरहे हैं। प्रस्ताव ने दुनिया भर में ‘दमन और भेदभाव’ का सामना करने के बावजूद मानवीय सेवाओं के लिए सिख समुदाय की सराहना की। सीनेटरों ने प्रस्ताव पारित करने से पहले सिख सदस्यों के सम्मान में खड़े होकर तालियां बजाईं। यूटा से पहले न्यू जर्सी और पेन्सिलवेनिया सहित 15 अन्य राज्यों ने सिख समुदाय को उनकी सेवा के लिए मान्यता दी है। दिसंबर में यूटा और मिसिसिपी अमेरिका में 15वें और 16वें राज्य बने जिन्होंने सिखी या उससे जुड़ी प्रथाओं और सिख धर्म को अपने स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल किया है। नये विषय के माध्यम से दो राज्यों में दस लाख से अधिक पब्लिक स्कूलों के बच्चों के लिए सिख धर्म, इतिहास और अन्य प्रमुख विश्व धर्मों के साथ-साथ अमेरिकी जीवन में योगदान के बारे में जानकारी संभव हो सकेगी। अमेरिका में 24 मिलियन से अधिक छात्रों को अब स्कूलों में दुनिया के पांचवें सबसे बड़े धर्म (सिख) के बारे में जानने का अवसर मिला है। इस समुदाय ने नागरिक अधिकारों, राजनीति, कृषि, इंजीनियरिंग और चिकित्सा के क्षेत्र में 125 से अधिक वर्षों तक अमेरिकी समाज में योगदान दिया है। l न्यू इंडिया अब्रॉड नेटवर्क कोविड प्रतिबंध खत्म होने के दो साल बाद सिंगापुर में तमिल समुदाय ने अपना वार्षिक उत्सव थाईपुसम हर्षोल्लास के साथ मनाया। इस उत्सव में भगवान मुरुगन की पूजा की जाती है, जिन्हे युद्ध और उर्वरता का प्रतीक माना जाता है। इस दौरान आस्थावान लोग कई तरह की पारंपरिक गतिविधियों में तल्लीन दिखे। थाईपुसम के समय भक्तगण दूध से भरे पीतल के पात्र सिर पर रखकर संतुलन का प्रदर्शन करते हैं, खुद को मोर पंखों से सजाते हैं और कांवड़ तैयार करते हैं। श्री श्रीनिवास पेरुमल मंदिर में आयोजित उत्सव को मनाने के लिए एकत्र 35 हजार से अधिक लोगों के साथ सिंगापुर के जनशक्ति मंत्री टैन सी लेंग भी शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि कोविड प्रतिबंधों की समाप्ति के बाद जीवन अब सामान्य हो रहा है और यह वास्तव में एक देश और लोगों के रूप में हमारे लिए एक तरह की जीत है। द स्ट्रेट्स टाइम्स अखबार ने टैन के हवाले से कहा कि यह उत्सव दर्शाता है कि एक बहु-सांस्कृतिक और बहु-धार्मिक संस्कृति के तौर पर हम क्या हैं। एक-दूसरे के धर्म के प्रति सम्मान का भाव इसका स्पष्ट संकेत देता है। उत्सव के दौरान टैन ने भक्तों और स्वयंसेवकों के साथ बातचीत की और श्री श्रीनिवास पेरुमल मंदिर में धार्मिक यात्रा के लिए खुद को तैयार करने वाले कावड़ियों को भी देखा। उन्होंने श्री थेंडायुथापानी मंदिर के चारों ओर एक दूध का बर्तन भी रखा। लगभग 450 कावड़ियों ने इस समृद्ध शहर-राज्य में दो प्रमुख मुरुगन देवता मंदिरों के बीच नंगे पांव 3.2 किलोमीटर की यात्रा की। दोनों मंदिरों का निर्माण यहां के शुरुआती निवासियों द्वारा किया गया था जो तमिलनाडुसे सिंगापुर चले आए थे। अपने शरीर और चेहरे पर 80 हुक लगाकर 51 वर्षीय थिरुनावुक्करासु सुंदरम पिल्लई ने व्हीलचेयर पर यात्रा की। मुरुगन देवता के प्रति अपनी आस्था के चलते उन्होंने 30 किलो की कांवड़ उठा रखी थी जिसका ढांचा लकड़ी और धातु से बना था। त्योहार की गतिविधियां शनिवार रात 11.30 बजे शुरू हुईँ और रविवार देर रात तक चलती रहीं। यात्रा को हिंदू एंडोमेंट्स बोर्ड (HEB) द्वारा लाइव-स्ट्रीम भी किया गया था। HEB के मुख्य कार्यकारी अधिकारी टी. राजा सेगर ने मंदिर के कुल 1300 कर्मचारियों और स्वयंसेवकों के साथ सहयोग करने के लिए भक्तों को धन्यवाद दिया।
न् यू इंडिया अब्रॉड सोमवार, 13 फरवरी, 2023 19 रिपोर्ट का दावा : अवैध रूप से ब्रिटेन में प्रवेश करने वाले भारतीयों में बढ़ोतरी l न्यू इंडिया अब्रॉड नेटवर्क ब्रिटेन की एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इंग्लिश चैनल को पार कर अवैध रूप से ब्रिटेन में प्रवेश करने वाले प्रवासी भारतीयों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। रिपोर्ट के अनुसार ब्रिटेन में प्रवेश करने वाले प्रवासियों में भारतीय तीसरा सबसे बड़ा समूह हैं। ब्रिटेन के गृह मंत्रालय के सूत्रों के हवाले से मीडिया रिपोर्ट में यह दावा किया गया है। ब्रिटेन की स्थानीय मीडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार गृह मंत्रालय के अधिकारियों का मानना है कि भारतीय छात्र कानून की कमजोरियों या नियमों में बचाव के रास्तों का इस्तेमाल कर रहे हैं, जो शरणार्थियों को ब्रिटेन में अध्ययन करने और सामान्य फीस के बजाय बहुत कम भुगतान करने की अनुमति देता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि करीब 250 भारतीय प्रवासियों ने इस वर्षछोटी नावों पर सवार होकर खतरनाक तरीके से इंग्लिश चैनल को पार किया है जबकि पिछले साल 233 भारतीयों ने चैनल पार किया था। इस तरह अफगान और सीरियाई नागरिकों के बाद इस साल भारतीय तीसरा सबसे बड़ा समूह बन गए हैं जिन्होंने अवैध तरीके से ब्रिटेन में प्रवेश किया। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस मामले को लेकर एक विचार यह है कि सर्विया में भारतीयों को वीजा-फ्री यात्रा का नियम है। इसे लेकर ब्रिटेन के अधिकारियों का मानना है कि यही नियम अवैध आगंतुकों को यूरोप में प्रवेश का द्वार प्रदान कर रहा है। रिपोर्ट का दावा है कि पिछले साल के अंत तक सभी भारतीय पासपोर्ट धारक 30 दिनों तक वीजा के बगैर सर्बिया में प्रवेश कर सकते थे। अधिकारियों का मानना है कि इस व्यवस्था के कारण कुछ भारतीय पहले यूरोपीय संघ और बाद में छोटी नावों से ब्रिटेन में प्रवेश पा गए। हालांकि यह व्यवस्था 1 एक जनवरी 2023 को यूरोपीय संघ की वीजा नीतियों के साथ सर्बिया के जुड़ने के चलते समाप्त हो गई। पिछले साल नवंबर की शुरुआत में प्रकाशित गृह मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2022 के पहले छह महीनों में तीन देशों के आधे से अधिक यानी 51 प्रतिशत प्रवासियों ने छोटी नावों से इंग्लिश चैनल पार कर ब्रिटेन में प्रवेश किया था। इनमें अल्बानिया (18 प्रतिशत), अफगानिस्तान (18 प्रतिशत) और ईरान (15 प्रतिशत) के नागरिक थे। हालांकि इस अवैध मार्ग से ब्रिटेन में प्रवेश करने वाले आधिकारिक आंकड़ों में अब तक भारतीय शामिल नहीं थे। वैसे, ब्रिटेन के गृह विभाग ने इस रिपोर्ट पर टिप्पणी करने से इनकर कर दिया है। l त्रिभुवन शर्मा अमेरिका स्थित टैक्सास राज्य के शहर हैरिस काउंटी सिविल कोर्ट में भारतीय मूल की जज मनप्रीत मोनिका सिंह पर उनके प्रतिद्दी रिप वं ब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार ने एक मुकदमा दर्ज करवाया है। पिछले ही महीने जज के तौर पर शपथ लेने वाली मनप्रीत मोनिका सिंह का कहना है कि उनके रिपब्लिकन प्रतिद्दी ने नवंब वं र में आए चुनाव परिणामों को पलटने के लिए ऐसा किया है। मनप्रीत मोनिका सिंह पहली महिला सिख जज हैं। मोनिका सिंह ने यह जानकारी अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर दी है। उन्होंने अपनी एक पोस्ट में लिखा है कि मेरे ऊपर मुकदमा किया गया है। जिस रिपब्लिकन प्रतिद्दी को मैंने वं 32,000 से अधिक वोटों से हराया था, उन्होंने नवंबर के चुनाव परिणामों को पलटने के लिए मुकदमा दायर किया है। हैरिस काउंटी के 5,45,095 निवासियों के समर्थन से मैंने यह अभियान जीता था। हालांकि मेरे प्रतिद्दी ने लोगों के फै वं सले को स्वीकार करना बेहतर नहीं समझा। मोनिका सिंह ने कहा कि मुझे चुनाव के परिणाम को लेकर कोई संदेह नहीं है। लोकतंत्र की रक्षा करने और आपके वोट का मान रखने के लिए मैंने एक वकील को रखा है। मोनिका ने इस लड़ाई के लिए समर्थकों का साथ भी मांगा है। उन्होंने आगे लिखा है कि नागरिक स्वतंत्रता का बचाव करने के लिए कीमत लगती है। मुझे इस मुकदमे को लड़ने के लिए आपकी सहायता की आवश्यकता है। क्या आप मुझे 20, 50, 100, 250 डॉलर या जो कुछ भी आप अधिकतम 5000 डॉलर तक दान कर सकते हैं? क्या आप इस मुकदमे को लड़ने के लिए मदद करेंगे? आपको बता दें कि मनप्रीत मोनिका सिंह अमेरिका में पहली महिला सिख जज हैं। वह ह्सयू्टन में जन्मी और पली- बढ़ी हैं। 1970 के दशक की शुरुआत में सिंह के पिता एजे एक वास्तुकार के रूप में अमेरिका आ गए थे। मोनिका ने ऑस्टिन में टेक्सास विश्वविद्यालय से ग्जुएट औ रे र फिर साउथ टेक्सास कॉलेज ऑफ लॉ में पढ़ाई की है। मोनिका और उनके पति मंदीप की शादी को करीब 19 साल हो चुके हैं। वह अपने पति और दो बच्चों के साथ बेलेयर में रहती है। हालांकि इस अवैध मार्ग से ब्रिटेन में प्रवेश करने वाले आधिकारिक आंकड़ों में अब तक भारतीय शामिल नहीं थे। वैसे, ब्रिटेन के गृह विभाग ने इस रिपोर्ट पर टिप्पणी करने से इनकर कर दिया है। पिछले ही महीने जज के तौर पर शपथ लेने वाली मनप्रीत मोनिका सिंह का कहना है कि उनके रिपब्लिकन प्रतिद्दी ने नवंबर में आए वं चुनाव परिणामों को पलटने के लिए ऐसा किया है। मनप्रीति मोनिका सिंह पहली महिला सिख जज हैं। अमेरिका में भारतीय जज पर क्यों हुआ मुकदमा
