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Sbp April to September 2021 Sanyuktank-pages-deleted (1)

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Published by ravi90147, 2021-11-24 07:17:52

Sbp April to September 2021 Sanyuktank-pages-deleted (1)

Sbp April to September 2021 Sanyuktank-pages-deleted (1)

1

इस अंक मंे........... सरं क्षक
 अंचल प्रमखु का सदं शे श्री बी एल मीना
 क्षते ्रीय प्रमखु का सदं शे महाप्रबधं क एिं अचं ल प्रमखु
 मडं ल प्रबंधकों का सदं शे अचं ल कायाालय, भुिनशे ्वर
 सपं ादकीय
 कविता - कोवशश करने िालों की हार नहीं होती प्रधान सपं ादक
 नराकास—एक भूवमका
 प्ररे क कहानी- गरु ू दवक्षणा श्री अजीत कु मार जग्गा
 कविता- हौसला — श्री बी एल मीना सहा.महाप्रबंधक एिं क्षेत्रीय प्रमखु
 आलेख - कं ठस्थ - श्री गोपीनाथ मेहरे
 राजभाषा वनयम –1976 के तहत क ख एिं ग क्षते ्र क्षते ्रीय कायाालय, सबं लपुर
 पररचचाा कायाक्रम
 हीराकु द बाधं मागादशान
 वहदं ी माह 2021 का आयोजन
 समीक्षा बैठक श्री एस के नाएक
 कवि पररचय- राष्ट्रकवि रामधारी वसहं “वदनकर” श्री विकास कु मार राि
 सहायक सामग्री
 लोककथा - परवनदं ा का पाप मडं ल प्रबंधक
 कविता - सघं षा - श्रीमती अपरावजता कु जरु
सपं ादक

श्री विश्वनाथ प्रसाद साहू
अवधकारी (राजभाषा)

सपं ादन सहयोग

क्षते ्रीय कायाालय एिं क्षते ्राधीन समस्त
स्टाफ सदस्य

आिरण पृष्ठ मंे हीराकु द
बाधं के भीतर प्रिेश द्वार

2

महाप्रबधं क एवं अचं ल प्रमखु का सदं शे

प्रिय के नराइट्स,
आप सभी के सम्मखु क्षेत्रीय कायाालय, सबं लपरु की पप्रत्रका “पश्चिमाचं ल

श्चवभा” का दसू रा अकं िस्ततु है। इस अकं में प्रहंदी के सभी पहलूओ,ं राजभाषा के सबं धं में
अपेक्षाओ,ं प्रहंदी माह एवं प्रदवस के आयोजन, कप्रवताओ,ं िेरणादायक कहाप्रनयों, बंैक के उत्पादों
आप्रद को समाप्रहत प्रकया गया है, मझु े पूरा प्रवश्वास है प्रक यह पप्रत्रका राजभाषा के िभावी कायाान्वयन
की प्रदशा मंे मील का पत्थर साप्रबत होगी। बैंप्रकं ग कायाकलापों को राजभाषा से जोड़कर ही उन्नप्रत की
पररकल्पना की जा सकती है। नीप्रत वचन के अनसु ार,

“सफलता का पहला वसद्ातं है काया- अनिरत काया”
हमारा अचं ल बैंक के प्रवकास के हेतु सभी मानदडं ों में सप्रियता एवं िभावी रूप
से अग्रसर है। मेरी सभी कमाचाररयों से अनरु ोध करता हूँ प्रक वे िप्रतबद्धता, समपाणयकु ्त ियास एवं
शाखा के प्रवकास मंे अपनी भागीदारी सपु्रनप्रित करते हुए बैंक की िगप्रत मंे प्रहस्सेदार बने। मैं सपं ादक
मडं ल को सफल िकाशन के साधवु ाद ज्ञाप्रपत करता ह।ूँ
अनंत शभु कामनाओं के साथ,

3

प्रिय साप्रथयों,
हमारे क्षेत्र की प्रहंदी पप्रत्रका “पप्रिमांचल प्रवभा” का दसू रा अकं आपको सौंपते हुए

अत्यतं हषा का अनभु व हो रहा ह।ै यह पप्रत्रका हमारे क्षेत्र की राजभाषा की िगप्रत का दपाण है। हमारे
बंैक को भी प्रहंदी प्रदवस 2021 के उपलक्ष्य पर “ग” क्षेत्र मंे पप्रत्रका श्रेणी के प्रलए हमारे बंैक की गहृ
पप्रत्रका के नरा ज्योप्रत को राजभाषा कीप्रता परु स्कार िदान प्रकया गया, जो हमारे प्रलए गवा की प्रवषय
है। हमने कोप्रशश प्रकया है प्रक प्रहदं ी के वैधाप्रनक पहलओु ं के साथ-साथ साप्रहत्य को भी समपु्रचत
समाहार कर।ें हमंे पूरी अपेक्षा है प्रक आप हमारी इस पहल से लाभाप्रन्वत होंगे। इसके इतर हम
प्रवत्तीय वषा की प्रतसरी प्रतमाही मंे कदम रख रहे हैं, हमारे बैंक ने प्रपछली प्रतमाही में लाभ दजा प्रकया
है, प्रजसमंे हमारे क्षेत्र ने भी उत्कृ ष्ट िदशान करते हुए बैंक के प्रवकास में अहम भूप्रमका प्रनभाई है। इस
प्रतमाही मंे भी सफलता अप्रजात करने के प्रलए कारोबार के प्रनरतं र प्रवकास के प्रलए उसी लय के साथ
आगे बढ़ने ित्यके काप्रमाक की सप्रिय सहभाप्रगता की आवश्यकता है।

