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Published by gpatersworld, 2021-11-21 03:14:18

मुख्तारनामा

मुख्तारनामा

मुख्तारनामा

न्यायालय ................................
वाद स.ं .................................सन........................

अबक ............................................................................... वादी/आवदे क/याची/आयुक्त/ननर्ाारिती

बनाम

कखग ........................................................................................प्रनतवादी/प्रत्यर्थी/अभियकु ्त

यह उन सिी को ज्ञात हो जिसको ये सिी ववलेख आये हैं कक म/ैं हम ........ ................ ................ ऊपि नाभमत ककये
गये ................. ................ को ऊपि नोट ककये गये मामले मंे मिे ा / हमािा एडवोके ट होने के भलए श्री ................ ................
को एतद्दद्दवािा ननयकु ्त किता हँू, औि उसको प्राधर्कृ त किता हूँ इसमें इसके पश्चात ् एडवोके ट/एडवोके टों कहा गया।

इस न्यायालय में या अन्य न्यायालय मंे ऊपि नोट ककये गये मामले मंे हाजिि होने के भलए, काया किने के भलए तर्था
अभिवचन किने के भलए जिसमें ववचािण ककया िा सके या उसको सुना िा सके औि मेिे/हमािे द्दवािा प्रत्येक न्यायालय में परृ ्थक

तौि पि फीस के संदाय के अध्यर्ीन िहते हुए उच्च न्यायालय को सजममभलत कि अपीलीय न्यायालय मंे िी।

अभिवचनों, अपीलों, प्रनत आक्षपे ों या ननष्पादनों के भलए याधचकाएं, पुनववला ोकन, पुनिीक्षण, वापस लेना, समझौता या
अन्य याधचकाएं या शपर्थपत्रों या अन्य दस्तावेिों पि हस्ताक्षि किने के भलए, उन्हें सत्यावपत किने के भलए तर्था उन्हंे प्रस्तुत

किने के भलए िो इसकी सिी चिणों मे कधर्थत मामलों के अभियोिन के भलए आवश्यक या उधचत समझा िाय।
दस्ताविे ों को दाखखल किने तर्था वापस लेने के भलए।

कधर्थत मामले को वापस लेने के भलए या उसमें समझौता किने के भलए, ककन्हीं मतिेदों या उन वववादों को माध्यस्र्थ

को प्रस्तुत किने के भलए िो कधर्थत मामले स्पशा किते हए या उससे समबजन्र्त ककसी िी िीनत से उद्दित हो सके गा। ननष्पादन
कायवा ाहहयों को ग्रहण किने के भलए। र्न को िमा किने के भलए ननकालने के भलए तर्था उसको प्राप्त किने के भलए तर्था उसकी
िसीदे मंिि किने के भलए औि उन सिी अन्य कायों औि बातों को किने के भलए िो कधर्थत कािण की प्रगनत के भलए तर्था उसके
अभियोिन के अनक्रम में ककया िाना आवश्यक हो सके ।

अधर्वक्ता को एतदद्दवािा सौंपी गयी शजक्त एवम ् प्राधर्काि का प्रयोग किने के भलए उसको प्राधर्कृ त किने वाले ककसी
अन्य ववधर् व्यवसायी को ननयकु ्त किने के भलए तर्था अनदु ेश देने के भलए िहाूँ कहीं िी आवश्यक हो तर्था औि हमािी ओि से
मखु ्तािनामे पि हस्ताक्षि किने के भलए।

औि म/ंै हम जिसने नीचे हस्ताक्षि ककया अधर्वक्ता द्दवािा कारित ककये गये सिी कायों या उसी िीनत से उनका
अनसु मर्थान किने के भलए तर्था पुष्ट किने के भलए एतद्दद्दवािा किाि किता हँू/किते हैं िसै े -मेिा/ हमािा स्वयमेव का काया हो,

मानों सिी आशयों एवम ्प्रयोिनों के भलए मेिे हमािे द्दवािा ककया गया हो।

औि मैं / हम वचनबन्र् देता है/ देते हैं कक म/ैं हम या मेिा/हमािा समयक रूप से प्राधर्कृ त ककया गया अभिकताा सिी

