सयोजकः नराकास, अहमदाबाद ं बक कणावती वष - 2021 अकं - 22
ब क ऑफ़ बड़ौदा, अहमदाबाद केसंयोजन म नराकास (ब क), अहमदाबाद क 69व बैठक का आयोजन दनांक 15.07.2021 को कया गया. इस बैठक क अ य ता ी मह संह रोहिड़या, उप महा बंधक ारा क गई. ऑनलाइन मा यम से आयोिजत उ बैठक म उप िनदशे क (काया .) ीमती सुि मता भ ाचाय िवशेष प से आमंि त थी. धान काया लय ारा बडौदा राजभाषा पुर कार योजना : वष 2020 -21 केिलए नराकास (ब क), अहमदाबाद को तृतीय पुर कार दान कया गया.डॉ. सुि मता भ ाचाय , उप िनदशे क ( काया वयन) ारा ी एम एम बंसल, अ य , नराकास एवं महा बंधक को उ शी ड से स मािनत कया गया. नराकास (ब क), अहमदाबाद क 70व छमाही बैठक दनांक 23.12.2021 को आयोिजत क गई. िविभ ितयोिगता के53 िवजेता ितभािगय को माण प एवं पुर कार रािश से स मािनत कया गया.
नम कार सािथय , ब क नगर राजभाषा काया वयन सिमित, अहमदाबाद क गृह – पि का ब क कणा वती के22व अंक केमा यम स ेपुनः आप सबसे िमलने का अवसर िमला ह.ै नराकास अहमदाबाद राजभाषा काया वयन क दशा म ितब ता केसाथ काय कर रहा ह.ै करोना काल म हम सबने िमलकर राजभाषा काया वयन को सुदढ़ृ गित दान कर गितशील बनाय रखा ह.ै यह हमारेिलए सफलता का एक नया सोपान ह.ै इसी उ े य केसाथ हमने सभी तकनीक लेटफाम पर िह दी सिहत िविभ भारतीय भाषा क उपयोिगता को िस कया ह.ै आज केदौर म तकनीक वह सश आधार ह ै िजसकेमा यम से आम जीवन सुगम व सरल हो गया ह.ै सूचना और ौ ोिगक केिनरंतर िवकास ने िविभ भाषा के सामने संभावना के अनंत ार खोल दए ह . यहां भाषा का िवशेष मह व होता ह.ै सेवा और भाषा को तकनीक केएक लेटफाम पर जोड़ते ए अपनी भाषा म सेवा दनेे से वसाय म सं थागत िवकास एवं वृि होती ह.ै इसे दढ़ृ ता दान करने केउ े य से नराकास अहमदाबाद ारा िव ीय वष 2021 – 22 को वचु अल वष के प म घोिषत कया गया ह ैिजसे सफल बनाने म सभी सद य काया लय स य भूिमका िनभा रह ह . सभी सद य काया लय िविभ काय म/ ितयोिगताएं तकनीक के मा यम से आयोिजत कर राजभाषा के ित अपनी ितब ता सािबत कर रह ह . नराकास पि का ब क कणा वती िह दी के योग म वृि केिलए लगातार यासरत ह ैऔर िनि त प से पि का सिमित ारा तय समय पर तैयार कर तुत करना सराहनीय ह.ै नराकास अहमदाबाद बीते कई साल से िह दी केसंवध न व सार केिलए िनत नवीन यास कर रहा ह.ैसरकारी काम-काज म िह दी क सरलता और सहजता सुिनि त कर िह दी क उपयोिगता को बढ़ाने म इसी तरह योगदान दतेा रहगेा, इसी िव ास केसाथ आइए हम सब िमलकर ित ा ल क अपने ितब ता और यास से राजभाषा िह दी क योित हमेशा जलाएं रखग े. यही ज बा रहा तो मि कल का हल भी िनकलेगा ु जम बजर हई तो या वह स ं ेजल भी िनकलेगा ना हो मायस ना घबरा अधेर स ू ं ेमरेेसाथी इ ह रात के दामन स ेसनहरा कल भी िनकलेगा… ु (एम. एम. बसल) ं अ य क कलम स े............ अकं - 22 1
इस अकं म िजयो ज़ंदा दली से ब कंग वसाय म जोिखम- भाव एवं बंधन अ य क कलम से एक बीज भाषाएं िसिखए - अ छा लगेगा संपादक य “ वतं भारत @75: स यिन ा से आ मिनभ रता” िव पटल पर िह दी नवीनतम तकनीक एवं ब कंग सुकून क खोज म चला दढ़ृ िन य - सफलता का एक मजबूत पहलू अंतरा ीय खेल के संदभ म ब कंग और िडिजटल िबजनेस मॉडल नेट ब कंग या ह ै? फायदेव नुकसान बापू या लाए...? રે લોલ अ फाज़ क जुबानी नारी दिृ कोण आजादी क उमंग गित के रंग खुली कताब स यिन ा और आ मिनभ रता महाका रामायण को जाने 12 23 29 1 12 25 30 2 13 26 33 3 14 27 6 7 15 8 16 8 17 9 18 11 19 बक कणावती बक कणा वती म नराकास बक के टाफ-सद य न ेयोगदान िदया है. बक नराकास, अहमदाबाद या सपादक ं मडल ं या िकसी भी सद य बक का उसस ेसहमत होना अिनवाय नह है. रचना स ेसबिधत ं ं सम त उ रदािय व रचनाकार का है. िनःश क, आत रक िवतरण क ु ं े िलए ब क ऑफ़ बड़ौदा, अचं ल काया लय, अहमदाबाद अचं ल पाचवा तल, ब ँ क ऑफ़ बड़ौदा टॉवस ,लॉ गाड न के सामने, एिलसि ज, अहमदाबाद - 380006. नराकास सिचवालय शुभकामना सिहत (व दना जैन) सद य सिचव, नराकास (ब क), अहमदाबाद एम. एम. बसं ल महा बधं क एव ंअचं ल मख, ु अहमदाबाद अचं ल, ब क ऑफ़ बड़ौदा नराकास अ य नराकास सयोजक ं म य सप ु ं ादक एव ंसद य सिचव वदं ना जैन म य बध ु ं क, राजभाषा अहमदाबाद अचं ल, ब क ऑफ़ बड़ौदा ीमती वसधा गोखल ु े - पजं ाब नैशनल ब क ी वीर े िसहं - ब क ऑफ़ इंिडया ी एम. एच. कालानी - नाबाड ीमती अिवनाश कौर - यिनयन ब क ऑफ़ इंिडया ू सपं ादन मडं ल ब क नगर राजभाषा काय वयन सिमित, अहमदाबाद की पि का वष - 2021 अंक- 22 सपादक य ं ब क नगर राजभाषा काया वयन सिमित, अहमदाबाद क वा ष क पि का के22व अंक के साथ आप सभी का हा दक अिभन दन. जैसा क अ य जी ने अपने स बोधन म आप सभी को अवगत कराया ह ै क िव ीय वष 2 0 2 1 - 2 2 नराकास अहमदाबाद ारा वचु अल वष के प म आयोिजत कया गया. इस वष को सफल बनाने म आप सभी सद य काया लय केप र म को ेय जाता ह.ै कसी भी काय को करने हते ु उसकेपीछे याशीलता मह वपूण भूिमका िनभाती ह.ै याशीलता म ही प र म िनिहत ह.ै समय पी ताले म प र म पी ताली डालने से ही काय सफल होता ह.ै गो वामी तुलसीदास केचौपाई केएक टुकड़ ेम भी यही भाव प रलि त होता ह ै– सकल पदारथ है जग माह । कम हीन नर पावत नाह ।। कम जीवन को गितशील व स य बनाए रखती ह.ै स य यास ही मनु य को सफल बनाते ह.ै स यता साथ क दशा म होनी अिनवाय ह.ै एक उ े य को रखकर हम अपनी ाि केिलए प र म करना चािहए. नराकास अहमदाबाद केसभी सद य केसहयोग से हमने वष भर कए जाने वाले काय को उ े यपरक बनाया ह.ै तुत पि का म हमने नराकास अहमदाबाद के वचु अल वष क साथ कता के अनुसार िडिजटल लेटफाम को म ेनजर रखते ए िविवध िवषय का समावेश कया ह.ै आजादी केअमृत महोद सव के अवसर पर आ मिनभ र भारत बनाने हते ु ब कंग केबदलते प रवेश म िडिजटल ब कंग क अवधारणा एवं उसम सुर ा केिविवध आयाम केसाथ अ य िवषय को भी थान दया ह.ै किवता, कहानी केसाथ महाका रामायण पर मह वपूण जानकारी साझा क ह.ै आशा ह ैपि का म समािव साम ी आपको पस द आएगी. आपके आशीवा द एवं सुझाव से हम आगामी पि का और बेहतर बना पाएग . अपनी बात ........... माँ सद य ब को क गितिविधयाँ िवजेता ितभािगय क चूिच
“ तकनीक और ांित गाड़ी के दो पिहय क तरह ह ैजब साथ चलती ह ैतो यक न मािनए इितहास बदल जाता ह ै” आज केभाग दौड़ केजीवन म सबसे यादा ब मू य व तु जो ह ै वह ह ै- समय. एक ऐसा भी समय था जब ब कंग का अथ था भारी - भरकम बही खाते,लंबी-लंबी कतार और थका दनेे वाली उबाऊ याएं. शायद यही वजह थी जब 2020 तक भारतीय ब कंग सेवा अपने परंपरागत ब कंग व था पर आधा रत होने क वजह से आम नाग रक से काफ दरू थी. दखे ा जाए तो भारत म ब कंग का इितहास काफ पुराना रहा ह ै मगध काल हो या गु काल या मुगल काल, ब कंग कसी न कसी प म समाज का िह सा बनी रही ह.ै हालां क आधुिनक ब कंग क न व अं ेज ने रखी थी. उदाहरण व प एक समय भारत म महाजनी था थी िजसको अं ेज ने एक समान एकि त ब कंग व था म बदल दया और बाद म भारत सरकार ने ब क का रा ीयकरण कर इस दशा म एक और कदम बढ़ा दया. समय के साथ-साथ ब कंग व था का व प बदलता चला गया यह बदलाव कह ना कह इसे और बेहतर बनाने क दशा म ही कया गया. इस पर िनःसंदहे िजसक मुख भूिमका रही वह ब कंग णाली म िनत नई तकनीक का योग होना ह.ै कहते ह तकनीक और ांित साथ-साथ चलते ह, ब कंग भी इससे अछूता नह ह.ै फडले का केश द म कहा जाए तो “ ांित” का अथ होता ह “अतीत और भिव य के बीच एक जबद त संघष ”. कं यूटरीकरण केबाद ब क म नई तकनीक के इ तेमाल ने ब कंग को नया आयाम दया ह.ै यहाँ नई तकनीक का अथ ह कं यूटर क मदद से प र कृत सूचना तथा संचार तकनीक क मदद से ाहक को बेहतर और िव सनीय सुिवधा दान करना.इसकेसाथ ही अपने ित दं ी ब क केसाथ ित पधा मक लाभ बनाए रखना, िजसे हम िन प म दखे सकते ह- अक 3 अकं - 21 ं - 22 1. सहजता - एक समय था जब कसी भी ज रत केिलए मु ा या कर सी का होना ज री होता था,पर नई तकनीक व ौ ोिगक क मदद से आज हम मु ा या कर सी क ज रत उतनी नह रही ह.ै उदाहरण केिलए चाह ेहम खाना ऑडर करना हो या कपड़ ेखरीदने हो, हम ई-वालेट से आसानी से भुगतान कर सकते ह. यहां तक क पैसे ांसफर केिलए भी हम अब लंबी कतार म खड़ा नह होना पड़ता ह.ै आरटीजीएस (RTGS) या एनईएफ़टी (NEFT) जैसे ऑनलाइन पेम ट िस टम केआने केबाद, आज हम िमनट म एक ब क से दसू रेब क म पैसा ांसफर कर सकते ह. इसी तरह यूपीआई नेट ब कंग आ द ऐसे नई तकनीक ह ैिजससे हम तुरंत कसी भी तरह का भुगतान या फर चेक बुक आडर या साविध जमा अिधक को आसानी से काया ि वत कर सकते ह. मोबाइल और इंटरनेट के आ जाने से ब क अब लोग क मु ी म समा चुका ह. लोग को अब चौबीस घंटेऔर सात दन घर बैठेब कंग क सुिवधा उपल ध ह.ैनए ौ ोिगक केइ तेमाल का सुखद प रणाम हम पारंप रक िव ीय ब कंग मॉडल म िव ीय समावेशन के प म भी दखाई पड़ सकता ह.ै 2. सटीकता तथा डेटा सर ा ु - परंपरागत ब कंग णाली पूण ता मानवीय मता व कौशल पर आधा रत थी, िजसम गलितय क संभावना बनी रहती थी. नई तकनीक क मदद से कं यूटर केआने केबाद यह संभावना नग य हो गई ह.ै साथ ही िव ीय लेनदने से संबंिधत डटेा को सुर ा भी दान करती ह.ै ऐसे कम ही मौकेआते ह जब डटेा का गलत योग कया जाता ह.ै 3. ाहक सति ं ु - तकनीक क वजह से आज नेट ब कंग व मोबाइल ब कंग ने काय को सुगम बना दया ह.ै लंबी-लंबी कतार , कागज़ का जमावड़ा और उबा दनेे वाली ब कंग या कल क बात हो गई ह.ै नई तकनीक न ेब कंग ाहक केहाथ तक ला दया ह.ै लोग घर बैठेमोबाइल या कं यूटर क मदद से नवीनतम तकनीक एव बिकग ं ं