मैं आशा करता हूँ प्रक ित्येक काप्रमाक अपना दाप्रयत्वों का प्रनवाहन पूरी प्रनष्ठा से
करते हुए बकैं के कारोबार मंे अपनी महती भूप्रमका प्रनभाएगा और प्रवप्रभन्न अप्रभयानों जैसे कासा,
ररटेल लोन, सरकारी योजनाओं संबधं ी उत्पादों, वसूली आप्रद एवं उच्च िबंधन के आह्वान को
आत्मसात करते हुए पणू ा समपाण भाव से अपना प्रनष्पादन करगे ा।
अनेकानेक शभु कामनाओं के साथ,

4

मडं ल प्रबधं क का सदं शे

प्रिय के नेराइट्स,

हमारे कायाालय की पप्रत्रका “पप्रिमांचल प्रवभा” के प्रितीय अकं का सफल िकाशन क्षेत्र की राजभाषा
िप्रत सप्रियता को इंप्रगत करता है। इस अकं में प्रहंदी प्रदवस समारोह के दौरान आयोप्रजत की गई
गप्रतप्रवप्रधयों को िमखु ता से िकाप्रशत प्रकया गया है और साथ ही बैंक की अन्य गप्रतप्रवप्रधयों को भी
तरजीह दी गई है।

हमारा बंैक कारोबार के प्रवकास में उत्तरोत्तर प्रवकास कर रहा है। यह आप सबके
पररश्रम से ही सभं व हुआ है। हमारा काया हमारी पहचान है और सदैव ियासरत रहना हमारा कताव्य,
इस कथन का समथान स्पष्ट रूप से वशिमगं ल वसंह समु न की पपं्रक्तयां करती हंै:

गप्रत िबल पैरों मंे भरी
प्रफर क्यों रहं दर दर खडा
जब आज मेरे सामने
है रास्ता इतना पडा
जब तक न मपं्रजल पा सकूँ ,
तब तक मझु े न प्रवराम है,
चलना हमारा काम है।

आशा है यह पपं्रक्तयां आपमें ऊजाा का संचार करगंे ी।
शभु कानाओं सप्रहत,

(सशु ांत कु मार नाएक)
मडं ल प्रबंधक, क्षेत्रीय कायाालय सबं लपरु

5

मडं ल प्रबधं क का सदं शे ,

प्रिय के नेराइट्स,
संबलपरु मंे सभं ावना का अबं ार है, हमने कारोबार मंे िगप्रत तो दजा की है

साथ मंे बैंक के प्रवकास के प्रलए भी भसाक ियास प्रकया है। हमारा कायाालय चहुमं खु ी प्रवकास करते हुए
प्रवकास के पथ पर अग्रसर है। हमने बंैप्रकं ग के राह मंे आने वाली चनु ौप्रतयों को स्वीकार प्रकया है और
कोरोना जैसी प्रवषम पररप्रस्थप्रत मंे भी उच्चतम ग्राहक सेवा और बकंै के मूल्यों का प्रनवाहन प्रकया है। मंै
पविमाचं ल विभा के इस अकं को आप सबकी मेहनत को समप्रपात करता ह।ूँ इस अकं को बहतु
ही आकषाक रूप से ई-माध्यम में िकाप्रशत प्रकया गया है। हमारी इस पप्रत्रका को नगर राजभाषा
कायाान्वयन सप्रमप्रत, अचं ल कायाालय, िधान कायाालय एवं गहृ मंत्रालय के वेबसाइट में भी अपलोड
प्रकया जाता है। हमारी पप्रत्रका में कमाचाररयों िारा अपने आलेख िस्ततु प्रकए जा रहे हंै, जो अपेक्षाकृ त
कम हैं, मैं आग्रह करता हूँ प्रक आपके आलेख, कप्रवता, प्रचत्रकारी एवं अन्य को िकाशन के प्रलए भेजें।
इससे राजभाषा कायाान्वयन को गप्रत प्रमलने के साथ ही साथ सबं पं्रधत काप्रमाकों का व्यप्रक्तत्व प्रवकास
भी होगा।

साथ में, यह भी आग्रह करता हँू प्रक कमाचारी अपनी शाखा के प्रवकास मंे
कारोबाररक मानदडं ों की िाप्रि के प्रलए सप्रिय रूप से सहयोग करें और बंैक के प्रहत में अपना
बहमूल्य योगदान कर।ंे

शभु कामनाओं सहहत,

हिकास कु मार राि
मडं ल प्रबंधक, क्षते ्रीय कायाालय, सबं लपरु

6

सपं ादकीय

प्रिय साप्रथयों,

हमारे क्षेत्रीय कायाालय की गहृ -पप्रत्रका पप्रिमांचल प्रवभा का प्रितीय अकं
आपके समक्ष िस्ततु है। यह अकं एक संयकु ्तांक है और प्रवशेषाकं भी। सयं कु ्तांक अथाात् अिलै -जून
प्रतमाही और जलु ाई-प्रसतंबर 2021। प्रवशेषांक में प्रहदं ी माह एवं प्रहदं ी प्रदवस की सपं ूणा झलप्रकयां
िस्ततु की गई ंह।ंै इस अंक में राजभाषा से जडु ़े लेख, कप्रवताए.ं कप्रव पररचय आप्रद का संकलन ह।ै
इसके अलावे, सहायक सामग्री के रूप मंे बंैक मंे काम आने वाले पदनाम, प्रटप्पण आप्रद भी शाप्रमल
प्रकए गए हंै। राजभाषा प्रवभाग की अनवु ाद के प्रलए की गई पहल “कं ठस्थ” सॉफ्टवेयर की
प्रवशषे ताओं का भी उल्लेख प्रकया गया है। मंै शिु गजु ार हूँ हमारे महािबधं क एवं अचं ल िमखु श्री बी
एल मीना जी का प्रजन्होंने अपनी कप्रवता हमारी पप्रत्रका मंे िकाप्रशत करने की अनमु प्रत दी, उनकी
कृ प्रत इस अंक को और भी प्रवशषे बनाती है।