सुनवाइयों पि न्यायालय में हाजिि होगा औि उस समय हाजििी के भलए अधर्वक्ता को सधचत किेगा िब मामले में पुकाि की
िाती है। औि मंै / हम जिसने नीचे हस्ताक्षि ककया न्यायालय से उस समय उनकी गिै हाजििी के परिणाम स्वरुप कधर्थत मामलों

के परिणाम स्वरुप अधर्वक्ता या उसके प्रनतस्र्थावपती को उत्तिदायी बनाने के भलए एतदद्दवािा किाि किता है/किते हंै िब कधर्थत
मामले की सुनवाई के भलए कधर्थत एडवोके ट या उसके प्रनतस्र्थावपती की ककसी उपेक्षा के भलए बुलाया िाता है, स्र्थगन किता है

िब किी िी न्यायालय द्दवािा आदेश ककया िाय तब यह वही एडवोके ट होगा जिसको वह प्राप्त किेगा औि स्वयं के भलए
प्रनतर्ारित किेगा।

औि मंै / हम जिसने नीचे हस्ताक्षि ककया / ककये एतद्दवािा किाि किता हूँ / किते हैं कक असंदाय ककये गये शेष िहने
वाले एडवोके ट को सदं ाय ककया िाने के भलए मेिे / हमािे द्दवािा किाि पायी गयी सपं णा फीस या आंभशक फीस की दशा मंे िी वह

उसका संदाय कि हदया िाने तक कधर्थत मामले को अभियोिन से वापस होने का हकदाि होगा यहद ककन्हीं लागतों को एक स्र्थगन
के भलए अनुज्ञात कि हदया िाता है तो एडवोके ट उसके भलए हकदाि होगा। तय की गयी फीस मात्र ऊपि मामले तर्था न्यायालय

के भलए होती है। म/ंै हम एतद्दवािा किता हूँ/किते हंै कक िब एक बाि फीस का सदं ाय कि हदया िाता है तब मंै / हम इस प्रकाि चाहे
िो कु छ िी हो, ककसी िी मामले में उसके प्रनतदाय के भलए नहीं हकदाि होगा।

जिसके साक्ष्य मंे मंै /हम इस ववलेख पि यहाँू अपना हस्ताक्षि किता हूँ/किते हंै जिसकी अन्तवसा ्तएु ं तािीख
.................. को मेिे/हमािे द्दवािा समझी िा चकु ी है।

फीस के ननबन्र्नों के अध्यर्ीन िहते हुए स्वीकृ त ककया गया।

अधर्वक्ता मुवजक्कल मुवजक्कल

मखु ्तारनामा

.................... रुपये का स्टामप इस ववलेख द्दवािा यह सववा वहदत हो कक श्री ... .................... ..................... पुत्र श्री
.................... .................... .................... ननवासी .................... .................... की िािस्व समपदा मंे
जस्र्थत.................... ....................बीघा .................. .................... ववस्वा की मापमान की होने वाली सपं णा खसिा स.ं
.................... .................... मंे परिवेजष्ित की गयी मेिी कृ वषक िभम की बाबत मेिा सत्य एवम ् ववधर्पणा सार्ािण
मुख्तािनामा के रूप मंे श्री .................. .................... पतु ्र ................. .................... ननवासी ....... .................... को
एतद्दवािा स्र्थावपत किता है, ननयकु ्त किता है, प्राधर्कृ त किता है एवम ् नाम ननदेभशत किता है औि मैं मेिे नाम से तर्था मेिे
ननभमत्त ननमनभलखखत कायों, ववलेखों एवम ् बातों को किने के भलए उसको एतद्दवािा सशक्त किता है।

(क) सिी परिपके ्ष्य में कधर्थत समपवत्त का प्रबन्र् किने एवम ् ननयतं्रत्रत किने के भलए तर्था इस ननभमत्त प्रत्येक
समबजन्र्त प्राधर्कािी के समक्ष उसको व्यपदेभशत किने के भलए।