4 अकं - 22 का द ुपयोग भी कया गया ह ैजैसे :- 1. साइबर हैकर - ब कंग के े म नई तकनीक केइ तेमाल क वजह से आई सुगमता कई बार हकै र केिलए वरदान सािबत ई ह.ै हाल के दन म डिेबट काड कंपिनय व ब क म हकै र ने डटेा लीक कर गोपनीय िव ीय जानकारी हािसल कर अरब का नुकसान कराया ह.ै यह ि गत व िव ीय डटेा के द ुपयोग का नवीनतम उदाहरण ह.ै 2.साइबर अपराध - कई बार लोग जान-ेअनजाने म हकै र को अपनी िव ीय जानकारी मुहयै ा करा दतेे ह िजससे उ ह िव ीय नुकसान उठाना पड़ जाता ह.ै उदाहरण केिलए कई बार हकै र फ़ोन करके लोग से उनके डिेबट काड क पूरी जानकारी जैसे पासवड या िपन मांगकर उनकेखाते से पैसे िनकाल लेते ह. ऑनलाइन ब क खात पर फ़ शंग अटैक और लो नंग क घटनाएँ भी आम होती जा रही ह. ऑनलाइन ब कंग और फाइन िशयल ांजे शन केिलए मोबाइल का उपयोग बढ़ने से साइबर अपराध का खतरा और भी यादा बढ़ गया ह.ै 3. डेटा गोपनीयता खोन ेक सभावना ं - साइबर अपराधी अब िव ीय सूचना को चोरी करने के बजाय कारोबारी जासूसी और सरकारी सूचनाएं हािसल करने क वारदात को अंजाम दनेे पर यादा यान द ेरह ेह. इससे ाहक केिलए साइबर हमल केसाथ-साथ मह वपूण ि गत िव ीय डटेा का द ु पयोग भी चंता का िवषय हो सकता ह.ै एक अनुमान के मुतािबक साइबर अपराध केमामले बढ़ने केकारण ब क इसका असर न िसफ िव ीय मोच पर महसूस कर रह ेह वरन इससे उनके ा ड व साख पर भी असर हो रहा ह.ै 4. ि टोकरस ी और उसका िविनमय - टोकर सी वा तव म एक तरह क छ कर सी ह ैिजसका लेनदने िडिजटल प म होता ह.ै वत मान समय म यह फनटेक का तेजी से उभरता आ ापक व प ह ैपर इसम सबसे बड़ी बाधा िविनमय को लेकर ह.ै िव के अिधकांश दशे म इसके िविनमय हते ु कोई िवशेष ावधान नह कया गया ह.ै ब क म भी इसको लेकर कोई प ावधान नह ह. भारत भी इससे अछूता नह ह,ै यहाँ भी इसे कानूनी मा यता नह िमली ई ह.ैऐसे म िविनमय और कानूनी िनयम के अभाव म इस े म घोटाल व धोखाधड़ी क संभावना बनी रहती ह.ै 5. कम चा रय ारा नई तकनीक आ मसात न कर पाना - दखे ा जाता ह ै क ब क म जब नई तकनीक आती ह तो कई बार वहाँ केकम चारी उसे समझ कर आ मसात ्नह कर पाते ह. अपन ेब कंग काय वयं संप कर रह ेह. इसमे हम भारतीय रज़व ब क क भूिमका को नज़र अंदाज नह कर सकते ह. इसने ब क म िनयामक और िनरी ण काय को सुिनि त करने के साथ ब क णाली को आधुिनक बनाने हते ु नई तकनीक के योग क भी मंजूरी समय-समय पर दान क गई ह. इससे न केवल ाहक केब मू य समय क बचत हो रही ह ैसाथ ही ाहक अपने स िलयत के िहसाब से 24 x 7 अथा त कभी भी ब कंग काय संप कर पाने म स म हो गए ह . 4. यावसाियक बि म ा ु (Business Intelligence) - भारतीय रज़व ब क ने ब क को और यादा सुगम बनाने हते ु ावसाियक बुि म ा को अपनाने क बात कही ह.ै यह एक ऐसी नई तकनीक ह ैजो ापार से संबंिधत खु फया णाली क मदद से ब कंग े म ऐितहािसक, आधुिनक तथा भिव य के झान केिलए डटेा दान करती ह.ै इन डटेा के योग से ब क अपनी, द ता व लाभ दता म सम वृि ला सकते ह. 5. िफनटेक - हाल के दन म ब कंग े म फनटेक श द का भी इ तेमाल कया जा रहा ह ैजो िव ीय तकनीक (Financial Technology) का संि प ह.ै यह पारंप रक ब कंग तथा ापार केिव ीय बंधन म नई तकनीक का काया वयन ह.ै इन तकनीक केमा यम से िव ीय सेवा म सुधार और वाय ा लाने का यास कया जाता ह.ै िडिजटल भुगतान,िडिजटल ऋण,िडिजटल ब कटेक (Banking Technology), रैगटेक, टोकर सी आ द इसकेघटक ह.ैवा तव म दखे ा जाए तो फन टेक ऐसी तकनीक ह,ै िजसक मदद से ब कंग े म सुधार के साथ समावेशन को भी िमि त कया गया ह ैउदाहरण केिलए फनटेक टाट अप ने सू म, लघु और म यम उ ोग (एमएसएमई ) े को भी मजबूती दान क ह.ैकई फनटेक टाट अप ारा आसान और व रत ऋण उपल ध कराए जाने पर एमएसएमई को ब क जाने तथा इसक ज टल कागज़ी या से छुटकारा िमल सकता ह.ैइस तकनीक से एमएसएमई े को ापक व सुलभ बनाने हते ु पारद श ता, जोिखम आंकलन व ि गत व था जैसी सुिवधा दी जा सकती ह.ै आ ट फिशयल इंटेिलज स इसका िव तृत प ह.ै हालां क पारंप रक ब क इसे अपने े म ित पधा के प म दखे रह ेह. चनौितया ु ं आधुिनक तकनीक पूण तः कं यटूरीकृत व पेपरलेस व था पर आधा रत ह.ैनई तकनीक का इ तेमाल करना िजतना आसान ह ै पर इसम गलती क भी संभावना दखे ी जा सकती ह.ै हाल के दन म कई ऐसे अवसर भी आए जब ब कंग े म नई तकनीक बक कणा वती
अक 5 अकं - 21 ं - 22 इससे ब क केकाया मक गुणव ा म कमी दखे ी जा सकती ह. हालां क ब क म समय समय पर कम चा रय के िश ण क व था क जाती ह, जो कारगर िस होती ह. सर ा ु हतेुउपाय:- 1. कानन ू - हमारेदशे म पहले से ही ब कंग सुर ा संबंधी कई क़ानून बने ए ह. हालां क नई तकनीक केआ जाने से कई नई तरह क चुनौितयाँ सामने आ रही ह िजसकेिलए मौजूदा क़ानून नाकाफ़ ह. अत: सरकार को इन चुनौितय से िनपटने हते ु कारगर क़ानून बनाना चािहए िजससे ाहक केिहत सुरि त रह सके. 2. बेहतर इटं ेिलज स नटे वक :- ब क आपस म एक संगठन का िनमा ण कर सकते ह जहां उभरते जोिखम पर वा तिवक समय क जानकारी रखी जा सके. इससे ब कंग धोखाधड़ी क जानकारी साझा करने से ज द से ज द इसका पता लगाया जा सकेगा और साथ ही ाहक को भी सचेत कया जा सकेगा. 3. जाग क उपभो ा :- सजगता और जाग कता दो ऐसे गुण ह जो कसी भी अवांछनीय घटना को घ टत होने से पहले मनु य को सचेत कर दतेी ह. ब कंग े पूण तः िव ीय व था पर आधा रत ह, अत: यह ज री ह क इस े म जब भी कोई नई तकनीक अपनायी जाती ह, तो उपभो ा को पहले उसक पूरी जानकारी लेकर ही उसे अमल म लाना चािहए. इससे वह आ थ क हािन से बच सकता ह. 4. साइबर सर ा ु :- भारत अब भी ब कंग े म साइबर सुर ा म अपनाए जाने वाले तकनीक केिलए आयात पर िनभ र ह. िवदशे म बने सॉ टवेयर न िसफ महगं े ह वरन ये भारतीय समाज और इसक मानिसकता पर पूरी तरह से खरेनह उतरते ह. दशे म िविभ े म ौ ोिगक क वीकाय ता और इसक प चँ म ापक वृि को दखे ते ए भारत के िलए इस े म आ मिनभ रता ा करना ब त ही आव यक ह.ै व तुतः ब कंग व था एक नया आयाम ले रही ह ैजो एक नई पीढ़ी ारा चलायी जाएगी. यह पीढ़ी तकनीक को ऐसी चीज के प म दखे ते ह जो उनकेजीवन को बेहतर बनती ह. अतः संपणू ब कंग उ ोग केिलए चुनौती ही ह क वह इस पीढ़ी क ज रत पर खरा उतरे. तकनीक या टे ो ॉजी ने लोग के जीवन तर पर काफ हद तक सुधार कया ह ैऔर दशे -दिुनया केिवकास को एक नया आयाम दान कया ह.ै आज तकनीक का हर कसी केजीवन म खास मह व ह ै य क यह न िसफ ि केिवकास म मदद करती ह ैबि क दशे -दिुनया केिवकास म भी अपनी मह वपूण भागीदारी िनभाती ह.ै ब क केसामने कुछ और भी सम याएँ ह िजनपर उ ह काबू पाना पड़गे ा. मसलन कई बड़ ेसरकारी ब क को उ तकनीक से संप छोटेब क चुनौती द ेरह ेह. दसू री ओर कई छोटेब क को तुलना मक प से बड़ ेब क ित पधा मक चुनौती द ेरह ेह. वह अगर कसी भी ब क क िवकास क दर धीमी ह ैतो इसका मतलब साफ ह ै क उस ब क क तकनीक काफ िपछड़ी ई ह.ै दसू री ओर फनटेक ने भी ब क क मुि कल थोड़ी बढ़ाई ह. हालां क ब क य द फनटेक टाट अप को ित दं ी केबजाय भागीदार के प म दखे े तो शायद वे ब क केिलए सबसे बड़ े ाहक सािबत हो सकते ह. साथ ही वे नए ाहक तक प चँ ने म ब क क मदद भी कर सकते ह. इस तरह ब क को ासंिगक और व था म बने रहने केिलए नई तकनीक को अपनाना ज री भी ह य क तकनीक म प रवत न भी ब त तु गित से होते ह. इससे ब क म न केवल िनवेश केबेहतर अवसर बनेग अिपतु धोखाधड़ी और िनवेश जोिखम क भी संभावना कम हो जाएगी. िनःसंदहे आने वाले वष म नई तकनीक का योग ब क क काय णाली का एक मुख क बना रहगेा. रि म केसरी बक कणा वती Indian Overseas Bank
ब कंग े प रवत न केदौर से गुजर रहा ह.ै इसका भिव य आज क तुलना म मौिलक प से िभ होगा. कोरोना महामारी ने अिधकांश सं थाओ को अपनी काय सं कृित को बदलने पर मजबूर कर दया ह ैऔर ब कंग े इससे अछूता नह ह.ै इसने उपभो ा वहार म भारी बदलाव कया ह.ै ाहक अपनी ज रत और अपे ा को गितशील प से िवकिसत करने केिलए िडिजटल चैनल का उपयोग करना पसंद करते ह. ब क ने भी नई पीढ़ी के ाहक क बढ़ी ई मांग केसाथ-साथ गित बनाए रखने क पूरी कोिशश क ह.ैकई ब क , दोन िनजी और साथ ही पीएसबी (साव जिनक े के ब क) ने अपनी िव ीय सेवाएं खाता खोलने से लेकर ाहक को िबना शाखा जाने क आव यकता केऋण दनेे तक का काम शु कर दया ह.ै ब क अ याधुिनक ाहक इंटरफेस यानी िविभ वैकि पक िवतरण चैनल का उपयोग करकेउ ह ि गत अनुभव दनेे क कोिशश कर रह ेह. नए ाहक और वसाय को ा करने केिलए बढ़ती ित पधा केसाथ, बढ़ी ई ाहक मांग क आव यकता को समझने और उ ह ेसंतु करने केिलए नई तकनीक को अपनाने वाले ब क जीत गे. िडिजटल बि कग ं : उभरता हआ झान बाजार म िविभ िडिजटल एि लकेशन उभर रह ेह जो एकल पोट ल से िविभ िव ीय सेवाएं दान करते ह. भारत म लाख लेन-दने िविभ िव ीय चैनल जैसे क फोनपे, पेटीएम, गूगल पे, हा सएप पे आ द का उपयोग करकेिडिजटल प से हो रह े ह. दसंबर-2020 क "गाट नर रसच " रपोट के अनुसार, भारत म िडिजटल भुगतान कुल 35.6 अरब पये से काफ अिधक रहा ह.ै िव वष 2018 स े20.7 िबिलयन. आरबीआई क रपोट केअनुसार, सरकार कैशलेस अथ व था क ओर बढ़ रही ह य क भारत िडिजटल भुगतान िपछले पांच वष म यानी 2015-16 से 2019-20 केबीच 55.1% क सीएजीआर बिकग और िडिजटल ं िबजनस मॉडल े से बढ़ा ह.ै आग ेक चनौितया ु ँऔर इसस ेबचन ेकेउपाय बढ़ते िडिजटल लेनदने के साथ, िव जगत म धोखाधड़ी और साइबर अपराध क वृि भी बढ़ रही ह.ै ि गत जानकारी क चोरी, एटीएम के द ुपयोग और िविभ ब क पर साईबर हमल से संबंिधत वृि बढ़ रही ह.ैआरबीआई क 2019-20 क वा ष क रपोट केअनुसार ब क क कुल धोखाधड़ी िपछले वष क तुलना म दो गुना से अिधक बढ़ गई ह.ै काड और इंटरनेट से संबंिधत धोखाधड़ी म िपछले वष क तुलना म अथा त् 2019-20 म 174% क वृि ई. ब क और िनयामक को साइबर सुर ा संबंधी बुिनयादी ढांचे को मजबूत करने पर अिधक यान दनेे क ज रत ह.ै कुछ ब क " लॉक चेन टे ोलॉजी" का भी उपयोग करन ेक कोिशश कर रह ेह जो नवीनतम ह ैऔर धोखाधड़ी के िलए ितर ा माना जाता ह.ै ारंिभक चेतावनी संकेत (ईड यूएस) और धोखाधड़ी जोिखम िनगरानी णाली (एफआरएमएस) को जोिखम पहचान, घटना रपो ट ग, िनयं ण और शमन ढांचे के िलए अिधक अनुकूल, ता कािलक और मजबूत बनाने क आव यकता ह.ै ले कन हम यह भी याद रखना होगा क तकनीक चुनौितय का समाधान हमेशा तकनीक नह होता ह.ै िन कष िनकालने केिलए, पारंप रक ब क को ासंिगक और ित पध बने रहने केिलए ौ ोिगक क गित को बनाए रखना चािहए. इस तेजी से बदलते बाजार म , भिव य म कुछ नया करने, एक कृत करने और उसम तेजी लाने का समय आ गया ह.ै काश वोरा 6 अकं - 22
अक 7 अकं - 21 ं - 22 ई-ब कंग को इंटरनेट ब कंग या ऑनलाइन ब कंग के प म भी जाना जाता ह.ै आज और आनेवालेसमय म UPI पेम ट ऑनलाइन ब कंग क तरह काय रत ह. यह ब कंग इंड ी म ई- िबजनेस क तरह ह.ै ई-ब कंग को “वचु अल ब कंग” या “ऑनलाइन ब कंग” भी कहा जाता ह;ै ई-ब कंग ब क के ाहक क बढ़ती उ मीद का नतीजा ह.ै आजकल ई-ब कंग हमारेदशे म एक आम वृि ह.ैसभीको ौ ोिगक केसभी सकारा मक, और नकारा मक प केबारेम पता होनाचािहए. सिवधा ु : इस त जीवन म , कसी ि केिलए अपनेखातेक शेष रािश, याज दर , धन केसफल अंतरण और कसी अ य अपडटे क जांच केिलए ब क जानेका समय िनकालना मुि कल ह.ै ब कंग णाली ाहक क सुिवधा केिलए एक आभासी ब कंग णाली िवकिसत क हैजहांएक ि अपनेब कंग णाली का उपयोग कभीभी और कसीभीजगहकर सकतेह. ऐसेकई प रद ृय ह जब ब कंग अवकाश होता हैिजसकेकारण आपका पैसा थानांत रत नह कया जा सकता ह.ै ऑनलाइन ब कंग िस टम ने24 घंटेऔर 365 दन क सेवाएं दके र इसे सुगमता दान क ह.ै यह पारंप रक ब कंग णाली केदौरान ाहक केसामनेआनेवालेमु को हल करता ह.ै एक ि को कोई भी रकम अंतरण केिलए कतार म खड़ेहोनेक ज रत नह ह.ै आपको िबल का भुगतान करनेकेिलए कतार म खड़ेहोनेक आव यकता नह है य क इसम िबजली, पानी क आपू त , टेलीफोन और अ य िबल सिहत कसी भी कार केिबल का भुगतानकरनेक सुिवधा ह.ै नेट ब कग केउपयोग से ाहक को तो फ़ायदेहोतेही ह,ै ब क को भी इसका काफ़ लाभ िमलता ह.ै उ ह ाहक क भीड़ से िनपटनेकेिलए अिधक कम चा रय क ज रत नह पड़ती ह,ै जो क ब ककेिलए िव ीय प सेलाभ द होता ह.ै इंटरनेट ब कंग सेवा क बेहतर गुणव ा केसाथ प रचालन लागत को कम करनेम स म बनाती ह.ै यह कम दर पर उ ाहक सेवा केसाथ सुिवधा दान करता ह.ै ब क संचालन के िलए यूनतम रािश वसूलता हैजो यह दशा ता है क ई-ब कंग सेवाएंउिचत औरकुशलह. जहांएक ओर नेट ब कंग नेलोग को सुिवधा दी हैवह इसका उपयोग सावधानी से न कया जाए तो इसकेअनेक नुकसान भी ह, चूं क हर दन साइबर ाइम भी अपने पाँव पसार रहा ह ै और लोग को ित प चँ ा रहा ह.ै नकसान ु : इंटरनेट ब कंग पूरी तरह सेअसुरि त है य क वेबसाइट से जुड़ी कई सम याएं ह और हकै स ारा डाटा हकै कया जा सकता ह.ैइससेयूजस को िव ीय नुकसान हो सकता ह.ैिव ीय जानकारी भी चुराई जा सकती हैिजससेिव ीय नुकसान भी हो सकता ह.ै ऑनलाइन ब कंग केिलए उपयोगकता केसामनेआनेवालेमु को संभालनेकेिलए भावी ाहक सेवा क आव यकता होती हैले कन ाहक सहायता क कमी ाहक केबीच िनराशा पैदा करती ह.ै तकनीक मु केकारण कुछ ऑनलाइन भुगतान िस टम म प रलि त नह हो पातेह. इससे ाहक म असुर ा भी पैदा होती ह.ै इस कार ाहक सेवा अिधका रय सेसमथ न क कमी ऑनलाइन ब कंग म एकबाधा ह.ै पासवड को सुरि त नह रखा तो यह भी नेट ब कग मा यम म आपको नुकसान हो सकता ह.ैअगर कसी भी ि को आपके ारा इ तेमाल कए गए पासवड का पता चल जाता हैतो वो ि आपकेपासवड का इ तेमाल करकेइसका द ु पयोग कर नटे बिकग ं या है ? फायदेव नकसान ु