20 न् यू इंडिया अब्रॉड सोमवार, 13 फरवरी, 2023 साप्ताहिक भविष्यफल मेष आपके आगे रचनात्मकता से भरा एक सप्ताह है, जो आपके काम में बहुत उपयोगी होगा। आप अपनी भावनाओं और विचारों को भी बड़ी सहजता से व्यक्त करेंगे। लेकिन आपके परिवेश में, आप अपनी खूबियों की पहचान के लिए कुछ विरोध का सामना कर सकते हैं। अपने विचारों और पसंद को अपने आसपास के लोगों पर थोपने की कोशिश न करें, क्योंकि इस तरह आप सफल नहीं होंगे। अपनी सूझबूझ के प्रयोग से आपको बेहतर परिणाम मिलेंगे। कभी-कभी आप परेशान हो जाते हैं क्योंकि आप पेशेवर रूप से आगे बढ़ने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। लेकिन सब ठीक हो जाएगा। प्यार में आप ईर्ष्या के कारण कुछ पल कष्ट का अनुभव कर सकते हैं। आप अपने साथी की वफादारी पर संदेह करते हैं क्योंकि हो सकता है कि उसका अपने पूर्व के साथ संपर्करहा हो। परेशान न हों, वो तुमसे प्यार करता है। वृष पेशेवर दुनिया में एक अच्छा सरप्राइज आपका इंतजार कर रहा है। एक व्यक्ति जिसके साथ आपकी बातचीत ज्यादा नहीं रही है, अचानक आपको अपने किसी प्रोजेक्ट में शामिल होने के लिए कहेगा, जिसमें आपको एक टीम के रूप में काम करना होगा। आपको संदेह हो सकता है क्योंकि आप इस मसले को गहराई से नहीं जानते हैं। नफा-नुकसान भी सोचेंगे। लेकिन ऐसा नहीं है, वह व्यक्ति सद्भावना में है और एक समझौते पर पहुंचना चाहता है जिसमें आप दोनों अपने आपसी ज्ञान से फायदे हो सकते हैं क्योंकि वास्तव में आप बहुत पूरक हैं। इस बारे में सावधानी से सोचें कि वह प्रोजेक्ट क्या है। इसे अविश्वास से खारिज न करें, आपके संदेह निराधार हैं। किसी भी मामले में आपके पास इसके बारे में सोचने और विवरण तैयार करने के लिए कुछ दिन शेष हैं। प्यार में आप अपने साथी की परवाह नहीं करने और उबाऊपन सा फील करते हैं। लेकिन अपने प्म को इजहा रे र करें। आप एक बहुत ही गहन प्म रे से जुड़े हुए हैं। मिथुन यह सब आप पर निर्भर है क्योंकि यह सप्ताह आपके रवैये पर निर्भर करेगा। अपने काम और अपने लक्ष्यों से संबंधित मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करें, क्योंकि कोई भी आपकी पेशेवर प्रगति को रोक नहीं पाएगा। योजना बनाएं, हर उस चीज का ध्यान रखें जिस पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है, विवरणों पर ध्यान दें। प्म रे के मामले में भी एक गहराई से भरा सप्ताह आपका इंतजार कर रहा है। अगर अपने रिश्ते को मज़बूत करना चाहते हैं, तो सावधान रहें कि आप अपने आप को कैसे अभिव्यक्त करते हैं। लंबी चुप्पी से बचें, लेकिन पूरा दिन मैसेज करने में भी न बिताएं। यदि आपका साथी आपकी बात का जवाब नहीं दे रहा है, तो निराश न हों। उनकी स्वतंत्रता का सम्मान करें और उन्हें अपना मन बनाने के लिए हर समय दें। यह सबसे अच्छी रणनीति है। कर्क इस सप्ताह दिमाग से काम लेना होगा। बता दें कि चाहे आप कितनी भी कोशिश कर लें, आप अपने काम को आगे नहीं बढ़ा पा रहे हैं। असल में आपसे अधिक अनुभवी कोई व्यक्ति आपके रास्ते में आ रहा है और यह सनिश्चि ु त कर रहा है कि आपके गुणों पर कोई ध्यान न दे। इसका एक ही उपाय है कि बुद्धिमानी से काम लिया जाए। इसलिए इस सप्ताह काम पर लग जाएं। कारोबार या वित्त के क्षेत्र में निरय ्ण लेने में कभी-कभी आप साहस नहीं दिखा पा रहे हैं। मनोवैज्ञानिक तौर पर आप इस तरह का जोखिम उठाने के लिए तैयार नहीं हैं। प्यार में आप अच्छेसमय का अनुभव कर सकते हैं। आपका साथी ही सब कुछ है, आपका प्मी, रे आपका मित्र और आपका यात्रा साथी। अधिक नहीं मांग सकता। आप उन पर भरोसा कर सकते हैं और आपको उनका पूरा समर्थन है। आपको अधिक जिम्मेदारी लेनी होगी। आपको अपने रिश्ते में आगे बढ़ने की जरूरत