हमारी पप्रत्रका “पश्चिमाचं ल श्चवभा” के पहले अंक को गहृ मतं ्रालय की
वेबसाइट में अपलोड करने के साथ साथ हमारे बंैक की वेबसाइट में रखा गया है। मंै पाठकों से
अनरु ोध करता हूँ प्रक इसे पढ़ंे एवं अपना फीडबैक अवश्य दें ताप्रक भप्रवष्य में हमारी पप्रत्रका को और
भी आकषाक बनाया जा सके ।

राजभाषा के िभावी कायाान्वयन मंे आपके सहयोग की अपके ्षा के साथ,

(प्रवश्वनाथ िसाद साह)
अप्रधकारी (राजभाषा)

7

नगर राजभाषा कायाान्ियन सवमवत (नराकास) - एक भूवमका

“नराकास” का गठन:
राजभाषा प्रवभाग के प्रदनांक 22.11.1976 के का. ज्ञा.स.ं 1/14011/12/76-

सकं लन- श्री ब्यासनाथ देि,

रा.भा.(का-1) के अनसु ार दशे के उन सभी नगरों मंे जहां कंे द्रीय सरकार के अवधकारी, सा प्र अनुभाग
10 या इससे अप्रधक कायाालय हों, नगर राजभाषा कायाान्वयन सप्रमप्रतयों का गठन प्रकया जा सकता
है। सप्रमप्रत का गठन राजभाषा प्रवभाग के क्षेत्रीय कायाान्वयन कायाालयों से िाप्त िस्तावों के आधार पर
भारत सरकार के सप्रचव (राजभाषा) की अनमु प्रत से प्रकया जाता है।

अध्यक्षता:
इन सप्रमप्रतयों की अध्यक्षता नगर प्रवशेष मंे प्रस्थत कंे द्रीय सरकार के कायाालयों/उपिमों/बंैकों आप्रद के
वररष्ठतम अप्रधकाररयों मंे से प्रकसी एक के िारा की जाती है। अध्यक्ष को राजभाषा प्रवभाग िारा नाप्रमत
प्रकया जाता ह।ै नाप्रमत प्रकए जाने से पूवा िस्ताप्रवत अध्यक्ष से सप्रमप्रत की अध्यक्षता के सबं धं मंे
प्रलप्रखत सहमप्रत िाप्त की जाती है।

सदस्यता:
नगर मंे प्रस्थत कें द्रीय सरकार के कायाालय/उपिम/बैंक आप्रद अप्रनवाया रूप से इस सप्रमप्रत के सदस्य
होते है।ं उनके वररष्ठतम अप्रधकाररयों(िशासप्रनक िधानों) से यह अपेक्षा की जाती है प्रक वे सप्रमप्रत की
बैठकों में प्रनयप्रमत रूप से भाग लें।

सदस्य- सवचि:
सप्रमप्रत के सप्रचवालय के संचालन के प्रलए सप्रमप्रत के अध्यक्ष िारा अपने कायाालय से अथवा प्रकसी
सदस्य कायाालय से एक प्रहंदी प्रवशेषज्ञ को उसकी सहमप्रत से सप्रमप्रत का सदस्य-सप्रचव मनोनीत
प्रकया जाता है। अध्यक्ष की अनमु प्रत से सप्रमप्रत के कायाकलाप सदस्य-सप्रचव िारा प्रकए जाते हैं।

8

बैठकंे :

इन सप्रमप्रतयों की वषा में दो बैठकें आयोप्रजत की जाती हैं । ित्येक सप्रमप्रत की बैठकें आयोप्रजत करने
के प्रलए राजभाषा प्रवभाग िारा एक कै लंेडर रखा जाता है प्रजसमंे ित्येक सप्रमप्रत की बैठक हेतु एक
प्रनप्रित महीना प्रनधााररत प्रकया जाता है । इन बैठकों के आयोजन संबधं ी सूचना सप्रमप्रत के गठन के
प्रलए समय दी जाती है और प्रनधााररत महीनों मंे सप्रमप्रत को अपनी बैठकें करनी होती हैं।

प्रवतवनवधत्ि:

इन सप्रमप्रतयों की बैठकों मंे नगर प्रवशेष मंे प्रस्थत कें द्रीय सरकार के कायाालयों/उपिमों/बैंकों आप्रद
के िशासप्रनक िधान भाग लेते हैं । राजभाषा प्रवभाग (मखु ्यालय) एवं इसके क्षेत्रीय कायाान्वयन
कायाालय के अप्रधकारी भी इन बैठकों मंे राजभाषा प्रवभाग का िप्रतप्रनप्रधत्व करते हैं । नगर प्रस्थत
कें द्रीय सप्रचवालय प्रहंदी पररषद की शाखाओं मंे से प्रकसी एक िप्रतप्रनप्रध एवं प्रहंदी प्रशक्षण योजना के
प्रकसी एक अप्रधकारी को भी बठै क मंे आमपं्रत्रत प्रकया जाता है।

उद्देश्य:

कंे द्रीय सरकार के दशे भर में फै ले हुए कायाालयों/उपिमों/बकैं ों आप्रद मंे राजभाषा के िगामी ियोग
को बढ़ावा देने और राजभाषा नीप्रत के कायाान्वयन के मागा में आ रही कप्रठनाइयों को दरू करने के
प्रलए एक सयं कु ्त मंच की आवश्यकता महसूस की गई ताप्रक वे प्रमल बठै कर सभी कायाालय/उपिम/
बंैक आप्रद चचाा कर सकें । फलत: नगर राजभाषा कायाान्वयन सप्रमप्रतयों के गठन का प्रनणाय प्रलया
गया । इन सप्रमप्रतयों के गठन का िमखु उद्देश्य कें द्रीय सरकार के कायाालयों/उपिमों/बंैकों आप्रद मंे
राजभाषा नीप्रत के कायाान्वयन की समीक्षा करना, इसे बढ़ावा दने ा और इसके मागा में आई
कप्रठनाइयों को दूर करना है ।