आपकोभारी नुकसान प चँ ा सकता ह.ै ऑनलाइन ब कंग केदौरान उपयोगकता केसामनेिविभ मु े ह जैसे क अतं रत भुगतान प रलि त नह होता ह,ै भुगतान िवफल हो जाता हैऔर तकनीक सहायता केकारण अ य मु े होतेह. थागत ब कंग एक ब क और उसके ाहक के बीच एक ि गत पश केिनमा णक अनुमित दतेा ह.ै इन कुछ बात का यान रखकर नेट ब कंग सुिवधा का पूरा एवं सुरि तलाभउठायाजा सकता ह.ै िन कता जुठानी के. एच. दवे ઝાંકળના ટ પાએ ડોરબેલ મારી ને કળીઓએ બારણાં ઉઘાડયા રે લોલ આછા અજવાસમાં રગો સુગંધોએ ં દોડીને પગલાઓ પા ા રે લોલ દૂર દૂર ીન ઉપર ઉપસી રહી છે હેજ ઉષાની લાલ લાલ લાલી રે લોલ લીમડાની લી ટમાંથી નીચે ઉતરીને બે'ક ખસકોલી વોક લેવા ચાલી રે લોલ બુલબુલના ટેશનથી રીલે કયુ છે એક નરસહ મહેતાનું પરભાતયું રે લોલ લીલાં ને સૂ ા બે તરણામાં સુઘરીએ કેટલુંયે ં ં કાંતયું રે લોલ ચાલુ લાઇટમાંથી ભમરાએ કોણ ણે કેટલાયે મોબાઈલ કીધા રે લોલ એવું લાગે છે ણે આ ખીયે યાતને ફલોના સરનામા દીધા ર ૂ ે લોલ ડાળી પર ટહકાના તોરણ લટકાવીને ુ વૃ ોએ આંગણા સ યા રે લોલ પાંખો પર લોડ કરી રગોનું સૉ ટવેર ં રમવા પતંગયાઓ આ યા રે લોલ. રે લોલ.. बक कणा वती करण राणा अपने दहे से एक अि त व का सृजन कर म सृि और संसार बनाती ँ। फर भी इतनी पीड़ा दखे ो आज भी मै अबला नारी कहलाती ँ। तो अब सुनो, म अबला नह सबला ,ँ चल तुझे आज बतलाती ,ँ म िव प दखलाती ,ँ म स य सनातन नारी ,ँ म स य सनातन शि ,ँ म ा ,ँ म ही भि ँ।। जब स य जागता ह ैमुझम , म सीता नाम धराती ,ँ और क पिव ता के िलए, पाव ती से गंगा हो जाती ँ।। जब ेम समप ण क इ छा हो, राधा या मीरा भी म बन जाती ँ। जब दान धम क इ छा हो, अ पूणा और सर वती कहलाती ँ।। आनंद जब म पु ष के दय म क ं, तो घर क ल मी कहलाती ँ। जब लय ोध के भाव जागे, तो भ काली प दखलाती ँ।। जीत भी म ँहार भी म ,ँ इस जीवन का सार भी म ँ। म पु ष दय क िवजयनाद ,ँ और आन भी म ,ँ शान भी म ँ।। चार दवारी को घर कहलाने क एक अनोखी पहचान भी म ँ।। पाना ह ैमुझे अगर तो पहले मुझे स मान दो, म नह ऐसी क हर बात पर अड जाऊं । मगर बात हो आ मस मान क तो, पूरी दिुनया से म अकेले लड़ जाऊं ।। म नह जीतना चाहती, कसी दिुनया को, कसी दशे को । बन सके तो बचा लो तुम, मेरे गौरव को और मेरे मान को ।। चलो, अपने अंदर क कािलख को थोड़ा अब तुम भी पहचानो । धीरे धीरे साफ करो इसे और अपने बराबर मुझको भी मानो ।। हाँ, औरत ँम , मुझे औरत ही जानो, आ द से लेकर अनंत तक, मेरी हािजरी भी अपने संग-संग वीकारो ।। 8 अकं - 22
अक 9 अकं - 21 ं - 22 कसी भी रा का भिव य तभी उ वल होता ह ै, जब वो अपने अतीत केअनुभव से िश ा लेकर अपनी सं कृित और िवरासत को सहजे ए िवकास हते ु िनरंतर यास करता रहता ह.ै हमारे भारत दशे केपास भी अमू य सां कृितक धरोहर और अतीत के सुनहरे ऐितहािसक प े ह. दशे क इस ऐितहािसक और सां कृितक धरोहर के ित जन-जन को े रत व गौरवाि वत करने हते ु आजादी क 75 व वष गांठ केउपल म आजादी का अमृत महो सव मनाया जा रहा ह.ै आजादी का अमृत महो सव यानी आजादी क ऊजा का अमृत. आजादी का अमृत महो सव यानी वाधीनता सेनािनय क ेरणा का अमृत. आजादी का अमृत महो सव यानी नए िवचार का अमृत. नए संक प का अमृत. आजादी का अमृत महो सव यानी आ मिनभ रता का अमृत. आजादी केअमृत महो सव क शु आत धानमं ी नर मोदी के ारा 12 माच 2021 को गुजरात के अहमदाबाद क साबरमती आ म से पदया ा ( वतं ता माच ) को हरी झंडी दखाकर क गई. इस दौरान आजादी क 75 व वष गांठ को सम प त 'आजादी के अमृत महो सव' काय म का उ ाटन कया गया. आजादी का अमृत महो सव 15 अग त 2021 से 75 स ाह पूव शु आ ह ैऔर 15 अग त 2023 तक चलेगा. “यह महो सव है आजादी के इितहास का, नए सक प क ं े साथ का । आ मिनभ रता के आगाज का, भारत के िव ग बनन ु ेके एहसास का ।” अमतृ महो सव न ेली अगड़ाई ह ं ै, यह तो आजादी क बधाई है, 75 वष बीत,े आजादी को वह या ा अब सबको याद िदलाती है. महाकिव तुलसीदास जी का कहना ह ै क “पराधीन सपने सुख नाही” इस उि का अथ ह ै क पराधीन ि कभी भी सुख का अनुभव नह कर सकता ह.ै सुख पराधीनता और परावलंबी लोग केिलए नह बना ह.ै पराधीनता एक तरह का अिभशाप होता ह.ैभले ही आज दशे पूण तया आजाद ह ैपरंतु इस आजादी केिलए हमने ब त बड़ी क मत चुकाई ह.ै अ ारह सौ स ावन क ांित, भगत संह क शहादत, सुभाष चं बोस क कुबा नी, महा मा गांधी के आंदोलन और ऐसे ही असं य वीर क गाथा से इितहास भरा पड़ा ह.ै वतं ता सेनािनय क िनगाह से दशे वािसय को े रत करने केउ े य से आजादी का अमृत महो सव मनाया जा रहा ह.ै िवकास के पथ पर भारत िनरतर बढ़ता जाता, ं 75 वष क महे नत सेअपनी अलग पहचान बनाता याद कर शहादत वीर क , गव स ेहै भर जाता, सहजे े अपनी स कित को आजादी का मौसम मनाता। ं ृ आज हर भारतीय केमन म उ सव ह ै य क हम 'आजादी का अमृत महो सव' मना रह ेह. महान वतं ता सेनानी बाल गंगाधर ितलक जी ने कहा था, “ वतं ता हमारा ज मिस अिधकार ह.ै “ हमारेअिधकार केमह व को समझने वाला ह ै- आजादी का महो सव. भारत का हर नाग रक लोकमा य ितलक के'पूण वरा य', आजाद हदं फौज के' द ली चलो'
कुलदीप मेवाडा अपना नाम अि म पंि म िलखवा चुका ह.ै उपसहार ं : आजादी का अमृत महो सव मनाते समय हम उन दशे ेिमय को याद करना चािहए िज ह ने अपने सारेसुख को ठोकर मार कर अं ेज से केवल इसिलए लोहा िलया था ता क दसू रे दशे वासी एवं भावी भारतीय सुख, चैन और स मान केसाथ जी सके. िनि त प से उनकेबिलदान रंग लाए. परंतु अब हमारा यह कत बनता ह ै क हम दशे को इतना सुरि त और मजबूत बनाएं क कभी कोई द ुमन इसक ओर आखँ उठाकर भी ना दखे सके. केवल वतं ता दवस मनाने से ही हमारा कत पूरा नह हो जाता, हम सबको अपने कत का पालन लगातार करते रहना चािहए और दशे िहत हते ु सदवै ही त पर रहना चािहए. “आजादी का अमत महो सव ृ हम सबको िमलकर मनाना है , जन-जन क भागीदारी से आ मिनभ र भारत बनाना है।“ और 'भारत छोड़ो' आंदोलन केआहवान को कभी नह भूल सकता. हम मंगल पांड,ेता या टोपे, रानी ल मीबाई, चं शेखर आजाद, भगत संह, पंिडत नेह , सरदार पटेल, डॉ टर अंबेडकर केजीवन से ेरणा लेनी चािहए. भारत को वतं कराने म दशे केकोने-कोने से कतने ही दिलत, आ दवासी, मिहलाएं और युवा थे िज ह ने असं य यातनाएं झेली. आजादी केआंदोलन क एक योित को दशे केकोने-कोने म िनरंतर जाग क करने म हमारेसंत-महतं ने भि आंदोलन केमा यम से भूिमका िनभाई. यह महो सव दशे वािसय को आजादी क इ ह कही-अनकही गाथा से पुनः जोड़गे ा. जब गांधी जी ने दांडी या ा क और नमक कानून तोड़ा, उस दौर म नमक भारत क आ मिनभ रता का एक तीक था. “िदल म बसा एक सपना था, आजादी के मतवाल का, ज है यह भारत के आजाद 75 साल का.” 21 व सदी का भारत आ मिनभ रता क तरफ अपने कदम बढ़ा रहा ह.ै इस व भारत क उपलि धयांपूरा िव दखे रहा ह.ै हम भारतीय चाह ेदशे म हो या िवदशे म , हमने अपनी मेहनत से खुद को सािबत कया ह.ै हम अपने संिवधान, अपनी सं कृित पर गव ह.ैआ मिनभ रता से ओत ोत हमारी िवकास या ा पूरी दिुनया क िवकास या ा को गित दनेे वाली ह.ै करोना काल म यह सारेिव केसामने य िस भी हो गया क आ मिनभ र भारत वै सीन केिनमा ण म भी पीछेनह रहा. भारत ने न केवल अपनी अिपतु िव केअनेक दशे क जनता के वा य र ा केिलए भरसक यास कए तथा करोना वै सीन उपल ध करवाई. हमारा दशे आ मिनभ रता क ओर बढ़ते ए अपने इितहास से गौरव को भी सहजे ने क कोिशश कर रहा ह.ै हम सभी का सौभा य ह ै क हम आज़ाद भारत केइस 75 साल केऐितहािसक काल खंड केसा ी बन रह ेह िजसम भारत उ ित क नई उँचाइय को छूरहा ह.ै आज का भारत िव म बक कणा वती 10 अकं - 22
स यिन ा से ता पय कसी चीज केसंपूण प से जुड़ ेहोने से ह.ै इसके अंतग त नैितक िस ांत के बीच आंत रक सुसंगित और नैितक िस ांत तथा वहार म सुसंगित दोन आते ह. स यिन ा संप ि का आचरण लगभग हर ि थित म उसके नैितक िस ांत के अनु प होना चािहए. शासन म स यिन ा केअनेक लाभ ह जैसे : 1. क याणकारी रा य म स यिन ा रखने वाले लोकसेवक क उपि थित सुिनि त करती ह ै क रा य िजन वग को लाभाि वत करना चाहता ह,ै वे लाभ सचमुच उ ह ा होते ह. 2. शासक को अपने कम चा रय और व र अिधका रय का िव ास ा हो जाता ह.ै 3. साथ ही शासक को जनता का िव ास भी ा हो जाता ह.ै अगर जनता को अिधका रय पर िव ास हो तो सामािजक प रवत न तथा अ य मामल म उनका स य सहयोग िमलता ह.ै इसी कार से ि गत जीवन म स यिन ा केकई लाभ िगनाए जा सकते ह , यथा 1. इससे ि क िव सनीयता बढ़ती ह.ैिव सनीयता बढ़ने से बाज़ार, रणनीित या शासन म उसक सफलता क संभावना बढ़ती ह.ै 2. स मान बढ़ने से उसे आ मसंतोष ा होता ह.ै इससे िन पादन और बेहतर होता ह.ै 3. अगर ऐसे ि से कोई गलती हो भी जाती ह,ैतो वह अपवादा मक व गैर इरादतन होती ह.ै आ मिनभ रता का अथ ह ै वयं पर िनभ र. कसी भी कार केकाय हते ु कसी और पर आि त न होना. स य िन ा और आ मिनभ रता का संबंध बड़ा अनूठा ह.ैयह एक दसू रेकेपूरक भी ह और एक दसू रेकेिवपरीत भी. य द ि स यिन नह ह ैतो वह आ मिनभ र तो हो सकता ह ै पर उसके स यिन नह होने से समाज कभी भी आ मिनभ र नह हो सकता. अथा त ि गत आ मिनभ रता केिलए स यिन होना न होना मायने नह रखता पर तु एक आ मिनभ र समाज केिनमा ण केिलए ि गत स यिन ा ब त ज री ह.ै भारतीय वांगमय म कहा गया ह ै क- “ईशा वा यिमद ंसव यि क जग यां जगत्। तेन य ेन भु ीथा मा गृधः क यि व नम”् । अथा त- 'इस वै गित म, अ य त गितशील समि -जगत् म जो भी यह द ृयमान गितशील, वैयि क जगत् ह-ैयह सब ई र केआवास केिलए ह.ै इस सबके याग ारा तुझे इसका उपभोग करना चािहए; कसी भी दसू रेक धन-स पि पर ललचाई दिृ मत डाल'. याग ारा उपभोग का मतलब ह-ै िजतना आव यक ह ै और िजतने पर हक ह ैउतने पर ही अिधकार करना और यह तभी संभव ह ैजब हम म स यिन ा ह,ै ईमानदारी ह.ै बौ धम म भी अप र ह क बात क गई ह.ै अथा त वहाँ आव यकता से अिधक धन का संचय िनषेध ह.ै हमारा अतीत स यिन ा क िमसाल ह.ै हम उस पर िवचार कर पुनः उस अव था को ा करना ह,ै जहां हम एक आ मिनभ र समाज का, रा का और संसार का िनमा ण कर सक . कसी दशे अथवा समाज का िवकास वहां केनाग रक क स यिन ा पर ही िनभ र ह.ै इसे हम इस कार से समझ सकते ह क य द कसी दशे के नाग रक ह गे तो दशे कभी आगे नह जा सकता ह.ै वहां केनाग रक ारा कए गए ाचार से वहां केसमाज म असमानता फैलती ह ै इसिलए उस समाज म कभी आ मिनभ रता नह आ पाती. आ मिनभ र समाज का अथ ह-ै जहां सभी नाग रक आ मिनभ र ह . आप इस िहसाब से अंदाजा लगाएं क िजस समाज के नाग रक िजतना अिधक ईमानदार, कत परायण तथा स यिन ह गे उस समाज म संसाधन का उतना अिधक समान िवतरण होगा. संसाधन का समान िवतरण ही आ मिनभ रता क पहली शत ह.ै संसाधन का समान िवतरण नह होना, हमेशा अपराध अकं - 22 11 स यिन ा और आ मिनभरता
