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Basic Knowledge About Lifestyle,
Be Your Own Doctor By Coach Kailash Jangid

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Published by Coach Kailash Jangid, 2022-11-01 22:49:40

Basic Knowledge About Lifestyle

Basic Knowledge About Lifestyle,
Be Your Own Doctor By Coach Kailash Jangid

Keywords: Basic Knowledge About Lifestyle,Health,Coach Kailash Jangid,Lifestyle heth issue

BY COACH KAILASH JANGID

Fami Hitnew

Basic

KNOWLEDGE
ABOUT LIFESTYLE




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Kailash Jangid

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2 March /2022

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Meal and Snack preparation I have also been interested in accupressure therapy with 7 different
Bathing, and Dressing types of business experience like agriculture, technical machine, modern
Activity Planning agriculture. OAT established on 2nd March 2022
Routine Management • We have satisfied more than 90% of all our coustomers by solving their
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RELATED EXPERIENCE

OAT ACCUPRESSURE

Acupressure practitioners use their fingers,
palms, elbows or feet, or special devices to
apply pressure to acupoints on the body's
meridians. Sometimes, acupressure also
involves stretching or acupressure
massage, as well as other methods. During
an acupressure session, you lie fully
clothed on a soft massage table.31-Oct-
2021

Acupressure works by placing pressure
on specific points on the body to
release qi. Application of pressure
requires precision because some 365
points are located on the major
channels, plus there are over 650
individual pressure points.

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NOTE BOOK

By Kailash Suthar

DATE June 15, 2021
SUBJECT Basic Health Knowledge

Tantra
Yoga
Studio

Introduction
to Yoga

A beginner's class about
the fundamentals of yoga

Learn the basics, like:
Savasana
Staff pose
Plank pose
Cobra pose
Mountain pose
Sun salutation sequence

For bookings, contact 787-893-3390

HOW TO REMOVE PESTICIDES FROM FRUITS
AND VEGETABLES

SUMMARY

डेलीमेल की रिपोर्ट के मुताबिक, अगर सब्जी या फलों को कम से कम 15 मिनट तक
पानी में बेकिंग सोडा मिलाकर भिगोया या धोया जाता है तो उसके 96% तक
पेस्टिसाइड या के मिकल्स दूर हो जाते हैं।

क्या कहते हैं शोध REASON TO BE
जर्नल ऑफ एग्रीकल्चर एंड फू ड के मिस्ट्री में
प्रकाशित एक शोध के अनुसार बेकिंग सोड़ा फल और सब्जी को अगर आप सिर्फ पानी से साफ करके उपयोग कर रहे हैं
का उपयोग करके कीटनाशक व तो यह खतरनाक हो सकता है। पानी से फलों और सब्जियों की गंदगी तो
पेस्टीसाइड्स का असर कम किया जा साफ हो जाती है लेकिन पेस्टीसाइड्स और कीटनाशक दवाओं का असर
सकता है। बेकिंग सोडा को पानी में डालकर खत्म नहीं होता है।
फल और सब्जी को अगर एक मिनट तक
पानी में डूबाकर रखा जाय तो पेस्टीसाइड्स TREATMENT
का असर खत्म हो जाता है। अगर ज्यादा
पेस्टीसाइड्स का उपयोग किया गया है तो स्टडी में ये भी सामने आया था कि फलों और सब्जियों को बेकिंग सोडा मिले पानी
पानी और बेकिंग सोडा के घोल में 12 से में धोने से ज्यादा साफ होती हैं, बजाय उन्हें ब्लीच से साफ करने से।
15 मिनट तक डूबोकर रखना चाहिए। इसके अलावा इस बात की पुष्टि भोपाल स्थित कृ ष्णा कैं सर हॉस्पिटल के एमडी डॉ.
सुनील कु मार ने भी की है। उन्होंने बताया कि सब्जी और फलों को बेकिंग सोडा से
RESEARCH साफ करने से उनपर लगे के मिकल्स काफी हद तक दूर हो जाते हैं।
इसके साथ ही उन्होंने ये भी बताया कि 'के मिकल्स और पेस्टिसाइड हमारी सेहत के
Bachelor in English Education लिए अच्छे नहीं होते और इससे कैं सर भी हो सकता है। सब्जी और फलों को ताजा
with Certificate in Secondary दिखाने के लिए जिन के मिकल्स का इस्तेमाल किया जाता है, उससे आंत, लिवर,
Educationबेकिंग सोड़ा क्यों करता है किडनी और यूरिनरी ब्लैडर्स के कैं सर का खतरा होता है।'
पेस्टीसाइड्स की सफाई इस मैसेज में दावा किया जा रहा है कि ये एडवाइजरी टाटा हॉस्पिटल की तरफ से
बेकिंग सोडा एक तरह से सोडियम दी गई है। इसकी भी हमने पड़ताल की और टाटा हॉस्पिटल से बात की। बातचीत
बाइकार्बोनेट होता है जो कीटनाशकों या में टाटा हॉस्पिटल ने इस तरह की एडवाइजरी उनकी तरफ से जारी होने से साफ
पेस्टीसाइड्स को साफ करने का काम मना किया है।
करता है। पेस्टीसाइड्स की सबसे प्रचलित
रूप थायबेंडाजोल और फास्फे ट को यह दावे सही/गलत
आसानी से साफ कर सकता है। लेकिन बेकिंग सोडा मिले पानी में सब्जी-फल को डुबोने से कै मिकल्स दूर हो जाते हैं
इनके अलावा की ऐसे पेस्टीसाइड्स जिनको सही
बेकिंग सोड़ा साफ नहीं कर पाता है। कु छ इससे कैं सर से बचा जा सकता है - सही
फलों की उपरी परत में कीटनाशक को
इंजेक्ट किया जाता है जिनको बेकिंग सोड़ा
की मदद से साफ नहीं किया जा सकता है।

