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gram pheena ke swtantrta sangram senani aur unki sangharsh gatha ग्राम फीना के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और उनकी संघर्ष गाथा

description of freedom fighter of village pheena district bijnor uttar pardesh india

Keywords: सेनानी,फीना,हेमंत कुमार,बिजनौर bijnor pheena feena freedom fighter hemant

11-2021
bijnor
pheena
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kumar
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ग्राम फीना के स्वतन्त्रता सगं ्राम सेनानी और उनकी सघं र्ष गाथा

ग्राम फीना के स्वतन्त्रता सगं ्राम सेनानी
और उनकी संघर्ष गाथा

11-2021
bijnor
pheena
author
kumar

copyright heइm.ं aहntेमलन्ेखत्तककु मार

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edition
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ग्राम फीना के स्वतन्त्रता सगं ्राम सेनानी और उनकी सघं र्ष गाथा

ग्राम फीना के स्वतन्त्रता सगं ्राम सेनानी और उनकी सघं र्ष गाथा

ग्राम फीना के स्वतन्त्रता सगं ्राम सेनानी और उनकी सघं र्ष गाथा

11-2021

bijnor

लेखक - इ.ं हेमन्त्त कु मार, ग्राम व पोस्ट फीना, जनपदphबिeeजnनaौर (उ. प्र.)

ISBN 978-93-5493-495-7 author
kumar
मूल्य 300 रूपये
संस्करण प्रथम

प्रकाशन वर्ष 2021 hemant
कापीराइट लेखक

pre editचiेतoइाnबंवप्नरंटcीopसरयसभलइउ5्सyपरववम0वेख्धलषलकवरसाध्िवकेेतिबcक‘्मधिकभकरoसंे्अयवववहसरpेदरवधत।ैन-ीलyलइधीरु रअयल्धrेख्वखरदेकंश्iक्कवतरदकgवववकपधअिलरhनीोकीरकनखtनवेउइमु यनससधटधरवऊत्ीरु धएपधिरिधककरूल्रपटतयरोय’्टवतमहेा अकमधनाें।ैं िअेेंरहनययअथीववधधररकपकन्तवरपगोसरईतटराती्वोभिएड़पकीानद-ज्मधवव्धनकवयरतयनूोधर,ड़गेंिीकर।ेूेतकपइयछौनररवय,वपशपसवजनरढतंसी्े थगंरोकहंोवकजकसव,्ेसे-ेसइअपख्सरवयकहिरव्पसवचीेधरनसुशर््तन्ीयधतकिहकहनवयधरपकनोेक।गसु््ोरअतकवरफसे केऔरमीयध्पजधथकरिरू म्व्धकरमाक्ऐररेदयीूससवपकवरवीेधसअककहधलेोंसररगयययन।ीेवेे

प्रकाशक स्वप्रकाबशत

इ.ं हेमन्त्त कु मार, कु टुंि-दीवान, ग्राम व पोस्ट फीना, जनपद बिजनौर (उ. प्र.)

बप्रटं सष अमर बप्रंटसष 06 न्त्यू माबकष ट हजरतगंज लखनऊ (उ. प्र.)

कवर पेज बिजाइन, बचरांकन, िकु कम्पोबजंग, पृष्ठ बवन्त्यास – हेमन्त्त कु मार
Gram Pheena Ke Swatantrata Sangram senani Aur Unki Sangharsh Gatha

ETBN-Freedom Fighter Of Village Pheena And Their Struggle Story

ग्राम फीना के स्वतन्त्रता सगं ्राम सेनानी और उनकी सघं र्ष गाथा

ग्राम फीना के स्वतन्त्रता सगं ्राम सेनानी और उनकी सघं र्ष गाथा

स्मरणीय

स्मबृ तशेर् पजू ्य माता-बपता जी 11-2021

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pheena

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kumar

hemant

copyपrुस्तiकसgभhरचीtमनाहमानंे पभु ्रता्यवकों्षतआएथवां अभशभुप्ारतबर्यचकतं ्षकरूोंपकसाे सहयोगी रहे
आभार
copy
----------------------------------------------

edition अबभभावकीय मागषदशषन-श्री सोमेश्वर बसहं (ििु गरा, बिजनौर)

-----------------------------------------

pre प्रूफ रीबिगं सहयोग-श्री अमरनाथ (लखनऊ)।

ग्राम फीना के स्वतन्त्रता सगं ्राम सेनानी और उनकी सघं र्ष गाथा

ग्राम फीना के स्वतन्त्रता सगं ्राम सेनानी और उनकी सघं र्ष गाथा

11-2021
bijnor
pheena
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kumar
hemantररि पषृ ्ठ
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ग्राम फीना के स्वतन्त्रता सगं ्राम सेनानी और उनकी सघं र्ष गाथा

ग्राम फीना के स्वतन्त्रता सगं ्राम सेनानी और उनकी सघं र्ष गाथा

बवबशष्ट सहयोगकताष
सवष श्री

पररिर्््रवचमतॉजौ्.सहोपदवस,नतू दरुक,,ेशलुसमल्रजव्रधर.्लीचतंदपक्तरतधौ(सधवरमश्पचंहरुौकहवस,दवटनैनव(िेकी,ध,दवहरदइ्लचर्).ंंदलप,जवधीइलस)य.ं,हं गधसध,ससरुमरुहंहंपज्रर,(सनसधओसवीदीशमंहम,ल(कपधममवुवम)नलज,वोरजशवधपा स(शमरुफकहं)शुभु,ी,मनरे इराववरकव.ंध)जसरआाकवहंंकज्ु,षमरपीि.वपतूरजृ ी,ध.ेरसपअ्ररजहं शध,वसपोरकंहधवतज, करन(धुमरमर््हवचौकरोह,िु मविनवव)ॉर,,.,मरइि्गं.ंीी.ू रसपधेसशीिु .हं ीbिध,रसहiमंहपवjकुद,रँ ्ेरुnइशवर.ंरoवहक(जrमरु मपीेरशवतूठ1र,,)क1,मनु-मिरनेशव2ॉनर.021
ध(रज्द्वयलवलौनंक)व,रअ, धशजोतpकरे hरिeरवeघधलnरु ्यशंaवनी ((हमरजुर्दज्ववफर)र,नधशगरर)्प।्रसवद
धजतेररकु मवर धसंह ‘संजय’ (दरे ्गढ़ सोनभर), िॉ. भवरत भषू र्
भवरती (छत्तरपरु म.प्र.) इ.ं िजृ ेरर कु मवर (पखु रवयव)ँ , इ.ं रूपधसहं

सरगकगिर्वचपजुुुॉरिुौ्म्.तह्जवीवव,धवर,रररनस(्न,,रजन्धरिचइरोेौटर्द.चंहॉरनप.धवकररुनधअश्सवु,ध)मपधमहं अनइवनवर.ंलार,र्कमचर्रौ्नुवनहशमतज्ीसोवशवमजनंेरर,वर(,ाधरकि्सधवचपजिुॉौमहं.हकंजपव,वसरतजूननध,रशु,,ौेशगरधसिर)रज््,लयूककश्ेरपाकुनहरुमोमरईौ्वववजनर,धररसतदhीभिधहं रे‘धसeवक्सस,र्ेशंहशmतहंरमु ,मीa,ीनक,(िनज’धnुधमहॉ,रग.t्रमवररवरदवप्जव,जेकीरर्शkपिचररल््गतूuमेरीधरर)सप,ु mरे्।तरधवमहं सधa,स,नरिहंrवउंहोॉरज.रत,््वतवलaमजम,र्uधोआचपरहकौ्हतूtपीे ररवश,hवरनलअधीoसतष(्यशrहंफधसधव,ोसगीकनंहतीहं व,,षु )म,िवध।रहिि,ॉ.ररॉसपु े.रवभ,रजरु रेरिोजपलरकॉतून.ुवमकनलीरशुवव्मरोथत्क,वसकरेतभर(्,ुयमररनदूुवड़वरतेगरर्््यकीनध,धवसीीसगबत)्हंरी,हंह,र,,प्मध्चररमौदद्ह्धनरयगुसमुव्ीनेकेशषंहन,

रधअयशमवतदवरक्रलु र््वचरर(रतन्पच्ररयधरगसवपुग्धcंहतदव्र,वoरव(्जदददेpहेरे)ी्y,,रेशवइदप्.ंरcनकूदअ)ीुoमप,जpवइरश.ंयy्रजआीrकरनै्iुवरम,स.्gतवकअरhरे .्शधt,सकोपंहकौधरु,शूधगषशकुपो्ततर,व््त,मरंेधनकपत्ुशरलतरे रकु वद्पलीश्परवधी,सरश््ंहवकरीस्,रतम्इवरलस.ं््त,सशे हर्िमे,करंतअजु मरीधववतभरर्,षतककेकु म(े झशवधरमवर,ँस्शइ्ीरध.वं)श,,रइइवरम्..ंं हकययरैेो,लोगगरवरेेरशवररजिेशकवइिु म.ं ूकधधवसररु म्,हंनवउयर(मिसकववकुदँोमनववव)तंीर,,
edगसस्iरपुयू््तरtवपा ,ू्रiपकइ.ंoवधनशतnररेर्(वरधरर्ीधच,सिदकहं रे ू्टपरे र)ट,ेलअइ,.ं गसस्रररुरु्ेेवशशलकक, ुुपममतववरररवजगखौसतननम,वमन(नीम,ीथशष्ररु ीवकन)ुव,मरववइयर.ं रगप्पुषु ग््पतवपु,ेर्तवक,करौु मशवजवलरीर(शे्हशमधसकुी्रलहं प,वरु ,)शर,वधइमश.ं गकरोजपवंतनवलीपक,वणधव्शरितरेय्मम,ौररूयोतधा ह(धफसततंहकेह,ु मपआरुवर)न,, रइइद..ंं

pre धगरजवशंकर (औरयव), इ.ं रवमवश्रय यवदर्, इ.ं धदनेश कु मवर (मऊ), इ.ं अतलु कु मवर गौतम (कवनपरु दहे वत), इ.ं र्चररमव
प्रसवद (िधलयव), धर्शवल कु मवर, आशीष शमवा (गवधजयविवद), अशोक उपवध्यवय, सज्जनपवल सहु वग, अमर धसंह

र्चौहवन, िीरेरर कु मवर (धदल्ली), इ.ं फु लगने रवम (िनवरस), रवहुल श्रीर्वस्तर्, कमलशे कु मवर, पकं ज कु मवर, िॉ.