O

9

O

(बी एल मीना)
महाप्रबधं क एिं अचं ल प्रमखु ,
अचं ल कायाालय, भुिनशे ्वर

10

कं ठस्थ

ट्ांसलेशन मेमोरी (टी.एम.) मशीनसाप्रधत अनवु ाद िणाली का एक भाग है

प्रजससे अनवु ाद की िप्रिया मंे सहायता प्रमलती है। ट्ांसलेशन ममे ोरी सकं लन- श्री गोपीनाथ मेहरे ,
वस्ततु ः एक डेटाबेस है प्रजसमें स्रोत भाषा के वाक्यों एवं लप्रक्षत भाषा में अवधकारी,
उन वाक्यों के अनवु ाप्रदत रूप को एक साथ रखा जाता है। ट्ांसलेशन एएफ एिं पीएस अनभु ाग

मेमोरी पर आधाररत इस प्रसस्टम की मखु ्य प्रवशेषता यह है प्रक इसमें अनवु ादक पूवा मंे प्रकए गए

अनवु ाद को प्रकसी नई फाइल के अनवु ाद के प्रलए पनु ःियोग कर सकता ह।ै यप्रद अनवु ाद की नई

फाइल का वाक्य टी.एम. के डेटाबेस से पूणातः अथवा आपं्रशक रूप से प्रमलता है तो यह प्रसस्टम उस

वाक्य के अनवु ाद को टी.एम. से लाता ह।ै ट्ांसलेशन मेमोरी डेटाबेस बनाने के प्रलए स्रोत भाषा के

वाक्यों एवं लप्रक्षत भाषा में उनके अनवु ाप्रदत वाक्यों का प्रवश्लेषण प्रकया जाता है। अनवु ाद के प्रलए

प्रसस्टम का प्रनरतं र ियोगकरते रहने से टी.एम. का डेटाबेस उतरोत्तर बढ़ता रहता है।

टी.एम. का डेटाबेस दो िकार का होता है : ग्लोबल ट्ांसलेशन मेमोरी (जी.टी.एम.) तथा लोकल
ट्ांसलेशन मेमोरी (एल.टी.एम.)। एल.टी.एम. ित्येक अनवु ादक के कम्प्यूटर पर अलगअलग होती है,
जबप्रक जी.टी.एम. एक सामूप्रहक डेटाबसे है जोप्रक राजभाषा प्रवभाग के सवार पर उपलब्ध है। परीक्षण
के पिात् प्रवप्रभन्न एल.टी.एम. जी.टी.एम. का भाग बन जाती हंै।

ट्ांसलेशन मेमोरी पर आधाररत यह प्रसस्टम भारत सरकार के गहृ मंत्रालय के अधीन राजभाषा प्रवभाग
के प्रलए प्रवकप्रसत प्रकया गया है। इस प्रसस्टम के माध्यम से अंग्रेजी से प्रहंदी तथा प्रहदं ी से अगं ्रेजी मंे
अनवु ाद सभं व है।

O

11









प्रसतबं र माह में शाखाओं /क्षेत्रीय कायाालय के स्टाफ सदस्यों एवं कायापालकों के प्रलए प्रवप्रभन्न िप्रतयोप्रगताओं का
आयोजन प्रकया गया। प्रजसमें काप्रमाकों ने रूप्रच प्रदखाई एवं अपनी सहभाप्रगता दजा की।

वहदं ी माह के दौरान आयोवजत की गई गवतविवधया/ं प्रवतयोवगता सबं धं ी वििरण—

प्रवतयोवगता का नाम तारीख एिं समय पात्रता

वहदं ी माह का शभु ारभं 01.09.2021 सबं लपुर क्षते ्र

कं प्यटू र पर यवू नकोड इंस्टालेशन 01.09.2021 से 06.09.2021 क्षते ्राधीन सभी शाखाएं एिं
अवभयान कायाालय

वहन्दी टंकण प्रवतयोवगता 07.09.2021 सायं 4 से 5 बजे तक क्षे.का. के स्टाफ सदस्य

ऑनलाइन वहन्दी प्रश्नोत्तरी प्रवतयोवगता 08.09.2021 सायं 4 से 5 बजे तक क्षेत्रीधीन सभी शाखाओ/ं
कायाालयों के स्टाफ सदस्य

राजभाषा कायाान्ियन की बैठक 13.09.2021 क्षे.का.,सबं लपुर

आइये ! वहदं ी मंे हस्ताक्षर करें 14.09.2021 क्ष.े का.,सबं लपुर

ऑनलाइन वटप्पण लेखन एिं प्रश्नोत्तरी 14.09.2021 क्षेत्र के कायापालकों के वलए
प्रवतयोवगता
क्ष.े का.,सबं लपुर एिं क्षेत्रीधीन
वहदं ी वदिस एिं पुरस्कार वितरण 14.09.2021 सभी शाखा/ कायाालय
समारोह

वहदं ी मंे पररचचाा कायाक्रम 28.09.2021 राजगागं पुर शाखा

फाईलों पर वद्वभाषी विषय लेखन 17.09.2021 से 30.09.2021 क्षे.का., सबं लपुर एिं क्षते ्रीधीन
अवभयान सभी शाखा/ कायाालय

16

वहदं ी माह के अिसर पर विवभन्न प्रवतयोवगताओ/ं कायाक्रमों के आयोजन के साथ-साथ अवधकाररयों एिं कमाचाररयों मंे
राजभाषा के प्रवत जागरूकता बढाने के क्रम में क्षेत्रीय कायाालय सबं लपुर मंे वदनाकं 14.09.2021 को “आइये ! वहदं ी मंे
हस्ताक्षर करें” कायाक्रम का आयोजन वकया गया।