(ख) कधर्थत समपवत्त को ककिाये पि देने / पट्टे पि देने के भलए औि ककिाया / पट्टा प्राप्त किने के भलए तर्था उसकी
िसीद िािी किने के भलए।

(ग) कधर्थत समपवत्त का ववक्रय किने के भलए, किाि किने के भलए, एडवासं ों को िािी किने के भलए: सक्षम प्राधर्कािी
या ककसी अन्य समबजन्र्त प्राधर्कािी से आवश्यक अनजु ्ञाये प्राप्त किने के भलए मेिी ओि से कोई िी शपर्थपत्र,
कर्थन, आवदे नपत्र, या बन्र्पत्र इत्याहद देने के भलए, िजिस्राि या उपिजिस्राि या ककसी अन्य समबजन्र्त
प्राधर्कािी के समक्ष ववक्रय ववलखे का ननष्पादन किने के भलए, उसको हस्ताक्षरित किने के भलए तर्था उसको
प्रस्ततु किने के भलए औि मिे ी ओि से उसको िजिस्रीकृ त किवाने के भलए, प्रनतफल िकम को प्राप्त किने के
भलए, िसीदे िािी किने के भलए, दाखखल खारिि को प्रिाववत किवाने के भलए।
ननमाणा किने या परिवतना के भलए; िवन सामग्री की पिभमट एवम कोटा प्राप्त किने के भलए िवन कि ननयत किवाने

के भलए; िलसीवि तर्था ववद्दयुत कनेक्शनों को स्र्थावपत किवाने के भलए।
.............. के सिी कायाला यों में हाजिि होने तर्था काया किने के भलए।

अिना के मामले मंे, प्रनतकि प्राप्त किने के भलए; समझौता किने; शमन किने के भलए या मामलों को वापस किने के
भलए; उन्हंे माध्यस्र्थम को ननदेभशत किने के भलए। मेिी ओि से ककसी वकील, प्लीडि, एडवोके ट को ननयकु ्त किने तर्था स्र्थावपत

किने के भलए आगे एटनी को ननयकु ्त किने के भलए।

यह विलेख अविखण्डनीय है:

मैं एतद्दवािा यह अनुसमर्थना एवम ्पजु ष्ट किने के भलए सहमत है कक मेिे कधर्थत मुख्तािनामे द्दवािा ककये गये सिी काया
ववलेख एवम ्बातें व्यजक्तगत रूप में मेिे द्दवािा ककये गये कायों ववलेखों एवम बातों के रूप मंे अर्थाना ्वयन ककया िायेगा मानों वह

हाजिि हो। जिसके साक्ष्य में मनंै े तािीख....................को .................... में इस अववखण्डनीय मुख्तािनामें पि हस्ताक्षि ककया

है।

साक्षीगण ननष्पाहदती

1. ....................
2. ....................

विशषे मखु त्यारनामा

(Special Power of Attorney)

सवा सामान्य िनों को ववहदत हो कक हमािे पिं ीकृ त कायाालय जस्र्थत ............(वाद मंे जिसे कमपनी नाम से समबोधर्त
ककया िायेगा) िो श्री ............ चेयिमनै /प्रबन्र् ननदेशक के माध्यम से कायिा त है श्री ............ को अपना वास्तववक औि काननी
मखु त्यािनामा कमपनी के नाम से औि उसकी ओि से सिी अर्थवा कोई िी एक काया किन,े हेतु ननमन प्रकाि मनोनीत, ननयकु ्त,

औि ससं ्र्थावपत किती है।

सिी प्रार्थना ापत्रों, दस्तावेिों, ववविखणयों, आपवत्तयों औि अन्य कागिात िो कक कमपनी से अर्थवा उसकी ओि से ककसी िी
मामले के समबन्र् मंे के न्रीय सिकाि, िाज्य सिकाि, के न्रीय औि प्रदेशीय त्रबक्री कि अधर्कारियों, दकु ान औि स्र्थापना
अधर्ननयम, ननिाक्रामय औि के न्रीय उत्पादन शुल्क मयुननभसपल अधर्कािी, स्र्थानीय सिकािी ननकाय, ननगम मंे हदये िाने