सनु ील अग्रर्वल, संजय कु मवर, कु लदीप र्मवा, धर्भु श्रीर्वस्तर्, प्रकवश श्रीर्वस्तर्, आधदत्य प्रकवश, सदं ीप पवण्िेय,

प्रदीप कु मवर शकु ्लव, सशु ील कु मवर (लखनऊ)।

ग्राम फीना के स्वतन्त्रता सगं ्राम सेनानी और उनकी सघं र्ष गाथा

ग्राम फीना के स्वतन्त्रता सगं ्राम सेनानी और उनकी सघं र्ष गाथा

11-2021
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ग्राम फीना के स्वतन्त्रता सगं ्राम सेनानी और उनकी सघं र्ष गाथा

प्रस्तावना ग्राम फीना के स्वतन्त्रता सगं ्राम सेनानी और उनकी सघं र्ष गाथा

प्रस्तावना

हसऔ।ैभं ्बरांतसमरेबबे ुजपस्रतगु रीचगसबसयनगे बि2जा0ाहमन1रेंन0आलान-1चक1कािहरकाी।बीहथठैीबोहड़गातोयीगे।इहीधनोलगकरूरीपउलरुमकधहंै सरबमीसकारमेीगसदु ्बदाेे पाँवामतररुफोंाबदकीानातेबाचबासदाीदते 1जउ0शान्रुहलरकूहोंनहािेोहथोगममाय।ीाटरीने।रगरू उउपानवाँत्रुह्तरोमसन-पंेेे एअbजवू कiगड़ुपमjीनंेपबnाबढसपoाे-तरालrरोिंचएपखकय1रे1लचशऔद-चहय2ररााग021
जभड़ुारेतदोल-सचहं ारजसीवकािा हलीकनएाम। जबातनाकपारायी ाकके ्अयोंभलकावहpममhंेामeरांैeउघnनरकaउे नप्रकश्ने ोंघकराससे सतं ोौषपजचनाकस
शरु ू कर दी और सने ालनयों से
उत्तर नहीं दे पाया। के वि डॉ.

फीट दरू ही है और महु ल्िे की चौपाि-चचाग मे अक्सर उनका लaजuक्tर hहोoतrा रहता था।
उनकी बातों से पता िगा लक वे हमारे गाावँ आकोपअठचkी्कछuीm-ठaप्ारककrारपढ़जे-ालनितखे थे हे, ,ंै हअो सच्छकीतनाौहकै रलीककफरतीने हा ंै मंे उनकी
ररश्तेदारी भी हो। जाते-जाते उन्होने कहा लक इसलिए,

दजककवसशेषबारोनाग पितदकबाीलुराबंानतंपररीयीहेंरधरऔाीरकखकीसcररेे-नजाo्धसथचञीाpनीानुचरथहyेौटीा-लत्लवासहकीसंcसपाए्oफथचमरू ,्pतृोरगसआटइyकहतमलतrोपीारहजiनकगभाेgयसकीोकhींअरेासहऔt।बपंकीउह।नसरिhुतपे्गरकeलनसकताे mवाँवमलऔाकaिमय्करnयरआययाtािहइहसलत्ीेखवतबीयहरानहतूाादपस।ैंयमऔारशऔतझुह्रारु े।रूगबरयपहहगढ़ीतुईु ौ।रे-जउरवलिूनाखबनकखकढ़ीीोंािानबरपगीेारवतीजद।ािएटुापलकायरे नितरे्अवऔोोचगजभो्कंर-ञाीबतबयहजु ढ़दहोगुताानलोरांयहेकहकता्ेवै लीनबककयएारीकउेामपनबंेकीकभोढ़धईीीी
edइएिiलकतोtगहबiाइसाoनतnसंेबमंकातझु िोें पकनतोकाने चहलनिींरजंीत।ारनलजपत्रयने थाकस।े ोोफं मसीननंैे गेा्रकाकमभे फसी्वीपनतहातं ्िरऔतेानरसयकगं ्रहाभमांीकसपे ेनढ़स्ावानतथींताऔ्रतनारकसउंगभन्राकीमेसससनु ेनघं ााषथनग ीाक।कीगे जबाँावोारपमे्रममंे भंे खुएीकबअसानते ेकबंे सढ़ाानकमेकनरे
pre आयीं वे इस प्रकार ह-ैं

1925-30 के आस-पास जब स्वततं ्रता आदं ोिन राष्ट्ट्व्यापी होने की आरंलभक अवस्था में था । तब से ही
फीना में सने ानी तयै ार होने िगे थे। इस बात की पलु ि उस समय हुई जब 1930 में चिाए गए सलवनय अवज्ञा
आदं ोिन के लसिलसिे मंे फीना के तीन िोगों को अगं ्रजे ों ने जिे भजे लदया। ज्ञात हो लक सलवनय अवज्ञा
आदं ोिन मंे परू े जनपद लबजनौर से लगने-चनु े िोग ही जिे भजे े गए थे। आरंभ मंे स्वततं ्रता आदं ोिन शहरों के
आसपास ही कें लित होता था। जबलक ग्राम फीना लजिा मखु ्यािय से 50 लकिोमीटर की बड़ी दरू ी पर भी
लस्थत ह।ै

ग्राम फीना के स्वतन्त्रता सगं ्राम सेनानी और उनकी सघं र्ष गाथा

प्रस्तावना ग्राम फीना के स्वतन्त्रता सगं ्राम सेनानी और उनकी सघं र्ष गाथा

सन 1938-39 मंे हएु हदै राबाद सत्याग्रह को स्वतंत्रता आदं ोिन से सीधे नहीं जोड़ा जाता परंतु अनके िोग

इसे अपरोक्ष रूप से जड़ु ा हुआ मानते ह।ैं इस आदं ोिन में भी फीना के एक स्वतंत्रता सगं ्राम सेनानी हदै राबाद

तक गए और जिे मंे बंद लकये गए थे। इस आन्दोिन में परू े लजिा लबजनौर से लगने चनु े िोग ही हदै राबाद तक

गए थे। के व्यलिगत सत्याग्रह में फीना के दो सने ानी जिे भजे े गए थे । व्यलिगत सत्याग्रह के1द1ौ-रा2न021
सन 1941

सेनालनयों ने गााँव मंे कई लदनों तक लदकरीएपजराबतैठे थके।रग्रअामगं ्रसजे्तीरनपीलरतऐयसों ेककाायलवगक्ररोमधसलकनु नये ाकगोयनाह।ीbसं लiभमjिा nआतo।े यrइोसलजदृतलिकसरे
सामलू हक लवरोध प्राय शहरों मंे ही

सगसफांगाींध्थनराीमाजआकसीे दंसकने ोाेेनिनसाीलनानकथयमोोंेसंभलकगत्ायगारफाग्गि्तारहवँा ाेनरेकमवलकंेरलाकिनये येाकयाेगे गजलयियानएापथवद्पाय।रुमल्वि्ेेंयगलगवलएितरिथगसाे,ततऔ्सयसेनारगत्ा्रयनहवाीहगल्वथरीहँाले।पaशमरuिें जtलगहhिे र।ै oफइ्भतrसीारसगpहतए्hयो।नeापेग्eवररुह्ाnेिमतaेेंकफफीीजननाााकसकरेे एदगकसूांधसर्ेीवसजतने तंी्ारतनकीाे

1942 मंे शरु ू लकये गऔआसये लरेनक्अदबोयगंि्लरािेजनगदोंयलाभकनाायहरकतेै वे। छेएलhककोडeसोmसीआaेग्बnरादंढ़मtोकिस्तरkनरuएमपकmें रगa्रलाउमrमदिाफहनीरेनरअ्ा तक्पय्रेसंत्ितदतुोगिु ोलंकगभनये हअ।े।ंै तइइ्यनसंतकआउा लव्दंिरो्िेखनग नआनीमयगें फपे ्लरवलीतनलभभा नाक्गने
करते हुए दशे भलि
िोगों ने लजस प्रकार
अध्यायों मंे लवस्तार

स्वततं ्रता सकुंगछ्रामस्थआानन्ोंदcपोoिरpनलमyमिrें iतफाgीनहhा।ै tइकने मिें ोफगीोंनदा्वाकराे लकए गए संघषग तथा बलिदान का बहुत थोड़ा और छु ट-
पटु वर्नग सने ालनयों के व्यलित्व और कृ लतव का वर्नग न के बराबर

तऔालरकअआपयनाे गपवc्ताoहिp।ै ीyइपनीलढ़बयातांोंउकनसो ेदबखे ारते मे हंे अएु लइधसकलावलधषकय पर पथृ क पसु ्तक लिखना और भी आवश्यक हो गया
बातें जन सकंे और प्ररे र्ा िे सकें ।
edसल्कiथtामनiंैीनयonतइलोतकहभासी
pre िेखन पर पहिी चचाग इ.ं जय लसंह जी से हुई। इस सम्बन्ध में मनंै े उनसे पहिी बात यह कही
इलतहास का छात्र रहा, न ही मझु े लिखने की किा आती ह।ै बातचीत करने मंे भी मैं कु शि