है। यह प्रयास आपको एक दूसरे के और करीब लाएगा। सिंह आपने हाल ही में एक नया काम शुरू किया होगा और अब वह ठीक चल रहा है। यदि आप इस बारे में चितिं त हैं कि आगे से चीजें कैसी होने वाली हैं, तो निश्चत िं रहें क्योंकि आपने इसे ठीक कर लिया है। समय के साथ आपको बड़ी सफलता मिलेगी। अब आपको थोड़ा सब्र रखना होगा। याद रखें कि कभी- कभी चीजें एक जटिल रास्ता अपनाती हैं और ऐसा लगता है कि आपके लिए भी ऐसा ही है। कठिनाइयों का सामना करने के लिए तैयार रहें और हिम्मत न हारें, क्योंकि आप अपने पैरों पर खड़े होने में कामयाब रहेंगे। अपना भविष्य संवारने के लिए अपनी वर्तमान वित्तीय संभावनाओं का लाभ उठाएं। आप जानते हैं कि भावनात्मक स्तर पर कुछ तनावपूर्णदिन आपका इंतजार कर रहे हैं, इसलिए ऐसी स्थिति से बचने की कोशिश करें। अपने आप को नियंत्रित करने की पूरी कोशिश करें और ऐसी बातें न कहें जिसके लिए आपको पछताना पड़े। कन्या दिल के मामलों में इस समय आपमें भावनात्मक असरुक्षा की भावना आ रही है। ऐसा इसलिए हो सकता है क्योंकि किसी के साथ आपका हाल ही का संबंध स्थापित हुआ था। लेकिन अब आप महससू करते हैं कि आप प्यार में पड़ गए हैं। अपनी भावनाओं का जायजा लेने के लिए खुद को समय दें। चेक करें कि आप क्या वाकई उससे प्यार करते हैं और इस मसले पर वह क्या सोच रहा है। हो सकता है कि वह भी बदल गया हो और आपको बताने से डर रहा हो। ये अगले कुछ दिन महत्वपूर्ण और निर्णायक होंगे, क्योंकि आप इस बात की वास्तविक प्रकृति को महससू करेंगे कि आप असल में क्या महससू कर रहे हैं। हो सकता है कि घटनाओं ने आपको अलग तरह से कार्य करने के लिए प्रित रे किया हो। यह पहली बार नहीं होगा, यह जितना लगता है उससे कहीं अधिक सामान्य है। इस सप्ताह आपके पत्तेसीधे पड़ेंगे। तुला अधिक उत्तेजित न हों। आपको हमेशा नियंत्रण में रहने की जरूरत है और जब कुछ अप्रत्याशित होता है तो आप घबरा जाते हैं। आप गलत हैं, लेकिन ऐसा अविश्वास आपके आसपास के लोगों को नाराज कर सकता है। आपको अपनी टीम के सदस्यों के साथ सहानुभूति रखने की जरूरत है, चाहे वे सीनियर या जूनियर हों। सप्ताहांत के लिए बनाई गई योजनाएं विफल हो सकती हैं, लेकिन इसके बारे में निगेटिव न सोचें। याद रखें कि जीवन में हर चीज का एक उद्शदे्य होता है, इसलिए लचीलापन अपनाएं। एक्टिव रहें और योजनाएं बनाएं। घर के बारे में भी ध्यान दें। लेकिन यह भी सच है कि सामाजिक स्तर पर, यहां तक कि फोन या आपके कंप्यूटर स्क्रीन पर भी आप बहुत व्यस्त होने वाले हैं। आप उन लोगों से बात करेंगे जिनकी आप कल्पना भी नहीं कर सकते। यदि आप एक अकेले दिल वाले व्यक्ति हैं, तो आप इनमें से किसी एक व्यक्ति में अपना जीवनसाथी पा सकते हैं। वृश्चिक सभी नकारात्मकता को अपने से दूर रखें। अब आपको 100 प्रतिशत सकारात्मक होना होगा। कुछ प्रतिकूल परिस्थितियों से निपटने के लिए इस दृष्टिकोण को बनाए रखना सबसे अच्छा तरीका है। एक समय सारिणी बना लें ताकि आप उन सभी कामों को कर सकें जिनके लिए आपके पास हर दिन के लिए समय नहीं होता। यह करना बहुत ही जरूरी है। नौकरी के अलावा दिनचर्या में थोड़ा योग या स्ट्रेचिंग, प्राकृतिक सौंदर्य उपचार, पढ़ना-लिखना शामिल करें। भाषाओं, संगीत, पेंटिंग पर ट्यूटोरियल का लाभ उठाएं और इंटरनेट पर आप जितना पा सकते हैं, उससे कहीं अधिक लाभ उठाएं। अगर आपके दिमाग में कोई विचार है, तो शायद इसे अमल में लाने का समय आ गया है। भावुकता के क्षेत्र में भी आप सफल रहेंगे। धनु हाल के दिनों में किसी वरिष्ठ अधिकारी से आपकी कुछ अनबन हो सकती है। अन्य बातों के अलावा आपको इस बात की बहुत निराशा हो सकती है कि अभी भी मसला अनसुलझा है। लेकिन कुछ ही दिनों में कोई नया प्रोजेक्ट हाथ लग सकता है और जब आपके बॉस आपसे मदद मांगेंगे तो सबसे पहले आप हैरान रह जाएंगे। यह वह मौका है जब यह समय आपको सभी प्रकार के संघर्ष से दूर कर सकता है। इन दिनों आर्थिक रूप से आपके अच्छेदिन शुरू होने वाले नजर आ रहे हैं। छह महीने में बहुत कुछ आपके हाथ में आने वाला है। शुरुआत में आप इस मसले पर ज्यादा ध्यान नहीं देंगे लेकिन ध्यान रहे कि आपका कारोबार आगे बढगा। ़े भावनात्मक क्षेत्र में आपके पास इतना आसान जीवन नहीं है। सब कुछ सामान्य होने से पहले थोड़ा धैर्यरखें। सब कुछ सामान्य होता दिखेगा। मकर जीवन में इन दिनों अप्रत्याशित स्थिति से आपको आश्चर्य होने वाला है। कुछ ऐसा होगा जिसके बारे में आपने कभी नहीं सोचा था। व्यक्तिगत स्तर पर यह सप्ताह तनावपूर्णरहेगा, न केवल इसलिए कि आप बाहर जाना चाहते हैं, यात्रा करना चाहते हैं, लेकिन आप इसे अभी नहीं कर पाएंगे। इस मसले पर एक दोस्त को आपकी भावनात्मक समर्थन की आवश्यकता होगी। इस संबंध में आप जो कर सकते हैं करें। आपने देखा होगा कि पिछले कुछ दिनों में आपका साथी आपसे दूर चला गया है, लेकिन उसने आपको स्पष्टीकरण भी नहीं दिया है। उससे परेशान या नाराज न हों। यह संभव है कि यह रवैया इस तथ्य के कारण है कि वह एक निश्चित स्थिति को अपना नहीं पाता है या वह पारिवारिक समस्याओं में जूझ रहा है। चिंता न करें। यह समय बीत जाएगा। आपको अभी धैर्यरखना होगा और क्षमा करने का रुख अपनाना होगा। कुंभ अगर आप काम के माहौल में बदलाव की उम्मीद कर रहे थे, तो कुछ दिनों में, शायद कुछ हफ्तों में, कुछ बहुत ही सकारात्मक बदलाव होने वाला है। इस सप्ताह आपको भविष्य को सुधारने के लिए एक कॉल प्राप्त होगी जो आपकी मानसिकता को मजबूत करेगी। तैयारी शुरू करें, आश्वस्त रहें, सब कुछ ठीक हो जाएगा और आपको वह मिलेगा जो आप चाहते हैं। आपको किसी कारोबारी गतिविधि में लीड करने का प्रस्ताव भी प्राप्त हो सकता है। अच्छा होगा कि आप कोई भी फैसला लेने से पहले उसके बारे में सोच-विचार कर लें, क्योंकि इससे आपको आर्थिक नुकसान हो सकता है। प्यार के मामले में एक भावुक सप्ताह आपका इंतजार कर रहा है। आपसे किसी ऐसे व्यक्ति द्वारा संपर्क किया जा सकता है जो आपको चकाचौंध कर देगा और ऐसा लगता है कि वह आपमें रुचि भी रखता है। आपको अपने अविश्वास को एक तरफ रखना चाहिए। निकट भविष्य में खुश रहने का एक बहुत अच्छा अवसर मिल रहा है। मीन इस सप्ताह सितारे अनुकल हैं जो आपको ू कठिन परिस्थितियों का सफलतापूर्वक सामना करने और आपके जीवन में होने वाले कुछ महत्वपूर परिव ्ण र्तनों के लिए पूरी तरह से अनुकूल होने की ओर अग्रसर करेंगे। इसके चलते आपको इन दिनों में महत्वपूर्ण निरय लेने हैं। ्ण सब कुछ पॉजिटिव और आपके अनुकूल है। अब उस प्रस्ताव के बारे में सोचें जो आपको प्राप्त हुआ है जिसका मतलब करियर में उन्नति होगी। यदि आप इसे स्वीकार करते हैं, तो आप पलक झपकते ही नई स्थिति के करीब पहुंच जाएंगे। भावुकता के क्षेत्र में आप एक प्यार की पुरानी यादों को फिर से दोहराने में थोड़ा समय बर्बाद करते हैं जो आपके लिए महत्वपूर था। ले ्ण किन इस मसले पर ज्यादा विचार न करें और इसे अपने दिमाग से निकाल दें। एक व्यक्ति है जो आपको खुश कर सकता है, लेकिन वह तभी दिखाई देगा जब आपको यकीन हो जाएगा कि अतीत वापस नहीं आएगा। Sundeep Kochar Astrologer https://www.sundeepkochar.com जानिए विश्वप्रसिद्ध् ज्योतिषी संदीप कोचर से अपना साप्ताहिक भविष्यफल। श्री कोचर ने कुंडली के आधार पर राष्ट्रपति बराक ओबामा और डोनाल्ड ट्रम्प के चुनावों के विजेता की भविष्यवाणी की थी। वह शीर्ष 10 विश्व प्रसिद्ध भारतीय ज्योतिषियों में से एक हैं। श्री संदीप को यूके स्थित विश्वविद्यालय से डॉक्टरेट की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया है। उन्होंने भारत और विदेशों में कई रेडियो स्टेशनों और टीवी चैनलों के लिए साक्षात्कार दिए और लाइव शो भी किए।
न् यू इंडिया अब्रॉड सोमवार, 13 फरवरी, 2023 21 l सुनीता सोहराबजी अमेरिका यूएस कांग्रेस द्वारा पारित किए गए ‘रेस्पेक्ट फॉर मैरिज एक्ट’ के लिए अमेरिका में कई भारतीय हस्तियां और प्रमुख LGBTQ+कार्यकर्ता 16 फरवरी की शाम जश्न मनाने के लिए एकजुट होंगे। इसे ‘प्यार है प्यार’ नाम दिया गया है, जिसे देसी रेनबो पेरेंट्स एंड अलाइज नाम के गैरलाभकारी संगठन द्वारा समर्थन दिया गया है। बता दें कि यूएस कांग्रेस द्वारा द्वि-दलीय वोट के साथ पारित किए गए इस एक्ट पर राष्ट्रपति जो बाइडेन ने पिछले साल दिसंबर में हस्ताक्षर किए थे। मैकिन्से, ड्यूश बैंक और मास्टरकार्ड सहित कई कॉरपोरेशन इस आयोजन को प्रायोजित कर रहे हैं। यह एक्ट ‘डिफेंस ऑफ मैरिज एक्ट’ को निरस्त करता है। इस एक्ट में समलैंगिक विवाह पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। देसी रेनबो पेरेंट्स एंड अलाइज दक्षिण एशियाई LGBTQ+लोगों और उनके परिवारों को सहायता प्रदान करता है। इस संगठन का यह कार्यक्रम मनीष गोयल और अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा के स्वामित्व वाले न्यूयॉर्क के मैनहट्टन में मौजूद मिशेलिन स्टार रेस्तरां सोना में आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में सरिता चौधरी, टैन फ्रांस, जे सीन और कनाडाई फिल्म निर्देशक निशा गनात्रा समेत लगभग 150 लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। डीजे रेखा कार्यक्रम में संगीत देंगी। मास्टरकार्ड सेंटर फॉर इनक्लूसिव ग्रोथ की संस्थापक और अध्यक्ष शमीना सिंह ने न्यू इंडिया अब्रॉड को बताया कि मैरिज एक्ट के सम्मान का मार्ग वास्तव में दक्षिण एशियाई संस्कृति में हममें से उन लोगों के लिए महत्वपूर है, जहां ्ण विवाह सर्वव्यापी है और आपकी चेतना में बहुत कम उम्र में प्रवेश करता है। एशले लिन बेल से शादी करने वाले सिंह ने कहा कि तथ्य यह है कि समलैंगिक विवाह को कानून में लिखित रूप से शामिल किया गया है। ऐसे में यह विशेष रूप से एक ऐसे समुदाय के लिए जश्न मनाने की जरूरत है जिनके लिए शादी को हमेशा एक स्तंभ पर रखा गया है। बता दें कि एशले लिन बेल और सिंह की शादी को न्यूयॉर्क टाइम्स ने साल 2007 में प्रकाशित किया था। देसी रेनबो की संस्थापक अरुणा राव ने कहा कि राव को अपने बेटे के बारे में पहली बार हाई स्कूल में पता चला था कि वो गे है। वह कॉलेज में ट्रांसजेंडर बना। इसके बाद ही उन्होंने संगठन की स्थापना की थी। वह कहती हैं कि मैं खुद को काफी खुले विचारों वाला व्यक्ति मानती थी। लेकिन एक भारतीय अमेरिकी माता-पिता के रूप में और एक अप्रवासी के रूप में यह मेरे लिए एक झटका था। यह मेरे बच् के चे लिए मेरे कई सपनों की मौत जैसा महससू हुआ। राव ने कहा कि मेरे लिए यह समझना एक अकेली और कठिन प्रक्रिया थी कि मुझे अपने बच्चे का समर्थन कैसे करना चाहिए और मुझे खुद का समर्थन कैसे करना चाहिए और इसके बाद मैंने ससं ाधनों की तलाश की तो पाया कि कहीं कुछ भी नहीं था। राव बताती हैं कि जब मैं एक ऐसी जगह पर पहुंच गई जहां मैं अपने बच् के चे साथ सहज थी तब मैंने फैसला किया कि मुझे समुदाय के लिए कुछ शुरू करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि समुदाय बहुत अलग-थलग है। LGBTQ पहचान होना इतना बड़ा कलंक, डर और शर्म की बात मानी जाती है कि परिवार अपने बच्चों के साथ गलत व्यवहार कर बैठते हैं। राव ने बताया कि अब संगठन लगभग 2000 लोगों की सेवा करता है। महामारी के दौरान कई परिवार वर्चुअली भी संगठन से जुड़े थे। इन परिवारों को वास्तव में प्रोत्साहन, समर्थन, मानसिक स्वास्थ्य की आवश्यकता है। उन्हें पता लगाने की जरूरत है कि वह अपने बच्चों को कैसे समर्थन करें। राव कहती है कि अब यह संगठन एक राष्ट्रीय आंदोलन की तरह मेरे सपनों से भी जुड़ गया है। समलैंगिक विवाह को कानून बनाने के सम्मान में मनेगा ‘प्यार है प्यार’ यह एक्ट ‘डिफेंस ऑफ मैरिज एक्ट’ को निरस्त करता है। इस एक्ट में समलैंगिक विवाह पर प्रतिबंध लगा दिया गया था।
22 न् यू इंडिया अब्रॉड सोमवार, 13 फरवरी, 2023 गुरुजस कौर को मंत्रों में सुनाई देता था संगीत, अब मिला ग्रैमी पुरस्कार गुरुजास कौर खालसा ने साल 2005 में लॉस एंजिल्स में हरजीवन खालसा से कुंडलिनी योग सीखना शुरू किया था। हरजीवन ने ही उन्हें गुरबानी भी सिखाई। इस दौरान उन्हें मंत्रों में संगीत सुनाई देने लगा। साल 2015 में उनके ही गुरू हरजीवन ने उनका बैंड तैयार करने में मदद की थी। l न्यू इंडिया अब्रॉड नेटवर्क लॉस एंजिल्स में चल रहे 65वें वार्षिक ग्मी अवार रै ्ड्स के प्रीमियर समारोह में गुरुजस कौर खालसा को अपनी एल्बम ‘मिस्टिक मिरर’ के लिए ग्मी पु रै रस्कार मिला है। इतना ही नहीं ‘मिस्टिक मिरर’ ने बेस्ट न्यू एज एल्बम का खिताब भी जीता है। एल्बम में गुरु ग्थ रं साहिब के शबद शामिल हैं। व्हाइट सन की फाउंडर गुरुजस कौर खालसा को ‘मिस्टिक मिरर’ में अपने मंत्रों के लिए यह पुरस्कार मिला है। व्हाइट सन म्यूजिक ने ट्विटर पर इसकी जानकारी देते हुए लिखा है कि हमने