वांनछत हों औि कमपनी की ओि से या तो स्वयं या अधर्वक्ता के माध्यम से समबजन्र्त अधर्कारियों के सममुख उपजस्र्थत होने
औि दायि किने हेतु हस्ताक्षि किेगा औि सिी आवश्यक काया िी किेगा।

औि यह िी घोषणा की िाती है कक इस मखु त्यािनामे के अन्तगता ककये गये सिी काय,ा कक्रयायें व चीिें, कमपनी पि बाध्य

होंगी।

उपिोक्त चये िमैन/प्रबन्र् ननदेशक के समक्ष आि हदनांक ............ हदन ............ को हस्ताक्षि ककये गये।

.............(हस्ताक्षर)

विशषे मुख्तारनामा

इस ववलेख से समस्त लोगों को ज्ञात हो कक मंै ............ ............ ............ पुत्र ............. ............ ननवासी
........................ सिी कायों, ववलेखों या बातों या उनमें से ककसी को किने एवम ्सवं ्यवहृत किने के भलए मेिे नाम से एवम ्मेिी
औि मेिा सत्य एवम ्ववधर्पणा एटनी श्री ............ ............ ............ को नाम ननदेभशत किता हँू स्र्थावपत किता हँू, एवम ्ननयकु ्त

किता हँू अर्थाात ् ननमनभलखखत को –

उन सिी आवेदन पत्रों, दस्ताविे ों, वववरिखणयों, आक्षेपों एवम ् अन्य कागिातों को हस्ताक्षरित किने ननष्पाहदत किने
तर्था दाखखल किने के भलए जिनकी दकु ान एवम स्र्थापन अधर्ननयम, सीमा शुल्क औि के न्रीय उत्पाद एवम नगिपाभलका
प्राधर्कारियों, स्र्थानीय स्विोिगाि ननकायो, ननगमों के अर्ीन के न्रीय सिकाि, िाज्य सिकाि, के न्रीय एवम ् िाज्य ववक्रय कि

प्राधर्कारियों के समक्ष ककसी िी मामले के समबन्र् में उनसे या मेिी ओि से अपेक्षा की िाय औि हाजिि होने के भलए औि

............. ............ ............ के िाज्य मंे समबजन्र्त प्राधर्कारियों के समक्ष या तो वह स्वयमेव या अधर्वक्ता (गण) के िरिये

मेिी ओि से दाखखल तर्था सिी कायों एवम ् बातों को किने के भलए।

औि मैं घोषणा किता हँू कक मेिी कधर्थत एटनी इन सिी ववलेखों के अर्ीन या उनके आर्ाि पि ककये गये, ननष्पाहदत
ककये गये, अनुपाभलत ककये गये सिी काय,ा ववलेख एवम ् बातें मेिे पि आबद्दर्कािी होगी।

जिसके साक्ष्य में मंै कधर्थत ............ ............ तािीख ............ ............ को अपना हस्ताक्षि ककया है।

हस्ताक्षर

साधारण मखु ्तारनामा

इस ववलेख द्दवािा यह सववा वहदत हो कक मैं .................... .................... पतु ्र .................... .................... ननवासी
..................... एतद्दद्दवािा इस सार्ािण मुख्तािनामे का ननष्पादन किता हँू, मेिे सत्य औि ववधर्पणा सार्ािण एटानी के रूप में
श्री .................... .................... पतु ्र ..................... .................... ननवासी .................... को बनाता हँू, ननयुक्त किता हँू
तर्था नाम ननदेभशत किता हूँ, .................... मंे खसिा सं. .................... के िाग के लगिग .................... वगा गि का
क्षते ्रफल िखने वाली मेिी समपवत्त के बािे मंे मेिे नाम से या मेिे ननभमत्त मेिे भलए ववधर्पणा कायों, ववलेखों एवम ् बातों में कु छ िी

किने के भलए उसको प्राधर्कृ त कि देता है।

यतः ववभिन्न प्राधर्किणों /प्राधर्कारियों या ककसी िी अन्य समबजन्र्त अधर्कािी/अधर्कारियों के समक्ष व्यजक्तगत