को ज म दतेा ह.ै कसी केिह से पर अनाव यक प से क जा करना, उसे संचय करना, पाप कहा गया ह,ै जो क अपराध क ेणी म आता ह.ै दसू री तरफ िजसकेिह से पर डाका डाला जाता ह,ै वह अपनी आजीिवका चलाने के िलए चोरी, डकैती इ या द जैसे अपराध करने को मजबूर होता ह.ै ऐसे म य द हम एक आ मिनभ र समाज का िनमा ण करना ह,ै तो हम स यिन ा, कत परायणता, ईमानदारी जैसे नैितक मू य को अपने जीवनचया म लाना होगा. बगैर इसके एक आ मिनभ र समाज का िनमा ण करना असंभव ह.ै ऐसे म हम पूरेिव ास केसाथ कह सकते ह क स यिन ा ही आ मिनभ रता क पहली सीढ़ी ह,ैिजस पर चल कर ही हम आ मिनभ र समाज पी मंिजल पर प चँ सकते ह. पराग गोगटे बक कणा वती ेहा पालाचंडा िजयो िज़दािदली स ं े हमेशा स य क खोज करो, अमल इसी पर रोज करो. पूरी आशा और लगन से, कम करो, फर मौज करो. धीरज और पु षाथ से आगे, दौड़ती हमेशा िवजय चाहना , संयम-साहस का जीवन जी कर, आसपास के लोग म जोश भरो. आलस ह ैजीवन का श ु, पु षाथ का जीवन जी कर, क ठनाइय से न घबरा , हर पल जीना ज़ंदा दली से, अपनी ऐसी सोच करो. एक बीज ... अिभलाषा थी उसे, धरती के गभ को चीर कर बाहर िनकलने क , इंतज़ार था, हवा को छूने का... चाह थी, अंनजानी खुशबू को महसूस करने क ... ललक, आसमां को दखे ने क , दखे कर मु कुराने क , बाँह फैलाने क ... तड़प थी, बा रश को पीने क ... इ ह ती इ छा ने संयम और साहस दया था उसे, बा रश क बूंद िमली, हवा, आकाश, खुशबू... सारी आकां ाएँ पूरी , इसी उ कंठा ने बीज बोया, अहकं ार का... झुक ना सका, जब मासूम हवा ने उ तूफान का प िलया... उसी तृ णा ने ाण ले िलए थे उसके... आ िगरा था एक बार फर माँ क गोद म , उसका एक अंश फर छुपा िलया था, धरती ने अपने आँचल म ... फर एक अिभलाषा ज मेगी, हाँ, एक बीज ही तो था, एक छोटी सी हसरत थी... धरती के गभ को चीर कर बाहर िनकलने क .... िनशा चौबे 12 अकं - 22
“ वत भारत @75: ं स यिन ा स आ मिनभरता” े अक 13 अकं - 21 ं - 22 इस साल हमारा दशे आजादी क 75 वी वष गाँठ “आजादी का अमृत महो सव” के प म मना रहा ह,ै और इसी को यान म रखते ए हर वष क भाँित सतक ता स ाह 26 अ टूबर 2021 से 1 नव बर 2021 तक मनाया जा रहा ह ैिजसका नारा है “ वतं भारत @75: स यिन ा से आ मिनभ रता”, आज अगर कोई भी श द सबसे यादा च च त ह ैतो वो ह ै“आ मिनभ र”. आ मिनभ र का मतलबः वंय के नर से वंय का िवकास करना ही असली मायने म आ मिनभ रता ह.ै हम यह भी कह सकते ह क सभी े म खुद पर िनभ र ह उसको कसी दसू रे क मदद नह लेनी पड़ ेउसे भी हम आ मिनभ रता कहग े. िजस तरह से भारत आ मिनभ रता म आगे बढ़ा ह ैवो दसू रेदशे के िलए एक िमसाल और ेरणा ोत ह.ैशा म कहा गया ह ै क “सव परवंश दखु सव मा वशन सुखम” अथा त सब तरह से दसू र पर िनभ र होना दखु एवं सब कार से आ मिनभ र होना ही सुख ह.ै आजादी केइन 75 वष म भारत ने अनेक े मे उ ित क ह ै िजससे हमारेदशे क पहचान अंतरा ीय तर पर बढ़ी ह ैिजसम से एक “ मेक इन इंिडया” आज पूरेदशे म ब त ज़ोर-शोर से चल रहा ह ैिजसकेकारण आज भारत क िनभ रता दसू रेदशे पर कम ई ह. भारत केलोग अपने िनजी जंदगी म भारत म बने उ पाद का यादा से यादा उपयोग कर रह ह िजससे छोटेछोटे कारीगर को ो साहन िमल रहा ह ैवह हमारेपुराताि वक धरोहर जो िवलु ता केकगार पर थ ेआज उनका इ तमे ाल पूरी दिुनया कर रही ह.ै जीवन के हर े म सफल होने के िलए ईमानदारी एवं स यिन ा का होना ब त ही ज री ह,ै स यिन ा का अथ ह ै अपने मू य या नैितक माण के साथ खड़ ेरहना, इसके अनुसरण से कोई भी ि अपने जीवन को एक नई दशा द े सकता ह ै, जो ि स य एवं ईमानदारी क राह पर चलता ह ै वो हमेशा एक नई ऊजा केसाथ नई कहानी बनाता ह ैचाह े ि थित कतनी भी क ठन हो उसका पथ कभी िवचिलत नह होता ह.ै हम अपने आपको एवं दशे को तभी आगे बढ़ा सकते ह जब हम हमारा हर काम ईमानदारी एवं स यिन ा से कर रह ह . एक नाग रक के प म हमारी ईमानदारी एवं स यिन ा ही हमारेदशे को आ मिनभ र भारत बना सकती ह.ै एक नाग रक के प म हमारा आचरण ही दशे का सुनहरा भिव य एवं दशा तय कर सकता ह.ै दशे के लोग म आ मिनभ रता बढ़ी ह ैिजससे कई े म दशे एक नई उँचाइय को छूरहा ह ैऔर दशे का मान स मान अंतररा ीय तर पर बढ़ा ह,ै आज हम कसी दसू रेदशे पर िनभ र नह ह बि क हम अपने यहाँ िन म त उ पाद को दसू रेदशे म भेजते ह चाह ेवो कृिष उ पाद हो, दवा हो या कोई अ य व तु िजसका जीता जागता उदाहरण आज कोरोना महामारी ह.ैकोरोना महामारी केदौरान भारत केहर एक ि ने कंधे से कंधा िमलाकर एक नया क त मान थािपत कया ह.ै आज भारत न े100 करोड़
वै सीन अपने नाग रक को लगा कर िव तरीय क त मान थािपत कया ह ैहम गव से कह सकत ह क यह दवा हमन ेकह से मंगवाई नह बि क अपने भारत म िन म त ह ैऔर अपने दशे के साथ-साथ पूरे िव को हमने यह दवा मु त म दी. आ मिनभ रता को बढ़ावा दनेे केिलए सरकार ारा ब त सारी योजनाएँ चलाई जा रही ह िजससे लोग म नई उ मीद और ऊजा का संचार हो रहा ह.ै आज भारत को आज़ाद ए 75 वष पूरेहोने को ह ै, 75 वष के इस सफर म ब त सारी क ठनाइय का सामना करते ए भारत अपनी गित क ओर िनरंतर आगे बढ़ता रहा ह ैऔर आगे बढ़ता जा रहा ह.ै आज कोई भी ऐसा े नह ह ैिजसम भारत ने अपना परचम न लहराया हो, दशे आज िजस मुकाम पर ह ैवहा ँ प चँ ाने म दशे केलोग ने स यिन ा और आ मिनभ रता के साथ कदम से कदम िमला केसाथ दया ह,ै आज दशे गित तो कर रहा ह ैले कन दशे क आ थ क, सामािजक और राजनैितक गित म ाचार एक मु य बाधा ह.ै इसको दरू करने केिलए हम सभी नाग रक को स यिन ा से काम करने क आव यकता ह.ै स यिन ा से आ मिनभ र बनना एक ि ही नह अिपतु संपूण रा केिलए कारगर सािबत होगा और हम अपने रा को एक सश एवं समृ दशे बना सकते ह. काश कुमार झा जय िह द - जय भारत ! बक कणा वती म कौन ँ? म या ँ? म यूँ ँ? यह सवाल मेरे मन म , उमड़ता रहा, सुकून क खोज म चला सागर क तूफ़ान वाली लहर जैसा , मेरा मन तूफ़ान लेके चला, सुकून क खोज म म चला .... म खोजता रहा दिुनयाभर म, वो सुकून मुझे कभी िमला नह , सुकून क खोज म , म चल चला सबसे पूछता रहा बस यह एक सवाल, कहाँ िमलेगा सुकून मुझे ? सुकून क खोज म म चला .... थक हार कर बैठा म , तो भीतर से आवाज़ आई सुकून क खोज म , तू कहाँ चला ? सुकून तुझे भीतर ही िमलेगा, सुकून क खोज म , तू यूँ चला ? सकन क खोज म चला ुू िहरल दसे ाई 14 अकं - 22
अकं - 21 साल का वो समय जब सद का मौसम जा चुका होता ह ैपर अभी भी कह न कह शाम को सद अपना असर दखा रही होती ह,ै सूय दवे ता भी मानो शाम केसमय अ त होते ए इस मौसम का साथ द ेरह ेथे. शाम क लाली आसमान म केसरी रंग फैलाए ए थी, अहमदाबाद केइस भीड़-भाड़ केबीच मानो यह समय इस शहर क सुंदरता को बढाने क ज ोजहद म लगा आ था, नज़दीक केमि जद से शाम क अज़ान सुनाई द ेरही थी और वह दसू री तरफ मं दर क घं टयाँ आरती का राग छेड़ े ए थी. आधुिनक युग म यह समय बड़ा ही आ याि मक सा तीत हो रहा था. गली केनु ड़ से अपनी पुरानी साइ कल पर सवार केशव चला आ रहा था. एक अलग सी चमक थी उसकेचेहरेपर आज, कुछ खुश खबरी जो वो अपने प रवार केसाथ बांटना चाहता था. साइ कल केपडै ल मानो अपने-आप चल रह ेथे. काफ दन से साइ कल क चैन आवाज़ कर रही थी, उस आवाज़ को मनोहर पहचानने लगा था. "मनोहर" केशव का बड़ा बेटा ह.ै जैसे ही उसकेिपता क साइ कल क आवाज़ आती वो अपनी छोटी-सी खोली से बाहर आ जाता था, उसे हमेशा िज ासा रहती थी क आज बापू या लाए ह गे उसकेिलए. केशव भी अपनी कम आमदनी से आिखर या ला पाता था कभी अपने दो त राकेश जो क गु बारेबेचता था, उसकेठेले से एक गु बारा ले आता तो कभी उसकेसाहब शैले जी केघर से उसकेब े केना काम आने वाले िखलौने अपने मािलक से मांग कर ले आता था, पर इ ह छोटी-छोटी खुिशय केिलए मनोहर टकटक लगाये बैठ रहता था अपनी खोली केबाहर एक बड़ ेसे प थर पर, जहा ँबैठकर कभी-कभी उसक माँ उषा अपनी पड़ोसन से बात कया करती थी तो कभी केशव अपने साथी दो त केसाथ बैठकर रात-रात भर ग पे लड़ाया करता ह.ै उस मोह ले म बड़ ेही आम लोग रहते थे िजनका अहमदाबाद क बड़ी-बड़ी इमारत से न तो कोई वा ता था और न ही कोई बड़ा कारोबार, हाँ उनकेमोह ले क कुछ औरत ज र उन बड़ी इमारत म जाया करती थी साफ-सफाई केिलए, बत न मांजने केिलए. कोई मोह ले म ठेला लगाने वाला था तो कोई कसी द तर म चपरासी, कोई कसी सेठ क दकू ान म काम करता था तो कोई रोज क दहेाड़ी मजदरूी केिलए जाता था. कोई खास फक नह था इन सब लोग क आमदनी म , पर रहते ब त खुश थे सभी, एक दसू रेकेसुख-दःुख म हमेशा शािमल होते थे, होना ही पड़ता था सभी अलग-अलग जगह से आए ए थे. कोई पड़ोसी रा य राज थान से था तो कोई दरू िबहार का िबहारी बाब ूथा तो कोई उ र दशे केगंगा घाट छोडकर साबरमती के कनारेबसे गुजरात केशहर अहमदाबाद का िह सा बनने आ गया था. िबहारी बाब ूऔर राकेश, केशव केबड़ ेही अ छेिम बन गए थे. िबहारी बाब ूतो शादीशुदा थे पर राकेश क शादी होनी अभी बाक थी, वो अपनी माँ केसाथ पड़ोस क खोली म रहता था. शाम केसमय सभी अपने-अपने काम से लौट आते थे पर राकेश हमेशा दरे रात आता था, वो या था क उसको ाहक रात को ही यादा िमलती थी जब लोग अपने घर से घमू ने िनकलते थे. तो जैसे ही मनोहर ने अपने बापू क साइ कल आते ए दखे ा गली केआधे रा ते तक दौड़ कर चला गया और ख़ शी से िच ला रहा था "बापू आ गए...बापू आ गए" कहकर उनक साइ कल को पीछेसे ध ा दनेे लगा. केशव भी उसक मु कराहट को अपनी नजर म बसाने केिलए पीछेमुड़-मुड़ कर दखे रहा था और ब त ही आनं दत हो रहा था. राकेश क माँ िजनको सभी "शांित काक " कहकर बुलाते थ,े न ेजोर से मनोहर केपुकारा और बोली "अरे छोरे साइ कल पर मत लटक...कही चोट लग गई तो डॉ टर क सुई लगानी पड़गे ी". मनोहर को कहा ँउनक बात सुननी थी. काक को गु से म जीभ दखाकर अपने िपता क साइ कल को ध ा मारता रहा, उसकेचेहरेकेभाव तो ऐसे थे मानो काक ने आवाज़ लगा कर उसक ख़ शी पर अंकुश लगाना चाहा हो. खोली केबाहर प चँ ते ही केशव बोला, "बस, बेटा बस, प चँ गए घर, बड़ा ताकतवर हो गया ह ैमेरा ब ा, लगता ह ैखूब जमकर खाना िखलाया आज माँ ने तुझे"...यह बात सुनकर मनोहर केशरीर म अलग-सी ताकत आ गई हो मानो, िबना अकं - 22 15 बाप या लाए ू ...?