नहीं ह,ँा नौकरी के कारर् जनपद और गाँाव से कई सौ लकिोमीटर दरू रहता ह,ँा टाईलपंग आती नहीं। तो इलतहास

की बातें कहाँा से, और कै से इकट्ठा होंगी? कै से लिखी जाएगँा ी? सालहत्य के क्षेत्र में कोई पहचान है नहीं, तो

प्रकालशत कै से होगी? आलद। इसी चचाग के दौरान से इ.ं जयलसहं जी ने टेिीफोन पर ही अपने गाँवा सीमिा

गांव के लनवासी और परु ानी बातों के जानकार एक सज्जन से बात करा दी। वे परु ानी बात बताने िग।े मनंै े

कागज पेन लिया और उनकी महत्वपूर्ग बातों को घसीट कर लिखता गया ।

इस प्रकार अचानक से सकं िन का काम शरु ू हो गया। शरु ू में अनभु वहीनता के कारर् जानकारी एकत्र करने
की दर बहतु धीमी रही, पर समय गजु रने के साथ कु छ न कु छ जानकारी एकत्र होती गयी। शरु ूआत के कई
साि यह समझ नहीं आता था लक इन टूटी-फू टी जानकाररयों का क्या लकया जाय? क्योंलक इन जानकाररयों

ग्राम फीना के स्वतन्त्रता सगं ्राम सेनानी और उनकी सघं र्ष गाथा

प्रस्तावना ग्राम फीना के स्वतन्त्रता सगं ्राम सेनानी और उनकी सघं र्ष गाथा

में न तो सततता थी न ही क्रमबद्धता। जानकारी हालसि करने के लिए जरूरत से ज्यादा लवनम्र होना पड़ता है

जोलक स्वभाव मंे नहीं रहा।

हकइलीतररनहो,ेजासलमदरपशारगाककदीनेामलेजऔकदं गररतीदे-मशेकंे करवतामेसवआसंष्कग 2ृतल0ती1नप8रल-द1आख9ायमयींेीममदझु ह,ंे ेापमनरहंतलसवु यसूपे लसतह्तमुआयाोजं कलकके लोवसएरसंु्कदक्धृ लकसतरवऔकोते ्तअरमइनरलनतुक्षाहालदालसतवकसकेलरज्पनड़ु ,े तीआैयबाा1दंरतो1कंेलभि-रि2तनेे021

में बहतु उपयोगी ह।ैं इस लनष्ट्कषग के बाद मनंै े इलतहास संकिन और िखे न कायों की गलतbकiाjफnीoबrढ़ा दी।
तदतआसखेथके्अयलनफसपाएसीरबकलोमकंदकत््तषरे कनकबरकुरखारदनलसदाेर।ायमोनमजाें वैंभ्गजयदयीतोब-ाहीततआुऔअीनकपर,घनरपअनेटं रघेेखिसकरबकंगजायाािार।गतरइतनाोसकीतकनाो-ताचनयअरहहाोंरलींऔधकलगदकायनरयााोशंिगं।कमइेखसेंरसएननमकेकयसमाबेaंेयगवक्ाuयगारऔाँवईtतपलीhऔढ़वतरoनकसहारrटंकोशजनिसेरुpनिूमपhनकगदसe्य।ेयरeकासातलएn्ेदरमााँिaयभयमाोींे।गबअखवोंचनोसड़ाेकभनेीभेीहकपटेंशईुेर।ेशलीकंिषकारकग नएनईीे टपऔतभीढ़रविनहरीेे
ही आयी परंतु कई महत्वपरू ्ग और एक से बढ़ कर एkकuउmपaिrलधधयां भी प्राप्त हईु ।ं

इस पसु ्तक को इलतहास संकिन यवाषत्रगा(h2कe0ाm2पa1हnमिt)ंे ाबमनहकत्वरपतूरैय्गारप्रलकतफीलतिग स्कतमह्भा जाय और फीना के स्वतन्त्रता
सगं ्राम सेनालनयों की स्मलृ त मंे इसी दसू रा महत्वपरू ्ग प्रलतफि कहा

मनजेहाबयत्वादतपोूरमअ्ेंग घऔलतनशीरभयलतवू ोललिशहोcिकनoउरहpपइोyिगसrील।धपiधससु्g्मतयhाकोरंtकतरकूअपपिधहगचुँाारलनरव्े मषलकंेयसयिकै ागड़वोंसे हशकीभु तस्लामचहातंरैककपरोंंतक, ुेसहलजैन्नजमहनाींगर।ों्कऔ्कयोारंलकआमहलधजानानरुभाखबवनोोंजीक।पइारू न्प्गरबतद्याोतनक्ोोषंं

आऔभर ाअर पज््रञता्यलपcक्तषoरकpूपyरतसाे गहन योगदान व सहयोग रहा ह।ै पसु ्तक प्रकाशन के अवसर पर मंै इन सबका हालदगक
ह।ँा इनके नामों का उल्िेख अगिे अध्यायों मे यथोलचत स्थानों पर लकया गया ह।ै परंतु
edकिiु ेखछtनiशoहभु nते लचु प्तंरोकत्सोंाहऔनरमसंे शह्रीयोगलगजँाु यनों
pre का उल्िेख यहाँा आवश्यक ह।ै और मरे े िखे ों को लदल्िी से प्रकालशत
अग्रवाि तथा फीना के सने ालनयों

होने वािी मालसक पलत्रका ‘दी कोर’ में अपके ्षा और कल्पना से भी अलधक स्थान दके र इसके सपं ादक श्री

प्रमोद कु मार कौलशक जी ने अत्यलधक सहयोग लकया। इन िेखों को पढ़कर ग्रामवालसयों मंे सेनालनयों के प्रलत

अद्भुद गौरव और श्रदृ ्धा का सचं ार हआु और समरक लनमागर् की नींव पड़ी। फीना के सेनालनयों पर मनैं े कई

गौरवपरू ्ग िेख लिख,े लजससे उनके सम्बन्ध मंे जन-चचाएग ँा हईु ं, और उनके सम्मान के प्रलत जन चते ना पैदा

हुई । सेनालनयों की स्मलृ तयों को लचरस्थायी रखने के लिए मनंै े ग्रामवलं शयों से एक स्मारक लनमारग ् का प्रस्ताव

गाावँ के प्रबदु ्ध जनों के समक्ष रखा। लजसे स्वीकार कर लिया गया।

फीना के इलतहास से जड़ु े लजतने भी प्रलतफि प्राप्त हएु उनमंे इस पसु ्तक के बाद स्मारक का लनमारग ् सवोपरर
और कािजयी ह।ै शरु ूआत मंे स्मारक को सरकारी स्रोत से बनवाने का प्रयास लकया गया। सवग श्री डॉ.

ग्राम फीना के स्वतन्त्रता सगं ्राम सेनानी और उनकी सघं र्ष गाथा

प्रस्तावना ग्राम फीना के स्वतन्त्रता सगं ्राम सेनानी और उनकी सघं र्ष गाथा

लवश्वपाि लसहं , नरेश वत्स, धीरेश बहादरु राजपतू , मनोज कु मार राजपतू , शमशरे लसंह, भदू वे लसहं , राजवीर

लसहं , ओमपाि लसहं , यशपाि लसंह, लहरेन्ि कु मार आलद ने इस दौरान बहुत महत्वपरू ्ग प्रयास लकए। इनमें से

िगभग सभी ने आगे भी भरपरू और यथासभं व सहयोग लकया। सरकारी प्रलक्रया मंे पेचीदगी होने के कारर्

पउमरपमसल्तसप्ाथररतआाजरहपलथतू ककग कर लसानअहमयातगरोुि्गक-नदीीायनप्रयत्सयोगेक्सदष्मलाजनारमकर्महदेाल।नारफमीाीउगरन्ठाापगन्रराे ममसें शकह्रमील्मलयतनारोबज् नसकील।ुममसल्ामतराररकाकजे सपकलतू चोतवस्थथइाा.ं नउहनरउकीपशीिधकधमुधमपग ाकरत्नचरीा1ौनशह्रे1ीातमन-थत2नाीे021

दान के माध्यम से स्मारक लनमारग ् की लजम्मदे ारी उठायी। दानकतागओंको प्रेररत रकहरान। ,ेदसा्नमाbदराकiतjाकओnोoमं नrतूे सग्रवूपप्ररे दर्ने ाे
और स्मारक पर भव्य कायकग ्रम आयोलजत कराने मंे इनका अतिु नीय योगदान

औदइसलनेेतशेरहकरुवाूासआरप््रनगसयतांकातीसीिआतलनकहठय।ैस-पनाे िसुौग्तमयेककहारीहनकइ।ै ोसें मस्मपें िसुा्रतगककभखगकडंगे्यिकारेखेहअनिध्मायखेंाियकोगं माभदंे गसानभछलीहदसaयसuहा।ायtिसोhगभिoकीrगदत।ेाानगओइpदसhांततeदाथeौओराnानदaंकासनादमयायतोग-ासओदमानयंकअाशत्लरवीिु वसनरमीरयर्
डश्रॉी.हलवररशप्वपािािलसलसहं हं, ,श्शर्ीरीबशजृ मने ्िशरेलसलसंह,ंहश,्रशी्रीराअजशन ोचकkौहकuाुनmम,ाaरश्r,रीश्सरीभुरलावषचरानज्िपलतूस,ंहश्र,ीशस्रीशु यीिशपकाुिमालरस, शहं ्र,ी
लसंह, ओमपाि
लसहं , श्री मनोज
ककु रमाफरीरनााजकपे तू ब,ारश्े रमीमंे अलतत्यसतं ीममाहदत्वेवीप,रू इ्ग.ं जजhानयeकmलसाaरहंीnि,tशी्रीगयहषी।वग शध्रीनग रजआनती्शरये ,कशु्मरीारलज, शत्रीने ्िराजलसिें हं क, ुसमेाअर, नश्रेकी नबरेंिारकवु माताराग