रूप से हाजिि होने में असमर्था होने के कािण तर्था उपयुका ्त समपवत्त के ववक्रय का सुकि बनाने के भलए तर्था कनतपय बातों को

किने के भलए मंै मेिी ओि से एवम ् मेिे नाम से ननमनभलखखत सिी ववधर्पणा कायों, ववलेखों एवम ् बातों को या उनमें से ककसी को
किने के भलए श्री ..................... .................... को प्राधर्कृ त किता हँू, अर्थाात ् -

1. ककसी िी न्यायालय में ककसी िी वविाग मंे उपयकुा ्त समपवत्त की बाबत कोई प्रसवु वर्ा प्राप्त किने के भलए ककसी
िी शपर्थपत्र, क्षनतपनता बन्र् पत्र घोषणा दाखखल किने के भलए या ककसी कोई िी कर्थन किने के भलए।

2. कधर्थत समपवत्त से समबजन्र्त सिी मामलों का प्रबन्र् किना, उसको ननयजन्त्रत किना, पयवा के ्षण किना तर्था
सचं ाभलत किने के भलए।

3. कधर्थत समपवत्त के सगं त िजिस्रीकिण कायाला य तर्था अन्य समबजन्र्त वविागों के ..................... के कायाला य
में हाजिि होना, सिी कागिातों पि हस्ताक्षि किना तर्था इस सदं िा मंे सिी मदु ्ददों का अनसु िण किना।

4. कधर्थत समपवत्त के एन. ओ. सी. के भलए आवदे न किना कागिातों पि हस्ताक्षि किना तर्था मेिी ओि से अनजु ्ञा
प्राप्त किना।

5. कधर्थत समपवत्त के ववक्रय के भलए एक किाि में िाग लने ा, ववक्रय प्रनतफल प्राप्त किना तर्था उसकी उधचत
िसीद प्राप्त किना।

6. क्रे ता के पक्ष में एक उधचत एवम ् ननयभमत ववक्रय ववलेख का ननष्पादन किना। ववक्रय प्रनतफल को स्वीकृ त
किना तर्था मिे ी ओि से उप-िजिस्राि के समक्ष िजिस्रीकिण के भलए कागिातों को प्रस्ततु किना।

7. अन्य सिी बातों, उन ववलखे ों को िी किना तर्था ननष्पाहदत किना जिन्हंे उन खण्डों द्दवािा नहीं आच्छाहदत
ककया िाता है जिन्हंे कधर्थत प्राधर्कािी उपयकुा ्त समपवत्त की बाबत उधचत तर्था समीचीन सोचता है।

8. अधग्रम एटनी को ननयकु ्त किना औि कधर्थत समपवत्त के सगं त कनतपय अधर्ननयमों के अनपु ालन के भलए
प्लीडि अधर्वक्ता को ननयोजित किना।

9. एटनी की यह शजक्त अववखण्डनीय है।
10. िल एवम ववद्दयतु कनके ्शन के भलए आवदे न किना, ससु गं त कागिातों पि हस्ताक्षि किना तर्था मेिी ओि से

इस बाबत सिी कतवा ्यों का अनपु ालन किना।
11. कधर्थत समपवत्त की का ननमाणा किने या पनु ः ननमााण किने के भलए, िवन योिना पि हस्ताक्षि किना; योिना

को मिं ि किवाना तर्था कधर्थत समपवत्त के ननमाणा की बाबत मेिी ओि से सिी कतवा ्यों का अनपु ालन किना।
12. सार्ािणतौि, एटनी द्दवािा कारित ककये गये काया मेिे द्दवािा प्रमाखणक तौि पि ककया हुआ समझा िायगे ा।

मैं कधर्थत समपवत्त के बािे मंे मेिे कधर्थत एटनी द्दवािा ववधर्पणा तिीके से ककये गये या किवाये गये सिी कायों, ववलेखों एवम ्
बातों का अनुसमर्थना किने एवम ् पुजष्ट किने के भलए वचनबन्र् देता हँू तो स्वयं मेिे द्दवािा ककये गये कायों, ववलेखों एवम बातों

के रूप में अर्थाान्वयन ककया िायेगा मानों मंे व्यजक्तगत रूप से हाजिि होता औि सिी परिपेक्ष्यों में मुझ पि आबद्दर्कािी होगा

जिसके साक्ष्य में, मनंै े ननमनभलखखत साक्षक्षयों की हाजििी में तािीख को इस ववलेख में यहाँू पि हस्ताक्षि ककया है।

साक्षीगण ननष्पाहदती

1....................
2....................