अपनी एल्बम ‘मिस्टिक मिरर’ के लिए न्यू एज और चैंट श्रेणी में ग्मी जीता है। हम @recordingacademy को न केवल रै शानदार पुरस्कार समारोह के लिए बल्कि उन सभी अद्भुत कार्यों के लिए भी धन्यवाद देना चाहते हैं जो वे संगीत निर्माताओं की ओर से करते हैं। बता दें कि ‘मिस्टिक मिरर’ के तीनों कलाकार एडम बेरी, गुरुजास कौर खालसा और हरिजीवन ग्मी के मंच प रै र अपने विशिष्ट सफेद परिधानों में दिखाई दिए। मंच पर गुरुजस ने कहा कि अकादमी को बहुत-बहुत धन्यवाद। मैं रोने वाली हूं। इस एल्बम को बनाने में मदद करने वाले प्रत्येक व्यक्ति को भी धन्यवाद। इसके अलावा एल्बम को निर्माताओं को भी मेरी ओर से धन्यवाद। आप लोगों के साथ खड़ा होना मेरे लिए सौभाग्य और सम्मान की बात है। आपको बता दें कि गुरुजास कौर खालसा ने ‘व्हाइट सन II’ के लिए साल 2017 में भी न्यू एज एल्बम ग्मी पु रै रस्कार जीता था। गुरुजस व्हाइट सन ग्प में लीड गायक हैं। व रु ्हाइट सन की शुरुआत कैलीफोर्निया के लॉस एंजेलिस में साल 2015 में हुई थी। गुरुजास कौर खालसा का जन्म ओहियाे के क्लीवलैंड में हुआ था। उन्होंने साल 2005 में लॉस एंजिल्स में हरजीवन खालसा से कुंडलिनी योग सीखना शुरू किया था। हरजीवन ने ही उन्हें गुरबानी भी सिखाई। इस दौरान उन्हें मंत्रों में संगीत सुनाई देने लगा। साल 2015 में उनके ही गुरू हरजीवन ने उनका बैंड तैयार करने में मदद की थी। रिकी को विश्व विख्यात अलबम ‘डिवाइन टाइड्स’ के लिए 65वें सालाना ग्रैमी अवॉर्ड्स में तीसरा ग्रैमी अवॉर्डमिला है। ‘डिवाइन टाइड्स’ में रिकी का साथ दिया है लीजेंड रॉक ड्रमर स्टीवर्ट कोपलैंड ने। रिकिकी ककेज ने तीसरा ग् ेज ने तीसरा ग्मी जीत रैरै रचा इतिहास, किय किया अपने ददेश कको समर्पि र्पित l संवाददाता भारतीय संगीतकार रिकी केज ने तीसरा ग्मी रै जीतकर न केवल देश का परचम दुनिया के मंच पर लहरा दिया है बल्कि पुरस्कारों की शखला में ृं भी इतिहास रच दिया है। रिकी भारत के एकमात्र ऐसे कलाकार हैं जिन्होंने तीन ग्मी अपने औ रै र देश के नाम किए हैं। इस उपलब्धि को उन्होंने देश के नाम किया है। रिकी को विश्व विख्यात अलबम ‘डिवाइन टाइड्स’ के लिए 65वें सालाना ग्मी अवॉर रै ्ड्स में तीसरा ग्मी अवॉ रै र्ड मिला है। ‘डिवाइन टाइड्स’ में रिकी का साथ दिया है लीजेंड रॉक ड्रमर स्टीवर्ट कोपलैंड ने। 65वें ग्मी अवार रै ्ड्स में दोनों को यह अवॉर्ड सर्वश्रेष्ठ इमर्सिव ऑडियो अलबम कैटेगरी में दिया गया है। दुनिया में जाने-माने म्यूजिक कंपोजर रिकी केज ने वर्ष 2015 में पहली बार अपनी एल्बम ‘विड्सं ऑफ समसारा’ के लिए यह अवॉर्ड जीता था। 2015 में यह सम्मान हासिल करने के बाद रिकी ने एक बार फिर 2022 में अलबम ‘डिवाइन टाइड्स’ के लिए ‘बेस्ट न्यू एज अलबम’ कैटेगरी में स्टीवर्ट कोपलैंड के साथ ग्मी अवॉ रै र्ड साझा किया। रिकी की अलबम एक भारतीय वैश्विक अवधारणा पर केंद्रित है। संगीत अलबम ‘डिवाइन टाइड्स’ वसुधैव कुटुम्बकम यानी ‘विश्व एक परिवार है’ की भारतीय अवधारणा को एक श्रद्धांजलि है। ‘डिवाइन टाइड्स’ में 9 गाने और 8 म्यूजिक वीडियो शामिल हैं। गीत-संगीत की इस पेशकश में एक तरफ भारत के हिमालय की उत्कृष्ट सुंदरता है तो दूसरी तरफ स्पेन के बर्फीले जंगलों का सर्द अहसास है। इसी अलबम को इससे पहले साल 2022 में ग्मी रै मिल चुका है और विश्व के अन्य मंचों पर भी इसे सम्मानित किया जा चुका है। बेंगलुरू के रहने वाले म्यूजिक कंपोजर रिकी केज ने संगीत की कोई ट्रेनिंग नहीं ली है, अलबत्ता शास्त्रीय संगीत की पढ़ाई अवश्य की है। रिकी केज ने अपने करियर की शुरुआत एक की-बोर्ड आर्टिस्ट के रूप में की थी।