चौहान, आलदत्य प्रकcाशo,pलyवrवेकigगhपु ्tता, नरेंि वत्स, लहरेन्ि कु मार आलद से बार-बार लवलभन्न प्रकार का सहयोग
लिया जाता रहा।

डिॉो.कभे न्िारतत्यभाcगषू oीर,्pअ,yशश्रीोकनरेशमधवपु त,्सअ, तडिु ॉ.चलजन्ितलंेिद्ववकदेु मी,ारडलॉस. ंहसरु ‘ेशसचजं ंदय,’लशसवे लकनुरमंतारर इलतहास चचाग होती रही। डॉ.
लसहं , इ.ं रामप्रकाश प्रजापलत,
edललककशiु मवtयापारi्।र,सoअअाnदजवभनयीाशरकतु मीक,ाु मरइ,.ंारशग्,ररुीएुप्पवर्सरदं िाीदपल,िशड्रतीॉव,काअसु ्मतलनावरि,चशश्ौरहीमाकनाग,म’असिशुलेशनीििक’ु क,मुडामरॉ,ा.रशर,्रजरीानबजीजृशशे ने ्िकसुोमसनांखीर, वलससाजरंह्ज,,मननकुपे ाेबशिहतुकसु हुमउाातग्रस,,ालगहवजवशरधाािजनग
pre लसंह, राज कु मार लसंह, श्री लववके प्रजापलत, भी शभु कामना भेजते रह।े इन सभी का लवशेष आभार।

व्हाट्सएप, फे सबकु , फे सबकु पेज, इटं रनटे , गगू ि, लिलटश आरकाइव, माइक्रोसॉफ़्ट, इलं डक िैंगवजे इनपटु
टूि, लनटरों, पंेट, स्पीचनोट, कृ लतदवे टू यलू नकोड, एडोव फॉटोशॉप, थ्री डी एस मकै ्स, टेिीग्राम, जी-मिे और
कई अन्य लनशलु ्क कम््यटू र ए्िीके शन जसै ी तकनीकों का भी इस पसु ्तक को यह रूप दने े मंे महान योगदान
ह।ै इन तकनीकों को बनाने वािे और उपिधध करने वािों को भी महत्वपरू ्ग श्रेय जाता ह।ै इन तकनीकों का
उपयोग मनंै े इ.ं कु िदीप वमाग जी से सीखा। फीना पर मरे े लिखे इलतहास के प्रकाशन में श्री प्रमोद कौलशक
और श्री आलदत्य प्रकाश और श्री लववके गपु ्ता का अलत लवलशि योगदान रहा। इनके प्रचार-प्रसार मंे श्री बजृ ने ्ि
लसहं , श्री लवशाि कु मार, श्री मकु े श कु मार तथा फे सबकु , व्हाट्सएप का लवशषे सहयोग लमिा।

ग्राम फीना के स्वतन्त्रता सगं ्राम सेनानी और उनकी सघं र्ष गाथा

प्रस्तावना ग्राम फीना के स्वतन्त्रता सगं ्राम सेनानी और उनकी सघं र्ष गाथा

ये पसु ्तक मनंै े खदु की िखे कीय सतं लु ि और पवू ग वलर्तग दालयत्वभार उतारने के लिए लिखी ह।ै पर यलद यह

पसु ्तक लकसी तरह से व्यलि अथवा समाज के लिये उपयोगी लसद्ध हुई तो बहुत प्रसन्नता होगी। आशा है लक

दचयृशहच्यारगचपबदै नदं ााहकआोनर,ेनकउे ेवन्हकािे ासरीरगं ्पलठीनलतढ़ियरहोहंुईककशे्ररलुसतदाशेमपनरऔंपे गर्राारमकसेफंसस््कीवनृ तलातनक्त्केरतसीा-नेरइकाल्लषतनाहयकाोेसं दल्िवऔारया रेलपक्मररे रयहतते ्गवकयपररूे तस््गवीपतररु हान्नतगे्रीती।बागासताघंवाँों ोषकं गमीकंे कचा1मौजप1ीीा-विक2तं -ो021

परू ा करने का दालयत्व भी इस पसु ्तक के उपर ह।ै इसका लनर्यग पाठकगर् करेंगे लक यहbउiद्jदशे ्nयoलrकतना परू ा
हआु ।

पसु ्तक में सैकड़ों नवीन तथ्यों कमक्षेंोमउपा्नरप्सह्र्ातेथसतु नग धु लाकाकरयाे साजगााथयसासकहलु ेध।ै। इइपससाठीकककारेोaंरसद्uृलेभिtअिगूhपतoवेक्rशषइासरअpहसगेवhंसीशe््कलयeकरnहरउ्ीaनकककु छीोबनप्रहगकुतटु छककतमर्रलु अटप्यरवलातँागरयतहााँ
गयी होंगी। इसके लिए अलग्रम
कराएँा तालक अगिे ससं ्करर् kumar
प्रकालशत करायी गयी ह।ंै

hemant हमे न्त कु मार

ग्राम फीना, जनपद लबजनौर

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ग्राम फीना के स्वतन्त्रता सगं ्राम सेनानी और उनकी सघं र्ष गाथा

प्रस्तावना ग्राम फीना के स्वतन्त्रता सगं ्राम सेनानी और उनकी सघं र्ष गाथा

11-2021
bijnor
pheena
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kumar
hemantररि पषृ ्ठ
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ग्राम फीना के स्वतन्त्रता सगं ्राम सेनानी और उनकी सघं र्ष गाथा

सन्देश

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dyq ifr] dU;k x#q dqy lkluh] gkFkjl] mÙkj çn's kA

iwoZ Mhu çkP; fo|k lda k;] x#q dqy dkx¡ M+h fo'ofo|ky;

iwoZ foHkkxk/;{k oSfnd lkfgR; foHkkx

शभु कामना एवं बधाई iwoZ jftLVªkj ,oxa #q idwoZyq lgdk;k¡xdM+hef[q o;'ovfof|/k1"kBy1k;r-Ak2021

सन्दशे

अत्यतं प्रसन्नता का ववषय है वक श्री हमे तं कु मार जी द्वारा अपने गाँाव फीना के स्वततं ्रता संग्राम सbने iावjनnयoों कrे व्यवित्व
औदइसउ्वनभुपािराबधणग्यबकाी्तधनृ सवोतंतहेकातइ्।ैवपनो्उरासपसपब्तनरुाहतगावनोोौिंनरे कववेखतशाािीकनागिे अतगय्ीरोाीवइमधकवयतकफोहहईाींशानपइसासुव्तितकमहकोंेोगासस्पवतभनु तवयै ीजितं ा्रवरीतखदववाहवात।ैसंगगत1गंकय्र8ााहमर5नऔो7ेसचकरंबकेकु ेंववने धिपह्हरतयथ।ंै ीेफमअहaबमिेतuनस्तंवाेकतtनतःकhे कमतंउु्oमरेतहनाrवातर्िवघसजयपटpगंी्रूने रकh्ानामण्ओeेऔाकंवआeतईंरककnंदवगaाीोरषौिबीरोंवहबनतशतुचकसाे।हिे िकीिी्कबंाेकघंवातमटरशकनज1ाोाएध9ारनरँा4यघकक7ोंटाारसयमी।ीणेंे

वमकइकसेरे ासय्पवसासुत्औौतभतं ्करातरग्यापमसतहें्रसंग-ै्वरपेनाकमवातव्रनमवकवयेराेषोओकंयकु टेपंुंबमवरचें सअअत्ेरोनमनं ेकउकेझु निसकबेावेखरहअतहपhव्मेरभककeतं िु िाmवजेखशa1ीतोnं1नतtके समथ्वरझुााkतएउसतंu।्नरेतचउmकान्aचहीसrोाबंंगनण ्कराेातयमीो।ंहसकइपसने ोसुा्सनतववीकनु ्दषहरयुएभत।ीकरवइेबीसककजेीानसरकरौ्ेर्मवपकहरमीे ोंेइयआवविातगपखहसयाीसा।ी हपऔ।ैररभचरिू यवबे हवजबआु नसौरर।े
पसइ्मवरू तााहरवककासयककााहोव।ैइनकशम्राीठ्णरठह्ा मेकहंतुआरनcका।oु मबइpसाहरyुतककrे हे िiीइजोgनकवhकटापtिारणय्,ोंपककरराायश्एरणकम्कमवउामित्ंे कइानृ्औषह्टोंपन्ररवे तचमफझुनु ौिे तभीीयपआहरू ्णभकमींवातय्ररतहण हावोकवतकायहफा,ै थीवनजाापसमरे ंेिदस्भवुखे ताकगण्ंतय्रतवनाशे ससफमंग्रैंिापमहतसचुँाापेनवूनानहकण ीीं
सका। दान कcरoतेpहyुए ऐवतहावसक और भव्य स्मारक का वनमाणर् कराने के विये मंै समस्त फीनावावसयों को बधाई
दते ा ह।ँा

pre edसअiंसग्tथस्iातओoक्nं ासवं ते वनवदमवाणरस् मनाने की शरु ुआत करनी हो या स्वतंत्रता संग्राम सने ानी स्मारक के विए सरकार और समाजसवे ी
के विये पहि करनी हो। 16 अगस्त को फीना-नरू परु माचण वनकािना हो या गमु नाम सेनावनयों

का सम्मान करना हो। सेनावनयों के व्यवित्व और कृ वतत्व पर शोध कर पत्र-पवत्रकाओं प्रकावशत कराना हो या इस