वीण शमा कुछ बोले वो अपनी बापू क बोली ई बात को सािबत करने क कोिशश कर रहा था. मनोहर क नजर केशव क साइ कल पर लटकेथलै े पर जमी ई थी. वही तो एक िपटारा था जहां से मनोहर केिलए कुछ न कुछ तोहफा िनकलता था. अपने यारेसे चेहरेको और यारा बनाकर एक ह क से मु कान केसाथ मनोहर ने बड़ ेही यार से केशव से पूछा "बापू या लाए...?", उसके इस छोटेसे सवाल म कई ज टल पहिेलय म िजतनी गहराई थी, इस एक सवाल म केशव क छुपी ई कम आमदनी थी. पर बड़ ेही खशु ी केसाथ केशव ने मनोहर केचेहरेपर हाथ फेरा और बोला "मेरा ब ा...पहले आँखे बंद करो...तेरा बापू जाद ूसे तेरे िलए इस थेले म से कुछ िनकालने वाला ह"ै, केशव का इतना कहना था और मनोहर क आँख बंद हो चुक थी, केशव ने अपने पुराने से थेले म हाथ डाला और एक छोटी-सी मोटर कार का िखलौना मनोहर केहाथ म थमा दया. मनोहर ने आँख खोली तो उसके हाथ म रखा वो छोटा सा िखलौना दखे वो इतना खुश था जैसे उसको असली गाड़ी िमल गयी हो, पर जैसे ही उसक नजर उस छोटी सी गाड़ी केपिहये पर पड़ी जो क गायब थी, उसने फट से अपने बापू से पूछा "बापू इसका एक टायर कहा ँगया..??" केशव जरा-सा का और फर मन से एक बात सोचते ए बोला "अरेमनोहर वो या ह ैन जब म ये गाड़ी लाया तो उसका पिहया पं चर हो गया था, तो म ने उसको दकू ान म ठीक करने केिलए द े दया ह.ै..कुछ दन म ठीक होकर आ जाएगा, तब तक तू ऐसे ही चला ले." पिहया तो गायब होना ही था वो िखलौना असल म तो उसके सेठ केबेटेका था जो वो खेलकर फ क चकु ा था, पर मनोहर के िलए तो मानो उसकेबापू उसकेिलए वो अभी-अभी खरीद कर लाय ेथे कतनी अजीब ह ैन दिुनया का खेल, एक का पुराना दसू रेकेिलए नया था जो कसी केिलए कबाड़ था वही कसी के िलए बड़ा ही ख़ास था. शायद जो खुिशया ं हमारेिलए ब त छोटी होती हैवही कसी केिलए एक बड़ ेउपहार से कम नह होती, कई बार जहाँ हमारा गम ख़ म होता ह ै कसी केिलए वो गम रोज़ क बात होती ह,ै अब मनोहर क ही बात ले लो जो िखलौना उसे इतना यारा लग रहा था वही िखलौना उसके बाप ूकेसेठ केबेटेकेिलए कोई काम का नह रहा था, वाह रे दिुनया तेरा खेल िनराला...!!!! चार तरफ फैला लोग म कतना गम ह,ै मेरा तो गम फर भी उनसे कम है!! अ फाज़ क जबानी ु रेत के बाड़ ेम , चमक ले निगन जैसे, चाह ेतो प थर समझ, उड़ले दो द रया म , या फूल समझ, लगा लो गजर म , जो ह ैबस यही ह, कुछ अ फ़ाज़, और बस अ फ़ाज़, रेिग तान क रेत म तपतपाए, समु क गहराइय से उभर कर आए, िबन मुँह खोले, ज़बान पर चले आए, अ फ़ाज़, ख़ाली सीिपय से िबखरे, बस अ फ़ाज़, लहर से रेत का रेिग तान िमटाते, आज जी चाहता ह,ै एक क़तरा समुंदर म भी पी लूँ, शायद चमक ले प थर का, यही एक आख़री कनारा होगा... ऋचा सलूजा बक कणा वती 16 अकं - 22
अक 17 अकं - 21 ं - 22 पहला सख ु िनरोगी काया संपूण मानवजाित को यह बात समझ आ गई क पहला सुख िनरोगी काया. जान ह ैतो जहान ह-ैयह कथन स य सािबत आ. कोिवड-19 वायरस मानव स यता केइितहास म आज तक न कभी दखे ी, न कभी सुनी और न ही कभी कसी ने सोची हो ऐसी सुरसा केमुख-सी भयावह एवं य क तरह सम त मानव जाित केअि त व पर िच न लगा दनेे वाली, एक वैि क महामारी ह,ैिजसकेनागपाश म िव के येक दशे का हर एक नाग रक भािवत आ ह.ैकोिवड-19 केदसू रेचरण के फैलाव केदौर म सं िमत लोग म फेफड़ ेकमजोर होने, उसम सं मण होने एवं ास लेने म द त होने जैसे िच न आने लगे एवं सम त भारत म अचानक से ाणवायु ऑ सीज़न के िसिल डर क भारी कमी आ गई. सभी सरकारी गैर-सरकारी अ पताल म उनकेप रजन क लंबी-लंबी कतार दखे ने को िमली. जहाँ एक ओर प रजन अपने ि यजन केिलए ाणवायु का बंदोब त करने हते ु अपनी जान दाँव पर लगा रह ेथे वह दसू री ओर बीमार ि अपने ि यजन से आिखरी बार िमले िबना ही ाण याग रह ेथे. ित दन ऑ सीज़न केिसिल डर क आपू त सुिनि त करना सबकेिलए एक य बन गया. सुरसा केमुख केसमान समय केसाथ-साथ प रि थित और अिधक िवकट होती गई. कोिवड-19 केकारण िव केसभी दशे केसामने आज नाना कार क आ थ क, सामािजक एवं राजनीितक चुनौितयाँ अपना फन फैलाए खड़ी ह.ै अभूतपूव मानव वासन (अपने काय े से अपने गाँव एवं क ब क तरफ), कृिष-रोजगार, वािण य- ापार, वा य-िश ा, प रवहन-पय टन इ या द अनेक े म कोिवड-19 के अ यिधक नकारा मक भाव य ह.ै आधुिनक मानवजाित केिवकास क तरफ बढ़नेवाले कदम सहसा क से गए ह ैएवं िव अथ वयव था चरमरा सी गई ह.ै सम त िव , िवकास केवत मान मानक केआधार पर, कई वष पीछेचला गया ह.ै आज एक अितसू म और ने से न दखने वाले िवषाणु ने कृित क असीम शि का प रचय दके र सम त मानवजाित को घुटने टेकने पर मजबूर कर दया ह ैऔर मानवता को हािशए पर ला कर खड़ा कर दया ह.ै शादी- याह, ज म-मरण, लेनदने एवं आपसी मेलजोल के सभी मानवीय वहार अचानक ही सीिमत से हो गए थे. “शि ही जीवन ह ैऔर दबु लता ही मृ यु” कोिवड-19 केनए वे रएंट ऑिम ॉन को लेकर हाल ही म िव वा य संगठन (डब यूएचओ) ने चेतावनी जारी क ह.ै यह एक हाई र क वाला वै रएंट ह ैएवं इसकेदिुनयाभर म फैलने क आशंका ह ैिजसकेगंभीर प रणाम दखे ने को िमल सकते ह. अतः कोरोना वाइरस से जंग अभी भी जारी ह.ै हम पूरी सावधानी एवं सतक ता बरतनी होगी तथा धैय एवं िववेक से काम लेना होगा. “सावधानी म ही सुर ा ह”ै कोिवड-19 महामारी ने स पूण िव को अपने भावी िवकास क दशा एवं दशा तय करने हते ु कई नवीन मानदडं दान कए ह ैएवं मानव स यता सदवै इसक ऋणी रहगेी. जैसा क हमारे किव ी गोपालदास “नीरज” ने अपनी एक किवता म कहा ह ै क - “िछप-िछप अ ु बहाने वालो ! मोती थ बहाने वालो ! कुछ सपन के मर जाने से जीवन नह मरा करता ह.ै” अब कुछ बात खा सुर ा और 21व सदी क िजस पर िवचार करना आव यक ह.ै 21व सदी म मानव स यता केसामने ित ि खा सुर ा सुिनि त करना मु य ल य ह.ै दिुनया म हर ि का पेट भरने लायक पया भोजन मौजूद होने केबावजूद आज हर नौ म से एक ि भूखा रहता ह.ै इन लाचार लोग म से दो- ितहाई एिशया म रहते ह. अगर हमने दिुनया केआहार और कृिष व था केबारेम गहराई से नए िसरेसे नह सोचा तो अनुमान ह ै क 2050 तक दिुनयाभर म भूख के िशकार लोग क सं या दो अरब तक प चँ जाएगी. दि ण एिशया पर भूखमरी का बोझ अब भी सबसे अिधक ह.ै 28.1 करोड़ अ पपोिषत लोग म भारत क 40 ितशत आबादी शािमल ह.ै वष -2020 म घोिषत 'वैि क भूखमरी सूचकांक' (GHI)- 2020 रपोट केअनुसार भारत 94व पायदान पर ह.ै वष 2015 म संयु रा महासभा क बैठक म '2030 सतत् िवकास हते ु एज डा' केतहत सद य दशे ारा 17 सतत् िवकास ल य (Sustainable Development Goals-SDGs) अंगीकृत कये गए ह. आने वाली पीढ़ी क अपनी आव यकता को पूरा करने क मता से समझौता कये िबना वत मान पीढ़ी क आव यकता को पूरा करने हते ु िवकास ही ि कोण
सतत् िवकास ह.ै संयु रा महासभा केइन 17 सतत् िवकास ल य म से मुख ल य ह - भूखमरी क समाि , खा सुर ा और बेहतर पोषण और टकाऊ कृिष को बढ़ावा. आज जहाँ एक अमीर ि ित दन िजतना भोजन बबा द करता ह ैउसम से कई भूखे लोग क आव यकता क पू त हो सकती ह.ै 2030 सतत् िवकास एज डा केइस उ े य केअंतग त अगले 15 वष म भूखमरी और हर तरह केकुपोषण को िमटाना और खेती क उ पादकता दोगुनी करना ह.ै सबकेिलए पौि क आहार लगातार सुलभ कराने केिलए टकाऊ आहार उ पादन और खेती क नई िविधय क आव यकता होगी. भारत म सरकार ने संचाई, फसल बीमा और बेहतर क म के बीज केमामले म कदम उठाकर खेती को मज़बूत करने को ाथिमकता दी ह.ै सरकार ने खा सुर ा बढ़ाने केिलए भी मह वपूण कदम उठाए ह. इनम रा ापी लि त साव जिनक िवतरण णाली, एक रा ीय पोषाहार िमशन और रा ीय खा सुर ा कानून शािमल ह. रा ीय कृिष िवकास योजना, टकाऊ खेती केबारेम रा ीय िमशन और बागवानी, कृिष टै ॉलॉजी और पशुपालन केबारेम अनेक रा ीय योजनाएं भारत म खेती क ि थित सुधारने म अ णी भूिमका िनभा रही ह. अगर हम 2030 तक दिुनया को भूखमरी से मु दखे ना चाहते ह और साथ ही सतत िवकास ल य (एसडीजी) केवाद ेपूरे करना चाहते ह, तो सरकार , नाग रक , नाग रक समाज संगठन और िनजी े को िनवेश, नवाचार व सभी केिलए थाई समाधान बनाने केमक़सद से िमलकर काम करना होगा. हम अपने समय क सबसे बड़ी चुनौती से िनपटने केिलए वैि क तर पर यु का सामना कर रह ेह. हम अब बेहतर तरीक़ेसे िनमा ण करने और हर जगह जीवन व समुदाय म बदलाव लाने केिलए काय करने चािहए, खासतौर पर उन लोग केिलए जो पीछेछूट जाते ह और भूखे पेट सोने को मजबूर ह. उनक ज़ रत को पूरा करने म असफल रहने से भूखमरी क ऐसी महामारी पैदा हो सकती ह,ैिजसकेसामने कोिवड-19 का असर भी बौना तीत होगा. जब हम सोचते ह क इसम हम सभी कैसे ि गत तौर पर भूिमका िनभाकर बदलाव ला सकते ह, तो यह यान रखना मह वपूण ह ै क भूखमरी को समा करने के िलए 'सभी के सहयोग' क आव यकता होगी - तभी यह सुिनि त कया जा सकेगा क कोई भी पीछे न रह जाए. िस ाथ ह. गढवीचारण खली ु िकताब जानक ताराद पालीवाल नह बनना ह ैमुझे बंद कताब, हाँ म बनना चाहती ँखुली कताब, िजसे हर कोई आसानी से पढ़ सके! अ र - अ र अहसास दलाए मेरे होने का श द- श द कुछ कह सके, वा य- वा य बयां करे, उस पीड़ा को, जो न चाहते ए भी- िबन मांगी मुराद क तरह , मेरी झोली म िगर पड़ती ह।ै पंि -पंि कह सके अिह या, सीता, उ म ला और मीरा क कहानी. नह बन सकती म कंटक, जो कसी के पाँव म चुभे। हाँ अगर बन पाऊँ म - बिगया क कोमल फूल, जो समीर के मधुर पश मा से ही- महका द ेबिगया, आनं दत करे उस सूय -चाँद और ातःको. सवाल के जाल म , क ठन सवाल न बन कर – बस, सीधा सरल जवाब बनूँ. गर परेशान िमले कोई हमदद बन सकूँ. सर उठाए अनीित,अधम और अ याय हो कह , छोड़ मृदतु ा अपनी, तेज – तेजाब बन सकूँ. जीवन का गिणत हो अगर क ठन या अटपटा िबना संकोच सरल िहसाब बन सकूँ. ठगी न जाऊँ शाितर ठग से कभी इसिलए- थोड़ी चतुर थोड़ी और िनडर बन सकूँ. चाह ेहो मुि कल आकाश को छूना कोिशश का तूफान म उठा सकूँ. बड़ पन क बात चल रही हो जहां मासूम नादां ब ी बनी र .ँ दखे चेहरा मेरा पढ़ सके हर कोई ऐसी कोरी नह , परंतु खुली कताब बन जाऊँ. बक कणा वती 18 अकं - 22
1. मह ष बा मी क का बचपन का नाम या था ? क) र ेश ख) र सेन ग) र ाकर घ) र ाभ 2. अशोक वा टका का दसू रा नाम या ह ै? क) मदावन ख) कदलीवन ग) मधुवन घ) वृंदावन 3. समु – मंथन म जो अ िनकला था उसका नाम या था ? क) चेतक ख) बाज ग) उ ैः वा घ) सुमाली 4. रामायण िजस युग से संबंिधत ह ैउस युग का या नाम ह?ै क) ापरयुग ख) ेतायुग ग) स ययुग घ) किलयुग 5. रामायणकालीन सरयू नदी को वत मान म कस नाम से जाना जाता ह ै? क) गंगा ख) यमुना ग) घाघरा घ) गोमती 6. बा मी क रामायण क रचना िजस छंद से ई उसका या नाम ह ै? क) सौरठा ख) चौपाई ग) गीितका घ) अनु ुप् 7. राजा जनक का मूल नाम या था? क) सीर वज ख) शत वज ग) मकर वज घ) किप वज 8. िजस िवमान म बैठकर ीराम, ल मण औऱ सीता सिहत लंका से अयो या आए थे, उस िवमान का या नाम था ? क) ग ड ख) पु पक ग) सौभ घ) नीलकुंज 9. लंका दहन के प ात हनुमान जी िजस पव त पर चढ़कर समु लांघकर वापस आए थे उसका या नाम था? क) अ र ख) मैनाक ग) िगरनार घ) िव यांचल 10. उस सागर का या नाम था िजसे दवे ता और असुर ने मंथन कया था? क) शांत सागर ख) िव णु सागर ग) क यप सागर घ) ीरोद सागर 11. लंका जाने के िलए पुल बांधत ेसमय ीराम ने िजस िशव लंग क थापना क थी, उसका या नाम ह ै? क) एक लंग ख) पशुपितनाथ ग) रामे र घ) योित र 12. रामायण के थम कांड का या नाम ह ै? महाका य रामायण को जाने अक- 22 ं अकं - 21 19