क्षते ्रीय प्रमखु श्री अजीत कु मार जग्गा एिं अन्य स्टाफ सदस्य वहदं ी में हस्ताक्षर करते हुए

17

मडं ल प्रबधं क श्री सुशातं कु मार नाएक एिं अन्य स्टाफ सदस्य वहदं ी मंे हस्ताक्षर करते हुए

18

मडं ल प्रबधं क श्री विकास कु मार राि एिं अन्य स्टाफ सदस्य वहदं ी मंे हस्ताक्षर करते हुए

19

वदनाकं 14.09.2021 को हमारे कायाालय मंे वहदं ी वदिस एिं पुरस्कार वितरण 2021 समारोह का
आयोजन वकया गया। इस कायाक्रम का आरभं हमारे ससं ्थापक स्ि. श्री अम्मेबाल सुब्बाराि पै को
माल्यापाण से करके वकया गया। तत्पिात क्षते ्रीय प्रमखु एिं क्षेत्र के कायापालकों एिं अन्य स्टाफ सदस्यों
ने दीप प्रज्जिलन वकया। कायाक्रम की अध्यक्षता हमारे क्षेत्रीय प्रमखु एिं सहायक महाप्रबधं क श्री अजीत
कु मार जग्गा जी ने की। कायाक्रम मंे मडं ल प्रबधं क श्री एस के नायक जी, श्री विकास कु मार राि जी एिं
आरएएच के मडं ल प्रबधं क श्री मनमोहन मआु वखया जी तथा क्षते ्रीय कायाालय सबं लपुर, एमएसएमई
सबं लपुर, आरएएच सबं लपरु के सभी स्टाफ सदस्य उपवस्थत रह।े

सिाप्रथम राजभाषा अवधकारी श्री विश्वनाथ प्रसाद साहू, द्वारा अध्यक्ष, कायापालकों एिं उपवस्थत सभी
स्टाफ सदस्यों का स्िागत वकया। इसके पिात, दैवनक कायों में राजभाषा के महत्ि को बताया और
क्षेत्रीय कायाालय में राजभाषा के कायाान्ियन की वस्थवत से अिगत कराया। राजभाषा अवधकारी द्वारा
सूवचत वकया वक हमारे बकंै को भाषाई क्षेत्र “ग” के तहत पवत्रका श्रणे ी में राजभाषा कीवता पुरस्कार प्राप्त
हुआ है, बकंै की ओर से हमारे प्रबधं वनदेशक एिं मखु ्य कायाकारी अवधकारी ने विज्ञान भिन, वदल्ली मंे
शील्ड प्राप्त वकया। वजसका सीधा प्रसारण डीडी नशे नल पर वकया गया। वजसके छायावचत्र सभागार के
टीिी पर प्रस्तुत वकए। इसके अलािा, यह भी सूवचत वकया वक हमारे क्षते ्रीय कायाालय, सबं लपरु को
अचं ल का सिाश्रषे ्ठ क्षेत्रीय कायाालय के रूप में परु स्कृ त वकया गया है।

मडं ल प्रबधं क श्री सशु ातं कु मार नायक जी ने राजभाषा वहदं ी की सिं ैधावनक वस्थवत के सदं भा मंे बताते हुए
सबको इसकी महत्ता के बारे मंे बताया। मडं ल प्रबधं क श्री विकास कु मार राि जी ने वहदं ी की ितामान
वस्थवत के सबं धं में िस्तवु स्थवत की जानकारी दी एिं दैवनक कायों मंे वहदं ी के सुवनवित करने का आग्रह
वकया।

अध्यक्ष महोदय ने राजभाषा कीवता पुरस्कार के वलए राजभाषा टीम को बधाई दी तथा हमारे क्षते ्र को

सिाश्रषे ्ठ क्षेत्रीय कायाालय का परु स्कार प्राप्त होने पर सबका आभार व्यक्त वकया। अतं मंे, प्रवतयोवगता के

विजेताओं को परु स्कार वितरण वकया गया और कायाक्रम का समापन हुआ।

O

20

21

वदनाकं 14.09.2021 को कायापालकों के वलए आयोवजत ऑनलाइन वटप्पण लखे न एिं प्रश्नोत्तरी
प्रवतयोवगता के विजते ा

पुरस्कार कायापालक का नाम पदनाम शाखा/कायाालय
प्रथम
वद्वतीय श्री विकास कु मार राि मडं ल प्रबधं क क्षते ्रीय कायाालय, सबं लपुर
तृतीय श्री सशु ांत कु मार नाएक मडं ल प्रबधं क क्षते ्रीय कायाालय, सबं लपुर
श्री एस एस परमार मखु ्य प्रबंधक राउरके ला मखु ्य, शाखा

वदनाकं 07.09.2021 को आयोवजत वकए गए वहदं ी टंकण प्रवतयोवगता के

वहदं ी भाषी श्रेणी

पुरस्कार कावमाक का नाम पदनाम शाखा/कायाालय
प्रथम सामान्य प्रशासन अनुभाग
वद्वतीय श्री अवमत कु मार प्रमावणक प्रबंधक सीआरएम अनभु ाग

श्रीमती रणे ु कु मारी अवधकारी

वहदं ीतर भाषी श्रणे ी

पुरस्कार कावमाक का नाम पदनाम शाखा/कायाालय
प्रथम श्री आशीष कु मार साहू
प्रथम श्रीमती प्रीवत प्रवतमा सोए अवधकारी सामान्य अवग्रम अनुभाग
वद्वतीय श्री हमे ानदं वबश्वाल
वद्वतीय श्रीमती राजश्री पुरोवहत एसडब्लयूओ “ए” सामान्य प्रशासन अनभु ाग
तृतीय श्रीमती सुश्री सुरोविता पुरोवहत
प्रोत्साहन श्री गोवपनाथ महे रे प्रबधं क सीआरएम अनभु ाग
प्रोत्साहन श्री घनश्याम बुडेक
अवधकारी सामान्य अवग्रम अनभु ाग