PESTICIDES IN FRUITS AND
VEGETABLES

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Research

यह हम सभी जानते हैं कि बाजार में मिलने वाले फल और सब्जी पेस्टीसाइड युक्त होते हैं। आजकल की खेती में
कीटनाशक दवाओं और रासायनिक खाद का उपयोग बहुत ज्यादा बढ़ गया है। कीटनाशक दवाओं के उपयोग से
सब्जियां सेहत के लिए फायदेमंद कम नुकसानदेह ज्यादा हो रही है। बाजार में इसके अलावा भी कु छ ऐसे
पेस्टीसाइड्स का उपयोग किया जाता है जिससे फल और सब्जी चमकीले नजर आते हैं। सब्जियों को चमक देने वाले
पदार्थ ऐसे पेस्टीसाइड्स होते हैं जो कैं सर जैसी बीमारियों के कारण बनते हैं। अब इस जानकारी को हम अगर जानते
हैं तो हमें फल और सब्जियों को ठीक से साफ करने के तरीके के बारे में जानकारी जरूर रखना चाहिए। आइए जानते
हैं फल और सब्जियों से पेस्टीसाइड्स कै से निकाला जाता है।

गर्मी में राहत देने वाला तरबूज अगर काटने पर कु छ ज्यादा ही चमकदार व सुर्ख निकले या के ला- पपीता व आम खूब
पीला और पका नजर आए तो इसे कु दरती देन न समझ सावधान हो जाएं। चिकित्सकों की माने तो मिलावटी
सब्जियों व फलों से पेट की बीमारियों के साथ ही कैं सर जैसी बीमारी तक हो सकती है। आगे जानें कितने खतरनाक
है ये के मिकल और आप कै से पता लगा सकते हैं...

लीची, आम, लीची पपीते, अमरूद जैसे गूदेदार फलों को कच्चा ही पेड़ से तोड़ कर जल्दी बाजार में पहुंचाने के लिए
खतरनाक स्तर तक कै ल्शियम कार्बाइड से पकाया जा रहा है। अत्यधिक कार्बाइड के इस्तेमाल से यह फल प्राकृ तिक
तौर पर पकने के बाद दिखने वाले पीले रंग से भी अधिक चमकदार और चटख दिखते हैं। आगे पकड़ें चाय की पत्ती
की मिलावट...

बागानों में तैयार होने वाली चाय पत्ती में मुनाफाखोरी के लिए धंधेबाज सूखा कोलतार मिलाकर इसे बेचते हैं। ऐसी
मिलावट को घर पर भी पकड़ा जा सकता है। इसके लिए बस ब्लाटिंग पेपर पर चाय पत्ती को पांच मिनट छोड़ने पर
इसमें मिले कोलतार के स्पाट पेपर पर दिखने लगते हैं।

इनसे रहें सावधान
मंडियों में भिंडी, तोरई, परवल व कद्दू वगैरह को ताजा व हरा दिखाने के लिए धंधेबाज मेलाकाइट ग्रीन नाम का खतरनाक
के मिकल्स का इस्तेमाल करते हैं। जानकारों की माने तो मेलाकाइट ग्रीन स्वास्थ्य के लिए एक खतरनाक रसायन है जो एक
आर्गेनिक कं पाउंड से तैयार होता है। विशेषतौर पर इसका इस्तेमाल डाई करने में किया जाता है।

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क्यों करते हैं के मिकल का इस्तेमाल
फलों को समय से पहले पकाने तथा सब्जियों का आकार व वजन बढ़ाने के लिए रसायन (के मिकल्स) का इस्तेमाल किया जाता
है। आम, के ला व अन्य फलों को पकाने के लिए कै ल्शियम कार्बाइड का इस्तेमाल आम है। फलों व सब्जियों को तरोताजा
रखने, चमकाने व इन्हें ज्यादा दिन तक टिकाए रखने के लिए मोम व कृ त्रिम रंगों का भी इस्तेमाल होता है।

के मिकल्स से पके फलों की ऐसे करें पहचान-
-के मिकल्स से पके फलों को पहचानने का सबसे अच्छा तरीका यह है कि आपको उस फल पर हरे पैचेज देखने को मिलेंगे।
जिस हिस्से पर के मिकल लगा होगा, वे पीला रहेगा बाकी बीच-बीच में हरा दिखाई देगा, जबकि प्राकृ तिक रूप से पके हुए फल
में हरे-पीले रंग के कोई पैचेज नहीं दिखाई देंगे।
-के मिकल से पकाए हुए आम को काटने पर वे अंदर से कहीं पर पीला तो कहीं पर सफे द रंग का नजर आएगा। जबकि पेड़ पर
प्राकृ तिक रूप से पका हुआ फल पूरी तरह पीला नजर आता है।
-के मिकल से पके हुए फल का छिलका ज्यादा पका हुआ होगा लेकिन अंदर से इसमें कच्चापन हो सकता है।
-के मिकलयुक्त फल खाने पर मुंह का स्वाद कसैला हो जाता है और मुंह में हल्की जलन भी होने लगती है। इसके अलावा कई
बार ऐसे फल खाने के कु छ देर बाद पेट दर्द या उल्टी की समस्या या डायरिया की शिकायत भी हो सकती है।

जो आम कार्बाइड से पकाया जाता है इसके इस्तेमाल से 2-3 दिन के भीतर ही फल का रंग पीले से काला होने लगता है।
- कार्बाइड से पकाए फल का स्वाद बीच में मीठा लेकिन किनारे में कच्चा होता है।
- बगैर धब्बे वाले फल-सब्जी खरीदें।
- प्राकृ तिक रूप से पके के ले का डंठल यानी ऊपरी हिस्सा काला पड़ जाता है और के ला पीला होता है व उस पर भूरे रंग के
धब्बे पड़ जाते हैं।

फल व सब्जियों को खाने से पहले छीलना कीटनाशक का प्रभाव कम करता है।

खेत से जब ये फल और सब्ज‍ियां बाजार पहुंचती हैं तो इनमें इन कीट-नाशकों को कु छ अंश चिपका ही रह जाता है. उसके
अलावा कई तरह की अशुद्ध‍ियां भी इसमें कई तरह की दूसरी अशुद्ध‍ियां भी होती हैं.