महत्वपरू ्ण पसु ्तक को विखना हो। इन सभी कायों का श्रये श्री हमे तं कु मार जी के अतिु नीय प्रयासों और उनकी

दरू दवशणता को जाता ह।ै यह पसु ्तक क्ावं तकाररयों को सच्ची श्रद्ाजं वि के सामान ह।ै मझु े परू ्ण ववश्वास है वक यह आने

वािी पीवियों विए अनमोि धरोहर वसद् होगी और समाज को दशे व संस्कृ वत प्रेम के विए सदवै प्रेररत करती रहगे ी।

पसु ्तक के सफि प्रकाशन के विए बधाई और हावदकण शभु कामनाएाँ ।

सेवा मंे, श्री हमे न्त कु मार (çk-s Hkkjr Hkw"k.k fo|kyadkj)
ग्राम उदयपरु , जनपद बिजनौर

ग्राम व पोस्ट फीना, जनपद वबजनौर (उ प्र)

ग्राम फीना के स्वतन्रता सगं ्राम सेनानी और उनकी सघं र्ष गाथा : हेमतं कु मार

सन्देश

डॉ. सुरेश चन्द

प्रोफे सर, इबिहास बवभाग

के .जी.कsे u. (rपeीs.hजcीh.)aकndॉल52ेज5म6@ुरादgाmिाaदil(.उc1.oप्1mर.)-2021
शुभकामना सदं ेश..
bijnor

अससब्दवगंपय्िरानामंत।्ेरिपमस्राााेनणनसााोगंबं्नरजाकसयम्ावािोंसाािसधेनहबेीलासनै बबिनिंदकयाांबनधपो्इंरािकनदप्ेमतेनबकहजंेासीरिपनेननड़लाे मामागेंभथलभसीाागलु।खइभअबसोिंाबभहहिखाैं।ासरललसिआामीखयभुबचोाजंरभनििेिािीइरaयकनिबuि,-ीमtयबहप्लनरhाोदंस-खoकशे धrलाोनिेगखपस्थpरयत्ेनायhअाकबeकउ्पजषeेसनलऔअnमााaयभंे रिसथा्अिीवासरसप्म-रभंपित्ें यशरावईके्षससयष्वरोलिगूहपांतजद्खरिाासनरोांे

िबलदानी गमु नाम रह गए। 15 नअे पगूरस्े िवष20ष स2्व1ाधकीkोनहuिमmा ें aकअrांग्रअेजमों ृसिे स्विंत्रिा बमलने के 75 वषष परू े हुए।
इस अवसर पर भारि सरकार महोत्सव मनाने की घोषणा की है।

अमिृ महोत्सव मनाने का मुख्य जउदh्ोदेशeइ्यबmिउaहनnासtसलेनाेखबननयोकं के अो भखाोवजमकंे गरमु सनिामके रसह ागमएन।े लाना िथा उन्हंे
पहचान और सम्मान बदलाना है,

pre editसजचपसकसप्iवेैिरुेेननुनीावoबिृक्ााौनवयबनिnंती्निबरीीगििि्यपरऔााcिाोूणमतंि्सoवचकषरोफंpगकंे्कऔउीरहीाyेनाअनमैं।यजरकातषऐcम्कामयहीनसoेंृै।ंेंिसबहकभेिpइुमईघंमाातyस्गरेंवसरह्rग्वअषतचलक्गमुiविनुनाेनgनोपंतथेक्ौेरासhणूििमवाtिाीलषनाखससलककाोमगेगेंनोे्ोजसरऔकोाांसबमस्ानवकमयरेयसवीनहीकइोेांेजलहसिपाकै।रुड़ासुाेष्आनपकिीकनेहघककरारदंलमिेइोपबबनोेसलंललसुसा्ककओनिखएे जेको्ञअकबीालंऔखिहकोिएै।ोऔेपरजउ्िरलतलन््नथयहर्ेखयगाोकिं्नभषकएजाे ददकगगुि्ेखरशामा्3मरयदींेन0खुेरफगहे ूगवेमहयोीुमजान,िंेलहनाेजैंग।ाकेकमबबसएुेिगमससालस्न्थाववरे-भितचहऔजीतंंरीुन्रीसिपतेरलनााुसेन्अेिससाोअबगकगंतगंन्््यपरराायीहममयिंनीोंे

प्रमाण भी अच्छी सखं ्या मंे बदये गये हंै। बजससे इसकी प्रामाबणकिा का स्िर कोबिपणू ष हो गया है।

इस पसु ्िक के आने से पहले फीना से जुड़ी िािें िहुि ही कम मात्रा मंे उपलब्ध थीं। इसबलए यह

पुस्िक अत्यिं मौबलक रचना भी है। पसु ्िक हेिु िथ्यों के सकं लन व लेखन में जीवििा के साथ

घोर पररश्रम बकया गया है। यह ग्राम फीना के गौरव िथा यहााँ के सेनाबनयों द्वारा बकए गए सघं षष का

उत्कृ ष्ट अबभलेख बसद्ध होगी। यह पसु ्िक कई अन्य मायनों मंे भी उल्लेखनीय और बवबशष्ट लगिी

है। शायद ही बकसी गााँव के सने ाबनयों पर अभी िक कोई पसु ्िक बलखी गई हो। इसी प्रकार अमिृ

महोत्सव मंे भी शायद ही परू े देश मंे गुमनाम सेनाबनयों पर इस िरह का शोध कायष कर कोई पुस्िक

बलखी गई हो। यह भी अत्यंि प्रसन्निा का बवषय है बक स्वाधीनता के अमतृ महोत्सव कायषक्रम

श्रखंृ ला के दौरान यह पसु ्िक प्रकाबशि होने जा रही है।

ग्राम फीना के स्वतन्रता सगं ्राम सेनानी और उनकी सघं र्ष गाथा : हेमंत कु मार

सन्देश

सौभाग्य से मेरा गृह जनपद भी बिजनौर है। जनपद बिजनौर के स्विंत्रिा सगं ्राम पर मेरे कई शोध

पत्र भी प्रकाबशि हो चुके हैं। इबिहास सकं लन के बसलबसले में हेमिं जी ने वषष 2019 में मझु से

सपं कष बकया था। िि से स्थानीय इबिहास से जुड़े बवबभन्न बक्रयाकलापों, शोध और उपलबब्धयों

के सिं धं मंे बनरंिर चचाष होिी रही। इनका लेखन पररणामपरक है। बवगि वषों मंे फीना के सेनाबनयों

पलजरनोगइचोनं ेकिकेनोबालप्परेरखैदरिाे अहबुकईन।ेकयफा।लीनआेखा मन्सदें सोम्वलािचनंता्रसरिपेाजतस्रड़ु ,गं ्ेपरकाबमतई्रसकमेनाहओातन्वींऔपस्मूणराष रबईकच-पत्िरोिभनषलाीनिेपकनरे ापबय्रलके। एइाबनइशन्सिहोभंहनुीएे प,कहबजालयन्ोहंकंेसपीेढ़िग्1करथाम1रा-2021
पमकफरेरीररीनाणयदाृाबाकम।ष्टइोयमसएहें कयी रकह्हनरामपईबसु प्कमिहंे कयचफहासी्ननवमाबिहवमततं््बंलवरशिपीाय।ूणसोहंष ेमगंनप्रेांिसु अ्मिजपककीने कभेइगे बीाइिंवबनहलामइखसबंे िएीलकहगेखायसभनीवक्हयमै।ांेयसम्वोंीकलिंता्रकिसpाािसhपसeतगं ््ेथरसeामरखnु बaसस्दमदऔा्bधरकiहरोjगऐकnबीि,ाoहकबr्नायबमसोंबाककषण

सिसशक््थषथकोेत्धारेांोनं।कशसीयिे/ोगधाइषओापबँावित्ोहरंं औासबसले रबखलवलबेखकभेखरनन्कनहसोेमंआे हकिं ीनो्दजरअाोषी्लट्रवकीनशय्ोीयं इसिहबेरिीसहहइमा्पसि्सरकबं िधkलााuबिेखिशmििकनaथे्rकयकबलपारaंेरजयिकuेना्पमt्बरघकेरhहणिoोनइािrबाबािओमहहलै।ां सकइेगसीोबबजएपककजुस््ञिवाबसतक्े रभिु लसीकेाअदभरेशपंे ाएबननकव्वे-ेंअिलयपवुेखहनोाे

मशहै,ेरुभेिबकवथचाामाभनरबासवएेषँा्इट्पय्सरेबषमcपिें oभसु ्किpीकyरऔिrके iरहोुएgशब,hलोआधtखकपकhकरeरके mउले जaर्ेखचजnनकवtालत्नमे भकअबतव्कयष्ट्ंियायहकोंीकीदकुसो बाादधम्यशनााएकदवंेगं रसे।िसं ाम्कहैं ृइबा।ँ िसपहोेिषु कमनकसाये हष बाकबदयषका

copy (डॉ. सुरेश चन्द )
edition प्रोफे सर, इबिहास बवभाग
pre के दारनाथ बगरधारीलाल खत्री स्नािकोत्तर महाबवद्यालय

मुरादािाद (उ.प्र.)