अवधकारी सामान्य अवग्रम अनुभाग

अवधकारी एएफपी एिं एस अनुभाग

अवधकारी एएफपी एिं एस अनभु ाग

वदनाकं 08.09.2021 को आयोवजत वकए गए ऑनलाइन प्रवतयोवगता के

पुरस्कार कावमाक का नाम पदनाम शाखा/कायाालय

प्रथम श्री श्रीकांत प्रधान अवधकारी एसएमई सलु भ, सबं लपुर
वद्वतीय श्री वप्रयतोष पधान प्रबधं क पवलामाल
तृतीय श्री रोशन टेटे प्रबंधक गोमारडीह माईन्स
प्रोत्साहन श्री प्रकाश कु मार वसहं प्रबधं क बीपीयटू ी, राउरके ला
प्रोत्साहन सशु ्री वप्रयकं ा वसन्हा अवधकारी एसएमई झारसुगडु ा
प्रोत्साहन श्री उत्तम कु मार खाखा एसडब्लयओू कं टाभांजी

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प्रथम पुरस्कार -अएठं ापाली शाखा प्रथम पुरस्कार—सामान्य अवग्रम अनभु ाग

वद्वतीय पुरस्कार— राजगांगपुर शाखा तृतीय पुरस्कार— आरएएच सबं लपुर

के नरा बकंै राजभाषा परु स्कार योजना के तहत परु स्कार प्राप्त करते हुए 1. श्री आशीष कु मार साहू, क्षके ा सबं लपरु
2. सशु ्री वनिवे दता हलदार, एसडब्ल्यूए, एसएमई राउरके ला 3. श्री सौरि पुरोवहत, प्रबंधक, आरएएच, सबं लपुर

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वहदं ी माह के दौरान विवभन्न अवभयानों, प्रवतयोवगताओं का आयोजन वकया गया वजसमंे क्षते ्र के स्टाफ
सदस्यों ने अपनी सहभावगता सवु नवित की। हमारे कायाालय को के नरा बकंै राजभाषा अक्षय योजना के
तहत अचं ल का सिाश्रषे ्ठ क्षते ्रीय कायाालय के रूप मंे वचवन्हत कर परु स्कृ त वकया गया। इसके अवतररक्त,
के नरा बकंै राजभाषा अक्षय योजना एिं राजभाषा परु स्कार योजना के तहत शाखाओं एिं स्टाफ सदस्यों
को परु स्कार प्राप्त हुआ था एिं राजभाषा अनभु ाग, प्रधान कायाालय द्वारा शील्ड एिं प्रमाण-पत्रों की
आपूवता के अनुसार परु स्कार वितरण वकया गया। सीआईबीएम द्वारा वदनाकं 01.09.2021 को के नडल
के माध्यम से आयोवजत की गई ऑनलाइन प्रश्नोत्तरी प्रवतयोवगता में अचं ल में कायाालय के मडं ल प्रबधं क
श्री सशु ातं कु मार नायक को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ था। अतं तः वदनाकं 30.09.2021 को वहदं ी माह का
समापन हुआ।

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वदनाकं – 05.08.2021 को आयोवजत शाखाओं की व्यिसावयक समीक्षा बैठक – सवं क्षप्त
ररपोटा

वदनाकं 05.08.2021 को सबं लपरु क्षते ्रीय कायाालय के अतं गात आने िाली शाखाओं की व्यिसावयक
समीक्षा बैठक का आयोजन वकया गया। इस समीक्षा बैठक में अचं ल कायाालय भिु नशे ्वर से पधारे
महाप्रबधं क एिं अचं ल प्रमखु , श्री बी एल मीना जी एिं सहायक महाप्रबधं क श्री प्रकाश प्रधान जी द्वारा
शाखाओं के व्यिसाय की समीक्षा की गई। इस समीक्षा बैठक मंे क्षेत्रीय कायाालय, सबं लपरु के क्षेत्रीय
प्रमखु श्री अजीत कु मार जी, मडं ल प्रबधं क श्री एस के नायक जी, श्री विकास कु मार राि जी के साथ-
साथ आरएएच, सबं लपुर के मडं ल प्रबधं क श्री मनमोहन मआु वखआ जी तथा सभी शाखाओ/ं कायाालयों
के प्रभारी उपवस्थत रह।े

महाप्रबधं क ने अपने सबं ोधन मंे बकैं के कारोबार मंे िवृ द् के वलए सभी मानदडं ों पर अपना शत् प्रवतशत
योगदान देने का आह्वान वकया एिं अन्य प्रशासवनक, व्यािसावयक, ग्राहक सेिा आवद विषयों पर अपना
मागादशान वदया। अचं ल कायाालय के सहायक महाप्रबधं क ने अपने सबं ोधन मंे सबं लपुर क्षते ्र के तहत कृ वष
क्षेत्र मंे सभं ािनाओं पर जोर वदया। क्षेत्रीय कायाालय, सबं लपरु के क्षते ्रीय प्रमखु श्री अजीत कु मार जी ने
सबं लपरु क्षेत्र की विवभन्न मानदडं ों में वस्थवत को पीपीटी के माध्यम से प्रस्ततु वकया।

O

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Circle Head > अचं ल प्रमखु
Regional Head > क्षेत्रीय प्रमखु