3. हल्दी के पानी से भी कर सकते हैं साफ
बेकिंग पाउडर और सिरके के अलावा आप हल्दी के घोल से भी फलों और सब्ज‍ियों को साफ कर सकते हैं. हल्दी में एंटी-
बैक्टीरियल गुण पाया जाता है जिसकी वजह से हल्दी के घोल से फलों और सब्ज‍ियों को धोना बहुत ही अच्छा माना जाता है.
इसके अलावा आप चाहें तो नमक के घोल से भी फलों और सब्ज‍ियों को साफ कर सकते हैं.

Mindset
Shift:

OFF Trying to appeal to everyone
ON Putting myself first

OFF Being self-crytical
ON Practicing self-love

[email protected]

Kailash Jangid

Accupressure Coach

एक फिट बॉडी एक खास शे प, बढ़िया पॉश्चर (आप कै से
चलते, बै ठते या खड़े होते हैं ) और मे टाबॉलिज्म का सही
मे ल होता है । आप किसी काम में खु द को कितना झोंक पा
रहे हैं , यह भी स्वस्थ शरीर की निशानी है। कितने कम
समय में आप कोई काम कर पा रहे हैं। आपका रिएक्शन
टाइम और स्टे मिना आपकी फिटने स बयान करती हैं।

हम आपको स्वस्थ और स्वच्छ भोजन की आदतों के बारे में
बता रहे हैं जिसका इस्ते माल कर हमे शा हल्दी और फिट रह
सकते हैं.

ख़ाली पे ट इन चीजों का करें से वन
दालचीनी दालचीनी कई मायनों में से हत के लिए अच्छी मानी
जाती है . ...
पपीता पपीते से पे ट दुरुस्त रहता है और इम्यू निटी भी बू स्ट
होती है. ...
नींबू पानी नींबू पानी वजन घटाने में मददगार होता है,
ले किन इसके कई स्वास्थ्य लाभ भी हैं . ...
बादाम ...
किशमिश का पानी

दिन में 2 से 3 बार भोजन करना सबसे अच्छा होता है.
हालां कि, सु बह जल्दी खाने से भी बचना चाहिए. इससे
शरीर को उपवास के लिए पर्या प्त समय नहीं मिले गा .

kailash Jangid

Accupressure Coach

1.) सं तु लित आहार लें ये बात तो आप भी मानते होंगे कि
हमारे खानपान का सीधा असर हमारे स्वास्थ्य पर पड़ता है।
...
2.) पर्या प्त नींद लें शरीर को स्वस्थ रखने के लिए सु बह
जल्दी उठना चाहिए और रात को जल्दी सोना चाहिए । ...
3.) सु बह का नाश्ता है ज़रूरी ...
4.) पर्या प्त जल का से वन करें ...
5.) वर्क आउट या व्यायाम करें

प्लैं क के जरिए आपके पू रे शरीर की एक्सरसाइज हो जाती
है । इसे करने से शरीर हल्का और लचीला बनता है। प्लैं क
एक्सरसाइज करने से मसल्स और शरीर मजबू त होने के
साथ शरीर का सं तु लन भी बना रहता है। पू रा पढ़ें पु श -अप्स
एक्‍सरसाइज- चे स्ट, कं धे और रीढ़ को मजबू त बनाने के
लिए रोजाना पु श- अप्स एक्‍सरसाइज करनी चाहिए।

Jogging – सु बह जोगिं ग करने से आपकी बॉडी दिनभर
एनर्जी से भरी हुई रहती है और आपके जां घ की मां सपे शियों
के फै ट भी कम हो जाते हैं साथ ही आपके पै र को भी सही
आकार मिलता है । Push ups – लड़कियों और औरतों के
लिए पु शअप्स करना बहुत ही ज्यादा फायदे मं द होता है
क्योंकि इससे उनकी बॉडी शे प में आती है और उनका सीना
भी शे प में आ जाता है ।

Self Love
Challenge

Forgive Practice Do a DIY Make a
yourself Self-care Project playlist

Put on your Go for a 30- Read a Buy a bucket
favorite minute walk self-help of flower
outfit
book