सेवा में,
श्री हेमिं कु मार पतु ्र स्व. हररराज बसहं (कु िुंि-दीवान) ग्राम व पोस्ि-फीना, जनपद बिजनौर (उ.प्र.) बपन 246734

ग्राम फीना के स्वतन्रता सगं ्राम सेनानी और उनकी सघं र्ष गाथा : हेमतं कु मार

सन्देश

11-2021
bijnor
pheena
author
kumar
hemant
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ग्राम फीना के स्वतन्रता सगं ्राम सेनानी और उनकी सघं र्ष गाथा : हेमतं कु मार

सन्देश

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ग्राम फीना के स्वतन्रता सगं ्राम सेनानी और उनकी सघं र्ष गाथा : हेमतं कु मार

सन्देश

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ग्राम फीना के स्वतन्रता सगं ्राम सेनानी और उनकी सघं र्ष गाथा : हेमतं कु मार

ग्राम फीना के स्वतन्त्रता सगं ्राम सेनानी और उनकी सघं र्ष गाथा

अध्याय सचू ी

अध्याय और उनके उपशीर्षक 11-प2स0षृ ्.ठ21

अध्याय-1

ग्राम फीना का संक्षिप्त पररचय bijnor
1.1 सकं्षिप्त परिचय

1.2 सन्दर्भ pheena

अध्याय-2 सaकं्षिutप्तhपoषृ ्ठrर्कू्षम

आदं ोलनों की पषृ ्ठभूक्षम : क्षिर्य प्रिेश
2.1 र्ाित में स्वतंत्रता
आदं ोलनों की
2.2 र्ाितीय स्वततं ्रता संग्रामkuकेmप्aरमrखु पड़ाव औि आन्दोलन

2.3 प2्र.थ3म.0स1्वाधhीeनतmराa्सकू्nषमंगt्करामा (1175)
copyr22..i33g..00h32t
2.4 क्षनर्ाभयक प्रथम स्वाधीनता संग्राम (1175) औि फीना में कायिभ त

copy सन 1175 की क्ाकं्षत के दौिान क्षिला क्षििनौि
कु छ महत्वपरू ्भ अक्षधकािी-कमचभ ािी
edition
pre स्वाधीनता संग्राम (1900-45)

2.4.01 र्कू्षमका
2.4.02 कागं ्रेस की स्थापना एवं प्रसाि
2.4.03 गाँधा ी यगु एवं अग्रते ि आन्दोलन

2.4.03 क्षनर्ाभयक स्वाधीनता संग्राम (1900-45) मंे फीना की
सहर्ाक्षगता

अध्याय-2
ग्राम फीना के स्ितंत्रता संग्राम सेनाक्षनयों का सकं्षिप्त पररचय

2.1 सचू ीबद्ध सेनानी/आन्दोलन के क्षसलक्षसले में जेल जाने िाले ग्राम
फीना के स्ितंत्रता सगं ्राम सेनानी

2.1.01 िसंत क्षसहं

ग्राम फीना के स्वतन्त्रता सगं ्राम सेनानी और उनकी सघं र्ष गाथा

2.1.02 ग्राम फीना के स्वतन्त्रता सगं ्राम सेनानी और उनकी सघं र्ष गाथा

िते ्रपाल क्षसंह

2.1.03 डॉ. र्ाित क्षसंह

2.1.04 िंधीि क्षसहं /िर्धीि क्षसहं 11-2021
bijnor
2.1.05 होिी क्षसंह

2.1.06 धमभ क्षसंह

2.1.07 ियदवे क्षसंह

2.1.08 क्षदलीप क्षसहं pheena
2.1.09 िघवु ीि क्षसंह
2.1.10 महािाि क्षसंह author

2.1.11 hemanदििtाघौमलनु सk्ातवथuरक्षmूसक्षसपaहं ंहकr्षसहं
2.1.12
2.1.13

copyr22..i11g..11h45t िामस्वरूप क्षसंह
क्षिवनाथ क्षसंह उफभ िौनाथ क्षसंह

copy 2.1.16 ििे क्षसंह
edition 2.1.17 िलवतं क्षसहं
2.1.18
कन्हयै ा क्षसंह

pre 2.2 ग्राम फीना के असूचीबद्ध सेनानी/गमु नाम सेनानी

2.2.01 िलकिन क्षसंह

2.2.02 पिवीन क्षसंह

2.2.03 िामस्वरूप क्षसहं

2.2.04 सखु लाल क्षसंह

2.2.05 िामपाल क्षसंह

ग्राम फीना के स्वतन्त्रता सगं ्राम सेनानी और उनकी सघं र्ष गाथा

2.2.06 ग्राम फीना के स्वतन्त्रता सगं ्राम सेनानी और उनकी सघं र्ष गाथा

िामस्वरूप क्षसहं

2.2.07 प्रताप सनै ी

2.2.08 मिु ािी कश्यप 11-2021

2.2.09 महावीि क्षसंह कश्यप

2.2.10 घासीिाम bijnor
2.2.11 क्षिहािी क्षसहं

2.2.12 पथृ ्वीिाि क्षसंह/पथृ ्वी क्षसंह pheena
2.2.13
2.2.14 िलवतं क्षसंह author
सिू ि क्षसहं

2.2.15 hemanििरt्लाीिितkाविीuकि्षसmक्षसक्षंहसaहं हंr
2.2.16
2.2.17

copyr22..i22g..11h98t अमीिी क्षसहं
श्याम क्षसहं

copy 2.2.20 कढिे ा क्षसंह
edition 2.2.21 कू ड़े क्षसंह
2.2.22 िलवतं क्षसंह

pre 2.2.23 िसंत क्षसंह

2.2.24 िामपाल क्षसंह

2.2.25 िेत्रपाल क्षसहं

2.2.26 मखु िाम क्षसंह

2.2.27 निपत

2.2.28 धमिभ ाि

ग्राम फीना के स्वतन्त्रता सगं ्राम सेनानी और उनकी सघं र्ष गाथा

2.2.29 ग्राम फीना के स्वतन्त्रता सगं ्राम सेनानी और उनकी सघं र्ष गाथा

िक्िे उर्भ गलु िक्ि

2.2.30 िामपाल क्षसहं

2.3 ग2ब्र.ाज3म.ा0यफ1दीनूसारके से्थअानसहोंचू रऔिीपबारलद्सधक्सषसेनेनांहक्षानिनयीा/सो्ंगत्रकीुमे नसामाथसरेनहाकनीरक्षआजन्हन्दोंनोले फनीनक्षका कय1ाी1-2021

2.3.02 हरििाि क्षसंह bijnor

अध्याय-3 pheena

स्िाधीनता सगं ्राम (1900-47) मंे ग्राम फीना की भागीदारी
3.1 र्कू्षमका
3.2 आयभ समाि का क्षवस्ताि औि प्रर्ाaवuthor
3.3 व्सयकक््षतविनगयतअसवत्यज्ञााग्रआह मदं ंेोफलkीननuाएmकवaें rनलमोगकों सत्याग्रह मंे फीना की र्ागीदािी
3.4 की र्ागीदािी
3.5 ‘अगं ्रिे ों र्ाhिeतmछaोड़nोt’ आदं ोलन में फीना के लोगों की र्ागीदािी
333c...o876pyr1नपिू6iकु्पषलgअिु सhकगtसकी्तता िकसफतो ककनभिूू चपहिुोनिा ाऔने किे नक्षलिू पयिु े फीनावाक्षसयों की तयै ािी
copy की नाकािदं ी द्वािा लाठीचािभ

edition 3.9 फीना के सने ाक्षनयों का निू पिु पहचाँ ना औि पकु्षलस
pre
3.10 16 अगस्त को निू पिु म,ंे दोपहि से पहले का घटनाक्म
3.11 क्षतिंगा लगाये िाने के िाद की घटनाएँा
3.12 फीना के सिकािी सचू ीिद्ध सने ानी

3.13 क्ाकं्षतकारियों को पकड़ने के क्षलये पकु्षलस की छापामािी का क्म

3.14 डॉ. र्ाित क्षसहं को उनके सहयोक्षगयों द्वािा गोहावि गाँवा मंे ले िाना।

3.15 चोक्षटल िेत्रपाल क्षसंह का ग्राम मकु िपिु ी पहचँा ना

3.16 कु छ सेनाक्षनयों का फीना के िगं लों में रुकना

3.17 ग्राम फीना में पकु्षलस का छापा

ग्राम फीना के स्वतन्त्रता सगं ्राम सेनानी और उनकी सघं र्ष गाथा

ग्राम फीना के स्वतन्त्रता सगं ्राम सेनानी और उनकी सघं र्ष गाथा

3.18 17 अगस्त 1942 को सिु ह-सुिह कई गाँावों मंे पकु्षलस की छापामािी

3.19 पकु्षलस की सघन छापमे ािी एवं उत्पीड़न

3.20 िले में रिक्खी क्षसंह की िहादत 11-2021
3.21 पकु्षलस के दरु्वयवभ हाि से िनता की सोच मंे परिवतभन

3.22 फीनावाक्षसयों को मिीनगन से मिवाने के आदिे bijnor
3.23 क्ाकं्षतकारियों की क्षगिफ्तािी की कु छ उल्लेखनीय घटनाएँा

3.24 कपन्ेतकु्षालंका्षतसिकीउाऔरत्िपयीिड़ों आकन ीपिरििाहदक्ाईका्षहंक्षतकन्दके घाफरटिौयनिाोंकसक्aमे ािuसकtड़ु ेिhाकमवoहाrित्वकपpे रूनh्ाभ eमक्षिeइन्nदश्तुaहाि
3.25
3.26

3.27 फीना मंे स्वतन्त्रता सगं ्राkमuसmने aानrी स्मािक की र्कू्षमका

अध्याय-4 सेन44cा..क21o्षनpयyोंrरस्स्वiकू्षमेतgलकतं ्hरेखताtाकसhगं ्करeामmा aपस्रnतेन्यtाक्षिनयसों सािे प्ारतत््यकिारसािात्काि
स्ितंत्रता सगं ्राम

copy 4.2.01 प्रताप क्षसहं सनै ी (ग्राम फीना)

edition 4.2.02 िामपाल क्षसंह ‘सब्दलपरु िया’ (ग्राम फीना)
4.2.03 िामस्वरूप क्षसहं (ग्राम फीना)

pre 4.2.04 लखे िाि क्षसहं (क्षििनौि ििै ाि)