न् यू इंडिया अब्रॉड सोमवार, 13 फरवरी, 2023 23 UNESCO से मिलेगा टैगोर के ‘जीवित’ विश्वविद्यालय को ये खास खिताब! 1985 में जब पहली बार ल 1985 में जब पहली बार लॉॉन्च्च किय किया गयया था तब ययह फेस्टिस्टिवल ककाफी हिहिट हुआ था। ट हुआ था। l संवाददाता सात साल बाद भारत का मशहूर एलोरा- अजंता अंतरराष्ट्रीय महोत्सव मनाया जा रहा है। पिछली बार यह महोत्सव साल 2016 में मनाया गया था। इस साल यह महोत्सव 25- 27 फरवरी के बीच महाराष्ट्र के औरंगाबाद के डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर मराठवाड़ा विश्वविद्यालय परिसर के ऐतिहासिक सोनेरी महल में मनाया जाएगा। अगर आप इस अंतरराष्ट्रीय महोत्सव में शामिल होना चाहते हैं तो महाराष्ट्र के औरंगाबाद की यात्रा करने की योजना बना लीजिए। सात साल बाद इस एलोरा-अजंता अंतरराष्ट्रीय महोत्सव को जिला अधिकारियों ने धूमधाम से आयोजित करने का फैसला किया है। इस बार यह तीन दिवसीय महोत्सव सोनारी महल में होगा। इस दौरान कई स्थानीय, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कलाकार अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। अगर आप पारंपरिक लोक संगीत के शौकीन हैं तो आपको इस उत्सव में जरूर शामिल होना चाहिए। अधिकारियों के अनुसार औरंगाबाद जिले में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए एलोरा-अजंता अंतरराष्ट्रीय महोत्सव को फिर से पुनर्जीवित किया गया है। 1985 में जब यह फेस्टिवल पहली बार आयोजित हुआ था तब यह काफी हिट हुआ था। तब से इसे यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल एलोरा की गुफाओं में मनाया जाता था। इस साल यह स्थान बदल गया है। हालांकि कहा जा रहा है कि महोत्सव में जो लोग पहले भी शामिल हो चुके हैं उन्हें कोई भी बदलाव नहीं दिखाई देगा यानी वाइब्स वही रहेंगी। जानकारी के अनुसार इस साल महोत्सव में शामिल होने वाले प्रभावशाली कलाकारों में उस्ताद राशिद खान, उस्ताद शुजात खान, महेश काले, रवि चारी, शिवमणि, विजय घाटे, संगीता मजूमदार और शंकर महादेवन प्रमुख होंगे। इस बार यह महोत्सव 25-27 फरवरी के बीच महाराष्ट्र के औरंगाबाद के डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर मराठवाड़ा विश्वविद्यालय परिसर के ऐतिहासिक सोनेरी महल में मनाया जाएगा। अगर आप इस अंतरराष्ट्रीय महोत्सव में शामिल होना चाहते हैं तो महाराष्ट्र के औरंगाबाद की यात्रा करने की योजना बना लीजिए। एलोरा-अजंता अंतररा एलोरा-अजंता अंतरराष्ष्ट्रीरीय ममहोत्स्सव की 7 साल बाद वापसी, आयोजन इसी माह भारत की आजादी तक यह जगह एक कॉलेज के रूप में जानी जाती थी। l न्यू इंडिया अब्रॉड नेटवर्क साल 1921 में रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा स्थापित विश्वभारती विश्वविद्यालय को यूनेस्को जल्द हैरिटेज का दर्जा देने वाला है। अगर सब कुछ ठीक रहा तो यह दुनिया का पहला ऐसा ‘जीवित’ विश्वविद्यालय होगा जिसे यूनेस्को से यह खास दर्जामिलेगा। भारत के केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय ने 11 साल पहले यूनेस्को से इसे हैरिटेज साइट के रूप में मान्यता देने की अपील की थी। विश्वभारती विश्वविद्यालय के कुलपति बिद्युत चक्रवर्ती ने कहा कि विश्वविद्यालय को हेरिटेज विश्वविद्यालय घोषित किया जा रहा है। यह दुनिया की पहली ऐसी विरासत होगी जो एक जीवित विश्वविद्यालय होगी यानी जहां आज भी काम किया जा रहा है। विश्वभारती विश्वविद्यालय के बारे में बताएं तो यह 1,130 एकड़ भूमि में फैला हुआ है। साल 1921 में जब इसकी स्थापना की गई थी तब इसका नाम नोबेल पुरस्कार विजेता रवींद्रनाथ टैगोर के नाम पर रखा गया था। इसके बाद मई 1922 में विश्वभारती सोसाइटी को एक संगठन के रूप में पंजीकृत किया गया। रिपोर्टों के अनुसार टैगोर ने विश्वभारती सोसाइटी के लिए अपनी संपत्ति दान की थी जिसमें उनकी जमीन और एक बंगला भी शामिल था। भारत की आजादी तक यह जगह एक कॉलेज के रूप में जानी जाती रही। साल 1951 में इसे केंद्रीय अधिनियम के माध्यम से केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा दे दिया गया। इस संस्था के पहले कुलपति रतींद्रनाथ टैगोर थे जो रवींद्रनाथ टैगोर के बेटे थे। अभिलेखों के अनुसार रवींद्रनाथ खुली शिक्षा में विश्वास करते थे और उन्होंने उस प्रणाली को विश्वविद्यालय में लागू किया जो अब भी चलन में है। वर्तमान कुलपति ने बताया कि दुनिया में ऐसा कोई विश्वविद्यालय नहीं है जहां लगातार इतने सांस्कृतिक प्रयोग किए गए हों, जितने इस विश्वविद्यालय में हुए हैं। अगर सब कुछ ठीक रहता है तो यह दुनिया का पहला ऐसा विश्वविद्यालय होगा जिसे एक तरफ यूनेस्को की ओर से हैरिटेज का दर्जादिया जाएगा और दूसरी ओर यह विश्वविद्यालय आज भी जीवित होगा।
24 न् यू इंडिया अब्रॉड सोमवार, 13 फरवरी, 2023