Executive > कायापालक
Overseeing Executive > पयािके ्षी कायापालक

Section Head > अनुभाग प्रमखु
Section In-Charge > अनुभाग प्रभारी

Branch Head > शाखा प्रमखु
Branch In-Charge > शाखा प्रभारी

General Manager > महा प्रबधं क
Dy. General Manager > उप महा प्रबधं क
Asst. General Manager > सहायक महा प्रबधं क

Divisional Manager > मडं ल प्रबधं क
Chief Manager > मखु ्य प्रबधं क
Senior Manager > िररष्ठ प्रबधं क
Manager > प्रबधं क
Officer > अवधकारी

Probationary Officer > पररिीक्षाधीन अवधकारी
Asst. Manager > सहायक प्रबधं क
Clerk > वलवपक
Cashier > रोकवडया

Special Assistant > विशेष सहायक
Attender > पररचर

Single Window Operator > एकल वखडकी पररचालक
HKP > एचके पी – सफाई कमी सह पररचर

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Approved अनुमोवदत
Sanctioned मजं ूर
Permitted अनमु वत दी जाती है
I agree मैं सहमत हूँ
Yes हा/ूँ ठीक है
OK ठीक है
Noted नोट वकया
Discuss चचाा करें
For approval अनुमोदनाथा
For perusal अिलोकनाथा
Issue circular पररपत्र जारी करें
May be considered विचार वकया जाए/ जा सकता है

May be permitted अनुमवत दी जाए/ सकती है

Explanation may be called for स्पष्टीकरण मागं ा जाए
Reply immediately तत्काल जिाब / उत्तर दंे
Forwarded अग्रवे षत
Give top priority सिोच्च प्राथवमकता दें
Kindly acknowledge receipt कृ पया पािती दंे
May be treated as closed समाप्त समझा जाए
Issue reminder अनसु ्मारक जारी करें
Please Follow up कृ पया अनुिती कारािाई करें

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“सबं लपुर क्षते ्र में के नरा बकैं - छवि वनमााण के अिसर एिं चनु ौवतया”ं विषय पर वहन्दी मंे सगं ोष्ठी
कायाक्रम का आयोजन”

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िधान कायाालय के प्रनदशे ों के अनपु ालन में, हमारे कायाालय मंे प्रदनाकं 08.04.2021 को “सबं लपुर क्षते ्र मंे के नरा बकैं -
छवि वनमााण के अिसर एिं चुनौवतयां” विषय पर वहन्दी मंे सगं ोष्ठी कायाक्रम का आयोजन प्रकया गया।
इस संगोष्ठी की अध्यक्षता श्री लोकनाथ, क्षेत्रीय िमखु एवं सहायक महािबंधक िारा की गई। संगोष्ठी मंे क्षेत्रीय कायाालय,
संबलपरु के कायापालक श्री एस के नायक,मडं ल िबधं क एवं आरएएच, संबलपरु के मखु ्य िबधं क श्री एम मआु प्रखया एवं
क्षेत्रीय कायाालय सप्रहत, अएठं ापाली शाखा, बढु ़ारजा शाखा, संबलपरु मखु ्य शाखा के स्टाफ सदस्य शाप्रमल रह।े यह
संगोष्ठी स्टाफ सदस्यों मखु ्य रूप से नवपदोन्नत अप्रधकाररयों/िबधं कों के प्रलए आयोप्रजत की गई थी।

श्री प्रवश्वनाथ िसाद साह, अप्रधकारी (राजभाषा) ने कायािम में उपप्रस्थत कायापालकों एवं स्टाफ सदस्यों का स्वागत प्रकया
एवं अध्यक्ष की अनमु प्रत से आरभं प्रकया।
अध्यक्ष महोदय श्री लोकनाथ ने सभी स्टाफ सदस्यों को संबोप्रधत प्रकया एवं नवपदोन्नत अप्रधकाररयों/िबधं कों को बधाईयां
देते हुए कहा प्रक पदोन्नप्रत अपने साथ दाप्रयत्व प्रनप्रहत होता है अतः इन दाप्रयत्वों के प्रनवाहन के प्रलए तैयार रहें और उत्कृ ष्ट
काया प्रनष्पादन करते हुए बैंक की िगप्रत मंे योगदान दं।े साथ ही, कहा प्रक आज की संगोष्ठी के प्रवषय “सबं लपुर क्षेत्र में
के नरा बकैं - छवि वनमााण के अिसर एिं चुनौवतयां” को वतमाान समय की अपेक्षाओं के अनरु ूप रखा गया ह।ै के नरा बैंक ने
संबलपरु मंे ही नहीं बप्रल्क पूरे भारत मंे एक अग्रणी बैकं के रूप मंे अपनी छप्रव बनाई ह।ै उन्होंने कहा प्रक हमें “लोकल फॉर
वोकल” बनते हुए ओप्रडया भाषा को िाथप्रमकता देनी होगी।

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राष्ट्रकवि—रामधारी वसहं “वदनकर”

स्िततं ्रता पूिा के विद्रोही कवि रामधारी वसहं “वदनकर” आजादी के
बाद राष्ट्रकवि के नाम से प्रवसद् हुए। उनकी कविताओं में ही नहीं , बवल्क उनके वनबधं ों में भी
राष्ट्र-वचतं न की झलक वमलती है। 23 वसतबं र, 1908 को वसमररया ग्राम, मगंु ेर वबहार में जन्मे
वदनकर छायािदोत्तर-कवियों की पहली पीढी मंे से एक थ।े मैवरक के बाद 1928 मंे वदनकर
पटना आ गए और इवतहास मंे ऑनसा के साथ 1932 में बी.ए. वकया। अगले ही िषा एक नए खुले
स्कू ल मंे प्रधानाध्यापक वनयुक्त हुए। िषा 1934 में उन्होंने वबहार सरकार के अधीन सब-
रवजस्रार के पद पर काया वकया। िषा 1947 मंे िे वबहार सरकार मंे प्रचार विभाग के उपवनदेशक
और िषा 1950 मंे मजु फ्फरपरु कॉलजे में वहदं ी विभागाध्यक्ष हुए। िषा 1952 मंे िे राज्यसभा के
सदस्य बन।े िे 12 िषों तक सासं द रह।े वफर िे भागलपुर विश्वविद्यालय के उपकु लपवत बन।े िे
भारत सरकार के वहदं ी सलाहकार भी रह।े