Let the Write down Make Start a
sunshine in a journal yourself a Gratitude

priority journal

Make your Learn Pamper Sleep for
dreams something yourself 8 hours

come true new

Create a Practice Take a walk Write down
bucket list yoga in the nature your goals

Practice a Spend time Compliment Practice
hobby with a friend yourself saying no

kailash Jangid

Accupressure Coach

हे ल्थ एक्सपर्ट् स कहते हैं कि रात में खाना खाने के बाद कम
से कम 20 मिनट तो हमें जरूर टहलना चाहिए. अगर
आपके पास ज्यादा समय है तो आप इसे बढ़ा सकते हैं,
ले किन ध्यान रखें आपको भोजन करने के एक घं टे के अं दर
ही टहलना है .

हे ल्थ एक्सपर्ट् स भी रात को सोते समय दूध पीने की सलाह
दे ते हैं । अगर आप रात को जल्दी खा ले ते हैं , तो रात को
खाना खाने के बाद दूध पी सकते हैं । दूध आपके शरीर को
एनर्जी दे ता है , साथ ही यह भोजन को पचाने में भी मदद
करता है । आप हल्दी वाला दूध पी सकते हैं।

रात को फल खाने से परहे ज करना चाहिए, ले किन अगर
रात में सोने से पहले अचानक भू ख लग जाती है तो के ला,
से ब, नाशपाती जै से फाइबर यु क्त फलों को खा सकते हैं।
ले किन आयु र्वे द के अनु सार भोजन करने के कु छ अं तराल के
बाद ही फल खाना चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि पाचन तं त्र
पर दोनों का अलग-अलग प्रभाव पड़ता है ।

1 हफ्ते में एक दिन भू खे रहने से शरीर का आं तरिक
शु द्ध‍िकरण होता है। इससे शरीर में मौजू द विषै ले तत्व बाहर
निकल जाते हैं और शरीर स्वस्थ होता है। 2 हफ्ते में एक
दिन भू खे रहने से अपच, गै स, कब्ज, डायरिया, एसिडिटी ,
जलन आदि में फायदे मं द है । इस दौरान आप फलों का
से वन जरूर कर सकते हैं ।

kailash Jangid

Accupressure Coach

महिलाओं को फिट रखने के लिए जरूरी है ये डाइट
लो फै ट वाली दही लो फै ट वाली दही में कै ल्शियम और
प्रोटीन अधिक मात्रा में है। ...
मछली मछली में मौजू द फै टी एसिड- ओमे गा 3 महिलाओं के
लिए बे हद फायदे मं द है । ...
बीन्स बीन्स में फै ट् स और कोले स्ट्रॉल कम होता है और यह
फाइबर व प्रोटीन का अच्छा स्रोत है। ...
गाय का घी ...
पपीता ...
टमाटर ...
पा ल क

डाइट में ज़्यादातर सब्ज़ियां , फल और साबु त अनाज, हे ल्दी
फै ट और हे ल्दी प्रोटीन खाने चाहिए। इसके साथ मीठे पे य
पदार्थों से दूरी बनानी चाहिए। इसकी जगह ज़्यादा से ज़्यादा
पानी पीने की आदत डालें । एक्सपर्ट् स के अनु सार स्वस्थ
रहने के लिए एक्टिव और स्वस्थ वज़न बनाए रखना बे हद
ज़रूरी होता है।

LIFE MOTIVATION

Be better
than today

[email protected]

kailash Jangid

Accupressure Coach

महिलाएं अपना वजन कै से कम करें ?
वजन घटाने के लिए आपको अपना वे ट लॉस प्रॉपर डाइट
प्लान फॉलो कर सकते हैं।
वे ट लॉस करने के लिए आप अपनी डाइट में फाइबर यु क्त
फू ड् स शामिल कर सकते हैं।
इसके अलावा प्रोटीन रिच डाइट भी वे ट लॉस में असरदार
साबित हो सकता है।