क) अर यकांड ख) बालकांड ग) अयो याकांड घ) उ रकांड 13. रामायण के अंितम कांड का या नाम है? क) अर यकांड ख) बालकांड ग) अयो याकांड घ) उ रकांड 14. पूव ज म म रावण का या नाम था ? क) बलंधर ख) भ मासुर ग) तापभानु घ) अघासुर 15. उस मिण का या नाम ह ैजो समु -मंथन से ा ई थी? क) कौ तुभ ख) पारस ग) वैदयू घ) यमंतक 16. उस कौए का या नाम था िजसने ग ड़ को रामकथा सुनाई थी? क) िवगत ख) िवनत ग) काकभुशुंिड घ) नागभुशुंिड 17. समु – मंथन से जो िवष िनकला था उसका या नाम था? क) यमद ख) हलाहल ग) व सनाभ घ) नीलकंठ 18. रामायण के सबसे बड़ ेकांड का या नाम ह ै? क) सु दरकांड ख) उ रकांड ग) यु कांड घ) अर यकांड 19. रामायण के सबसे छोटे कांड का या नाम ह?ै क) सु दरकांड ख) उ रकांड ग) यु कांड घ) अर यकांड 20. रामायणकालीन काशी का वत मान म या नाम ह?ै क) यागराज ख) पटना ग) गया घ) कु े 21. रामायणकालीन लवपुर का वत मान म या नाम ह?ै क) दहे रादनू ख) इलाहाबाद ग) लाहौर घ) मथुरा 22. मा त कस दवे ता का नाम ह ै? क) इ ख) वायु ग) अि घ) शिन 23. ल मण क मूछा दरू करने िलए हनुमान िजस पव त को औषिध सिहत उठाकर लाए थे उस पव त का या नाम था? क) मैनाक पव त ख) अंजन पव त ग) ोणिगरी घ) ऋ यमूक पव त 24. कु जा इनम से कसका नाम ह?ै क) कैकयी ख) मंदोदरी ग) सुलोचना घ) मंथरा 25. सीता हरण से पूव सोने का मृग बनकर कौन आया था? क) रावण ख) सु ा ग) मारीच घ) कालनेिम 26. िव णु के अवतार म ीराम का अवतार कौन सा था? (क) 7वाँ (ख) 8वाँ (ग) 9वाँ (घ) 10वाँ 27. उस गु चर का या या नाम था िजसके कहन ेपर ीराम न ेसीताजी का प र याग कर दया था? (क) सुमािल (ख) मिणभान (ग) दमु ु ख (घ) छंदक अकं - 21 20 अक- 22 ं बक कणा वती
बक कणा वती 28. रामायण के अनुसार सबसे बड़ी सं या कौन सी ह?ै (क) महाखव (ख) महाप ा (ग) महाशंकु (घ) महौघ 29. राजा दशरथ क मु य पटरानी कौन थी? (क) कैकेयी (ख) सुिम ा (ग) कौश या (घ) तीन 30. हनुमानजी ने लंका प चँ कर सीताजी को कैसे पहचाना था? (क) मुखाकृित से (ख) केश से (ग) आभूषण से (घ) पादकु ा से 31. सीता वयंवर म िजस धनुष का योग कया गया था, वह राजा जनक को कसने दया था? (क) (ख) व ण (ग) िशव (घ) इं 32. लंका के राजा पद पर िवभीषण का रा यािभषेक कसने कया था? (क) ीराम (ख) सु ीव (ग) मा यवान् (घ) ल मण 33. ीराम से सु ीव का प रचय कसने कराया था? (क) हनुमान (ख) नल (ग) नील (घ) जांबवान् 34. कसने वामन प धारण कर तीन पग भूिम दान म माँगी थी? (क) इं (ख) िव णु (ग) िशव (घ) 35. रावण के कस अंग म अमृत था? (क) नािभ (ख) आँख (ग) कान (घ) नाक 36. 'काशीनाथ' कस दवे ता को कहा जाता ह?ै (क) (ख) िशव (ग) शिन (घ) सूय 37. िवजयादशमी का पव कस मास क कस ितिथ को मनाया जाता ह?ै क) आि न शु ल दशमी (ख) आि न कृ ण दशमी (ग) जे शु ल दशमी (घ) चै शु ल दशमी 38. वह कौन ऋिष थे िज ह ने रामायण क अिधकांश घटना का पूव दश न कर िलया था? (क) िव ािम (ख) वाि मक (ग) जमि ग (घ) क यप 39. जब सूय को पकड़ने के िलए हनुमान उछले थे उस समय कौन सा ह सूय पर हण लगाना चाहता था? (क) केतु (ख) शिन (ग) रा (घ) बुध 40. सीता-हरण के पूव सोने का मृग बनकर कौन आया था? (क) सुबा (ख) मारीच (ग) कालनेिम (घ) रावण 41. ीराम के दरबार म कसने रामायण का गान कया था? (क) लव-कुश (ख) नारद (ग) वाि मक (घ) जाबािल 42. ीराम सिहत सभी भाइय म सबसे छोटा कौन था? (क) राम (ख) ल मण (ग) श ु (घ) भरत अकं - 22 21
अकं - 21 22 अक- 22 ं बक कणा वती उ र क 20. घ 19. ग 18. ख 17. ग 16. क 15. ग 14. घ 13. ख 12. ग 11. घ 10. क 9. ख 8. 7.क घ 6. ग 5. ख 4. ग 3. क 2. ग 1. ख 38. क 37. ख 36. क 35. ख 34. क 33. क 32. ख 31. ग 30. ग 29. घ 28. ग 27. क 26. 25.ग घ 24. ग 23. ख 22. ग 21. ख 55. क 54. ग 53. ख 52. क 51. घ 50. ख 49. ग 48. क 47. ग 46. ख 45. ख 44. ख 43. ग 42. क 41. ख 40. ग 39. 43. रावण-बंधु म सबसे छोटा कौन था? (क) रावण (ख) िवभीषण (ग) कुंभकण (घ) कोई नह 44. ीराम के वनवास काल क कथा रामायण के कस कांड के अंतग त ह?ै (क) उ रकांड (ख) अर यकांड * (ग) क याकंधाकांड (घ) बालकांड 45. मह ष वाि मक को रामकथा कसने सुनाई थी? (क) िव णु (ख) नारद (ग) (घ) िशव 46. वह कौन ऋिष थे, िज ह ने 'मरा-मरा' का जाप कर तप या क थी? (क) या व य (ख) दवु ा सा (ग) बा मी क (घ) भर ाज 47. गाय ी मं म कस दवे ता क आराधना ह?ै (क) सूय (ख) व ण (ग) अि (घ) यम 48. रा स के गु कौन था? (क) िव ािम (ख) विश (ग) शु ाचाय (घ) परशुराम 49. दवे ता के गु कौन थे? (क) मा (ख) बृह पित (ग) इं (घ) िव ािम 50. पु पक िवमान का िनमा ण कसने कया था? (क) कुबेर (ख) मय (ग) ल मण (घ) िव कमा 51. लंका जाने हते ु समु पर बनाए गए पुल को कसने तैयार कया था? (क) नल (ख) अंगद (ग) हनुमान (घ) जांबवान् 52. वह कौन रा स था िजसने रावण को सीता-हरण का सलाह दी थी? (क) मारीच (ख) अकंपन (ग) दषूण (घ) सुबा 53. आज क ास नदी का रामायण काल म या नाम था? (क) सरयू (ख) गंगा (ग) िवपाशा (घ) मंदा कनी 54. लंका का िनमा ण कसने कया था? (क) िव कमा (ख) रावण (ग) कुबेर (घ) सुमाली 55. िव णु के च को या कहा जाता था? (क) संहारक (ख) सुदश न (ग) ि यदश न (घ) ि यंक
अक 23 अकं - 21 ं - 22 येक वसाय क तरह ब कंग वसाय म भी जोिखम के त व अप रहाय प से अ त न िहत होते ह और सतत प से जोिखम का मू यांकन चलता रहता ह ैिजससे भावी जोिखम बंधन केउपाय कये जा सक . जोिखम बंधन का मूल उ े य ह ै वा तिवक एवं संभािवत जोिखम केिनराकरण हते ु यास. इितहास सा ी ह ै क समुिचत जोिखम बंधन केअभाव म दिुनया के द गज िव ीय सं थान भी दवािलया हो गए. मे रल लंच, लेहमन दस जैसे उदाहरण इसक पुि करते ह. वत मान प रद ृय म जोिखम रिहत ब कंग क प रक पना असंभव ह.ै अतः संभािवत जोिखम क समय पूव पहचान एवं जोिखम बंधन क िलए कये गए उपाय नुकसान को कम करने म सहायक िस होते ह. ब कंग म भावी जोिखम बंधन केिलए कई उपाय कये गए ह िजसम बासेल-3 मानक केअनु प एक कृत सुधार व था लायी गयी ह ैता क ब कंग णाली को सुदढ़ृ एवं जोिखम वहन करने यो य बनाया जा सके. आरबीआई के दशािनदश के अनुसार भारतीय ब क को अपनी पूंजी पया ता अनुपात को 11.50% तक ले जाना ह.ै इसकेअित र भारतीय रज़व ब क ारा जोिखम बंधन के िलए कई उपाय कये जाते ह जैसे िव ीय सूचना का आदान- दान, आि त बंधन, याज दर बंधन, िवदशे ी मु ा के वाह को िनयंि त करना, मु ा फ ित पर िनयं ण, पूंजी वाह को िनयिमत रखना जैसे कई मौ क उपाय शािमल ह. जोिखम बंधन केिलए मु यतः तीन बात पर िवशेष यान दया जाता ह ैयथा संभािवत जोिखम का अनुमान, जोिखम से संभािवत नुकसान का आकलन एवं िनयं ण केिलए कये जा सकने वाले यास एवं उपाय. ब कंग वसाय म जोिखम का वग करण मु यतः तीन कार से कया जाता ह-ै 1) ऋण जोिखम ( ेिडट र क) 2) प रचालन जोिखम (ऑपरेशनल र क) 3) बाजार जोिखम (माक ट र क) / तरलता जोिखम (िल िडटी र क) ऋण जोिखम ( ेिडट र क) ाहक ारा ब क से िलए गए ऋण क समय पर चुकौती न करने पर ऋण जोिखम उ प होता ह.ै इस जोिखम से बचने के िलए येक ब क अपनी ऋण नीित ( ेिडट पािलसी) बनाता ह ै िजसके अंतग त ाहक के काय एवं उनके वसाय को समझना, ऋण क आव यकता, ऋण अदायगी केिलए ाहक क मता का आकलन, ऋण दनेे हते ु पूंजी पया ता का आकलन, पूंजी से ा होने वाले लाभ का आकलन, ाहक क आंत रक एवं बा रे टंग का अ ययन कर ऋण जोिखम को यूनतम करने का यास कया जाता ह.ै इसकेिलए कई तरीय सिमितयाँ बनायी जाती ह. ऋण या केसरलीकरण हते ु िविभ सॉ टवेयर उपयोग म लाए जाते ह. ऋण जोिखम केप रणाम व प गैर-िन पा दत आि तय म वृि होती ह ैिजनसे ब क क लाभ दता भािवत होती ह ैतथा गैर िन पा दत आि तय हते ु कए जाने वाले पूंजी के ावधान केप ात् ब क को नए ऋण केिलए पूंजी क कमी हो सकती ह ै और इससे वसाय वृि पर ितकूल भाव पड़ता ह.ै अतः ब क म एन.पी.ए. वसूली केिलए वसूली नीित ( रकवरी पािलसी) होती ह.ै इसकेअित र D.R.T, लोक अदालत, एनसीएलटी जैसे कई तं बने ए ह िजनकेमा यम से ब क फंसे ए ऋण क वसूली करता ह.ै पर तु इन सभी या म अिधक समय, म और संसाधन का य होता ह.ैकई अवसर पर ब क को वसूली क पूरी रकम ा न हो पाने क ि थित म बिकग यवसाय म ं जोिखम- भाव एव बधन ं ं
ाज अथवा मूलधन का भी नुकसान उठाना पड़ता ह.ैअतः इन संभािवत हािनय से बचने केिलए ब क समय-समय पर अपनी पॉिलसी म आव यकतानुसार बदलाव करते रहते ह ता क ऋण जोिखम के भाव को यूनतम रखा जा सके. शाखा तर पर भी ब क केऋण का सही वग करण, ऋण हते ु उपल ध ितभूितय (िस यो रटीज) एवं गार टी क सीबीएस म समुिचत िव कर आि तय का सही वग करण कया जाना आव यक ह.ै शाखा को समय-समय पर ाहक केलेनदारदने दार, टॉक क िववरिणय और वसाय केप रचालन का स यापन करते रहना चािहए ता क ऋण खात क वा तिवक ि थित का पता चलता रह ेिजससे संभािवत खतर का समय पूव अनुमान हो सकेऔर उसकेिनदान केउपाय कये जा सक . चूँ क पूंजी संर ण ब क केिलए अ यंत आव यक होता ह ै इसिलए शाखा तर पर पर भी पूंजी संर ण के येक उपाय कये जाने क आव यकता ह ैयथा ब क गारंटी क अविध पूण हो जाने पर उसे बही खात से हटाना ता क उसके िलए पूंजी का ावधान करने क आव यकता न पड़.ेसभी MSME खात म से स टन ओवर को अ तन करना, ऋण खाते से आह रत न क गयी रािश (Undrawn Portion) को लो जंग के समय िचि हत करना आ द पूंजी संर ण म सहायक होते ह. प रचालन जोिखम (ऑपरशे नल र क) प रचालन जोिखम मु यतः ावसाियक कया म दोष, ौ ोिगक का दोषपूण उपयोग, मानवीय या म चूक होने पर, धोखाघड़ी, मुकदमेबाजी, कम चा रय क अवांिछत गितिविधय म संिल ता इ या द कारण से उ प होता ह.ै प रचालन जोिखम का वग करण कारण एवं घटना केआधार पर िन ानुसार कया जा सकता ह.ै कारण केआधार पर प रचालन जोिखम यह मु यतः कम चा र क अ मता, लापरवाही, िश ण, जानकारी केअभाव एवं स यिन ा क कमी से उ प होता ह.ै घटना केआधार पर प रचालन जोिखम यह मु यतः कनेि टिवटी के फेल होने, शाट स क ट होने, यूपीएस फेल होने जैसे आंत रक कारक , बाढ़, भूकंप, आंधी जैसे ाकृितक कारक एवं चोरी-डकैती, लूट जैसे बा कारक से उ प होता ह.ै इन जोिखम से बचने के िलए ब क कम चा रय को पया िश ण, उ पाद को ाहक के िलए सरल बनाना, ौ ोिगक केिनयिमत अंतराल पर उ यन पर िवशेष यान दनेा आव यक ह.ै इसकेअित र समय-समय पर होने वाले ऑिडट/इं पे शन केइनपुट केआधार पर िचि हत किमय को ाथिमकता केआधार पर िनराकरण कर प रचालन जोिखम को कम कया जा सकता ह.ै शाखाएँ ऑपरेशनल लॉस डाटा, िनयर िमस इव ट क ितमाह रपो ट ग कर, ब क गारंटी को समयाविध पूरी होने पर बही खात से हटाकर, केवाईसी & एएमएल का अनुपालन करते ए, SUNDRY खात का िनयिमत िमलान करने जैसे तरीक को सुिनि त कर एवं ब क ारा जारी कये जाने वाले अ य िनदश का अनुपालन कर प रचालन जोिखम क संभावना को कम कर सकती ह.ै शाखा म उपल ध उपकरण जैसे कं यूटर, ंटर, सव र, यूपीएस इ या द क िनयिमत जाँच एवं समुिचत रख-रखाव कर प रचालन जोिखम क आवृि को काफ कम कर सकती ह.ै बाजार जोिखम बाजार जोिखम केकई कारक हो सकते ह जैसे पूंजी अथवा तरलता का अभाव, सरकारी नीितय म बदलाव. ाकृितक कारक जैसे बाढ़, आंधी, भूक प इ या द. बा कारक जैसे चोरी, लूट, ित ा का हनन इ या द. आज सोशल मीिडया के भाव को नकारा नह जा सकता. जहाँ सूचना का आदान- दान ण भर म हो जाता ह ैएवं कोई भी ऐसी खबर िजससे ब क क ित ा आहत होती हो, णभर म जंगल क आग क तरह फ़ैल सकती ह.ै प रणाम व प शेयर बाजार म ब क केशेयर म असाम य िगरावट आ सकती ह ै िजससे बाजार पूंजीकरण म कमी आ सकती ह.ै बाजार जोिखम J J J J प रचालन जोिखम ऋण जोिखम बाजार जोिखम तरलता जोिखम बक कणा वती 24 अकं - 22