साधारण मुख्तारनामा

यह उन सिी को ज्ञात हो कक यह इस बात से सिोकाि िख सके गा कक म/ंै हम मेिे/हमािे ववधर्पणा ववधर्क सार्ािण एटनी के
रूप में को एतदद्दवािा नाम ननदेभशत किता हँू/किते हंै, ननयुक्त किता हूँ/ किते है एवम ् स्र्थावपत किता हँू/किते हंै औि
ननमनभलखखत कायों, ववलेखों औि बातों को किने के भलए समबजन्र्त समपवत्त स.ं की बाबत मेिे /हमािी ओि से औि मेिे/हमािे
स्र्थान पि तर्था मेिे / हमािे नाम से ननयुक्त किने के भलए उसको प्राधर्कृ त किता हूँ /किते हंै औि म/ंै हम मात्र कधर्थत समपवत्त की
बाबत मेिे / हमािे नाम से तर्था मेिे / हमािे ननभमत्त ननमनभलखखत कायों, ववलेखों एवम ्बातों को किने के भलए मेिी/हमािी कधर्थत
समपवत्त को एतद्दवािा सशक्त किता हँू/किते हंै।

1. कधर्थत समपवत्त के मामलों का व्यवस्र्थापन किने के भलए उसको ननयजन्त्रत किने के भलए तर्था उसका पयवा ेक्षण
किने के भलए तर्था प्रयोिनार्था उसका िौनतक कब्िा िखने के भलए, ककसी िाज्य /के न्रीय सिकाि या स्र्थानीय
ननकाय के ककसी कायाला य / प्राधर्कािी के समक्ष मझु े / हमें व्यपहदष्ट किने के भलए अर्थाता ् एम. सी. डी. / एल.
एण्ड डी.ओ. / सक्षम प्राधर्कािी जिसको इस प्रकाि चाहे िो कु छ िी हो, ककसी िी िीनत से कधर्थत समपवत्त से िो
िोडा िा सके गा औि / या उससे समबजन्र्त बनाया िा सके गा औि कधर्थत समपवत्त या उसके ककसी अनषु धं गक
मदु दे की बाबत मिे े/ हमािे ननभमत्त औि मिे े / हमािे नाम से तर्था मिे े / हमािे के स्र्थान पि कोई कर्थन, आवदे नपत्र,
शपर्थपत्र, वचनबन्र् इत्याहद को प्रस्ततु किने के भलए।

2. ऐसे ननबन्र्नों पि सपं णा िखण्ड या उसके आंभशक िाग पि बातचीत किने के भलए, उसका ववक्रय किने के
किाि मंे िाग लेने के भलए, सहयोग किने के भलए या उसका व्ययन किने के भलए या ववननयमन, बन्र्क, पट्टा,