पे ट कम करने के लिए कै सा डाइट प्लान रखें ?
शु गर कम कर दें शु गर में फ्रक्टोज होता है जो पे ट के चारों
और फै ट बढ़ाता है। ...
डाइट में प्रोटीन की मात्रा बढ़ाएं सोयाबीन, टोफू , नट् स जै से
फू ड् स में प्रोटीन होता है। ...
डाइट में कार्बोहाइड्रे ट् स की मात्रा कम करें ...
हे ल्दी ब्रे कफास्ट जरूर करें ...
फाईबर वाले फू ड् स लें

मोटापा और शरीर का वजन बढ़ना, ऊर्जा के से वन और
ऊर्जा के उपयोग के बीच असं तु लन के कारण होता है।
अधिक चर्बीयु क्त आहार का से वन करना भी मोटापे का
कारण है । कम व्यायाम करना और स्थिर जीवन- यापन
मोटापे का प्रमु ख कारण है। असं तु लित व्यवहार औऱ
मानसिक तनाव की वजह से लोग ज्यादा भोजन करने लगते
हैं , जो मोटापे का कारण बनता है।

Kailash Jangid

Accupressure Coach

एक कटोरी सब्जी व दाल के साथ दो चपाती और एक
बाउल चावल। सब्जी व दाल में घी जरूर डालें और चपाती
पर भी घी लगा सकते हैं।

दोपहर को खाने के साथ खीरा, गाजर व बं द गोभी की
सलाद जरूर लें ।

कौन से फल खाने से वजन बढ़ता है-Fruits for weight
gain
के ले (Banana) वजन बढ़ाने के लिए के ले (banana for
weight gain) खाना बहुत फायदे मं द है । ...
आम (Mango) ...
चीकू (chikoo) ...
अं गू र (grapes) ...
खु बानी (apricots) ...
अनानास (Pineapples) ...
शरीफा (Custard apple)

एक्टिव और एनर्जे टिक बने रहने के लिए व्यक्ति को रात का
खाना 7-7: 30 बजे तक खा ले ना चाहिए. समय पर रात
का भोजन करना आपके शरीर के लिए चमत्कार कर सकता
है . हम सभी अपने नाश्ते को समय पर खाते हैं क्योंकि हम
जानते हैं कि ये दिन का सबसे महत्वपू र्ण भोजन है.

love your self

"be proud of who are you,
and don't be ashamed of how

other people see you"

Fami Hitnew Weight chart

According to circumstance

Years DATE: 10/3/2022

5 साल की उम्र में लड़कों का वजन 18.7kg और लड़कियों का 17.7kg होना चाहिए। 6 साल की उम्र में लड़कों का
सही वजन 20.7kg और लड़कियों का 19.5kg होता है।

इसके अलावा 7 से 8 साल की उम्र में लड़कों का सही वजन 22kg से 25kg और लड़कियों का 25kg से 24kg
होना चाहिए। 9 साल में लड़कों का वजन 28.1kg और लड़कियों 28.5kg होना चाहिए।

इसके अलावा 7 से 8 साल की उम्र में लड़कों का सही वजन 22kg से 25kg और लड़कियों का 25kg से 24kg
होना चाहिए

10-11 साल की उम्र में लड़कों का सही 31.4kg से 32.2kg और लड़कियों का 32.5kg से 33.7kg होता है।

12 साल की उम्र में लड़कों का वजन 37kg और लड़कियों का वजन 38.7kg होना चाहिए।

13 साल की उम्र में लड़कों का वजन 40.9kg और लड़कियों 44kg होना चाहिए।

14 साल की उम्र में लड़कों का वजन 47kg और लड़कियों 48kg तक होना जरूरी है।

15-16 साल की उम्र में लड़कों का वजन 58kg और लड़कियों का 53kg तक होना जरूरी है।

17 yrs 120.0 lb (54.4 kg) 64.0″ (162.5 cm)
18 yrs 147.5 lb (66.9 kg) 69.2″ (175.7 cm)
19 yrs 152.0 lb (68.9 kg) 69.5″ (176.5 cm)
20 yrs 155.0 lb (70.3 kg) 69.7″ (177 cm)

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TESTIMONIAL

The product is very satisfying, I like the
books and the choices in this shop are

complete from the others
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Reminder

Self-love means accepting all your
strengths and weaknesses.

Okay

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Thank You So
Much

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