4.2.07 डॉ. र्ाित र्षू र् (उदयपिु क्षििनौि-हरिद्वाि)

4.3 सने ाक्षनयों के परििनों से र्टें औि इक्षतहास संकलन

4.4 उन स्थानों का दौिा िहााँ फीना के सेनानी गये औि अज्ञातवास मंे रुके

अध्याय-5
िेत्रीय इक्षतहास सकं लन एिं लेखन अक्षभयान की स्थापना, कायष और उपलक्षधधयााँ

5.1 र्कू्षमका

ग्राम फीना के स्वतन्त्रता सगं ्राम सेनानी और उनकी सघं र्ष गाथा

अध्याय-1 ग्राम फीना का सकं्षिप्त परिचय

अध्याय 1

ग्राम फीना का सकं्षिप्त परिचय

1.1 सकं्षिप्त परिचय 11-2021

bijnor

pheena

author

kumar

hemant

फीना भारत के उगत्ातवाँरcoकप्रpदाशेyनrामरiाजgफ्यूhनtाकभे ीबिबलजखनौार बजले मंे बथित एक िडा और महत्वपरू ्ण गाँवा ह।ै राजथव
अबभलेखों में इस बमलता ह।ै अगं ्रजे ी मंे इसकी वतनण ी (spelling) कई तरह से

edऔबलitखरiअीoबगमं ्nरजेलीतcमीoहंे Ppै जhyeसै eे -nPahबeफeलnaह/ाPलheप्रoयnोगa/लPhायuीnजa/ाPरhहiीnहa।ै/Feena/Fina/Funa/Thina परन्तु बहदं ी में फीना

pre

ग्राम फीना के स्वतन्त्रता सगं ्राम सेनानी औि उनकी सघं र्ष गाथा : हेमंत कु माि

अध्याय-1 ग्राम फीना का सकं्षिप्त परिचय

बजला मखु ्यालय बिजनौर से फीना की दरू ी लगभग 50 बकलोमीटर और दशे की राजधानी बदल्ली से लगभग

145 बकलोमीटर ह।ै फीना की जनसंख्या सन 1872 में लगभग 3000 िी यह सन 2020 में िढ़कर लगभग

9000 हो गयी। यह गााँव चारों तरफ से पक्की सडक से बिरा ह।ै आबद वबै दककाल के तीन सिसे िडे मागों मंे

से एक उत्तरापि यहाँा से होकर जाता िा। वतणमान में थटेट हाई वे 77 फीना से होकर जाता ह।ै 11-2021

bijnor

pheena

author

kumar

hemanशिtव मशं िर बाजार फीना

edरकएपग्रोiकााडईिावँ tवइबिiममजेककंेoंेककाेिnटईईसपहलथशcाथकगलुoटूबीलचाpभपह,बy।ंैीकऔद1होत्c9।ैसिर8oंैकाखल0p,रयyकउीफ,rेपदपiबफशकवg्कसदकh्यलातुtमअोंकंे मयतंें ्दय्ेंहरब,सेषा्तँाठीगचं ीनथना्निईगे लहसन्नतेे,चाुकनतीहनईोलरीमिकसोिनीटें ाासनरइ,लेबु कवप्रधाटीिाालवबउमगरपक,भलबगसथब्वचंध9ा-ाथहई1्।ै0यकयेलकहबेंलािद्ँारग,ुयइदने्कनोचेसासाइरहये गसकाडुँा रािकरिीीं।ानसरगीाबनामकाँवे बकु तएमी,,ँा ंे

pre

ग्राम फीना के स्वतन्त्रता सगं ्राम सेनानी औि उनकी सघं र्ष गाथा : हेमतं कु माि

अध्याय-1 ग्राम फीना का सकं्षिप्त परिचय

गााँव मंे चार िडे तालाि और एक झील ह।ै गाँाव मंे

पानी की िडी टंकी भी ह।ै गाँवा में पाँाच िडे मबं दर हैं

औकह।ंै मअरसइमेनरककोहमे ाअ-सफलातीनावआा-ानलठरू पगररु ोभडतगविजे ा1फ0िीसअनानफ-्यचीनादादँावे पसरुथे पिम्1रबलात1गब-णदभप2नरी021

हथिअ1िो0ाकनज्0ायनाररोसदंगपलकुाजुधरगादरननततोंे भाीपहहीबु।हैं ल।ैह।ंै फ।सैंगइीफpाननचवँा कhीानौेमeकगाअंेeमाीबाँववnथलंे रबिaबभाकववाेबन्वपानbपातयरiचासहहऔjीा।जैं ाँnअ1आरोoं9लकिr9नदुगी0्े धजलव-अ2ाागरन0लभे0ककगग0ोे
के दशकauमtंे यhहoाrँा दो छोटे बसनमे ा िर भी ि।े
पानी की टंकी फीना kumar

फीना में सवे ऑफ कइंबंटडीयनअुा दस्वाराऑभापररतेबhटकeंगे mant
आरंबभक पाचं
कपहर्रर।ैिफाबयमशरोेनं्कपसम्षबं ाेंिथ,फटसेशीमcानमेंनाoराहबpकमजे ेyंेहएकल।ैं कतcोगाथo,िसबpवाथंyबकपकrताृ बiसतकgशऔरhीालयtराकऔगृ यबिरा
COR STATION SAIC फीना

edition

pre आजादी की लडाई में फीना के लोगों ने िडी संख्या मंे भाग
बलया िा। फीना के 18 लोगों का नाम अबभलेखों मंे थवततं ्रता

सगं ्राम सने ाबनयों के रूप मंे दजण है जो बक एक ररकाडण ह।ै इनके

अलावा दो गमु नाम शहीद भी हंै बजनका नाम िलकरन बसंह

और परवीन बसहं ह।ै थवतंत्रता संग्राम सने ाबनयों की थमबृ त में गाँाव

वालों ने बमलकर थमारक का बनमाणर् कराया ह।ै अमरोहा-फीना-

चादाँ परु -मरे ठ मागण पर िले वाला चौक के पास िना यह थमारक

2020-21 में बनबमतण हुआ। इसका बववरर् अध्याय के अतं मंे

बदया गया ह।ै

ग्राम फीना के स्वतन्त्रता सगं ्राम सेनानी औि उनकी सघं र्ष गाथा : हेमंत कु माि

अध्याय-1 ग्राम फीना का सकं्षिप्त परिचय

11-2021

bijnor

pheena

अमर शहीद अशोक कु मार थमारक वीिaगuक्षिtप्रhाप्oत हrरििाज क्षसहं स्मािक प्रवेश द्वाि फीना

नरू परु -अमरोहा मागण को फीना गाावँ की िथती से जोडkनuे वmाaलrी सडक पर प्रवशे द्वार भी िना ह।ै फीना के अमर
शमवााहगलीणदेऔजअनरशपप्दोराकइबमिकरजुीमनबावौररदcन्यकoाे लके pपया्yररिबrकगमiलासgनयhबैानमदु t्कधवमतhिें दमण eे।ेशाmनइनaकमकेnेंबइाtलनथएकमे पा्नरराकराम् नभ्पयीरोगछकपिह्राबा।ेलैाँवातवपव्ररकवबिसबेाकणलददज्यधबााकमेह्िचषलेरर।े्ौकादवमलवे हें पगबगकथरतिोागिारताहबनग।ाैजखलयहीेडह।ैकयेाचपँाुदोइ्धरानसाँदमकवपमें शिरुाबपामहसणकणतीबं ेददाफलनरहौीभमोनमनीीांेे
copy
edition िना है बजसका थिापत्य उल्लखे नीय ह।ै इस
मबं दर का बडजाईन इस पथु तक के लखे क द्वारा
2015-16 में िनाया गया िा।

pre

जाहि देव मकं्षदि, स्थान खेड़ा फीना फीना मंे गन्ने की फसल

फीना में गन्ने और गडु का उत्पादन िडी मात्रा में
होता ह।ै गहे ,ँा उडद, चावल, मगँाू , आम, जामनु का भी पयाणप्त उत्पादन होता ह।ै फीना मंे िने बमट्टी के ितनण
काफी प्रबसद्ध ह।ंै

ग्राम फीना के स्वतन्त्रता सगं ्राम सेनानी औि उनकी सघं र्ष गाथा : हेमतं कु माि

अध्याय-1 ग्राम फीना का सकं्षिप्त परिचय

11-2021

bijnor

फीना मंे प्रािबमक बवद्यालय की शरु ुआत लगभग 1901 के आसपास हनईुामpिकhी।eारिeबगाnजलaारशमहें ीबदथिनतायहकोनअे कशाोरकर्
इसे िाजार के प्राइमरी थकू ल के नाम से जाना जाता ह।ै वतमण ान मंे इसका
कु मार के नाम पर रखा गया ह।ै
author

kumar

hemant

copyright

copy साववजक्षनक आयव इटं ि कॉलेज ग्राम फीना जनपद क्षिजनौि

edकफiीानtलाiेजमoसेंnअंचनाबमु लानततह:।ै 1य9ह4ी0ज-4बू न1यसर ेथजकबूू लनयआर थगके ूचललतकिरा 1953 से हाई थकू ल एवं 1962 से सावजण बनक इटं र
सा.आ.इटं र कालेज िना।
pre
कन्याओं की बशक्षा के बलये

कन्या प्राइमरी पाठशाला

और खमे बसंह कन्या इटं र

कालजे संचाबलत ह।ैं 1970-

80 के दशक से सरथवती

बशशु मबं दर भी संचाबलत ह।ै

इस समय इनके अलावा कई

थकू ल और ह।ैं

ग्राम फीना के स्वतन्त्रता सगं ्राम सेनानी औि उनकी सघं र्ष गाथा : हेमंत कु माि

अध्याय-1 ग्राम फीना का सकं्षिप्त परिचय

11-2021

bijnor

हरिपाल शास्त्री स्मािक पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज फीना pheena