अक 25 अकं - 21 ं - 22 को झेलने क मता ब क क पूंजी, रज़व , साख़ इ या द क ि थित पर िनभ र करता ह.ै बाजार जोिखम केकई अ य कारक भी हो सकते ह जैसे याज दर जोिखम (िजसम याज दर म प रवत न से ब क केपोट फोिलयो या वै यू पर ितकूल असर पड़ सकता ह ैअतः याज दर को ित पध बनाए रखना वसाय क िनरंतरता केिलए आव यक होता ह)ै, शेयर म य ू जोिखम (िजसम कमी आने पर ब क के पूंजीकरण पर ितकूल भाव पड़ता ह ैएवं िनवेशक केिव ास म कमी आ सकती ह)ै, िवदेशी म ा ु िविनमय जोिखम (जो मूलतः िवदशे ी मु ा के सापे भारतीय पये केमू य म उतार-चढ़ाव से स बंिधत होता ह)ै. बाजार जोिखम से बचने केिलए ब क को एक मजबूत तं क आव यकता होती ह ैतथा जोिखम के भाव को कम करने के िलए लगातार यास करते रहने क आव यकता होती ह.ै शाखाएँ अपने तर पर ाहक को गुणव ापूण सेवा दके र एवं ाहक संतुि म वृि कर ब क क साख म वृि कर सकती है िजनका वसाय पर सकारा मक भाव पड़ता ह.ै ब क जनता ारा जमा क गई रािश का उपयोग ऋण अथवा बक कणा वती िनवेश केिलए करते ह, ब क पर ाहक केिव ास को अ ु ण बनाए रखने केिलए िववेकपूण िनण य लेने क आव यकता होती ह ैइसिलए जोिखम को िनयंि त करने केिलए ब क को हर संभव उपाय करते रहने क आव यकता रहती ह.ै चूँ क याज से ा आय ही ब क क आय का मु य ोत ह.ै अतः याज दर को ित पध बनाये रखना आव यक ह.ै ऋण क समय पर चुकौती सुिनि त करना एवं फंसे ए कज अथवा गैर िन पा दत आि तय क वसूली करना आव यक ह.ै अतः ब कंग ऐसा वसाय ह ैजहाँ पूरी संवेदनशीलता केसाथ जोिखम केआकलन केप ात िववेकपूण तरीकेसे िनण य िलए जाते ह ता क संभािवत नुकसान क संभावना को कम से कम कया जा सके, ाहक एवं िनवेशक केिव ास को मजबूत कया जा सके, बाजार ित पध होते ए उ रो र वसाय म और लाभ दता क ि थित म वृि को सुिनि त कया जा सके. भाषाए िसिखए - अ छा लगग ं े ा हद ગુજરાતી ं ी स यिन ा मा , केवल य द े भा य अिधकार चे ा शंसा संदहे जीवन उ रदायी आयु માિણક મા િવ તાર નસીબ અિધકાર યાસ વખાણ વન શંકા જવાબદાર ઉંમર ईमानदार िसफ अगर इलाका क मत हक कोिशश तारीफ िज दगी शक िज मेदार सवाल उ उद ू हदं ी ગુજરાતી उद ू ज नुहयै ा ज र ज रत सुकून व आराम तहत इनाम झूठ धोखा शम बेकसूर उ सव उपल ध अव य आव यकता शांित समय िव ाम अनुसार पुर कार िम या, अस य छल ल ा िनद ष તહેવાર ઉપલ ધ અલબ જ રયાત શાંત સમય આરામ અનુસાર ઇનામ અસ ય છેતરપ ડી શરમ િનદ ષ कुंदन कुमार
कसी भी दशे क भाषा उसक सं कृित का आईना होती ह.ै भाषा क समाि का अथ ह ैपूरी स यता और सं कृित का न होना. महा मा गांधी जी ने अपने इस दिृ कोण को ितपा दत करते ए कहा ह ै क- “भारत को एक शि शाली रा बनाने के िहत म , ऐसा रा बनाने केिहत म जो अपनी आ मा को पहचानने, िजसे आ मिव ास हो, जो संसार केसाथ सहयोग कर सके, हम िह दी को अपनाना चािहए” िह दी िव म तीसरी सवा िधक बोली जाने वाली भाषा ह.ै दिुनया भर म फैले लगभग चार करोड़ भारतीय मूल के अ वासी नाग रक जीवन केिविवध े म िह दी का योग करते ह. िव म िह दी के चार – सार एवं अंतरा ीय भाषा के प म तुत करने केिलए ितवष 10 जनवरी को िव िह दी मनाया जाता ह.ै इस दन सभी सरकारी काया लय म िविभ िवषय पर िह दी म ा यान आयोिजत कये जाते ह साथ ही िवदशे म भारत केदतू ावास यह दन िवशेष प से मनाते ह. दिुनया केलगभग 160 िव िव ालय म िह दी पढाई जा रही ह.ै बा लादशे , पा क तान, नेपाल, भूटान, ित बत, यांमार, अफगिन तान और म य एिशयाई गणतं म आपको हजार से लेकर लाख लोग िह दी बोलते और समझते ए िमल जाएंगे. इसकेअलावा फजी, मॉ रशस, गयाना, सू रनाम, िनडाड जैसे दशे तो िह दी भािषय केबसाए ए ही ह. िवदशे म बसे भारतीय भारत क िम ी से जुड ेरहने केिलये अपनी भाषा म अपने िवचार अिभ करते ह. िव केकई दशे से िनकलने वाली िविभ प -पि काएँ इसका माण ह.ै जैसे यूजीलैड से 'भारत दश न' िह दी सािहि यक पि का, कनाडा से 'सर वती प ' ; संयु अरब अमीरात से 'अिभ ि ' ; यूएसए से 'कम भूिम' पि का कािशत क जा रही ह.ै मॉ रशस म िह दी किवता क काफ ल बी परंपरा ह.ै ल मीनारायण चतुव दी रसपुंज को मॉ रशस का थम िह दी किव माना जाता ह ैफ जी म िव िव ालय तर तक िह दी पढाई जाती ह.ै वहाँ केलोग को िह दी गाने, िह दी समाचार और अ य िह दी काय म सुनते दखे े जा सकते ह. फजी म िह दी को राजभाषा के प म योग कया जा रहा ह.ै िह दी को िव भाषा के प म बनाने एवं वैि क तर पर थािपत करने हते ु 12 नव बर, 2002 को मॉ रशस क संसद म एक अिधिनयम के अंतग त 'िव िह दी सिचवालय' के िव पटल पर िह दी थापना क गई. िन उ े य हते ु िव िह दी सिचवालय क थापना क गई – · िह दी को यूएनओ(UNO) क अिधकृत भाषा बनाने हते ु य करना. · िव केिविभ िव िव ालय म िह दी पीठ क थापना करना. · अंतरा ीय िह दी पु तकालय क थापना करना. · िह दी िव ान केयोगदान को मा यता दान करने हते ु उ ह स मािनत करना. · िह दी म शोध काय केिलए द तावेज के थािपत करना · िह दी म अंतरा ीय स मेलन, संगो ी तथा समूह िवचार – िवमश एवं चचा का आयोजन करना. िवदशे ी मूल केकई िह दी िव ान ए ह ैिज ह ने िह दी क िवकास या ा म अपना मह वपून योगदान दया ह.ैइसम मुख ह ै- डॉ. जाज अ ाहम ि यस न (आयरलै ड), फादर कािमल बु के(बेि जयम), रोना ड टुअट मेक् ेगॉर, ( यूजील ड), पीटर वरि कोव ( स), ो. यांग चंग वैइ (चीन), अ कयो हागा (जापान). इन िव ान का ज म भले ही िह द ुतान म नह आ ह ैपर भारत उनके दल बसता ह.ैफादर कािमल बु के को िह दी सेवा केिलए भारत केसव नाग रक स मान 'प भूषण' से स मािनत कया गया. िह द ुतानी सािह य का सव थम इितहास ंथ " इ वार द ल िलतर ेयर ू ऐदई ं ु ऐ ऐद तानी ं ु " गासा द तासी ( ासं ) ारा िलखा गया ह.ै इन िवदशे ी िव ान ने िह दी भाषा के चार – सार एवं शोध काय म अपना जीवन सम प त कया. िनि त प से कहा जा सकता ह ै क िव पटल पर िह दी का भिव य उ वल ह ैऔर यह पूण िव ास केसाथ कहा जा सकता ह ै क एक दन पूरेिव म िह दी का खुबसूरत दीप अव य ही विलत होगा. िव तर पर िह दी को स मानजनक थान िमलेगा. िव िह दी स मेलन ने यह सािबत कर दया ह ै क िह दी बडी तेजी केसाथ िवकास केउतुंग िशखर पर चढ़ रही ह.ै 26 अकं - 22 शक ल अहमद
ढ़ िन य - सफलता का एक मजबत पहल ू ू अतरा ीय खल क सदभ म ं े े ं सफलता और असफलता जीवन के दो मह वपूण पहलू ह. असफलता को भूलकर, यान और उ साह खोए िबना, जीवन म लचीलेपन को अपनाना भी एक कला ह.ै जो लोग शु आती असफलता से िनराश अथवा हतो सािहत नह होते ह, वे यादातर िनकट भिव य म सफलता केमीठेफल का आनंद लेते ह. वुडरो िव सन का एक िस उ रण ह ै- "एक मजबूत आदमी और एक कमजोर आदमी केबीच का सबसे बड़ा अंतर यह ह ै क पहले वाला हार होने केबावजूद भी हार नह मानता ह.ै" सोइिचरो ह डा का भी एक िस उ रण ह ै-"सफलता आपके काम के1% का ितिनिध व करती ह,ै िजसकेप रणाम व प शेष 99% को असफलता ही कहा जाता ह.ै" हम कई ऐसे महान लोग केबारेम जानते ह जो शु आती असफलता केबाद भी नह केअिपतु उ ह ने जो पाने क इ छा क उसकेिलए अ यिधक क ठन और िनरंतर यास कए. अंतरा ीय खेल केसंदभ म हम ऐसे कई द गज िखलािड़य को जानते ह; िज ह ने एक फ िन स प ी क तरह अपनी ारंिभक िवफलता से ऊपर उठकर सफलता का िशखर हािसल कया. आइए हम ऐसे कुछ िति त िखलािड़य को फर से याद कर , िज ह ने उनके"कभी न हार मानने" वाले ज बे से हमारे दल पर एक गहरी छाप छोड़ी ह.ै रोना डो एल.एन. डे लीमा (फटबॉल) ु ाज़ील केरोना डो 90 केदशक के उ रा और 2000 के शु आती दन म दिुनया के सबसे ितभाशाली फुटबॉल िखलािड़य म से एक थे. 1998 फ फा िव कप म ॉफ उठाने के िलए ाज़ील सबसे पसंदीदा दशे म से एक था. उस दौरान ाज़ील रोना डो, बीबेटो, रवा डो, डूगं ा आ द महान िखलािड़य केसाथ िव च िपयनशीप का दावा कर रहा था. पूरी दिुनया रोना डो से उ मीद कर रही थी क वह ांस के िखलाफ फाइनल म अपना े तम कोर करे, िजससे उनकेदशे को िति त फ फा िव कप, िजसे दिुनया का सबसे बड़ा खेल आयोजन माना जाता ह;ैपर अपना क जा बरकरार रख सके. ले कन उ मीद केिवपरीत, ाजील को ांस केिजने दन िजदान केशानदार दश न केकारण उस समय क सबसे बुरी हार(0-3) का सामना करना पड़ा और अगले चार साल तक रोना डो के ख़राब दश न क चचा और कटुआलोचना दिुनयाभर म चलती रही. कोई भी सामा य िखलाड़ी ऐसी आलोचना से िबखर जाता ह.ै ले कन 2002 केअगले फ फा िव कप म रोना डो ने शानदार वापसी क . उ ह ने टूना म ट केसेमीफाइनल और फाइनल दोन म गोल कए. उ ह ने टूना म ट म सबसे अिधक गोल कए और िव कप पुनः ाजील केनाम कर दया. इस लाजबाब दश न केिलए उ ह "गो डन शू" और "गो डन बॉल" पुर कार भी दए गए. 1998 म हार केबाद 2002 म रोना डो क उ तम सफलता खेल केइितहास म सबसे ेरणादायक वापसी म से एक ह.ै जॉज फोरमैन (बॉि सग) ं जॉज फोरमैन खेल के इितहास के शीष -5- मुख हवै ीवेट मु ेबाज म से एक के प म पहचाने जाते ह.ै 1974 तक, सभी फाइ स म उनका 100% जीत का रकॉड था. उ ह ने 1968 ओलंिपक म ' वण पदक' और 1973 म 'व ड हवै ीवेट च िपयन' का ताज जीता. 1974 म , उ ह ने महान मु ेबाज मुह मद अली केिखलाफ "द रंबल इन द जंगल" केनाम से एक िस फ़ाइट क . आठव दौर म जॉज को हराकर इस फ़ाइट को मुह मद अली ने जीत िलया. इस बड़ी हार केबाद जॉज ब त उदास हो गये थे. एक और अलग ित ं ी से हार के बाद उ ह ने 1977 म पेशेवर मु ेबाजी से अपनी सेवािनवृि क घोषणा कर दी. इस मोड़ पर कई िवशेष ने "एक युग का अंत" कहकर उनक पारी ख म होने क घोषणा कर डाली. कुछ खेल प कार ने तो उनक कािबिलयत पर ही सवाल उठाना शु कर दया था. अकं - 22 27
हालाँ क, 1987 म जॉज ने एक नाटक य वापसी क . 1994 म , वे 45 वष क आयु म माइकल मूर को हराकर सबसे अिधक आयु केिव हवै ीवेट च िपयन बने. इस उपलि ध को हािसल करके, जॉज ने कई रकॉड बनाए और तोड़.े इस या म उ ह ने सािबत कर दया क उ िसफ एक सं या ह ैऔर कोई एक हार आपकेकै रयर का अंत नह ह.ै बि क यह एक मौका ह ै क आप वापसी कर और उस सफलता को हािसल कर िजसके आप हकदार ह. कई लोग जॉज फोरमैन क इस जीत के साथ वापसी को स मानजनक उदाहरण के प म मानते ह. यह उन लोग के िलए भी मह वपूण ह ैजो समझते ह क अगर आप अतीत म हार गए ह तो वापसी क कोई उ मीद नह होती ह.ै गोरान इवािनसिेवच (लॉन टेिनस) गोरान इवािनसेिवच, एक ोएिशयाई, अपने लंबे -16- वष तक के पेशेवर क रयर के दौरान ब त ही मेहनती एवं महान टेिनस िखलाडी थे. उ ह ने अंतरा ीय तर पर पीट स ास, आं े अगासी, बो रस बेकर, इवान ल डल आ द महान िखलािडय केसाथ खेला. वंबलडन टेिनस टूना म ट को दिुनया का सबसे िति त ड लैम टेिनस टूना म ट माना जाता ह.ैगोरान पहली बार 1992 म वंबलडन संग स टूना म ट केफाइनल म प चं े. हालां क, वे फाइनल म आं ेअगासी से हार गए. वे आगे भी पूरेजोश एवं लगन केसाथ खेलते रह ेऔर फर से 1994 के वंबलडन के फाइनल म प चँ गए, क तु इस बार वे पीट स ास से हार गए. उ ह ने 1998 केटूना म ट केफाइनल म फर जगह बनाई और एक बार फर उसी ित ं ी यानी पीट स ास से हार गए. कसी भी सामा य िखलाड़ी को लगातार हारने एवं खेल के सव स मान को जीतने से वंिचत रहने केकारण ब त यादा िनराशा होती. हालां क, गोरान ने उ मीद नह खोई और शीष तर पर उ तम गुणव ा वाली टेिनस खेलते रह.े दभु ा यवश, उनक अंतरा ीय र कंग िबगड़ती रही और आिखरकार यह घटकर 125 हो गई, जो उनकेकै रयर क सबसे नीची र क थी. फर भी उ ह ने अपनी गित और ेरणा कभी नह खोई. अंत म , वष 2001 म , 30 वष क आयु म गोरान ने "वाइ डकाड एं ी" के मा यम से िबना कसी र क केिखलाड़ी के प म िति त वंबलडन एकल चैि पयनिशप म जीत दज क . इस या म , उ ह ने भिव य केकुछ च िपयन टेिनस िसतार जैसे क सफ न, रोिडक, मोया आ द को भी हराया. वंबलडन चैि पयनिशप जीतकर, गोरान ने सािबत कर दया क कसी भी प रि थती म वापसी संभव ह.ै अपने कै रयर के कसी भी िन तम बंद ुपर भी कसी को उ मीद नह खोनी चािहए, और िनरंतर यास म कोई कमी नह छोडनी चािहए. जे. कटलर (बॉडी िबि डग) ं जे. कटलर एक अमे रकन ोफेशनल बॉडी िब डर थे. वे इितहास केसबसे बेहतरीन बॉडी िब डर म से एक थे. हालां क, वह एक और सव कािलक महान बॉडी िब डर रोनी कोलमैन केयुग म ित पधा कर रह ेथे. वे दोन िति त िम टर ओलि पया टाइटल केिलए कड़ी ित पधा कर रह ेथे. कटलर ने हमेशा रोनी को कड़ी ट र दी. 1998 से 2005 तक रोनी ने लगातार िखताब जीते, उ ह ने यह िति त ितयोिगता रकॉड 8 बार जीती. 2001 म िम टर ओलंिपया म, कटलर अंितम दौर म रोनी से हार गए. 2003, 2004 और 2005 म भी यही कहानी दोहराई गई. इन सभी टाइटल लैश म "रनर-अप" होना, जे कटलर के िलए माथे पर मानो " टै प" क तरह था. कोई भी सामा य िखलाड़ी आगे केवष केिलए यास करना बंद कर दतेा. हालां क, जे कटलर अपनी फटनेस और डाइट पर काम करते रह.ेजे कटलर केकरीबी दो त कहते ह क येक हार केबाद वे अपना िजम म ायाम का समय बढाते थे. वे हम या तो िजम म या फर डाइ नंग टेबल पर ही दखाई दतेे थे. वष 2006 म उ ह ने रोनी कोलमैन को हराकर अपना पहला िखताब जीता. ले कन वह वहाँ नह के और 2007, 2009 और 2010 म सफलता को दोहराया. हमने िस िखलािड़य ारा वापसी केकई उदाहरण दखे े ह. वा तिवक जीवन म भी हम कई ऐसे लोग को जानते ह जो दढ़ृ इ छाशि और आशावादी रवैये के कारण शु आती असफलता से नह घबराते ह, बि क एक मजबूत वापसी करते ह. हम कई सामा य पु ष / मिहला को घातक बीमा रय / दघु टना आ द से ऊपर उठकर सफलता केिशखर पर जाते ए दखे ते ह. जीवन का सार िवफलता से िनराश नह होने म िनिहत ह.ै हम अतीत क गलितय से सबक सीखकर उ ह वापस नह दोहराने का िन य करकेसफलता को सुिनि त कर सकते ह. रॉबट एफ कैनेडी केएक िस उ रण ारा इस लेख को समा करता .ँ “केवल वे जो बहत असफल होन ेक िह मत रखते ह, कभी भी बहत कछ हािसल कर सकते ह. ु " 28 अकं - 22 केदार कुलकण