आचाया हजारी प्रसाद वद्विदे ी के अनसु ार, वदनकर जी गैर-वहदं ी भावषयों के
बीच वहदं ी के सभी कवियों में सबसे अवधक लोकवप्रय थे और अपनी मातृभाषा से प्रमे करने
िालों के प्रतीक थे। हररिशं राय बच्चन ने एकबार वदनकर जी के बारे में कहा था वक उन्हंे एक
नहीं, चार ज्ञानपीठ परु स्कार वदया जाना चावहए। उन्होंने कहा वक उन्हें गद्य, पद्य भाषा और
वहदं ी भाषा की सिे ा के वलए अलग-अलग ज्ञानपीठ परु स्कार वदया जाना चावहए। 24 अप्रैल,
1974 को उनका दहे ातं हुआ।

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पुरस्कार एिं सम्मान: कु रूक्षते ्र पर सावहत्यकार ससं द (इलाहाबाद) पुरस्कार (1948), नागरी
प्रचाररणी सभा का वद्विेदी पदक (दो बार), उिाशी पर उत्तर प्रदशे सरकार का पुरस्कार, नागरी
प्रचाररणी सभा का रत्नाकर पुरस्कार, बलदेि दास पदक, ससं ्कृ वत के चार अध्याय पर सावहत्य
अकादमे ी पुरस्कार (1960), पद्मभूषण (1959), िषा 1972 में काव्य नाटक उिाशी पर ज्ञानपीठ
पुरस्कार।

वदनकर की रचनाए:ं
आलोचनात्मक ग्रथं : वमट्टी की ओर, पतं -प्रसाद और मैथलीशरण, काव्य की भूवमका ।
सासं ्कृ वतक ग्रथं : ससं ्कृ वत के चार अध्याय, हमारी सासं ्कृ वतक एकता, भारतीय एकता, राष्ट्रभाषा
तथा राष्ट्रीय एकता।
वनबधं सावहत्य: अधानारीश्वर, िट पीपल, सावहत्य मखु ी, राष्ट्र भाषा आदं ोलन और गाधं ी जी,
वििाह की मसु ीबतंे, आधुवनक बोध।
यात्रा सावहत्य: दशे विदेश, मेरी यात्राए।ं
डायरी सवहत्य: वदनकर की डायरी।
कथा और गद्य काव्य: उजली आग।
खडं काव्य: कामायनी, कु रूक्षते ्र, रणे ुका, हुकं ार, रवश्मरथी

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परवनदं ा का पाप

एक राजा के दरबार मंे ब्राह्मण भोज का आयोजन प्रकया गया। छप्पनभोग महल के खलु े आगं न
मंे बनवाए गए। उसी वक्त अनजाने में एक हादसा हो गया। खलु े में पक रही रसोई के ऊपर से एक
चील अपने पंजे मंे प्रजदं ा सांप दबोचकर प्रनकल रही थी। सांप ने चील के पजं ों से छुटकारा पाने के
प्रलए फु फकार भरी और साथ ही जहर उगला । उसके मखु से प्रनकली जहर की कु छ बूदं ें पाकशाला
में पक रही रसोई के व्यजं नों मंे प्रगर गई।ं जहरीले भोजन के खाने से सभी ब्राह्मण काल के गाल में
समा गए। जब राजा को इस बात का पता चला तो ब्रह्महत्या के पाप ने उसको दखु ी कर डाला ऐसे
मंे सबसे ज्यादा मपु्रश्कल खड़ी हो गई यमराज के प्रलए प्रक आप्रखर इस पाप का भागी कौन है और
ब्रह्महत्या के पाप के प्रलए प्रकसको दडं प्रदया जाए। सबसे पहला नाम राजा का आया क्योंप्रक राजा ने
ब्राह्मणों को भोजन के प्रलए आमपं्रत्रत प्रकया था। यमराज के मन में दूसरा नाम आया रसोइये
का प्रजसने ब्राह्मणों प्रलए महािसाद तैयार प्रकया था। राजा को तीसरा ख्याल चील का आया जो
सांप को पकड़कर ले जा रही थी।

सबसे अंत में यमराज ने सांप के पाप पर प्रवचार प्रकया। लंबे समय तक यमराज अप्रनणाय की प्रस्थप्रत
मंे रहे प्रक आप्रखर ब्रह्महत्या का दडं प्रकसको प्रदया जाए। घटना के कु छ समय बाद कु छ ब्राह्मण राजा
से प्रमलने के प्रलए उसके महल में जा रहे थे। ब्राह्मणों ने एक मप्रहला से महल का रास्ता पूछ प्रलया।
तब मप्रहला ने ब्राह्मणों को रास्ता बताते हुए कहा' दखे ो भाई जरा ध्यान से जाना। वह राजा ब्राह्मणों
को खाने मंे जहर दके र मार दते ा है।

जैसे ही मप्रहला ने यह बात कही यमराज ने फै सला कर प्रलया प्रक मतृ ब्राह्मणों के पाप का फल इस
मप्रहला के खाते में जायेगा और यह दडं भोगेगी। यमदूतों ने यमराज से पूछा -" िभु एसा क्यों ?
तब यमराज ने कहा - ' जब कोई व्यप्रक्त पाप करता है तो उसको पापकमा करने मंे बड़ा आनंद आता
है।

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