इधर फीना मंे थव. हररपाल शकाास्लत्रीेजमभहीाबहव।ैद्यइानलयबवदउ्यचा्लचयथतों रके कप्रीaभबuाशवtक्hसषाoे फपr्रदीनाना कके परारचँा हासहौ।ैसफे भीनी ाअक्बषधेत्रकमेंलएोकग
आईटीआई और एक िीएड
उसदर्यकमाीरऔी सरवे साममांेजरहस।े ेवइीसह।ंै गफावँा ीनसा के अे लनकेगभलगो9ग0प्लरोफोेगसkअरu,धmव्यaजै ्ाञपrाबकनक, ,3इ0जं गीनब्ननायगर्र,ामशसोधेवककत,ाण,1स00ाबहलत्ोयगकइाजंर,ीबकनयबवर,,
मएें मबविभीिागीएाधस्य,क्1ष 2केलमोगहत्आवपयूर्वुhण पदेeदाmचaपायरnण tपऔहचुँार े।2त5ीनलोलगोगसने सारमकंे ाररही े
05 लोग ह।ंै फीना के छह लोग बवबभन्न
कालेजों सेवा मंे अपने अपने बवभाग में

कपकड्रेााबरयलव्रशेतगेक्ाभटएकरगँा ुबमकल1ाे रख0ससलीवं।ाोोंबचगख््चयबcवकपoददीशेpमपyोंंेरमrअपंेiउहंतgचुचँार्चरh।ेाtष्टफ्परदीीयनोंापपमरहलूकचााकयने ण एक व्यबि आईएएस और एक चीफ इजं ीबनयर िन।े फीना
कर रहे ह।ंै कोलबबिया यबू नवबसटण ी मंे फीना मलू के प्रोफे सर
रखते ह।ंै फीना के गजराज बसंह गज ने लगभग 500 सौ

copy

edition फीना के कई व्यबियों ने बजले की राजनीबत मंे महत्वपरू ्ण योगदान बदया। इनमंे थव.
pre श्री हररपाल बसंह शास्त्री लोकबप्रय बवधायक और बजला पचं ायत और बजला
कोआपरेबटव िकंै के अध्यक्ष रह।े शास्त्री जी के अलावा फीना के श्री अवनीश

कु मार, थव. श्री रामऔतार बसहं , श्री आलोक कु मार, श्री

अशोक शास्त्री का जनपद थतर की राजनीबत मंे

महत्वपूर्ण थिान रहा ह।ैं फीना के श्री अशं प्रताप बसहं

अच्छे बनशानेिाज़ हैं, इन्होने िालक वगण मंे कई पदक

जीते ह।ंै ये राज्य और राष्ट्रीय थतर पर भी खले े। फीना के बशक्षक श्री मबहपाल

बसहं को राज्य बशक्षक परु थकार बमला। यहााँ के कई लोग सने ा मंे उच्च पदों पर ह।ैं

फीना के कई लोग कमचण ारी संिों के महत्वपूर्ण पदों पर रह।े

ग्राम फीना के स्वतन्त्रता सगं ्राम सेनानी औि उनकी सघं र्ष गाथा : हेमतं कु माि

अध्याय-1 ग्राम फीना का सकं्षिप्त परिचय

गााँव की थिापना राजथिान मलू के अमर बसहं चौहान ने 1540-

50 के आसपास की िी। शरु ुआत में गाँाव जहाँा आज खडे ा है

वहाँा िसा िा। 1850-70 के िीच महामारी के कारर् वतमण ान

िथसिननु ाानाहजप।ैं राखतआाडे हे पैकरबकरवििदासबणकक्षगरा्यलफा मिीनेंापा्रहबमत।ैं ेंवइससिौणीकमखेले आडे े के पसारपलजासगहतरसादतहवे 1ी।ै थ1मि-बं दल2र021

िशगक्रब,ेीातकमबबवजृलेष्टब्नरधा्मयलजे ासँागनख्मते ािूदाष्ोटहमरह,ैीआ,तरीागजमहरल्।ैं तभवींतल्ीिर ााpबमणकदकhौवाजeलासदूeआमnऔहंे 2यa।ैं 0रोज-फbथ2नवीi5नतकjाबतंद्nररमतनाoयंेोांrासतबदजकामवातानसबवाजपमहकर।ैी

झाकाँ ी बनकाली जाती ह।ंै 1930 से 1965 तक गावँा author
में आयण समाज का िहुत प्रभाव िा। चौधरी बकढढा
मशब्सरहीहं ाप्श,रतयाश्परीजसीिनै, लीश,्रिशी्रंतीरासमबरुकसेन्ुदंहम्र ाकरशु मबासासर्तंह्ररी,ा,जश्शरप्ीरतूीलकhअा्षखeते ्ररुmनरक्aे बजnसजtांहीन,,े kumar

मबकगदवशयाीनवाकगे,ादआयवसीतबयनेमणहफणप।ाै नसcटी1ननमoम9ाेाpें9जयकमy0ीेहें गाकऔबाँ cलागेयoाएदरतय्pशरीतक्पyरकीपचंाrशरयरiतणकवबपिकgातरर्hमपतागtणीकशे ्ठािवँवाराे।कपमप्1रीभरें 9थंपआाि9वर0ाापपिसभनकढ़ीाीे

edगपद्रiलचयtीबजलiीहतoत।ै nबरहसहरहंीर।प(हासलालेठाजबंबसकीहं),अरशािमासक्यत्ुरहमी,ापर्ररिाबमसाऔहंसपमतधााप्रातनस,बसीचहंहौोध, री धन बसहं , दषु्ट्यतं बसंह, महावीर बसहं , माधो बसंह शास्त्री
pre जी, अवनीश कु मार आबद इसमें भाग लते े िे। इनसे आसपास के लोग भी छोटे मोटे मामले बनपटवाने आया
करते ि।े

विण 2019 में ग्राम फीना की सामाबजक
सथं िा मरे ा गावँा मरे ा अबभमान ने
फीनावबं शयों के आबिकण दान से
ग्रामवाबसयों को एक एबिलु ेसं भटंे की।
इसका लोकापणर् बजलाबधकारी महोदय
ने बकया िा।

ग्राम फीना के स्वतन्त्रता सगं ्राम सेनानी औि उनकी सघं र्ष गाथा : हेमतं कु माि

अध्याय-1 ग्राम फीना का सकं्षिप्त परिचय

इस पथु तक के लेखक हमे तं कु मार की बलखी एक अन्य पथु तक
क्षवक्षवध प्रकाि के भवनों का परिचय एवं नक्शे को उत्तर प्रदशे

सरकार के बहन्दी संथिान द्वारा विण 2019 हते ु प्राबवबध/तकनीकी

पसबकभल्मरदीबखेोलरपशे सोनरूान।्रकााकइमनण ेसमनांे्रदमहप्पराानदक.मरु ेशेथे ामबकरनदखीु ायथ्ामयरकता।मरमपीयतंरें्कसरवहीबदजबाअमपयहसरुाािनथिजसवकपसाेााततइे्रररासिकाउहजडे्त।ैयि्ासतरअपाारसािपपल्बरपदवपसरुशे ारूमथाद्िकहाकणनकोाbेदनर7्ोदयपi5छसवूjनहपबोण्nाडरमजमदबमoकााखुानन्तरrरयकककमइप1सातंराुर्रयथई1तीे उकनणके-ड्तारह्ा2मतमॉरर।.ंै 021
गमयंे हा।ुआयहिपा।थु भpताकhरतeतeसकnरनaकीकारीकवे गिणौमबदें्धउकत्तरसपब्रपददशे ा
मंे प्रिम आयी। इस पथु तक का आयोबजत नहीं बकया
बवमोचन आई.आई.टी. रुडकी

रसपकक्रांेमजेदा्ज्रायएरनडु्कमे ेलपअतं ्तशरखे्ीरनमोबककेधमानलकपबनलेतची्रएयकं पकुकचढ़औाआनबहन्ेद।रै्करबकइवेससबाष्मटल्ककप्ारेएचसारअााउरदकलत्सउोतरापपलुवपटेा्ारभधदंेट्भयशे हतावय।ैंिनबवजातधएीकाककनने नसीहkकएाभuिबजाmडोंअनaसजजrबधा्ईमयागनाकaन्रकषरuप्मोtतअा्मरनhबानबoमनभ्यीलrययतााहचन्रपद्कुरकदयेााननबहलार।ैकाएलयीउरखेह्त।ै्कतदलरीबपेखक्कर्देषकतशेबवजकबपभीीो.न्कडइनबेबत्कहयहा.ूािाडयसोीोंं
ग्राम फीना जनपद बिजनौर के 10 सिसhे िeडmेaऔntर अग्रर्ी गााँवों में बगना जाता ह।ै

copyright 1.2 सन्दर्व -1. https://www.amarujala.com/uttar-pradesh/bijnor/cors-station-of-survey-of-india-made-in-fina-bijnor-
news-mrt5174079174. गायब अथवा खाली |title= (मदद)

opy2. ↑ ग्राम फीना मंे स्वततं ्रता आन्दोलनों की लहर. gjser (PDF). 2019/july-
c2019/6.pdf http://www.gjesr.com/Issues%20PDF/Archive-2019/July-2019/6.pdf – वाया इंजिननयर हेमंत
ionकु मार फीना बबिनौर. गायब अथवा खाली |title= (मदद)

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ग्राम फीना के स्वतन्त्रता सगं ्राम सेनानी औि उनकी सघं र्ष गाथा : हेमंत कु माि












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