ववक्रय के रूप मंे अतं रित किने के भलए (चाहे स्र्थायी रूप से हो या बडी या सकं्षक्षप्त कालावधर् के भलए) जिसको
मेिा / हमािे एटनी उसकी / उसका एकमात्र स्ववववके ाधर्काि िी हो, ककसी व्यजक्त के सार्थ उपयकु ्त एवम ् िीक
समझे, औि आशय िखने वाले क्रे ता के सार्थ ककसी किाि में िाग लेने के भलए, उसके स्वयम ्के नाम से या उसके
नाम ननदेभशती (गण) के नाम से अधग्रम र्न / पणा / एवम ् अनं तम िगु तान प्राप्त किने के भलए तर्था उसकी
िसीदे देने के भलए।
3. आयकि अनापवत्त प्रमाणपत्र के आवदे न किने के भलए, यहद वसै ा अपके्षक्षत हो तो आयकि अधर्ननयम, 1961 की
र्ािा 230- क (i) के उपबरं ्ों के अर्ीन, प्ररूप 34-क में समबजन्र्त आयकि अधर्कािी के कायाालय स,े कधर्थत
समपवत्त या उसके ककसी िाग में मिे े/हमािे अधर्कािों हहतों. मागों एवम हकों के ववक्रय / अतं िण के भलए तर्था
उन सिी कायों, ववलखे ों एवम ् बातों को किने के प्रयोिनार्था िो प्रयोिनार्था आवश्यक है/है।
4. आशय िखने वाले क्रे ता (गण) के पक्ष मंे कधर्थत समपवत्त या उसके ककसी िाग में मेिे / हमािे अधर्कािों. हहतों,
मागों तर्था हकों को हस्तांतरित किने के भलए उधचत िजिस्टि किने वाले प्राधर्कािी के समक्ष, उधचत ववक्रय /
हस्तांतिण ववलखे के िजिस्रीकिण के भलए ननष्पाहदत किने के भलए, हस्ताक्षरित किने के भलए तर्था प्रस्ततु
किने के भलए तर्था उसको हो पणा रुपणे हस्तांतरित किने के प्रयोिनार्था तर्था आशय िखने वाले क्रे ता या उसके
नाम ननदेभशती (गण) के पक्ष मंे, उन सिी कायों, ववलखे ों एवम ् बातों को किने के भलए िो प्रयोिनार्था आवश्यक
है/हंै यह कक, उसके प्रनतफल को प्राप्त किने के भलए तर्था उसकी िसीद स्वीकृ त किने के भलए तर्था या तो िौनतक
या आन्वनयक उसके नाम ननदेभशती (गण) को कधर्थत क्रे ता को उसका कब्िा परिदान किने के भलए िो सार्थ हो।
5. एल. एण्ड डी. ओ./या ककसी समबजन्र्त प्राधर्कािी से कधर्थत समपवत्त के पणसा ्वाभमत्व में सपं रिवतना के भलए
तर्था सक्षम प्राधर्कािी के समक्ष ककसी आवेदनपत्र, शपर्थपत्र, क्षनत पनतबा न्र्पत्र, घोषणा इत्याहद को प्रस्ततु

किने औि अपके ्षक्षत फीस / प्रिाि / शलु ्क का सदं ाय किने के भलए यहद कोई हो तो आशय किने वाले क्रे ता (गण)
या उसके नाम ननदेभशती (गण) के पक्ष में पणा स्वाभमत्व में पट्टार्तृ प्रणाली से सपं रिवतना की मागँू किना।
6. सार्ािण तौि पि उन सिी कायों, ववलेखों एवम बातों को किना जिसको मेिा/हमािा कधर्थत एटनी कधर्थत समपवत्त
के प्रबन्र् ननयतं ्रण औि पयवा के ्षण के भलए उधचत एवम ् िीक समझ,े यद्दयवप उसका िी इस दस्तावेि मंे उल्लखे
नहीं ककया िाता है।

औि मंै / हम, ननष्पाहदती, एतद्दद्दवािा यह ववननहदाष्ट तौि पि उल्लेख किते हैं कक कधर्थत समपवत्त की बाबत एटनी की इस
शजक्त के आर्ाि पि मेिे / हमािे एटनी द्दवािा ककये गये किवाये गये कायों, ववलेखों एवम बातों का अर्थाना ्वयन मेिे / हमािे द्दवािा
व्यजक्तगत तौि पि ककये गये कायों, ववलेखों एवम ् बातों के रूप मंे ककया िाना चाहहए मानों मैं / हम हाजिि है / हैं, जिसके साक्ष्य
मंे म/ैं हम इस सार्ािण मखु ्तािनामा का ननष्पादन किता हूँ / किते हैं िो ननमनभलखखत साक्षक्षयों की हाजििी मंे तािीख ..............
.............. को .............. .............. में ववखण्डनीय होगा।

साक्षीगण ननष्पादक

1. ......... ........
2. ........ ........


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