अक 29 अकं - 21 ं - 22 िजसको शौक था कभी दिुनया घूमने का वो आज तु ह खाना िखलाने तु हारे इद िगद घूमती रहती ह ै माँ सच म कतनी अजीब होती ह.ै रात को लेट आती ह ैतो 100 बार खुद को कोसती ह ै सुबह लेट उठे तो कम से कम मटर पुलाव तो ज र बना दतेी ह ै खुद चाह ेना ता भूल जाए तु हारी लेट म दो रोटी और ढेर सारा यार ज़ र रखती ह,ै माँ कतनी अजीब होती ह.ै दन हो या चाह ेरात , शिनवार हो या इतवार सोने के झुमके ले लूँगी अगले साल कह कर तु हारी हर ज रत पर हो जाती ह ैकुबा न यार ये माँ कतनी अजीब होती ह.ै हज़ार किवताएँ िलखे या िलखे करोड़ो अशार गीत िलखे गजल िलखे या िलखे न म हज़ार उसके जैसा न कोई था न कभी कोई होगा ये बात हमेशा याद ले कन फर भी दमाग के कवरेज े से बाहर रहती ह ै य क माँ अजीब होती ह.ै माँ कतनी अजीब होती है रो दतेी ह ैअ सर तु ह दद म दखे कर और खुश गर तुम हो तो नजर उतार लेती ह ै माँ कतनी अजीब होती ह.ै जागती रहती ह ैतु हारे साथ रात भर अगर ह का-सा भी हो बुखार और सुबह तुमसे पहले उठकर हाथ म गरम दधू का लास दतेी ह.ै माँ कतनी अजीब होती ह.ै भूल जाती ह ैखुद का सब कुछ उसक मंिजल तो तु हारे साथ-साथ चलती ह ै सोचती ह ैएक काले टीके से भगा दगे ी दिुनया भर क बुरी नजर और तवे पर कर दतेी ह ैकभी लाल िमच क बौछार माँ सच म कतनी अजीब होती ह.ै लेती ह ैबलाएँ तु हारी और मांगती ह ै हर सजद ेम तु हारी ही खुिशयाँ चुप रहती ह ैजब समझ म न आए कुछ वरना ान बेशुमार रखती ह ै माँ कतनी अजीब होती ह.ै द तर से ज दी से काम िनपटा कर झटपट भागती ह ै और रा ते म स जी तरकारी, दधू , दही, छाछ ले आती है ले कन खुद का कुछ लाना भूल जाती ह ै ये माँ भी कतनी अजीब होती ह.ै माँ ेता चौधरी
ब क ऑफ महारा , अंचल काया लय अहमदाबाद ने दनांक 13.08.2021 से 14.09.2021 तक िह दी माह मनाया. इस दौरान अंचल म काय रत् सम त टाफ सद य केिलये कई ितयोिगताएं आयोिजत क ग . इि डयन ओवरसीज़ ब क ारा 14.09.2021 को े ीय काया लय और थानीय शाखा ारा संयु प से िह दी दवस समारोह का आयोजन कया गया. केनरा ब क अंचल काया लय, अहमदाबाद म हदं ी दवस समारोह 2021 का आयोजन अंचल मुख एवं महा बंधक ी णय रंजन दवे क अ य ता म दनांक 15 िसतंबर 2021 को कया गया. सद य बक ो क गितिविधयाँ इंिडयन ब क म िह दी माह आयोजन. िह दी िदवस 30 अकं - 22
अक 31 अकं - 21 ं - 22 सद य बक ो क गितिविधयाँ पंजाब एंड संध ब क म दनांक 14.09.2021 को हदं ी दवस के उपल य म हदं ी समसामियक ितयोिगता एवं हदं ी काय शाला का आयोजन कया गया. भारतीय लघु उ ोग िवकास ब क (िसडबी) अहमदाबाद े ीय काया लय म 14-28 िसत बर 2021 केदौरान िह दी पखवाड ेका आयोजन कया गया. िह दी दवस 2021 केउपल य पर नराकास अहमदाबाद ारा दनांक 06.09.2021 सभी सद य काया लय हते ु का फुहार काय म का आयोजन कया गया. काय म का उ ोधन उपा य नराकास ी मोतीलाल मीणा ारा कया गया. मु य अितिथ के प म िस हा य ं य किव ी दीपक गु ा को आमंि त कया गया. काय म का संचालन सु ी व दना जैन, मु य ब धक, राजभाषा ारा कया गया. िह दी िदवस
सद य बक ो क गितिविधयाँ भारतीय रज़व बक म िह दी माह के दौरान िविवध काय म का आयोजन. साबरमती पि का के नवीनतम अंक का िवमोचन करते ए े ीय िनदशे क महोदय एवं अ य व र अिधकारी ब क-नगर राजभाषा काया वयन सिमित, अहमदाबाद के त वावधान म 25 अग त, 2021 को "प रवत न बंधन - उ कृ ता क ओर" िवषय पर एक वेिबनार का आयोजन. िवभागीय राजभाषा शी ड योजना के िवभाग को पुर कृत करते ए े ीय िनदशे क महोदय वरिचत का क 'અિભ યિ ત - अिभ ि ' – हदं ी दवस के अवसर पर वरिचत किवता पाठ का आयोजन गांधी जयंती केउपल य म दनांक 05.10.2021 को े ीय िनदशे क ी संतोष कुमार पािण ाही क अ य ता म आयोिजत वेिबनार म अितिथ व ा ो. हनुमान साद शु ल का संबोधन. िह दी िदवस 32 अकं - 22
बक नगर राजभाषा काया वयन सिमित, अहमदाबाद संयोजकः िवजते ा ितभािगय क सची ू एि जम बक ारा िह दी मच ितयोिगता का प रणाम िदनाक 30.07.2021 ं ं स ल बक ऑफ़ इिडया ारा बि ं कग ि वज ितयोिगता का प रणाम िदनाक 28.06.2021 ं ं सु ी सा रका शमा सु ी ा मोहन पाटील ी गुलाम मोह मद शेख ी त मय ीवा तव ी बी. के. रछा रया ी त मय ीवा तव ी गु र दर शमा ी िवजय जैन सु ी रि म केसरी ी अिभषेक आलोक ी त मय ीवा तव ी अरीज़ बोकड़ावाला ी िवजय नामदवे ी िस ाथ हड़मत संह गढवीचारण ी अिभनव कंसल इंिडयन ओवरसीज़ ब क भारतीय रजव ब क पंजाब नैशनल ब क पंजाब नैशनल ब क केनरा ब क पंजाब नैशनल ब क नाबाड ब क ऑफ़ बड़ौदा इंिडयन ओवरसीज़ ब क नाबाड पंजाब नैशनल ब क आई.डी.बी.आई. ब क स ल ब क ऑफ़ इंिडया भारतीय रजव ब क इंिडयन ओवरसीज़ ब क केनरा बक ारा“तकनीक एव पा रभािषक श दावली ितयोिगता िदनाक 29.07.2021 ं ं अक- 22 ं अकं - 21 33
बक नगर राजभाषा काया वयन सिमित, अहमदाबाद संयोजकः िवजते ा ितभािगय क सची ू भारतीय टेट बक एव इिडयन बक ं ं ारा बि कग श दावली एव वा य बनाओ ं ं ितयोिगता का प रणाम िदनाक 20.11.2021 ं सु ी वसु धरा ी रिव संह ी अतुल िम ा ी काश कुमार झा सु ी रि म केसरी ी तीक जोशी ी सुनील भा टया ी मनोहर िश दे ी संजय पं ा ी िविपन पुरोिहत यूिनयन ब क ऑफ़ इंिडया एि जम ब क केनरा ब क पंजाब नैशनल ब क यूिनयन ब क ऑफ़ इंिडया नाबाड यूिनयन ब क ऑफ़ इंिडया केनरा ब क आई.डी.बी.आई ब क इंिडयन ओवरसीज़ ब क बक ऑफ महारा ारा गीत गायन ितयोिगता प रणाम िदनाक 28.10.2021 ृ ं ी मनीष भ ी नीरव जापित ी सुनील बगड़ा सु ी िनशा लाला ी दीपक ॉफ स ल ब क ऑफ इंिडया भारतीय रजव ब क पंजाब नैशनल ब क यूिनयन ब क ऑफ़ इंिडया यूिनयन ब क ऑफ़ इंिडया नाबाड 'गजरात को जानो' ितयोिगता का प रणाम िदनाक 27.10.2021 ु ं 34 अक- 22 ं अकं - 21
अक- 22 ं बक नगर राजभाषा काया वयन सिमित, अहमदाबाद संयोजकः िवजेता ितभािगय क सची ू नगर राजभाषा काया वयन सिमित (बक ) अहमदाबाद के त वावधान म सद य काया लय ारा िह दी िदवस-2021 के अवसर पर आयोिजत िविभ न काय म के िवजेता ितभािगय क सची ू स ल बक ऑफ इिडया कौन बनग ं े ा नराकास चैि पयन िदनाक 14.10.2021 ं ी िववेक कुलहारी ी वी.के. रछा रया ी अ रज़ बोकड़ावाला ी हष वध न संह उदावत ी िनशांत चौहान ब क औफ़ बड़ौदा केनरा ब क आई.डी.बी.आई. ब क यूको ब क यूको ब क इिडयन ओवरसीज बक ं ारा ऑनलाइन राजभाषा सामा य ान ि वज का प रणाम िदनाक 26.10.2021 ं ी संजय ीवा तव सु ी न ता कशोरानी ी दपककुमार डी. चावडा सु ी ा भात ितवारी ी अतुल िम ा स ल बक ऑफ़ इंिडया ब क ऑफ़ बड़ौदा यूिनयन ब क ऑफ़ इंिडया यूिनयन ब क ऑफ़ इंिडया केनरा ब क भारतीय रजव बक ारा वरिचत का यपाठ ितयोिगता का प रणाम िदनाक 30.10.2021 ं ी उपे चौधरी सु ी ेता चौधरी ी संजय पवार ी वीण शमा ी के. एम. रतनो र केनरा ब क यूिनयन ब क ऑफ़ इंिडया ब क ऑफ़ बड़ौदा ब क ऑफ़ महारा यूिनयन ब क ऑफ़ इंिडया अकं - 21 35
36 अक- 22 ं अकं - 21 बक नगर राजभाषा काया वयन सिमित, अहमदाबाद संयोजकः िवजेता ितभािगय क सची ू नगर राजभाषा काया वयन सिमित (बक ) अहमदाबाद के त वावधान म सद य काया लय ारा िह दी िदवस-2021 के अवसर पर आयोिजत िविभ न काय म के िवजेता ितभािगय क सची ू ी साकेत वाघेला सु ी ईशा जौहरी सु ी िश पा उमंग पटेल ी अिमत पारीक ी मनीष कुमार भारतीय रजव ब क ब क ऑफ़ बड़ौदा यूको बक भारतीय टेट ब क केनरा ब क पजाब न ं ैशनल बक ारा ऑनलाइन पा रभािषक श दावली ितयोिगता का प रणाम िदनाक 12.11.2021 ं यको बक ू ारा ऑनलाइन भाषण ितयोिगता का प रणाम िदनाक 17.11.2021 ं ी पराग गोगटे ी संजय टी. गु ा ी राजीव नंदन ब क ऑफ़ बड़ौदा भारतीय रजव ब क स ल बैक ऑफ़ इंिडया
बक नगर राजभाषा काया वयन सिमित, अहमदाबाद सद य काया लय के पते / दरभाष/ ईमल ू े . सद य ब क का नाम एवं पता काया लय मुख राजभाषा भारी ब क ऑफ़ बड़ौदा आई.डी.बी.आई. ब क इि डयन ओवरसीज़ ब क इंिडयन ब क केनरा ब क पंजाब ए ड संध ब क पंजाब नैशनल ब क ब क ऑफ़ इंिडया ब क ऑफ़ महारा भारतीय रज़व ब क भारतीय टेट ब क यूको ब क भारतीय लघु उ ोग िवकास ब क रा ीय आवास ब क स ल ब क ऑफ़ इंिडया रा ीय कृिष और ामीण िवकास ब क भारतीय िनया त- आयात ब क यूिनयन ब क ऑफ़ इंिडया 1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13 14 15 16 17 18 ी एम एम बंसल महा बंधक व अंचल मुख ी अनु य कुमार झा मु य महा बंधक ी शंकरानंद झा मु य े ीय बंधक ी राम कुमार दास उप महा बंधक ी णय रंजन दवे , महा बंधक एवं अंचल मुख ी राम सहाय मीणा सहायक महा बंधक ी िवनय कुमार गु ा महा बंधक( अंचल मुख ) ी मनोज कुमार संह आंचिलक बंधक ी अिमत कुमार शमा अंचल बंधक एवं उप महा बंधक ी स तोष कुमार पािण ाही े ीय िनदशे क ी वी एन सरमा उप महा बंधक ी णव कुमार िव ास उप महा बंधक एवं अंचल बंधक ी संजय गु ा महा बंधक ी वी मगेश कुमार सहायक महा बंधक ी जे. एस. साहनी फ ड महा बंधक ी डी के िम ा मु य महा बंधक ीमती िहरवा ममतोरा े ीय मुख एवं सहायक महा बंधक ी वेद काश अरोड़ा उप महा बंधक सु ी व दना जैन, मु य बंधक फोन : 079 26473005 [email protected] चा भंडारी, सहायक ब धक फोन : 079 266072813 [email protected] डॉ. आराधना सुरेश, व र बंधक फोन : 079 26589865/66/64 [email protected] ी गुरबचन संह, व र बंधक फोन : 079 27435663 [email protected] ी राघव कुमार ितवारी, व र बंधक फोन : 079 27583054 [email protected] ी सतपाल संह लखनपाल, बंधक फोन : 9414263630/9619981555 [email protected] ीमती वसुधा गोखले , मु य बंधक मोबाइल - 079 26580256 [email protected] डॉ.वीरे कुमार, मु य बंधक मोबाइल - 9771606603 [email protected] सु ी रि म शमा , व र बंधक फोन : 079 25507903 [email protected] ी बलराम संह पाल, सहायक महा बंधक फोन : 079 27546103 [email protected] ी राजे ताप दवे, बंधक फोन : 079 26441610 [email protected] सु ी राजे री, राजभाषा अिधकारी फोन : 079 40176923 [email protected] ी िवमल काश दबु े, सहायक महा बंधक फोन : 079 27549917 [email protected] ीमती मधुिमता, सहायक बंधक, मो. 9958182009 ी संजय भ , व र बंधक मोबाइल - 079-71786033 [email protected] ी एम एच कालानी, बंधक फोन : 079 27554095 [email protected] ीमती ेहा पालाचंडा मोबाईल - 7045543324 [email protected] ीमती अिवनाश कौर, सहायक बंधक फोन : 079 27551327 [email protected]
कताब झाँकती ह बंद आलमारी के शीश से बड़ी हसरत से तकती ह महीन अब मुलाकात नह होती जो शाम उनक सोहबत म कटा करती थ अब अ सर गुज़र जाती ह ैक यूटर के पद पर बड़ी बेचैन रहती ह क़ताब उ ह अब न द म चलने क आदत हो गई है जो कदर वो सुनाती थी क िजनके जो र ते वो सुनाती थी वो सारे उधरे-उधरे ह कोई सफा पलटता ँतो इक िससक िनकलती है कई ल ज़ के मानी िगर पड़ ेह िबना प के सूखे टुंड लगते ह वो अ फ़ाज़ िजनपर अब कोई मानी नह उगते जबां पर जो ज़ायका आता था जो सफ़ा पलटने का अब ऊँगली ि लक करने से बस झपक गुजरती है कताब से जो ज़ाती रा ता था, वो कट गया है कभी सीने पर रखकर लेट जाते थे कभी गोदी म लेते थे कभी घुटन को अपने रहल क सूरत बनाकर नीम सजद ेम पढ़ा करते थे, छूते थे जब से वो सारा इ म तो िमलता रहगेा आइंदा भी मगर वो जो कताब म िमला करते थे सूखे फूल और महके ए े कताब मँगाने, िगरने उठाने के बहाने र ते बनते थे उनका या होगा, वो शायद अब नही ह ग े!! - गलजार ु मु कः 219/30,Gujarat Ginning Mill Compound, O/s.Prem Darwaja, Ahmedabad - 380016. (M) 9824591331 िकताब